Shayari (19046)

*मेरे ठोकरें खाने से भी*
*कुछ लोगों को जलन है,*

*कहतें हैं यह शख्स,*
*तजुर्बे में आगे निकल गया...*

 
11
 
a hour
 
Adeshb

*इल्मो अदब के सारे खज़ाने गुज़र गए,*
*क्या खूब थे वो लोग पुराने गुज़र गए।*

*बाकी है जमीं पे फ़कत आदमी की भीड़,*
*इन्सां को मरे हुए तो ज़माने गुज़र गए।*

 
51
 
10 hours
 
MUMBHAI !!!

तुमको गले लगा लू मैं,इतनी सी ईजाजत दे दो मुझे..!!
:
तुम्हें अपने दिल की धङकने,सुनाने की हसरत हैं मेरी..!!

 
104
 
a day
 
Parveen Unlucky

!! इतना प्यारा है - वो चेहरा के नज़र पड़ते ही !!
!! लोग हाथों की लकीरों की तरफ देखते हैं !!

 
74
 
a day
 
Parveen Unlucky

पसीना उम्र भर का.. उसकी गोद में सुख जायेगा...!!

हमसफ़र क्या है.. ये तो बुढ़ापे में समझ आयेगा...!!

 
109
 
2 days
 
Parveen Unlucky

देखा है मैंने इस ज़माने में

बहुत जल्दी थक जाते है लोग
रिश्ते निभाने में...!!!

 
152
 
2 days
 
Parveen Unlucky

phir kaha hisaab rahta hai ....

ishq jab be-hisaab ho jaaye......

 
63
 
2 days
 
anika

टूटे तो बहुत चुभते हैं
क्या काँच, क्या ख्वाब, क्या रिश्ते...

 
163
 
3 days
 
Parveen Unlucky

जिस्म सौप देने से अगर मोहब्बत बढ़ती,
तो सबसे ज्यादा आशिक किसी वेश्या के होते।

 
115
 
3 days
 
Parveen Unlucky

साँवरे...
क्यूँ हम तेरे ख्यालों में
खो जाते हैं....
एक पल की दूरी में
रो जाते हैं......
कोई हमें इतना तो बता दो
हम ही ऐसे हैं......
या तुमसे प्यार करने के बाद
सब ऐसे हो जाते हैं.....

 
82
 
4 days
 
DDLJ143
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