Shayari (636 in 1 year | sorting by most liked)

*एक चाहत होती है दोस्तों के साथ जीने की जनाब..*

*वरना पता तो हमें भी है की मरना अकेले ही है..!*

 
628
 
289 days
 
aaakash

हम रूठ भी जाएं तो ......हमें मनाएगा कौन,,

बस इसी फिक्र में ......खुश रहते हैं...!!

 
607
 
363 days
 
aaakash

*ये ना पूछना*

*ज़िन्दगी ख़ुशी कब देती है,*

*क्योकि शिकायते तो उन्हें भी है*

*जिन्हें ज़िन्दगी सब देती है*..

 
574
 
326 days
 
aaakash

ज़िन्दगी जीनी हैं तो तकलीफें तो होंगी...

.

.

वरना मरने के बाद तो जलने का भी एहसास नहीं होता...

 
569
 
343 days
 
aaakash

*बदल दिया है मुझे,*मेरे चाहने वालो ने ही,*वरना मुझ जैसे शख्स में,*
*इतनी खामोशी कहाँ थी..*
💖☝🏻🍁

 
499
 
72 days
 
Ak47

*बेचैनियां बाजार में, नहीं मिला करती यारों..*

*बाँटने वाला, कोई बहुत नज़दीकी होता है....*

 
487
 
287 days
 
Anonymous

कभी उम्मीदें उधड़ जायें तो
बेझिझक चले आइयेगा

हम हौसलों के दर्जी हैं
मुफ़्त में रफ़ू करते हैं.....

 
484
 
336 days
 
Jasmine

बदल दिये हैं हमने अब नाराज होने के तरीके,

रूठने की बजाय बस, हल्के से मुस्कुरा देते है!!
😊😊

 
482
 
97 days
 
V!shu

*मुझे महँगे तोहफ़े बहुत पसंद है...*




*अगली बार यूं करना ज़रा सा वक़्त ले आना...!!*

 
479
 
305 days
 
aaakash

खामोशियाँ बेवज़ह नही होती ।
कुछ दर्द , आवाज छीन लिया करते हैं।।

 
477
 
258 days
 
Toy
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