Shayari (50 in 1 month | sorting by most liked)

आधी ख़्वाहिशें हम ख़ुद ही मार देते हैं,
आधी...ज़माना मुकम्मल नहीं होने देता।

 
281
 
21 days
 
Sudesh K Jain

🌷फ़िक्र* में रहते हैं
तो *ख़ुद* जलते हैं
बेफ़िक्र* रहते हैं
तो *दुनिया* जलती है🌷

 
269
 
8 days
 
DDLJ143

*अब मत खोलना मेरी*
*जिंदगी की पुरानी किताबों को...*

*जो था वो मैं रहा नहीं*
*जो हूँ वो किसी को पता नहीं...!!*

 
255
 
5 days
 
Shapeddestiny

*बड़े सलीके से बिखरते हैं ये रिश्ते...,*

*क्योंकि...*

*तोड़ने वाले पढ़े-लिखे जो होते हैं...!!!*

 
241
 
25 days
 
DDLJ143

गजब है उनका 👱‍ हंसकर नजरें 👀 झुका लेना,
पुछो 🗣 तो कहते है कुछ 😘 नहीं बस युँ ही..

 
233
 
12 days
 
J_sT@R.

अगर ये तय है,कि जो दिया है, वो लौट के आएगा...
तो क्यूँ न,सिर्फ दुआएं ही दी जाएं!!!

 
229
 
12 days
 
aaakash

सिखा दिया है जहां ने हर 👉 जख्म पर 😁 हंसना,
ले देख 👀 जिंदगी अब हम 👨 तुझसे नहीं डरते..

 
223
 
29 days
 
J_sT@R.

क्या बटवारा था हाथ की लकीरों का भी...

उसके हिस्से में प्यार और मेरे हिस्से में इंतजार...!!

 
221
 
9 days
 
Parveen Unlucky

तबियत भी ठीक थी..
दिल भी बेकरार ना था...💕

ये तब की बात है...
जब किसी से प्यार ना था।❤

 
216
 
28 days
 
DDLJ143

बडी खामोशी से भेजा था गुलाब उसको...
...
पर खुशबू ने शहर भर में तमाशा कर दिया..

 
197
 
15 days
 
amitsharma
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