Navratri (259)

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दिव्य है मां की आंखों का नूर,
संकटों को मां करती हैं दूर,
मां की ये छवि निराली
नवरात्रि में आपके घर लाए खुशहाली।।
🙏Happy Navratri🙏
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67
 
7 days
 
anil Manawat

तुम हो सृष्टि 🙏

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तुम हो भक्ति 🙏

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तुम ही हो शक्ति स्रोत 🙏

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तुझसे ही अस्तित्व है अम्बे 🙏

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जलाऊं तेरे नाम की ज्योत.. 🙏

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46
 
7 days
 
25th NOVEMBER

है महा माया तेरी माया

कोई भी जग जान न पाया

मेहरा वाली मेहरा कर दे


झोलियाँ सबकी भर दे



प्रेम से बोलो

जय माता दी

🌺 💐 💐 🌺

 
52
 
7 days
 
25th NOVEMBER

माँ भरती झोली खाली
माँ अम्बे वैष्णो वाली
माँ संकट हरने वाली
माँ विपदा मिटाने वाली
माँ के सभी भक्तो को
#नवरात्रि की शुभकामनाएं #

 
59
 
8 days
 
akshay parekh

This Durga Puja lets pray that no Hamida is given triple talaq, No Suckeena is forced for Nikaah Halala, no Farida is forced to wear burqa, no underage Rubina is married to old age Shiekh, no Afreen is allowed to raped by relatives because some personal law doesn't consider it crime.

 
18
 
384 days
 
Mukki

*!!श्री!!*
*असत्य पर सत्य की जीत*
*पाप पर पुण्य की जीत* *बुराई पर अच्छाई की जीत*
*रावण पर श्रीराम की जित*
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩
*!!दशहरा विजयादशमी!!*
*के*
*पावन पर्व पर आपको और आपके परिवार को अनेकोनेक मंगलमय शुभकामनाये व् हार्दिक बधाई*🌹🚩🚩🌹
*प्रभु श्रीराम आपको उज्वल भविष्य प्रदान करे*🌹🚩🚩🌹
*!!जय श्री राम!!*

 
289
 
384 days
 
aaakash

असत्य पर सत्य की जीत, अन्याय पर न्याय की जीत, अहंकार पर प्रेम की जीत, अधर्म पर धर्म की जीत,
प्रभु श्री राम की कृपा सब पर बनी रहे..
विजयादशमी की आपको सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएं....🌠🌠🌠🌠

 
369
 
384 days
 
aaakash

राक्षसो पे *पुण्य की जीत,*

राम की सीता से *असीमित प्रीत*

ये तो एक कारण भर ही था..

हो *विजय सत्य की* सदैव,

*यही है रीत..॥*

*आपके और आपके परिवार को*
*दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएँ*

🚩 *॥ शुभ दशहरा ॥* 🚩

🙏 *॥ जय श्री राम ॥* 🙏

 
450
 
384 days
 
SPARSH

॥ देवी-माहात्म्यान्तर्गत-दुर्गास्तोत्रम् ॥

नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः ।
नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्म ताम् ॥१॥

रौद्रायै नमो नित्यायै गौर्यै धात्र्यै नमो नमः ।
ज्योत्स्नायै चेन्दुरूपिण्यै सुखायै सततं नमः ॥२॥

कल्याण्यै प्रणतां वृद्ध्यै सिद्ध्यै कुर्मो नमो नमः ।
नैरृत्यै भूभृतां लक्ष्म्यै शर्वाण्यै ते नमो नमः ॥३॥

दुर्गायै दुर्गपारायै सारायै सर्वकारिण्यै ।
ख्यात्यै तथैव कृष्णायै धूम्रायै सततं नमः ॥४॥

अतिसौम्यातिरौद्रायै नतास्तस्यै नमो नमः ।
नमो जगत्-प्रतिष्ठायै देव्यै कृत्यै नमो नमः ॥५॥

या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥६॥
या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभिधीयते । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥७॥
या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥८॥
या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥९॥
या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥१०॥
या देवी सर्वभूतेषु छायारूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥११॥
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥१२॥
या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥१३॥
या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥१४॥
या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥१५॥
या देवी सर्वभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥१६॥
या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥१७॥
या देवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥१८॥
या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥१९॥
या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥२०॥
या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥२१॥
या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥२२॥
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥२३॥
या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥२४॥
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥२५॥
या देवी सर्वभूतेषु भ्रान्तिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥२६॥
इन्द्रियाणामधिष्ठात्री भूतानां चाखिलेषु या ।
भूतेषु सततं तस्यै व्याप्तिदेव्यै नमो नमः ॥ २७॥
चितिरूपेण या कृत्स्नमेतद्-व्याप्य स्थिता जगत् । नमस्तस्यै ...नमो नमः ॥२८॥
स्तुता सुरैः पूर्वमभीष्ट-संश्रयात् तथा सुरेन्द्रेण दिनेषु सेविता ।
करोतु सा नः शुभहेतुरीश्वरी शुभानि भद्राण्यभिहन्तु चापदः ॥२९॥
या साम्प्रतं चोद्धत-दैत्य-तापितैरस्माभिरीशा च सुरैर्नमस्यते ।
या च स्मृता तत्क्षणमेव हन्ति नः सर्वापदो भक्ति विनम्र-मूर्तिभिः ॥३०॥
॥ इति श्रीदुर्गास्तोत्रम् ॥

 
108
 
385 days
 
APS

🚩🚩🚩जयंती मंगलाकाली भद्र काली कपालनी, दुर्गा छमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते🚩🚩🚩

 
200
 
390 days
 
mahesh4u
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