Miss You (2209)

*मायका Vs ससुराल*
ससुराल में वो पहली सुबह आज भी याद है। कितना हड़बड़ा के उठी थी, ये सोचते हुए कि देर हो गयी है और सब ना जाने क्या सोचेंगे ?
एक रात ही तो नए घर में काटी है और इतना बदलाव, जैसे आकाश में उड़ती चिड़िया को, किसी ने सोने के मोतियों का लालच देकर, पिंजरे में बंद कर दिया हो।
शुरू के कुछ दिन तो यूँ ही गुजर गए। हम घूमने बाहर चले गए। जब वापस आए, तो सासू माँ की आंखों में खुशी तो थी, लेकिन बस अपने बेटे के लिए ही दिखी मुझे।
सोचा, शायद नया नया रिश्ता है, एक दूसरे को समझते देर लगेगी। लेकिन समय ने जल्दी ही एहसास करा दिया कि मैं यहाँ बहु हूँ। जैसे चाहूं वैसे नही रह सकती। *कुछ कायदा, मर्यादा हैं, जिनका पालन मुझे करना होगा। धीरे धीरे बात करना, धीरे से हँसना, सबके खाने के बाद खाना, ये सब आदतें, जैसे अपने आप ही आ गयीं*।
घर में माँ से भी कभी कभी ही बात होती थी। धीरे धीरे पीहर की याद सताने लगी। ससुराल में पूछा, तो कहा गया -- *अभी नही, कुछ दिन बाद*।
जिस पति ने कुछ दिन पहले ही मेरे माता पिता से, ये कहा था कि *पास ही तो है, कभी भी आ जायेगी, उनके भी सुर बदले हुए थे*।
अब धीरे धीरे समझ आ रहा था, कि शादी कोई खेल नही। इसमें सिर्फ़ घर नही बदलता, बल्कि आपका पूरा जीवन ही बदल जाता है।
आप कभी भी उठके, अपने पीहर नही जा सकते। यहाँ तक कि कभी याद आए, तो आपके पीहर वाले भी, बिन पूछे नही आ सकते।
पीहर का वो अल्हड़पन, वो बेबाक हँसना, वो जूठे मुँह रसोई में कुछ भी छू लेना, जब मन चाहे तब उठना, सोना, नहाना, सब बस अब यादें ही रह जाती हैं।
अब मुझे समझ आने लगा था, कि क्यों विदाई के समय, सब मुझे गले लगा कर रो रहे थे ? असल में मुझसे दूर होने का एहसास तो उन्हें हो ही रहा था, लेकिन एक और बात थी, जो उन्हें अन्दर ही अन्दर परेशान कर रही थी, *कि जिस सच से उन्होंने मुझे इतने साल दूर रखा, अब वो मेरे सामने आ ही जाएगा*।
पापा का ये झूठ कि में उनकी बेटी नही बेटा हूँ, अब और दिन नही छुप पायेगा। उनकी सबसे बड़ी चिंता ये थी, *अब उनका ये बेटा, जिसे कभी बेटी होने का एहसास ही नही कराया था, जीवन के इतने बड़े सच को कैसे स्वीकार करेगा* ?
माँ को चिंता थी कि *उनकी बेटी ने कभी एक ग्लास पानी का नही उठाया, तो इतने बड़े परिवार की जिम्मेदारी कैसे उठाएगी* ?
सब इस विदाई और मेरे पराये होने का मर्म जानते थे, सिवाये मेरे। इसलिए सब ऐसे रो रहे थे, जैसे मैं डोली में नहीं, अर्थी में जा रही हूँ।
आज मुझे समझ आया, कि उनका रोना ग़लत नही था। *हमारे समाज का नियम ही ये है, एक बार बेटी डोली में विदा हुयी, तो फिर वो बस मेहमान ही होती है, घर की। फिर कोई चाहे कितना ही क्यों ना कह ले, कि ये घर आज भी उसका है ? सच तो ये है, कि अब वो कभी भी, यूँ ही अपने उस घर, जिसे मायका कहते हैं, नही आ सकती...!!*
🙏🙏

 
53
 
2 days
 
Jain Rajendra

faasle hote hai nazdikiya badhane ke liye
faaslo mey mazza hai pyaar jatane ka
hai dur par laate hai hamesha nazdik ye faasle fark hai sirf apka hamse na milne ka....

 
77
 
6 days
 
User21032ak

💖💖*तुझे फुर्सत कहाँ है चाहत वालो से बात करने की*

*वो हम है जो हर रात तेरी खैरियत की दुआ माँग के सोते हैं यारा*💖💖

miss u ****

 
232
 
7 days
 
"Ipsh!t@"

कोशिश करेंगे, जल्द से जल्द लौट आएँ
मगर फिर भी, दुआओं में याद रखना हमें
I miss you 😘

 
136
 
10 days
 
"Am@rdeep"#

आई थी वो ऐसे कि, दिल में समा कर चली गई,
सो रहा था चैन से मैं, कि वो जगा कर चली गई ...
बिल्कुल न ठहरी वो इक पल भी मेरे गरीबखाने पर,
दिखा के बस झलक अपनी, जी दुखा कर चली गई ...

न आया समझ कि ये हक़ीक़त है या सपना,
मन में अजीब सी, हलचल मचा कर चली गई ...
आई थी कुछ कहने, पर ना कह सकी शायद,
बस दिल की बातें, दिल में छुपा कर चली गई ...

उससे मिलने से पहले भी तो, मैं बड़ा कन्फ्यूज था,
वो बेमतलब ही ढेर सारी, उलझनें बढ़ा कर चली गई॥

 
214
 
20 days
 
Heart catcher

ओस की बूंदों से सजी हुई हरी घास सी थी वो
मौत पर जिंदगी की जीत के विश्वास सी थी वो ...
उसे याद करना एक अलग अहसास से गुजरना है
महारानी पद्मावती के खूबसूरत इतिहास सी थी वो ...

मासूमियत का गहना जंचता था उस पर बहुत
एक नन्हे बच्चे के टॉफी पाने के प्रयास सी थी वो ...
उसके आने से हो जाता था प्रकाश हर तरफ
गहन रात्रि के बाद सूर्योदय के आभास सी थी वो ...

वक्त के साथ कर दिया उसने दूर बहुत मुझ को
मेरे लिए थी, है और रहेगी बड़ी ही पास सी वो॥

 
95
 
22 days
 
Heart catcher

तुम्हारे बाद खुदा जाने क्या हुआ दिल को,

किसीसे रिश्ता बनाने का हौंसला ही ना हुआ .
I miss you😞

 
343
 
34 days
 
"Am@rdeep"#

गज़ब का है मुझमें उसका वज़ूद,
मै उससे दूर और वह हर पल मुझमें मौज़ूद.

 
662
 
42 days
 
Sandip Patel

Bheed me kitne hi kyun na ho nazre unhi ko talashe ;
Kuch benaam se rishte aj bhi is dil ko kyun yun tadpaye ?

 
218
 
53 days
 
jerinasjj

मेरी भी हर खुशी की वजह तुम ही तो थी,

अब तेरे बगैर
मैं फिर से मुस्कुराना भूल रहा हूँ........!!
I miss you😢

 
551
 
54 days
 
"Am@rdeep"#
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