Shayari (19046 | sorted randomly)

*💗💗दिल में बसाये फिरते है मेरे चाहने वाले लोग मुझे..!!*
*
💗💗यारो मेरी शोहरत किसी अखबार की मोहताज नहीं..!!*

 
153
 
658 days
 
_N@jmi_

गर जिंदा हुं तो इस यकीन के साथ
कत्ल होने का हौंसला है मुझे!😊

 
98
 
485 days
 
Veeshal.joshee

Kissa ye kismat ka kya bharpur baksha hai,

Mujhe toone ya rabb yaar mashoor baksha hai,

Sukoon-e-Dil cheene
Aisa usse Noor baksha hai

Mere sajde Mei kami hogi
Jo mujhse dur baksha hai

 
161
 
1752 days
 
Sahil_violin

रिश्ते में हमारे हम तो कभी थे ही नहीं,
सिर्फ तू था, तेरी मनमर्जी थी, तेरी खुदगर्जी थी..

 
215
 
880 days
 
DJKEMX

अब तो परिंदे भी सुस्ता लेते है बिजली के तारों पर,
पेड़ की डालियाँ अब कहाँ बची हैं मेरे शहर में...!

 
167
 
678 days
 
om1

अच्छी नहीं है शहर के रस्तों से दोस्ती
आँगन में फैल जाए न बाज़ार देखना

 
90
 
717 days
 
om1

जिंदगी के किसी मोड़ पर अगर वो लौट भी आये तो क्या है, वो लम्हात, वो जज्बात, वो अंदाज, तो ना अब लौटेंगे कभी. क्योंकि हर किसी के नसीब में कहाँ लिखी हैं चाहतें, कुछ लोग दुनिया में आते हैं सिर्फ बदनाम करने के लिए...

 
213
 
950 days
 
Mits9022

समझनी है जिन्दगी मुझे भी थोड़ी थोड़ी
आखिर क्यों हर इंसान मोहब्बत को खुदा कहता है..

 
318
 
436 days
 
Parveen Unlucky

लाओ बस होंठो पे हँसी...
पूरी हो जायेगी ज़िन्दगी की हर कमी....

 
212
 
752 days
 
@vani shah

सच्चा प्यार और अच्छे लोगों की उम्र बहुत कम होती है,
.. दिल में बस यादें ही रह जाती है....

 
216
 
707 days
 
Parveen Unlucky
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