Wisdom (17063)

किस बात पर गर्व करूँ,
और किस पर गुमान करूँ ...
सब कुछ खत्म होना ही है,
तो किस पर मैं अभिमान करूँ ...

कभी काले घने बाल थे जहाँ,
अब श्वेत पड़ने लगे हैं ...
शरीर भी बेदम हो ही जाएगा,
कितना ही अच्छा खानपान करूँ ...

गोरी-चिकनी चमड़ी को,
वक्त बदल देगा झुर्रियों में ...
अपने गोरेपन और सुँदरता का,
तो मैं क्यूँ गुणगान करूँ ...

ना चाँद सा चेहरा बचेगा,
न मुँह के मोती से दाँत रहेंगे ...
तो रूप रंग से क्यों किसी,
व्यक्ति की मैं पहचान करूँ ...

मिट्टी से बना है शरीर मेरा,
और मिट्टी में ही मिल जाएगा एक दिन ...
फिर क्यों ज्यादा धन जोडूँ मैं,
क्यूँ महँगी गाड़ी और बड़ा मकान करूँ ...

अत्मा अमर है सुना है मैने,
क्यूँ ना इसके पोषण हेतु कुछ बलिदान करूँ ...
राम कृपा से जो भी मिला है,
क्यूँ ना उसका गुणगान करूँ॥

 
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14 hours
 
Heart catcher

क्या आपने अमीर खान की एक फिल्म \'\'तारे ज़मीन पर\'\' पर देखी है. इस फिल्म में एक सीन था जिसमे आमीर खान बच्चे के पिता को Solomon islands (सोलोमन आइलैंड )के बारे मे बताता है। इस आइलेंड (द्वीप) के आदिवासी पेड़ों को काटते नहीं है। वे पेड़ों के आस पास इखट्टे होते है और कई घंटो तक पेड़ों को कोसते है। जी भर के गलियाँ देते है । जिसकी वजह से कुछ हफ़्तों बाद वो पेड़ अपने आप सूख कर गिर जाते है।

THE POWER OF SUBCONSCIOUS MIND

हम मे से बहुत से लोग शायद इस बात पर विश्वास न करे की कैसे सिर्फ गलियो और कोसने से एक पेड़ को गिराया जा सकता है लेकिन यह बात सही और प्रामाणिक है।
बहुत से लोगो ने इस पर अपने अपने मत दिए लेकिन जिनके views सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हुए है वह है Bruce lipton. ब्रूस लिप्टन के अनुसार यह कोई चमत्कार नहीं है इसकी वजह है हमारे मन (mind ) की असीम शक्ति- The power of human mind.

हमारे mind (मन) के 3 levels होते है - conscious mind (चेतन अवस्था), subconscious mind (अर्धचेतन अवस्था) and unconscious mind (अचेतन अवस्था).

हमारा subconscious mind (अर्धचेतन मन) हमारे conscious mind (चेतन मन) से कई लाख गुना ज्यादा शक्तिशाली है और यही हमारी ज़िंदगी की बहुत सी चीजों को तय करते है। बहुत बार हम अपनी कई खराब आदतों को बदलने की कोशिश करते है लेकिन बहुत सी कोशिश के बाद भी बदल नहीं पाते। क्योकि हमारी आदते हमारे subconscious mind (अर्धचेतन मन) मे इतनी strongly program हो जाती है जिसकी वजह से हमारे conscious mind (चेतन अवस्था), कोशिशे भी उस पर कोई असर नही कर पाती।

अपने फोन और लैपटाप का example लीजिए। मान लो आप कोई गाना सुन रहे और गाने को बदलना चाहते हो। ये गाना आपके कहने या चाहने से नहीं बदलेगा जब तक की आप उसे न बदले। इसी तरह अगर हम अपनी लाइफ मे कुछ बदलाव लाना चाहते है तो हमे उन सभी नकरात्मक और बेकार चीजों को अपने subconscious mind से uninstall करना पड़ेगा और इसमे पॉज़िटिव beliefs install करनी पड़ेगी।

The biology of belief के लेखक Bruce lipton के अनुसार इसी तरह जब सोलोमन आइलेंड के लोग जब पेड़ों को कोसते है तो वह वास्तव मे पेड़ों के mind मे नकारात्मक (negative) और खतरनाक विचारो (harmful thoughts) को install करते है(yes,tree do have minds too)। जिसकी वजह से पेड़ों का molecular architecture बिगड़ जाता है और पेड़ अपने आप गिर जाते है। उनके अनुसार इस बात की पुष्टि quantum physics भी करती है।

2500 साल पहले यही बात महात्मा बुद्ध मे कह चुके है की हम जो भी है अपनी सोच को वजह से ही है (you are what you think) ।

ये बात हम इंसानों पर भी लागु होती है. बार बार एक ही बात कहने से हमारे मन का भी structure बदलता रहता है. इंसान की सही या गलत दिशा उसका मन ही तय करता है. जब हम किसी इंसान की इतनी ज्यादा बुराई करते है, उसे कोसते है, तो वास्तव में हम उस इंसान के मन में नकारात्मक विचारो को इनस्टॉल करते है. अनजाने में पेरेंट्स और टीचर्स बच्चो की बढाई से ज्यादा बुराई करते है ताकि बच्चा और अच्छा काम करने की कोशिश करे लेकिन इस बात का उल्टा असर देखने को मिलता है. इसलिए सही काम करने पर अपने बच्चो को हमेशा प्रोत्साहित करे और गलत काम करेने पर कोसने की बजाय बच्चो को सही गलत के बारे में बताये.

इसी तरह चाहे वो आपका दोस्त हो या भाई उसे कभी demotivate न करे.

be positive and speak positive

 
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a day
 
t@hir1986

*सेल्फी नहि पर* ,
*कभी किसीका*
*दर्द खींच शको तो*
*कोशिष करना* ...

*दुनिया तो क्या*
*खूद ईश्र्वर भी*
*उस तस्वीर को*
*लाईक करेंगे* ...🙏

 
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a day
 
anil Manawat

योग करें या ना करें पर...
ज़रूरत पड़ने पर एक दूसरे का

*【सह+योग】* ज़रूर करें...

 
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a day
 
Hey2naveen

*किसी ने पूछा इस दुनिया में आपका अपना कौन हैं..,*

*मैंने हंसकर कहा,*
*जो मुझे पढ़ रहा है 😊🙏..*

 
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2 days
 
anil Manawat

एक बार एक शिव भक्त धनिक शिवालय जाता है।
पैरों में महँगे और नये जूते होने पर सोचता है कि क्या करूँ?
यदि बाहर उतार कर जाता हूँ तो कोई उठा न ले जाये और अंदर पूजा में मन भी नहीं लगेगा; सारा ध्यान् जूतों पर ही रहेगा। उसे बाहर एक भिखारी बैठा दिखाई देता है। वह धनिक भिखारी से कहता है " भाई मेरे जूतों का ध्यान रखोगे? जब तक मैं पूजा करके वापस न आ जाऊँ" भिखारी हाँ कर देता है।

अंदर पूजा करते समय धनिक सोचता है कि " हे प्रभु आपने यह कैसा असंतुलित संसार बनाया है? किसी को इतना धन दिया है कि वह पैरों तक में महँगे जूते पहनता है तो किसी को अपना पेट भरने के लिये भीख तक माँगनी पड़ती है! कितना अच्छा हो कि सभी एक समान हो जायें!!" वह धनिक निश्चय करता है कि वह बाहर आकर भिखारी को 100 का एक नोट देगा।

बाहर आकर वह धनिक देखता है कि वहाँ न तो वह भिखारी है और न ही उसके जूते ही। धनिक ठगा सा रह जाता है। वह कुछ देर भिखारी का इंतजार करता है कि शायद भिखारी किसी काम से कहीं चला गया हो। पर वह नहीं आया। धनिक दुखी मन से नंगे पैर घर के लिये चल देता है। रास्ते में फुटपाथ पर देखता है कि एक आदमी जूते चप्पल बेच रहा है। धनिक चप्पल खरीदने के उद्देश्य से वहाँ पहुँचता है, पर क्या देखता है कि उसके जूते भी वहाँ रखे हैं। जब धनिक दबाव डालकर उससे जूतों के बारे में पूछता हो वह आदमी बताता है कि एक भिखारी उन जूतों को 100 रु. में बेच गया है। धनिक वहीं खड़े होकर कुछ सोचता है और मुस्कराते हुये
नंगे पैर ही घर के लिये चल देता है। उस दिन धनिक को उसके सवालों के जवाब मिल गये थे----

समाज में कभी एकरूपता नहीं आ सकती, क्योंकि हमारे कर्म कभी भी एक समान नहीं हो सकते। और जिस दिन ऐसा हो गया उस दिन समाज-संसार की सारी विषमतायें समाप्त हो जायेंगी। ईश्वर ने हर एक मनुष्य के भाग्य में लिख दिया है कि किसको कब और क्या और कहाँ मिलेगा। पर यह नहीं लिखा होता है कि वह कैसे मिलेगा। यह हमारे कर्म तय करते हैं। जैसे कि भिखारी के लिये उस दिन तय था कि उसे 100 रु. मिलेंगे, पर कैसे मिलेंगे यह उस भिखारी ने तय किया। हमारे कर्म ही हमारा भाग्य, यश, अपयश, लाभ, हानि, जय, पराजय, दुःख, शोक, लोक, परलोक तय करते हैं। हम इसके लिये ईश्वर को दोषी नहीं ठहरा सकते हैं।

ॐ नमः शिवाय

 
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DDLJ143

वरदान, खुशी, आशीर्वाद तीनों एकसाथ मिल सकते हैँ जब..!

कोई बुजुर्ग निःशब्द तुम्हारे झुके सिर पर अपनी कांपती उँगलियाँ फेर दे तब..!!🙏🙏

 
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3 days
 
anil Manawat

if you are broken, remember you have an EDGE😂

 
53
 
3 days
 
I N D I A N

_*स्वयं को सिद्ध करना है तो* *कठिन समय में भी परिश्रम न छोड़े, क्योंकि... वही बीज पेड़* *बनता है जो मिट्टी की कठोर परतों को काट कर अंकुरित होने का प्रयास करता है।*_

 
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3 days
 
aaakash

*जिंदगी सिर्फ एक बार मिलती है...*

*ये एक झूठ है...!!!*

*जिंदगी तो हमे रोजाना मिलती है....*

*मौत ही सिर्फ एक बार मिलती है...!!!*🙏

 
350
 
4 days
 
anil Manawat
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