Shayari (18420)

खामोशियों के बादल कुछ इस कदर बरसे...
वो हमारे लिए और हम किसी और के लिए तरसे...!!✍🏻

 
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"Ipsh!t@"

मुनासिब फासला रखिये, मेरा ये तुजुर्बा है,,,,,,,,,,,,





बहुत नज़दीकियों में भी, घुटन महसूस होती है.........

 
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aaakash

मिलोगे हमसे
तो कायल हो जाओगे . . .

दूर से देखने पर
हम ज़रा मगरूर दिखते है . .

 
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2 hours
 
aaakash

*फर्क बहुत है तेरी और मेरी तालीम में...*

*तूने उस्तादों से सीखा है और मैंने हालातों से...*

 
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17 hours
 
_N@jmi_

दिन फटे फटे ...रातें तार तार ...वक्त भी रुक गया...
ना जाने क्या हो गया ....एक तेरे चले जाने के बाद...

 
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17 hours
 
Bewafa Parveen

फिर उसको मेरी याद आ रही होगी फिर मेरी #शहज़ादी👰चाँद को देख कर मुस्क़रा रही होगी..!!

 
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a day
 
Ms khan

*शीशा और पत्थर संग संग रहे तो बात नही घबराने की.....!!*

*शर्त इतनी है कि बस दोनों ज़िद ना करे टकराने की.....!!*

 
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2 days
 
_N@jmi_

तुम सचमुच जुड़े हो गर मेरी जिंदगी के साथ,
तो कुबूल करो मुझको मेरी हर कमी के साथ !!🌷

 
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2 days
 
"Ipsh!t@"

तुम क्यूँ चले आते हो
.हर रोज़ मेरे ख्वाबों में ......

चुपके से आ भी जाओ
किसी दिन मेरी बाहों में ......
😘

 
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3 days
 
"Ipsh!t@"

घटाएं आ लगीं हैं आसमां पे, दिन सुहाने हैं...

हमारी मजबूरी,हमें बारिश में भी काग़ज़ कमाने हैं..

 
141
 
3 days
 
aaakash
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