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😊एक कप #चाय☕*
*उसके नाम...*

*जिस के #सर में मेरी*
*वजह से #दर्द रहता है....😜😉😂😂*

 
168
 
260 days
 
V!shu

बहुत अच्छा लगा यह छोटा सा लेख पढ़कर !!

"रात के ढाई बजे था, एक सेठ को नींद नहीं आ रही थी,
वह घर में चक्कर पर चक्कर लगाये जा रहा था।
पर चैन नहीं पड़ रहा था ।
आखिर थक कर नीचे उतर आया और कार निकाली
शहर की सड़कों पर निकल गया। रास्ते में एक मंदिर दिखा सोचा थोड़ी देर इस मंदिर में जाकर भगवान के पास बैठता हूँ।
प्रार्थना करता हूं तो शायद शांति मिल जाये।

वह सेठ मंदिर के अंदर गया तो देखा, एक दूसरा आदमी पहले से ही भगवान की मूर्ति के सामने बैठा था, मगर उसका उदास चेहरा, आंखों में करूणा दर्श रही थी।

सेठ ने पूछा " क्यों भाई इतनी रात को मन्दिर में क्या कर रहे हो ?"

आदमी ने कहा " मेरी पत्नी अस्पताल में है, सुबह यदि उसका आपरेशन नहीं हुआ तो वह मर जायेगी और मेरे पास आपरेशन के लिए पैसा नहीं है "

उसकी बात सुनकर सेठ ने जेब में जितने रूपए थे वह उस आदमी को दे दिए। अब गरीब आदमी के चहरे पर चमक आ गईं थीं ।

सेठ ने अपना कार्ड दिया और कहा इसमें फोन नम्बर और पता भी है और जरूरत हो तो निसंकोच बताना।

उस गरीब आदमी ने कार्ड वापिस दे दिया और कहा
"मेरे पास उसका पता है " इस पते की जरूरत नहीं है सेठजी

आश्चर्य से सेठ ने कहा "किसका पता है भाई
"उस गरीब आदमी ने कहा
"जिसने रात को ढाई बजे आपको यहां भेजा उसका"

इतने अटूट विश्वास से सारे कार्य पूर्ण हो जाते है

घर से जब भी बाहर जाये*

*तो घर में विराजमान अपने प्रभु से जरूर मिलकर जाएं*
*और*
*जब लौट कर आए तो उनसे जरूर मिले*
*क्योंकि*
*उनको भी आपके घर लौटने का इंतजार रहता है*

"घर" में यह नियम बनाइए की जब भी आप घर से बाहर निकले तो घर में मंदिर के पास दो घड़ी खड़े रह कर "प्रभु चलिए..आपको साथ में रहना हैं"..!

ऐसा बोल कर ही निकले क्यूँकि आप भले ही *"लाखों की घड़ी" हाथ में क्यूँ ना पहने हो पर "समय" तो "प्रभु के ही हाथ" में हैं न*"

 
167
 
329 days
 
Thakur Saab

वो माचिस की सीली डब्बी,
वो साँसों में आग..
बरसात में सिगरेट सुलगाये *बड़े दिन हो गए*...।

एक्शन का जूता
और ऊपर फॉर्मल सूट...
बेगानी शादी में दावत उड़ाए *बड़े दिन हो गए*...।

ये बारिशें आजकल
रेनकोट में सूख जाती हैं...
सड़कों पर छपाके उड़ाए *बड़े दिन हो गए*.... ।

अब सारे काम सोच समझ कर करता हूँ ज़िन्दगी में....
वो पहली गेंद पर बढ़कर छक्का लगाये *बड़े दिन हो गए*...।

वो ढ़ाई नंबर का क्वेश्चन पुतलियों में समझाना...
किसी हसीन चेहरे को नक़ल कराये *बड़े दिन हो गए*.... ।

जो कहना है
फेसबुक पर डाल देता हूँ....
*किसी को* चुपके से चिट्ठी पकड़ाए *बड़े दिन हो गए*.... ।

बड़ा होने का शौक भी
बड़ा था बचपन में....
काला चूरन मुंह में तम्बाकू सा दबाये *बड़े दिन हो गए*.... ।

आजकल खाने में मुझे
कुछ भी नापसंद नहीं....
वो मम्मी वाला अचार खाए
*बड़े दिन हो गए*.... ।

सुबह के सारे काम
अब रात में ही कर लेता हूँ....
सफ़ेद जूतों पर चाक लगाए *बड़े दिन हो गए*..... ।

लोग कहते हैं
अगला बड़ा सलीकेदार है....
दोस्त के झगड़े को अपनी लड़ाई बनाये
*बड़े दिन हो गए*..... ।

वो साइकल की सवारी
और ऑडी सा टशन...
डंडा पकड़ कर कैंची चलाये
*बड़े दिन हो गए*.... ।

किसी इतवार खाली हो तो
आ जाना पुराने अड्डे पर...
दोस्तों को दिल के शिकवे सुनाये
*बड़े दिन हो गए*...........

 
142
 
301 days
 
V!shu

कागज की *कश्ती* में..
सवार है हम

फिर भी *कल* के लिए
परेशान है हम।

 
114
 
318 days
 
Sunil

*खटकता तो मे उनको हूँ साहब*
*जहाँ मैं झुकता नही, बाकी*
*जिन को अच्छा लगता हूँ,*
*वो कही झुकने भी नहीं देते...*

 
99
 
362 days
 
Sunil

*कुम्भकर्ण के बाद*
*यदि कोई ढंग से सोया है,*
*तो वह है अपना*
*🚩हिन्दू समाज🚩*


*आने वाले हर खतरे से बेखबर और अंजान*

 
86
 
296 days
 
RMY

कल एक दिलचस्प घटना हुई।एक होटल में एक आदमी दाल रोटी खा रहा था।अच्छे परिवार का बुजुर्ग था । खाने के बाद जब बिल देने की बारी आई तो वो बोला कि उसका पर्स घर में रह गया है और थोड़ी देर में आकर बिल चुका जाएगा।
काऊंटर पर बैठे सरदार जी ने कहा," कोई बात नहीं, जब पैसे आ जाएं तब दे जाना" और वो वहां से चला गया।
वेटर ने जब ये देखा तो उसने कांउटर पर बैठे सरदार जी को बताया कि ये आदमी पहले भी दो तीन होटलों में ऐसा कर चुका है और ये पैसे कभी भी नहीं आते ।
इस पर उन सरदार जी ने कहा," वो सिर्फ दाल रोटी खा कर गया है, कोई कोफ्ते,पनीर शनीर खा कर नहीं गया। उसने ऐयाशी करने के लिए नहीं खाया सिर्फ अपनी भूख मिटाने के लिए खाना खाया । वो इसे होटल समझा कर नहीं आया था, गुरूद्वारा समझ कर आया था, और हम पंजाबी लोग लंगर के पैसे नहीं लेते।

... धन्य हो ऐसी विचारधारा...

 
81
 
213 days
 
V!shu

*💫खुशी के फूल उन्हीं के*
*दिलों में खिलते हैं,❣*

*🕯जो इंसान की तरह*
*इंसानों से मिलते हैं,🤝*



🌹😊😊🌹

 
77
 
224 days
 
Sunil

जीभ का टेस्ट, पेट मे डाले वेस्ट.
रोग बने गेस्ट, डॉ. करते रहे टेस्ट.
पैसा हो वेस्ट. इसलिये घर की
दाल रोटी है
सबसे बेस्ट!👌

 
76
 
234 days
 
Sunil

*देर लगेगी मगर सही होगा...!*
*हमे जो चाहिए वही होगा...!*

*"दिन" बुरे है...,जिंदगी नही".*

*!! श्री साईंनाथाय नम: !!*

*|| जय सियाराम

 
71
 
337 days
 
Sunil
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