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🙏 *रक्षा बंधन 🙏*
बहनों को ग्रहण के सूतक में राखी बांधना चाहिए । *निर्णय सिंधु '* के *परिच्छेद २ पेज नंबर 180 में श्रावण मास को कैसे मनाये के बारे मे विस्त्रत रूप लिखा हुआ* है के पृष्ठ के मध्य मे निम्न प्रकार वर्णित है "
*इदं रक्षाबंधनं नियतकालत्वात भद्रावर्ज्य ग्रहणदिनेपि कार्यं होलिकावत् । ग्रहणसंक्रांत्यादौ रक्षानिषेधाभावात् ।"*
*इसी निर्णय सिंधु के पेज 180 पंक्ति नं 11 में पढ़े जिसमे लिखा हुआ है कि रक्षाबंधन नियत काल (पूर्व निर्धारित) मे होने से भद्रा को छोड़ कर ग्रहण के दिन भी होली के समान हर्लोष से मनानी चाहिए ।
आगे पढ़ें उसमें लिखा हुआ है कि ग्रहण का सूतक अनियतकाल(मुहूर्त आदि) के कर्मों में लगता है जबकि राखी श्रावण सुदी पूर्णिमा को ही मनाई जाती है ।
रक्षा बंधन को ना पहले दिन ना दूसरे दिन मनाया जाता है । उसी दिन मनाया जाता है इसलिए नियत कर्म होने के कारण इसको ग्रहण का दोष नहीं लगता है ।
*जिसके लिए आपकी शंकाओं को दूर करने के लिए निर्णय सिन्धु के पृष्ठ की प्रति ज्ञानवर्धन हेतु प्रस्तुत है*।
सभी सनातन प्रेमियों से निवेदन है कि आप रक्षाबंधन 7 अगस्त को 11. 08 के बाद पूरे दिन आराम से कर सकते है ।
अज्ञानीयो की अफवाहों से दूर रहे जिनको पूरा ज्ञान नहीं है वे लोग विरोध ही करेंगे ।
सभी से निवेदन है कि ज्यादा से ज्यादा रक्षाबंधन को हर्लोष से त्यौहार को आनंद पूर्वक मनाये ।

 
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dre@m_factory

there should to be a icon for bhojpuri also

 
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9 days
 
Suraj Rajbhar
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