Shayari (179 in 1 month | sorting by most liked)

"ऐब" भी बहुत हैं मुझमें, और "खूबियां" भी।
ढूँढने वाले तूं सोच, तुझे चाहिए क्या मुझमें ! !

 
416
 
16 days
 
diVAAn

जो हमें समझ ही न सका उसे पूरा हक है..हमें अच्छा-बुरा कहने का..!!
क्योंकि..
जो हमे जान लेता है..वो हम पर जान
देता है

 
377
 
9 days
 
"Ipsh!t@"

रूबरू मिलने का मौका नहीं मिलता...इसलिए शब्दों से सब को छू लेता हूँ... 😊

 
349
 
7 days
 
aaakash

*इतना क्यों सिखाए जा रही हो ज़िन्दगी...*

*हमें कौनसी सदियाँ गुज़ारनी है यहाँ !!!*

 
349
 
19 days
 
aaakash

*कॉल फ्री होने से क्या होता है साहिब,*

*दिलों में गुंजाइश भी तो होनी चाहिए बात करने के लिए..*

 
340
 
28 days
 
aaakash

चल चलें...
किसी ऐसी जगह ,,,,

जहाँ कोई न तेरा हो न मेरा हो ,,
इश्क़ की रात हो और....

बस मोहब्बत का सवेरा हो !!
💟💕💟

 
338
 
27 days
 
"Ipsh!t@"

ज़रूरी नहीं है इश्क में ......
बांहो के सहारे ही मिले ...
किसी को जी भर के ....
महसूस करना भी मोहब्बत है ...!!💘

 
330
 
21 days
 
"Am@rdeep"#

*कभी कभी लगता है क़ि....ज़िन्दगी कुछ कुछ ख़फ़ा है..!*

*फ़िर ये सोच लेते हैं क़ि..*

*अजी छोड़िये भी........*
*ये कौन सा पहली दफ़ा है..!!*

 
314
 
13 days
 
Nishan1306

💕 बंजर नहीं हूँ मैं, मुझमें बहुत सी नमी है,

दर्द बयां नहीं करता, बस इतनी सी कमी है !!

 
304
 
6 days
 
Yogesh rampuria

करीब इतना रहो की रिश्तों का एहसास रहे

अौर दूर इतना रहो की आने का इन्तजार रहे।

 
303
 
23 days
 
@nkit
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