Jainism (563 | sorted randomly)

🙏 Jai Jinendra 🙏
Date : 24th May 2015
Thithi : Chatt ( 6 )

Tip For The Day :
Swimming ka tyaag kare.
Paper ko waste na kare. ( Do not waste/tear unwanted papers )
Navkar mantra ka ek mala fere.

🙏 Jai Mahaveer 🙏

Thought For The Day ;

People Who Are Strong Are Always Mistreated!

 
5
 
937 days
 
Sunil Lalwani

🙏🏻 Jai Jinendra 🙏🏻
Date : 6th April, 2016
Thithi : Chaudas & Pakki ( 14 & Pakshik Parv )

Tip For The Day :
Dhaarna Pramane kare :
• Navkar Mantra ki ek mala fere.
• 2 Logass ka dyaan kare.
• Jaminkhand, Hari Vanaspati avam Ratri Bojan ka tyaag kare.
• Krupa karke Bramachaarya ka palan kare.
• Pakki ka Pratikraman kare avam Samayik kare.
• Bahar ke khaane ka tyaag kare.
• Navkarsi, Poarsi, Ekhaasan, Beyasan, Upwas, Aiyambil aadi Tapasya kare.

🙏🏻 Jai Mahaveer 🙏🏻

[This is not in Aagam, but a simple way to minimal the Paap] Procedure :
• 12 Stul ka paat bole.
• 18 Papisthan ka path bole.
• "Inn 18 papon mein se koi bhi paap kiya ho toh Mann, Vachan, Kaya se Michami Dukhdam" bole
• Khamemi Savve Jeeva ka path bole.
• Navkar mantra gine.

 
15
 
619 days
 
Sunil Lalwani

श्री सुनीलवाणी के पुष्प 💐

🌹देवो की वन्दना की जरुरत नही, तुम्हारी आत्मा मे वह शक्ति हे कि देव भी तुम्हे नमन करे।

🌹वीर पर कयी देवो ने उपसर्ग किये पर वे कुछ नही बोले कुछ नही कहे।सहायक देव भी आये तो यही बोले मुझे देवों कि जरुरत नही हे।

🌹पुद्गल के रूप बदलते रहते हें ,शरीर का क्या अस्तित्व ,नाम रस रंग रूप सब यहीं रहने वाला हे ।
आत्म विकास के लिये ही गुरु का आश्रय लेते हें ।

🌹परिपूर्ण मार्ग ओर गुरु मिलना संयोग हे ।नाम के पीछे नही पड़ना ,कल क्या नाम था आज क्या हो गया ।कषाय वृत्तियो को छोडना ही लक्ष हे।

🌹जो हार स्वीकारता हे वही , मुनियो के समक्ष हार पहनता हे ।

*कम खाना ,गम खाना ,नम जाना*

🌹कम खाना -- खाने कि शेली हो ,बार बार नही खाना ,प्रभु स्मरण आत्म चिंतन भोजन हो ।
गम खाना --- सहनशीलता जरूरी हे कुटुम्ब मे समाज में ।अनुशासन एव सहनशीलता से परिवार आसानी से चल जाता हे ।
नम जाना --सबको सम्मान ,जय जिनेन्द्र करें ,मन मुटाव मिट जाते हें ।हर मोके पर स्वयं कार्य करने की आदत रखें ।बडे बुजुर्गों की सदा हम विनय करें ।

🌹यदि सवाल का उचित जवाब नही हे तो मोन रहना उचित हे ।

🌹सच्चे सेठ लोग मोटे ताजे तंदुरुस्त होते हें क्योंकि गम खाते हें ,केवल रोटियो से मोटे नही हुआ करते हें ,

🌹सारी जमीन पर कांटे हो तो सब को हटाने के बजाय अपने पेर मे जूता पहन लेना ज्यादा उचित हे ।

🌹रहिमन धागा प्रेम का मत तोडो चटकाय तोड़न से फिर न जुड़े ,जुडे़ गांठ पड़ जाय ।

🌹पुराने लोग सिंगल रोटी खाते थे डबल बोडी होती थी ,आज डबल रोटी खा कर सिंगल बोडी होते हें ।शरीर के साथ मन भी तंदुरुस्त हों

🌹स्टोव मे तेल छान कर भरते हो ओर पानी बिना छाने पीते हें ।

🙏🏻वीरशासन जयवन्त हो 🙏🏻

 
46
 
247 days
 
N.v.jain

🙏🏻 Jai Jinendra 🙏🏻
Date : 15th February, 2016
Thithi : Attam ( 8 )

Tip For The Day :
• Jaminkhand, Hari Vanaspati avam Ratri Bojan ka tyaag kare.
• Badi snaan ka tyaag kare.
• Upar se namak na le.
• Moong, Dry Fruits avam Dahi ka tyaag kare.
• Navkar Mantra ki ek mala fere.

🙏🏻 Jai Mahaveer 🙏🏻

 
8
 
670 days
 
Sunil Lalwani

🙏🏻 Jai Jinendra 🙏🏻
Date : 4th April, 2017
Thithi : Attam ( 8 )

Tip For The Day :
• Jaminkhand, Harivanaspati, Ratri bojan ka tyaag avam Bramachaarya ka palan kare.

• Navkar mantra ki ek mala fere.
🙏🏻 Jai Mahaveer 🙏🏻

 
6
 
256 days
 
Sunil Lalwani

🙏 Jai Jinendra 🙏
Date : 24th June 2015
Thithi : Attam ( 8 )

Tip For The Day :
Jaminkhand, Harivanaspati avam Ratribojan ka tyaag kare.
Navkar mantra ka ek mala fere.
Jhoot na bole.
Pani puri avam Gulab jaamun ka tyaag kare.

🙏 Jai Mahaveer 🙏

Thought For The Day :

In any situation, the best thing you can do is the right thing; the next best thing you can do is the wrong thing; the worst thing you can do is nothing!

 
5
 
906 days
 
Sunil Lalwani

*जरूरी नही की*
*हर समय जुबा पर*
*भगवान का नाम आये*

*वो लम्हा भी भक्ति*
*का होता है, जब*
*इंसान - इंसान के काम आये।* 🏻
जय जिनेन्द्र

 
100
 
269 days
 
N.v.jain

• सात्विक जैन दही -

दही एक बहुत ही पौष्टिक और मधुर दुग्ध पदार्थ है.
इसे जमने में चार से छः घंटे लगते हैं.
इसे तत्काल ही प्रयोग कर लेना चाहिये,
अन्यथा इसमें एक से दो घंटे के अन्दर ही त्रस जीव उत्पन्न हो जाते हैं.
दही में त्रस जीव का मतलब होता है कि इसमें बहुत सूक्ष्म और बहुत ही जल्दी पैदा होने वाले इल्ली सरीखे सफेद जीव उत्पन्न हो जाते हैं.
ये सामान्य आँखों से दिखाई भी नहीं देते हैं. जै
से-जैसे इनकी संख्या बढ़ती जाती है,
वैसे-वैसे दही में खटास भी बढ़ने लगती है.
इन्हें देखने के लिए आपको थोड़े से दही को माइक्रोस्कोप के नीचे रखना होगा,
तभी आप इन रेंगने वाले जीवों को देख सकेंगे.
अतः जब भी आप दही का सेवन करते समय खटास को महसूस करें,
तो अब आप समझ ही जायेंगे कि इसका कारण क्या है?
दही को कभी भी पुराने दही के जावन के द्वारा नहीं जमाना चाहिये,
क्योकि ऐसा दही पहले से ही अभक्ष्य रहता है.
इसका मतलब यह है कि उसमे जमते समय भी त्रस जीव रहते ही हैं.
दही को निम्न वस्तुओं में से किसी एक के द्वारा जमाया जा सकता है -
1. चाँदी का सिक्का
2. नारियल की नरेटी
3. खड़ी लाल मिर्च
4. संगमरमर का टुकड़ा
इस तरह जमा दही बहुत ही स्वादिष्ट, रुचिकर और पौष्टिक होता है.
बाज़ार का दही या दही से बने अन्य पदार्थ जैसे लस्सी, श्रीखंड आदि किसी भी रूप में सच्चे और अहिंसक जैनी को खाने योग्य नहीं होते हैं.
अहिंसा की द्रष्टि से इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में कृपया मेरी मदद करें.
चाँदी के सिक्के, मार्बल के छोटे टुकड़े या कोकोनट के बाहरी हार्ड सरफेस का एक छोटा टुकड़ा लेकर थोड़े कुनकुने दूध में दो-तीन नीम्बू की बूँद डालकर रख दें.
कोकोनट या नारियल के बाहरी कठोर खोल के एक छोटे टुकड़े को नरेटी कहते हैं.
जब वह जम जाये उसमे से इन सबको निकालकर धोकर सुखा कर रख लें और जब चाहे, दही में जामन की जगह डाल कर दही जमा सकते हैं. इसे भी हर हफ्ते बदलते रहे.
खड़ी या पूरी लाल मिर्च किसी भी किराने वाले के यहाँ मिल जायेगी.
जामन की जगह खड़ी मिर्च को साफ़ करके डाल दें व तीन-चार घंटे बाद दही जमने पर उसे निकाल दें.
इस प्रकार जमा दही ही सात्विक जैन दही होता है और इसे दो-तीन घंटे के अंदर ही खा लेना चाहिए.

 
115
 
542 days
 
User22132

जीवरक्षा का भाव धर्मी जीव को सहज होता ही है।

इशारा है रात्रिभोजन त्याग का

समझदार को.....

टीम वीर गुरुदेव

 
15
 
162 days
 
Sunil Lalwani

🙏 Jai Jinendra 🙏
Date : 22th February 2015
Thithi : Choath ( 4 )

Tip For The Day :

Upar se namak lene ka tyaag kare.
Min. 1 ghante ke liye Mobile ka tyaag kare.
Swadhyaay, Samayik, Samvar kare.
Navkar mantra ka ek mala fere.

🙏 Jai Mahaveer 🙏

 
5
 
1028 days
 
Sunil Lalwani
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