No Fit (39)

जिम्मेदारी और प्रमोशन ...

हमारे घर के हाॅल में दो पंखे लगे हैं , जिनमें एक ही अक्सर चलता है और वही धूल लगकर गंदा हो जाता है।
जबकि जो नही चलता वह साफ रहता है |

बाहर से आने वाले उसी साफ दिखने वाले पंखे की तारीफ करते हैं जो नही चलता और कहते हैं कि उसी की तरह इस पंखे को साफ रखा करो !

क्या *जवाब* दूं ? उन्हें कैसे समझाऊं कि जो *जिम्मेदारी* लेता है वही गंदा होता हैं |

"मशहूर हुए वो जो कभी क़ाबिल ना थे और तो और....
कमबख़्त मंजिल भी उन्हें मिली जो दौड़ में कभी शामिल ना थे

 
55
 
5 days
 
Jasmine

बेटी और बेटी (बुआ)
°°°°°°°°°°°°°°°°°°
कल फोन आया था, वो एक बजे ट्रेन से आ रही है..!
किसी को स्टेशन भेजने की बात चल ऱही थी।

आज रिया ससुराल से.. दूसरी बार दामाद जी के साथ.. आ रही हैं, घर के माहौल में एक उत्साह सा महसूस हो रहा है।

इसी बीच .....एक तेज आवाज आती हैं ~ @इतना सब देने की क्या जरूरत है ? बेकार फिजूलखर्ची क्यों करना ? और हाँ आ भी रही है तो कहो कि टैक्सी करके आ जाये स्टेशन से।"
(बहन के आने की बात सुनकर अश्विन भुनभुनाया )

माँ तो एक दम से सकते में आ गई कि आखिर यह हो क्या रहा हैं ?

माँ बोली- @जब घर में दो-दो गाड़ियाँ हैं तो टैक्सी करके क्यों आएगी मेरी बेटी ? और दामाद जी का कोई मान सम्मान है कि नहीं ?

पिता जी ने कहा कि "ससुराल में उसे कुछ सुनना न पड़े। मैं खुद चला जाऊंगा उसे लेने, तुम्हें तकलीफ है तो तुम रहने दो।"
पिता गुस्से से.. एक सांस में यह सब बोल गए !!

"और ये इतना सारा सामान का खर्चा क्यों? शादी में दे दिया न। अब और पैसा फूँकने से क्या मतलब।"
अश्विन ने बहन बहनोई के लिए आये कीमती उपहारों की ओर देखकर ताना कसा ....

पिता जी बोले "बकवास बंद कर, तुमसे तो नहीं माँग रहे हैं। मेरा पैसा है, मैं अपनी बेटी को चाहे जो दूँ। तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है क्या जो ऐसी बातें कर रहे हो।" पिता फिर से गुस्से में बोले।

अश्विन दबी आवाज में फिर बोला - "चाहे जब चली आती है मुँह उठाये।"

पिता अब अपने गुस्से पर काबू नही कर पाये और चिल्ला कर बोले- "क्यों न आएगी ? हाँ इस घर की बेटी है वो।

तभी.. माँ भी बीच में टोकते हुए वोलीं - "मेरी बेटी हैं वो, ये उसका भी घर है। जब चाहे जितने दिन के लिए चाहे वह रह सकती हैं। बराबरी का हक है उसका।
आखिर तुम्हे हो क्या गया है ? जो ऐसा अनाप-शनाप बके जा रहे हो।"

अब बारी अश्विन की थी ,"मुझे कुछ नही हुआ है.. माँ !! आज मैं बस वही बोल रहा हूँ, जो आप हमेशा बुआ के लिए बोलते थे।
आज अपनी बेटी के लिए आज आपको बड़ा दर्द हो रहा है लेकिन कभी दादाजी के दर्द के बारे में सोचा है?

कभी बुआ की ससुराल और फूफाजी के मान-सम्मान की बात नहीं सोची ?

माँ और पिता जी एक दम से सन्नाटे में चले गए। अश्विन लगातार बोल जा रहा है।

"दादाजी ने कभी आपसे एक धेला नहीं मांगा। वो खुद आपसे ज्यादा सक्षम थे। फिर भी आपको बुआ का आना, दादाजी का उन्हें कुछ देना नहीं सुहाया। क्यों ?
और हाँ बात अगर बराबरी और हक की ही है, तो आपकी बेटी से भी पहले बुआ का हक है इस घर पर।"
अश्विन की आवाज आंसूओ की भर्रा सी गई थी अफसोस भरे स्वर में बोला।

माँ-पिता की गर्दन शर्म से नीची हो गयी पर अश्विन नही रूका। "आपके खुदगर्ज स्वभाव के कारण
बुआ ने यहाँ आना ही छोड़ दिया।दादाजी इसी गम में घुलकर मर गए। और हाँ में खुद जा रहा हूँ स्टेशन
रिया को लेने पर मुझे आज भी खुशी है कि मैं कम से कम आपके जैसा खुदगर्ज भाई तो नहीं हूँ।"

कहते हुए अश्विन कार की चाबी उठाकर स्टेशन जाने के लिए निकल भी गया था। पिता आसूँ पौंछते हुए अपनी बहन सरिता को फोन लगाने लगे।
दीवार पर लगी दादाजी की तस्वीर मानो मुस्कुराकर अश्विन को आशीर्वाद दे रही थी।

मित्रो, यह आज की पीढ़ी की सकारात्मक सोच है जो विचारणीय है,सराहनीय है,यदि हम भी ऐसी ही सोच रखेंगे तो घर की हर बेटी का सम्मान होगा और रिश्तों के बंधन और भी मजबूत बनेंगे।रक्षाबंधन के पावन पर्व पर यह मनन करने लायक है।

 
38
 
17 days
 
Jasmine

*WHO ARE* *GRANDPARENTS?*
🎅🤶

✍written by
a class of 7-year-olds
👦👧
You'll love it...

😘Grandparents are
a lady and a man
who have no little children of their own.

😘They like other people's children.

😘A grandfather is a man, and a grandmother is a lady!

😘Grandparents don't have to do anything except be there when we come to see them.

😘They are so old they shouldn't play hard or run.

😘It is good if they drive us to the shops and give us money.

😘When they take us for walks, they slow down past things like pretty leaves and caterpillars.

😘They show us and talk to us about the colors of the flowers and also why we shouldn't step on 'cracks.'

😘They don't say, 'Hurry up.'

😘Usually they are fat but not too fat to tie your shoes.

😘They wear glasses and funny underwear.

😘They can take their teeth and gums out.

😘Grandparents don't have to be smart.

😘They have to answer questions like 'Why isn't God married?' and 'How come dogs chase cats?'

😘When they read to us, they don't skip.

😘They don't mind if we ask for the same story over again.

😘Everybody should try to have a grandmother, especially if you don't have television because they are the only grownups who like to spend time with us...

😘They know we should have snack time before bed time.

😘They say prayers with us and kiss us even when we've acted bad.

😘Grandpa is the smartest man on earth!

😘He teaches me good things, but I don't get to see him enough to get as smart as he is.


Send this to
📲other grandparents,
📲almost grandparents,
or send it to
📲everyone.

👍It will make their day.

 
17
 
22 days
 
Jasmine

अगर चूहा पत्थर का हो तो सब उसे पूजते हैं, मगर जिन्दा हो तो मारे बिना साँस नहीं लेते...|
सांप अगर पत्थर का हो, तो सब पूजते हैं मगर जिन्दा हो तो उसे पकड़वा कर जंगल में छोड़ने की बजाय मार देते है...।
औरत अगर पत्थर की हो तो देवी समझ कर सब पूजते हैं, माँ कहते है मगर जिन्दा है तो मारते हैं नोचते हैं, रेप करते हैं.!
बस यही समझ में नहीं आता कि जिंदगी से इतनी नफरत क्यों.....
और पत्थरों से इतनी मोहब्बत क्यों..?

 
119
 
25 days
 
Jasmine

गले में खिचखिच के लिये स्ट्रेसिल्स..


पर रिश्तों किचकिच के लिये...?

 
34
 
41 days
 
Jasmine

भले ही पार कर गयी 40 को मैं

चेहरे पर नूर है हल्का सा गुरुर है

नही करती अब परवाह मैं
किसी के भी तानों की, उल्हानो की
वो दिन अब लद गये
जब आँखों के कोने पानी था
छुप कर् के मैं रोती थी
होठों पर ले नकली मुस्कान

अब रहती हूँ मस्त अपने में
निहारती हूँ खुद को, सँवारती हूँ खुद को देख आईने में
भजन भी मैं गाती हूँ तो गजल भी मै गाती हूँ

जरूरत नही मुझे रिझाने की अब सजन को
नजर मुझे आता है आँखों में उनकी अपना अक्स
मेरे बिन कहे पढ़ लेते वो मेरी जुबाँ

काम वो करती हूँ मैं जो मुझे भाता है
कलम भी चलाती हूँ तो कड़छी भी चलाती हूँ
पार्लर भी जाती हूँ तो मंदिर भी जाती हूँ
बगियाँ मे देख तितली बच्चो सी मचल जाती हूँ

सब कुछ होते भी कमी महसूस करती हूँ
अपने दिल के टुकड़ों की
बात उनसे करके कुछ पल, हो लेती हूँ खुश मैं
देख कर खुश उनको भूल जाती हूँ गम अपने

40 पार करके मैं जीवन की नयी पारी खेल रही मैं
जीवन के एक एक पल को जी रही मैं
जो नही कर पायी अभी तक
वो सब कर रही मैं
40 को पार करने का गम नही कर रही मैं
सभी 40 पार महिलाओ को समर्पित

 
67
 
42 days
 
Jasmine

No Mistakes, Only Opportunities

Five men got lost in a vast forest. They tried to find their way out.

The first man said, "I will follow my intuition and go left."

The second man said, "I will go right. I have a strong feeling about this."

The third man said, "I think I will walk back the same path we came. This should be the safest option."

The fourth man said: "I think we are on the right track already, so I will keep going straight. I am sure this forest will end and I will find a village or a farm to ask for directions."

The fifth man said, "I don\'t know what to do. I think I will climb up this tall tree and take a better look around before I make up my mind."

So the fifth man did that. While he was climbing, the other four men scattered towards their own directions. The fifth man now could see from above what was the shortest way to a village. He thought that the others should not have chosen the paths they did. He was wrong, though.

Each man chose his own path and gained a different experience. The man who went left, found a long path but in the end, it led him to the town.

The man who went right, had to fight a pack of wolves, but this way he learned how to survive in the forest.

The man who went back, met another team of hikers and he made new friends.

The man who went straight, found indeed a farm and was hosted by the family for a couple of days before leaving for the village.

Everyone was enriched in their own unique way by the journey.
~~~

Some reflections on this story...

What if, there are no "right" or "wrong" decisions?

Could it be that every decision offers us new experiences, which in turn offers us innumerable further opportunities for growth?

It has taken every decision of our life to bring us to where we are right now. In the fullness of the present, are we really in the wrong place? Even if it feels so, can we be sure?

What if there are no mistakes? Only opportunities?

 
28
 
43 days
 
Jasmine

पतझड़ में सिर्फ पत्ते गिरते हैं.,
नज़रों से गिरने का कोई मौसम नहीं होता...

 
120
 
59 days
 
Jasmine

*कमाल है वो जो बचपन में खुली छत पे इतने सारे cousins के साथ सोते थे उसकी कोई फ़ोटो ही नहीं खींची ।।*

*सुबह जब धूप हो जाती तो मँजी के नीचे सो जाते, पर फ़ोटो लेना याद ही नहीं रहा !!!*

*ना नानी की चूरी की फ़ोटो ली,*
*ना वो गोला बनाकर आम चूसने की recording की...*

*बिना AC की ट्रेन में जो पूड़ियाँ ले के जाते थे,*

*और स्टेशन पे बिना tension रबडी, कचौडी खाते थे*

*उनकी भी कहाँ तस्वीर खींची हमने....*


*....पर हाँ..., एक एक पल पूरी detail से याद है।*

*शायद उस वक़्त तस्वीरें दिल पे बनती थीं*

*कैमरों में नहीं ।।*

 
120
 
76 days
 
DelhiDude

*‼कृष्ण कृष्ण सोचते सोचते‼*
*‼कृष्ण कृष्ण में खो गये‼*
*‼कृष्ण कृष्ण कहते कहते‼*
*‼कृष्ण कृष्ण के हो गये‼*
*‼कृष्ण कृष्ण करते करते‼*
*‼कृष्ण कृष्ण में बस गये‼*
*‼कृष्ण कृष्ण पढते पढते‼*
*‼कृष्ण कृष्ण को पा गये‼*
*‼कृष्ण कृष्ण सुनते सुनते‼*
*‼कृष्ण कृष्ण में झूम गये‼*
*‼कृष्ण कृष्ण छूते छूते‼*
*‼कृष्ण कृष्ण में समा गये‼*
*‼कृष्ण कृष्ण निहारते निहारते‼*
*‼कृष्ण कृष्ण के शरणा गये‼*
*‼कृष्ण कृष्ण प्रिये प्रिये ‼*
*‼कृष्ण कृष्ण के प्रियतम हो गये‼*
*‼श्री कृष्ण: शरणम् मम:‼*

 
156
 
83 days
 
DDLJ143
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