Miss You (1 in 1 week | sorting by most liked)

काशः वो ही बताए उसका गम कब तक पाल के रखूँ,
कहाँ तक मन के कोने में उसकी यादें संभाल के रखूँ ...
बहुत परेशान सा रहता है उसे याद कर कर के ये दिल,
अब वो ही बताए कि इस दिल को कहाँ निकाल के रखूँ ...

उसे याद करके कई बार तो आने को हो जाते हैं आँसू,
रो लूँ उसे याद करके कि अबतक की तरह टाल के रखूँ ...
उसके सपने, उसकी यादें, उसके ही एहसास़ अबतक हैं,
मेरे लिए रोमांच भरे वो पल रूपी ज़ेवर कहाँ संभाल के रखूँ ...

सूखे होठों पर उसका एहस़ास पाने की चाह लिए हुए,
बिना लिप बाम लगाए कब तक इन्हें इंतजार में ढ़ाल के रखूँ ..
या तो आ के मिल जाए कभी या दे दे अपनी यादों से रिहाई,
समझ नहीं आता कबतक अपनी लाश पे कफन डाल के रखूँ॥

 
21
 
11 hours
 
Heart catcher
LOADING MORE...
ALL MESSAGES LOADED
BACK TO TOP