Encourage (1929)

गिरो, पड़ो, संभलो, खड़े हो जाओ,
और फिर तेज रफ़्तार कर लो ...
हाथ का विस्तार कर,
तुम मुट्ठी में संसार कर लो ...

राम ने बनाया है तुम्हें,
तुम आम सी चीज़ हो नहीं सकते ...
खुद को संवार कर रखा करो,
तुम खुद से अनंत प्यार कर लो ...

कायरता, अविश्वास, ड़र,
चेहरे पे घबराहट का पसीना क्यों है ...
अपने आत्मबल से तुम,
अपनी ही कमियों पर प्रहार कर लो ...

तुम ही जीतोगे ये सोच रखो,
और बेफिक्र होकर कूद पड़ो मैदान में ...
वक्त के हमलों के लिए,
तुम खुद को थोड़ा तैयार कर लो ...

नई सुबह, नया सूरज, नया उज़ाला,
और नई किरणें हैं बस कुछ ही दूर हैं ...
दीपक बन कर जल उठो तुम,
दूसरों से पहले स्वयं का दूर अन्धकार कर लो॥

 
40
 
a day
 
Heart catcher

जीतो ऐसे , जैसे कि तुम्हे इसकी आदत हो,
हारो ऐसे जैसे कि आनंद उठाने के लिए एक बदलाव किया हो.

 
65
 
3 days
 
NB CHAVAN

जिन लोगों ने अपने तन में,
लोहे समान ज़िगर पाले होते हैं ...
वो ही जीत जाते हैं सब कुछ,
और हारें भी तो हार गले लगाने वाले होते हैं ...

परिणाम कुछ चाहा,
नतीजा कुछ और रहा हो भले ...
कल मनचाहा पाने को,
फिर से खुद को संभाले होते हैं ...

सूरज ढलता है माना,
पर निकलता भी तो है हर रोज़ ...
घनघोर अन्धेरों के बाद,
सुबह के रौशन उजाले होते हैं ...

परवाह मत करो मेरे मन,
तुम पर हंसने वाले लोगों की ...
किसी के कामयाब होते ही,
सबके मुंह पे ताले होते हैं ...

आलोचनाओं से मत घबराओ तुम,
तुम्हें अभी अभी ताकत की जरूरत है ...
धरती पर गंगा बहती है अगर,
तो कहीं पर कुछ गंदे नाले होते हैं ...

खामोश रह कर राम स्मरण कर,
और आने वाले वक्त के लिए तैयार रह ...
वो जीत ही जाते हैं मैदान में,
जिनके हौंसले बड़े और खून में उबाले होते हैं ...

जो लगातार चलते हैं चाहे धीरे ही सही,
वो पहुँच ही जाते हैं मंजिल पर किसी ना किसी दिन ...
बस उसी तरह तुम्हें भी चलना है,
अंत में सब ठीक होगा, पहले बेशक पैरों में छाले होते हैं ...

अंत में कामयाबी मिले अगर तुम्हें,
तो तुम अपनी औकात मत भूल जाना मेरे मन ...
कामयाब हो कर तुम दूसरों का भला करना,
जिंदा लाशें हैं वो जिनके हाथ में शराब़ के प्याले होते है॥

 
52
 
4 days
 
Heart catcher

मत जियो सिर्फ अपनी खुशी के लिए
कोई सपना बुनो जिंदगी के लिए ...
पोंछ लो दीन दुखियों के आँसू यदि,
तो कुछ नहीं चाहिए बंदगी के लिए ...

सोने चाँदी की थाली ज़रूरी नहीं,
दिल का दीपक बहुत है आरती के लिए ...
जिसके दिल में घृणा का है ज्वालामुखी
उसे जहर की क्या जरूरत खुदकुशी के लिए ...

ज्यादा एकांत भी बदल जाता है सन्नाटे में,
खुशियों के साथ कुछ गम जरूरी हैं जिंदगी के लिए ...
सारी दुनियाँ को जब हमने अपना लिया,
तो कोई बाकी रहेगा ही नहीं दुश्मनी के लिए ...

तुम हवा को पकड़ने की जिद छोड़ दो,
वक्त रुकता नहीं है किसी के लिए ...
शब्द को आग में ढालना सीख लो,
सिर्फ लिखना ही काफी नहीं शायरी के लिए ...

अपनी अकड़ में रहने वाले जिंदा लाश से हैं,
दोस्तों के लिए जान भी दे दो उनकी खुशी के लिए ...
हैं तो भी सब ग़लतफहमियाँ दूर हो जाएँगी,
हँस के जो मिल लो सबके गले दो घड़ी के लिए॥

 
84
 
5 days
 
Heart catcher

A Real Decision is measured by the fact that you've taken a New Action. If there's no Action, you haven't truly decided .......

 
91
 
8 days
 
NB CHAVAN

दुःखों को हराने के लिए,
बस एक छोटा सा दाँव काफी है ...
इस बेहद खूबसूरत जिंदगी से,
सच्चा लगाव काफी है ...

हारेगी छोटी-बड़ी मुश्किलें,
पक्का यकीन रख इस बात पे ...
इसके लिए आत्मविश्वास,
और तरक्की का हावभाव काफी है ...

चुनौतियों का अलग है मजा,
तू लड़कर तो देख विपत्तियों से ...
रण छोड़कर न भागने का,
और ड़टे रहने का स्वभाव काफी है ...

सब ठीक हो तो सो जाता है,
तू घोड़े बेच कर दिन में भी ...
क्षमताओं के उपयोग के लिए,
तेरा खुद का खुद पर दबाव काफी है ...

भूकम्पों में भी जो गिरने न दे,
ऊँचे महल को ऐसा खुद को बना ...
उस नींव के पत्थर का,
बिल्डिंग के आस्तित्व पर प्रभाव काफी है ...

जीवन की अमावस का,
दूर होगा घोर अँधेरा तेरे जीवन में भी ...
इन तूफानों में दीपक,
तेरे ऊपर ज्योति का ठहराव काफी है ...

हथेली की रेखाओं ने,
सब को ही सबकुछ नहीं दिया कभी ...
कुछ पाना हो तो पाने के लिए,
कुछ कर दिखाने का ताव काफी है ...

हथियारों से बल से की केवल,
जीती नहीं जाती सारी दुनियाँ की लड़ाईयाँ ...
जीत के लिए दिल में हौंसला,
और जीतने का भाव काफी है ...

तेरा पसीना बदलेगा,
कल सोने चांदी में तेरे दिनों को ...
अपने काम तथा मानवता के लिए समर्पित रह,
क्या हुआ अगर आज धन का अभाव काफी है॥

 
102
 
8 days
 
Heart catcher

अगर आपको कोई महत्व नहीं देता है तो चिंता कीजिए, पर महत्व प्राप्त करने के लिए कोशिश जारी रखिए।🙏

 
56
 
8 days
 
anil Manawat

छाँव की प्रतीक्षा नहीं की,
दोपहर को धूप में भी चलता रहा ...
आँख मंजिल पर रही हर समय,
मैं अपने नाम सा ही जलता रहा ...

मजबूरियों की बैसाखियों को,
आने ना दिया बाजुओं में कभी अपने ...
कई बार गिरा उठा और गिरा,
और कई बार फिर से संभलता रहा ...

अपने पसीने से किए सदा,
दूसरों के काम आसान मैने ...
दूसरों के घरों में रौशनी करके,
स्वयं अंधेरे में सीखता-पढ़ता रहा ...

अंधविश्वासी हो कर चलना,
गंवारा न रहा बचपन से ही कभी ...
कुछ नया कर दिखाने,
और कुछ नया करने को खून उबलता रहा ...

गहरी नींद सोने का समय,
कभी मिला तो कभी नहीं मिला मगर ...
मेरी इन छोटी सी आँखों में,
सपनों का संसार सदा पलता रहा ...

राम का आशीर्वाद ही नहीं,
खुद को संवारना भी जरूरी था...
इसलिए पूरे जोश से लड़ा तकदीर से,
और अपने हाथ की रेखाओं के फैसले बदलता रहा॥

 
100
 
13 days
 
Heart catcher

राम ने बहुत संघर्ष किया,
तो उन्हें सीता मिली ...
अर्जुन ने की अनंत साधना,
तो उन्हें गीता मिली ...

बहुत कठोर तप किया,
तो ध्रुव को आकाश मिला ...
वैभव को त्याग सिद्धार्थ बुद्ध बने,
तो उन्हें ज्ञान का प्रकाश मिला ...

हनुमान ने प्रतिबद्ध सेवा की,
तो उन्हें परम सम्मान मिला ...
कबीरदास ने निष्ठा रखी,
तो उन्हें रामायण रचने का ज्ञान मिला ...

वीर शिवाजी जान पर खेले,
तो उन्हें सिंहासन मिला ...
दिन भर पसीना बहाकर,
एक मजदूर को राशन मिला ...

अगर तू भी कुछ चाहता है,
तो जमकर प्रयास कर मेरे मन...
किसी और से पहले अपने आप पर,
तू सबसे ज्यादा विश्वास कर मेरे मन॥

 
146
 
15 days
 
Heart catcher

ठोकरें अपना काम करेंगी,
तू अपना काम करता चल ...
वो गिराएंगी बार बार,
तू उठकर फिर से चलता चल ...

हर वक्त, एक ही रफ्तार से,
दौड़ना कतई जरुरी नहीं तुम्हारा ...
मौसम की प्रतिकूलता हो,
तो बेशक थोड़ा सा ठहरता चल ...

अपने से भरोसा न हटे,
बस ये ध्यान रहे तुम्हें सदा ...
नकारात्मक ख्याल दूर रहे तुझसे,
उनसे थोड़ा संभलता चल ...

पसीने की पूंजी लूटाकर,
दिन रात मंजिल की राह में ...
दिल के ख़्वाबों को,
जमीनी हकीकत में बदलता चल ...

एक दिन में नहीं लगते,
किसी भी पेड़ पर फल कभी भी ...
पड़ाव दर पड़ाव ही सही,
अपनी मंजिल की ओर सरकता चल॥

 
160
 
16 days
 
Heart catcher
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