Shayari (19379)

ऐसा नहीं है कि तेरी जगह कोई और आ गया.....

लेकिन तेरा मुकाम अब तेरा भी नहीं रहा ..।।।।

 
7
 
3 hours
 
anika

ढलती हुई वो शाम अधूरी थी बहुत .....
मगर ज़िंदगी से ये मुलाक़ात ज़रूरी थी बहुत !!

 
31
 
22 hours
 
KUSUMRAJ

मेरे मिजाज़ की क्या बात करते हो साहब.....

कभी-कभी तो मैं खुद को भी ज़हर लगती हूं ।।।।।।

 
21
 
22 hours
 
anika

*चुप थे तो चल रही थी
*ज़िँदगी लाज़वाब,*

*ख़ामोशियाँ बोलने लगीं*
*तो बवाल हो गया।*

 
48
 
a day
 
"Chaand"

प्यार से देख लो

यू ही मर जायेंगे

हर सितम आजमाना

जरूरी नहीं

 
28
 
a day
 
Paraskumar Pande

तेरी खामोशी , अगर तेरी मजबूरी है....

तो रहने दे , इश्क कौन सा जरूरी है ।।।।

*शरीर उम्र की सीढ़ियाँ चढ़ता रहा हज़ार,*

*मन बचपन की देहरी कर ना पाया पार.*

 
55
 
2 days
 
Paraskumar Pande

क्या कहे तुम्हारा इस दिल पर किस कदर काबू है,
की दिल धक धक करना छोड़ कर, तुम्हारा नाम पुकारता है
💕💕💕

 
38
 
3 days
 
Almost shayar

रंग *भरते* है फ़िर रंग *बदलते* है लोग...😬

ज़िन्दगी ये *मरजाणे* तेरी ये कैसी *होली* हो गई।

 
21
 
4 days
 
बिट्टू

*हमारी आंखों पर भरोसा कीजिए सनम...!!*

*गवाही तो अदालतें मांगा करती हैं......*

 
68
 
5 days
 
Paraskumar Pande
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