Encourage (1917)

कितना भी व्यथित हो,
पर तुम अब कभी मत रोना मेरे मन ...
यूँ हार मान लेना तो है,
काम सबसे घिनोना मेरे मन ...

परीक्षा दर परीक्षा,
सबकी यूँ ही गुजरती है जिंदगी ...
हर बात पर जो आँसू बहाए तू,
तो ये साबित करते हैं तेरा कायर होना मेरे मन ...

दिन में बहा खूब पसीना,
अपने कर्तव्य पथ पर चलते हुए ...
और फिर सीख खूब थक कर,
रात को घोड़े बेचकर सोना मेरे मन ...

जो आया है वो जाएगा,
ये बात सदा से और शाशवत है ...
आखिर अंत में टूट जाता है,
मिट्टी का ये खिलौना मेरे मन ...

तुम्हारी जिंदगी में उल्लास जरूरी है,
इसे गन्ने के रस सा निचोड़ लो तुम ...
तय कर अब इक भी पल,
मायूसी में तुझे नहीं है खोना मेरे मन॥

 
41
 
2 days
 
Heart catcher

you never require a teacher in your life, if you make phases of life as your teacher cause what it teaches no one else can teach :-)

 
81
 
5 days
 
ankur2308

हे मेरे मन ...

समेट कर समस्त शक्तियाँ, टूट पड़ो,
सामने कर्मभूमि है, जी जान से लड़ो ...
राम के आशीर्वाद से, मुसीबतें तुझे मिली,
मील का पत्थर बनकर धरा पे गड़ो ...

शस्त्र सीमित और शत्रु प्रबल-प्रचंड है,
न डरो, न डगमगाओ जमकर अड़ो ...
प्रारब्ध ने दिया है, मौका तुम्हे संघर्ष का,
कामयाबी के हीरे मस्तक पर जड़ो ...

एक क्षण का विलंब भी घातक है,
रणभूमि बुला रही है रथ पर चढ़ो॥

 
47
 
6 days
 
Heart catcher

मैं रोया तो बहुत,
पर किसी ने बिलखते नहीं देखा ...
मेरे साये ने भी कभी,
मुझे सिसकते नहीं देखा ...

हर दुख में रहा अकेला,
और सहता गया सब कुछ ...
सहारे के लिए मैने खुद को भी,
किसी से लिपटते नहीं देखा ...

मैं चला हूँ, दौड़ा हूँ,
रेगा हूँ बस अपने हौंसलों से ...
पैर कट गए चाहे,
पर किसी ने घिसटते नहीं देखा ...

किताबों में जो पढ़ा था,
उसे सच ही पाया मैने सदा ...
संघर्ष के बिना,
किसी को कभी निखरते नहीं देखा ...

दुनियाँ के आठवें आश्चर्य सा,
मैने खुद को तराशा है ...
जर्रे जर्रे हो गया है वजूद,
पर किसी ने मुझे बिखरते नहीं देखा॥

 
201
 
9 days
 
Heart catcher

*तलाश जिंदगी की थी*
*दूर तक निकल पड़े,,,,*

*जिंदगी मिली नही*
*तज़ुर्बे बहुत मिले,;;* 💕

 
259
 
10 days
 
Veeshal.joshee

बहुत हो चुकी उदासी,
अब हँसी के गीत लिख मेरे मन ...
दुनियाँ के हर इन्सान की तरह,
खुद के हिस्से में प्रीत लिख मेरे मन ...

तेरे आँसू से औरों की खुशियों पर,
ना होने पाए कोई आघात ध्यान दे ...
खुद को खुद से हार के ही सही,
दूसरों के लिए जीत लिख मेरे मन ...

बदलते वक्त के साथ खुद को,
बदलना सीख ले तू भी अब ...
तू भी नए जमाने की तरह,
नई तरह की रीत सीख मेरे मन ...

माना तुमने बहुत खोया है,
पर उससे सबको क्या मतलब ...
क्या जरूरी है कि हर चेहरे पर,
तू अपना अतीत देखे मेरे मन ...

कड़कती बिजलियों,
और तूफानों से मत ड़र तू ...
राम के हाथों की ओट में,
खुद को टिमटिमाता 'दीपक' लिख मेरे मन॥

 
106
 
12 days
 
Heart catcher

मान्यताओं पर डटा रह,
तू अपना विश्वास न छोड़ ...
भीड़ में इंसा भी मिलेंगे,
तू अपनी तलाश न छोड़ ...

हर समय घूमती है धरती,
तो बदलती हैं ऋतुएँ भी ...
अपने काम में तू कोई,
यूँ ही अवकाश न छोड़ ...

खेल के मैदान में,
जीतने पर मिलती हैं तालियाँ ...
जीवन भी एक खेल है,
तू बीच में ही प्रयास न छोड़ ...

निचोड़ ले वक्त को,
अपना पूरा जी जान लगाकर ...
भावी पश्चात्ताप के लिए,
तू कोई अगर और काश न छोड़ ...

धर्मग्रन्थ पढ़ और समझ,
रौशनी देने वाला बन जा दीपक ...
जो सबक लेना चाहे तो,
तू अपना ही इतिहास निचोड़॥

 
92
 
12 days
 
Heart catcher

*यदि आप के चंद मीठे बोलों से किसी का रक्त बढ़ता है तो यह भी रक्त दान है*
*यदि आप के द्वारा किसी की पीठ थपथपाने से उसकी थकावट दूर होती है तो यह भी श्रम दान है।*
*यदि आप कुछ भी*
*खाते समय उतना ही प्लेट में लें कि कुछ भी व्यर्थ ना जाए तो यह भी अन्न दान है।*

👏👏🌞 🌞👏👏

 
285
 
17 days
 
DDLJ143

वक्त की ठोकरें खाकर,
यूँ ही चलता रहूँगा मैं ...
मैं एक मानव हूँ,
गिरकर सम्भलता रहूँगा मैं ...

परवाह नहीं कि राम परीक्षा ले,
या फिर अपनों से धोखा मिले ...
हरेक चोट के बाद,
लोहे से इस्पात में ढलता रहूँगा मैं ...

नाकामियों के बस में नहीं,
कि वो मुझे मार डाले मैं अबतक जिंदा हूँ ...
अपनी ढेरों अधूरी उम्मीदों के सहारे,
अब की तरह ही पलता रहूँगा मैं ...

मैं 'दीपक' हूँ,
मेरा काम है जल के रोशनी देना ...
जहाँ भी घोर अँधेरा होगा,
वहां उजाला करता रहूँगा मैं ...

पानी अगर रूक जाए,
तो वो सड़ जाता है ...
बदलते हुए वक्त के साथ,
राम के सहारे खुद को बदलता रहूँगा मैं॥

 
212
 
27 days
 
Heart catcher

मन में ठान,
जूझ, लड़खड़ा और संभल जा ...
आज नहीं पहुँचा,
मंजिल पर तो कल फिर निकल जा ...

कुछ पाने के लिए,
कुछ खोना भी पड़ता है ...
आग सह, मार सह,
और लोहे से इस्पात में ढल जा ...

अब तक बहुत सोया,
और बहुत कुछ खोया है तूने ...
अब भी वक्त है,
जाग, भाग और थोड़ा बदल जा ...

दौड़ में चोट लगती है,
तुझे भी लगेगी ही ...
अपनी चोटों को,
खुद सहला और स्वयं ही बहल जा ...

जिस ने जो चाहा,
वो करके दिखाया उसने ...
कोई बाधा बड़ी नहीं,
इरादा मजबूत कर और हर बाधा को मसल जा॥

 
208
 
31 days
 
Heart catcher
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