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✍🏻✍🏻
*कदर करना सिख लो..*
*ना जिंदगी वापस आती है...*
*ना जिंदगी में आये हुये लोग....*

*कई बार तबियत दवा लेने से नहीं*,
*हाल पूछने से भी ठीक हो जाती है*

*कैसे हो आप*!!
‼️

 
571
 
208 days
 
Sunil

*उजालो में मिल ही जायेगा* *कोई ना कोई,*

*तलाश उसकी रखो, जो* *अंधेरों में भी साथ दे।*🌷🙏🙏

 
539
 
274 days
 
Sunil

*हालात सिखाते है,बातें सुनना और सहना !!*

*वरना हर शक्स फितरत से बादशाह ही होता है !!*

*अंधेरे मे जब हम दीया हाथ मे लेकर चलते है तो हमे यह भ्रम रहता है कि हम दीये को लेकर चल रहे है....*
*जबकि सच्चाई एकदम उल्टी है दीया हमे लेकर चल रहा होता है ।*
🌹

 
493
 
156 days
 
Sunil

*आपकी उपस्थिति से..*
*कोई व्यक्ति..*
*स्वयं के दुःख भूल जाए..*
*यही आपकी..*
*उपस्थिति की सार्थकता है* !!
*

 
394
 
126 days
 
Sunil

*अपने ही अपनों से करते है अपनेपन की अभिलाषा.*

*पर अपनों ने ही बदल रखी है, अपनेपन की परिभाषा !!*

 
392
 
307 days
 
Mits9022

🍃🍂🍃🍂🍃🎭🍃🍂🍃🍂🍃
➡ *नफरत आसानी से कहाँ मिलती हैं~*

✅ *बहुत लोगो का भला करना पड़ता हैं..!!!*
🙏🌻🙏
🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃

 
389
 
195 days
 
Sunil

Work hard, until lamp light of your study table becomes spot light of stage..

 
387
 
270 days
 
Jasmine

ठोकरों को मत कोस,
जमीन को प्रणाम कर ...
उठ, कपड़े झाड़ और चल,
तू बिल्कुल भी मत विश्राम कर ...

धरती देती है सहारा,
हर गिरने वाले को ...
पत्थरों से बेपरवाह हो,
तू बस अपना काम कर ...

हवा का सहारा मिले तो,
धूल पहुँच जाती है आसमान पर ...
गिरकर उठने वालों में,
तू भी तो ज़रा अपना नाम कर ...

रूकावटों पर हावी रहें,
सतत कोशिशें सदा तेरी ...
मानव अपराजेय है,
सृष्टि में ये पैगाम कर ...

साँसों के रुकते ही,
सब खत्म हो जाएगा ...
जब तक जिन्दा है,
तब तक तो थोड़ी धूमधाम कर॥

 
348
 
318 days
 
Heart catcher

ख़्वाईशों के बोझ में..
तू क्या क्या कर रहा है,
इतना तो जीना भी नहीं..
जितना तू मर रहा है !!

🙏

 
334
 
92 days
 
Sunil

*जिम्मेदार आप स्वयं है*

*1) आपका सरदर्द, फालतू विचार का परिणाम*

*2) पेट दर्द, गलत खाने का परिणाम*

*3) आपका कर्ज, जरूरत से ज्यादा खर्चे का परिणाम*

*4) आपका दुर्बल /मोटा /बीमार शरीर, गलत जीवन शैली का परिणाम*

*5) आपके कोर्ट केस, आप के अहंकार का परिणाम*

*6) आपके फालतू विवाद, ज्यादा व् व्यर्थ बोलने का परिणाम*

*उपरोक्त कारणों के अलावा सैकड़ों कारण है और बेवजह दोषारोपण दूसरों पर करते रहते
*इसमें ईश्वर दोषी नहीं है*

*अगर हम इन कष्टों के कारणों पर बारिकी से विचार करें तो पाएंगे की कहीं न कहीं हमारी मूर्खताएं ही इनके पीछे है*

 
332
 
132 days
 
mannu22801
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