Shayari (2 in 1 day | sorting by most liked)

*इल्मो अदब के सारे खज़ाने गुज़र गए,*
*क्या खूब थे वो लोग पुराने गुज़र गए।*

*बाकी है जमीं पे फ़कत आदमी की भीड़,*
*इन्सां को मरे हुए तो ज़माने गुज़र गए।*

 
51
 
10 hours
 
MUMBHAI !!!

*मेरे ठोकरें खाने से भी*
*कुछ लोगों को जलन है,*

*कहतें हैं यह शख्स,*
*तजुर्बे में आगे निकल गया...*

 
11
 
a hour
 
Adeshb
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