Shayari (18247 | sorted randomly)

मंदिर -मस्जिद के रिश्तों में घोल रहे हैं विष किश्तों में
💗
जो सबको गुमराह कर रहीं वही किताबें हैं बस्तों में .....
📚❤️

 
95
 
885 days
 
M!sha

मािचस की जरुरत कहाँ इस ज़माने में िदल यूँही जला करते हैं शोहरत देखकर ।

 
205
 
1111 days
 
Mr.Sunil

"कभी खुशबू की तरह हम गुलो से उड़ते है,
कभी हवाँओ की तरह पर्वतो से उड़ते है,

ये कैचियाँ हमे क्या खाक रोकेगी,
हम परो से नही हौसलो से उड़ते है..."

 
195
 
678 days
 
V!shu

हम मेहनतकश इस दुनिया से जब अपना हिस्सा मांगेंगे
एक बाग़ नहीं एक खेत नही हम सारी दुनिया मांगेंगे !!!

 
91
 
369 days
 
om1

अपनी खुशियाँ लूटा कर उस पे कुर्बान हो जाऊ,
काश कुछ दिन उस शहर में मेहमान हो जाऊ,
वो अपना नायब दिल मुझको दे दे और फिर मांगे,
मैं मुकर जाओं और बेईमान हो जाऊ,
वो मुझ पर सितम करे हर किसी की तरह,
में इस अदा पर भी मेहरबान हो जाऊ,
वो मेरे पाँव के नीचे से ज़मीन खींच ले,
और फिर में उस का असमान हो जाऊ,
अब तो मझे इतनी मुहबत हो गयी है उस से,
खुदा कोई मुआजा करे और मैं उस के नाम हो जाऊ।

 
204
 
1836 days
 
Parindey

मेरा हाल देख के मोहब्बत भी शर्मिंदा है
ये शक्स सब कुछ हार गया फिर भी ज़िंदा है..

 
324
 
706 days
 
Ronak Sharma

"अभी काँच हूँ इसलिए सबको चुभता हूँ,

जिस दिन आइना बन जाऊँगा उस

दिन पूरी दुनियाँ देखेगी ...

 
295
 
87 days
 
User26262

जो लिख दिया हमने वो औरों को मंजूर हो रहा है...
'हम' नहीं हमारे लफ्ज़ ही सही, कुछ तो मशहूर हो रहा है...

 
248
 
525 days
 
SRKzills

तुम आना हर रोज़ सुबह की नर्म धुप बनके. मैं चिड़ियों की चहचहाहट बनके तुम्हारा इंतज़ार किया करूंगा

 
147
 
972 days
 
Amit Sharma

Door se dekha toh kitabe dikhi
Wah wah
Door se dekha toh kitabe dikhi
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Paas jana ka toh sawaal hi nahi uth tha !!!! =p. :)))))

 
95
 
2029 days
 
Ronaldo
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