Shayari (538 in 1 year | sorting by most liked)

*एक चाहत होती है दोस्तों के साथ जीने की जनाब..*

*वरना पता तो हमें भी है की मरना अकेले ही है..!*

 
638
 
350 days
 
aaakash

*बदल दिया है मुझे,*मेरे चाहने वालो ने ही,*वरना मुझ जैसे शख्स में,*
*इतनी खामोशी कहाँ थी..*
💖☝🏻🍁

 
534
 
133 days
 
Ak47

बदल दिये हैं हमने अब नाराज होने के तरीके,

रूठने की बजाय बस, हल्के से मुस्कुरा देते है!!
😊😊

 
513
 
158 days
 
V!shu

*बेचैनियां बाजार में, नहीं मिला करती यारों..*

*बाँटने वाला, कोई बहुत नज़दीकी होता है....*

 
500
 
348 days
 
Anonymous

खामोशियाँ बेवज़ह नही होती ।
कुछ दर्द , आवाज छीन लिया करते हैं।।

 
488
 
319 days
 
Toy

*यादों के स्पर्श बडे़*
*अजीब होते हैं,*

*कोई भी ना हो पास,*
*फिर भी ये बहुत करीब होते हैं..*

 
441
 
320 days
 
Mits9022

*सबके दिलों में*
*धड़कना जरूरी नहीं होता साहब ,*

*कुछ लोगों की आँखों में*
*खटकने का भी एक अलग मजा है* !!😂🤣

 
441
 
303 days
 
V!shu

*एक दिन शिकायत तुम्हे "वक़्त" और "ज़माने" से नही "खुद" से होगी........*

*..कि, ज़िंदगी सामने थी और तुम "दुनिया" मैं उलझे रहे....*

 
432
 
222 days
 
Mits9022

*अब मत खोलना मेरी*
*जिंदगी की पुरानी किताबों को...*

*जो था वो मैं रहा नहीं*
*जो हूँ वो किसी को पता नहीं...!!*

 
411
 
184 days
 
Shapeddestiny

थोड़ा गम 😔 भी दिखाना पड़ता है साहब इस दुनिया को,
हरपल खुश 😊 रहने वालों को यहाँ लोग पागल 😏 समझा करते है..

 
408
 
138 days
 
J_sT@R.
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