Amazing Info (450)

Using your phone while it's charging can damage the battery. This is why the cords for chargers are so short.

 
32
 
2 days
 
mumbai..

*बर्फ के ये 10 फायदे जानकर चौंक जाएंगे आप*

*1-कड़वी दवाई खाने से पहले मुंह में बर्फ का टुकड़ा रख लें, दवाई कड़वी ही नहीं लगेगी।*

*2- यदि आपने बहुत ज्यादा खा लिया है और खाना पच नहीं रहा, तो थोड़ा-सा बर्फ का टुकड़ा खा ले। खाना शीघ्र पच जाएगा।*

*3- यदि आपके पास मेकअप का भी समय नहीं है या आपकी त्वचा ढीली पड़ती जा रही है तो एक बर्फ का छोटा-सा टुकड़ा लेकर उसे किसी कपड़े में (हो सके तो मखमल का) लपेट चेहरे पर लगाइए। इससे आपके चेहरे की त्वचा टाइट होगी और यह टुकड़ा आपकी त्वचा में ऐसा निखार ला देगा जो और कहीं नहीं मिलेगा।*

*4- प्लास्टिक में बर्फ का टुकड़ा लपेटकर सिर पर रखने से सिरदर्द में राहत मिलती है।*

*5- यदि आपको शरीर में कहीं पर भी चोट लग गई है और खून निकल रहा है तो उस जगह बर्फ मसलने से खून बहना बंद हो जाता है।*

*6- कांटा चुभने पर बर्फ लगाकर उस हिस्से को सुन्न कर ले, कांटा या फांस आसानी से निकल जाएगा और दर्द भी नहीं होगा।*

*7- अंदरुनी यानी गुम चोट लगने पर बर्फ लगाने से खून नहीं जमता व दर्द भी कम होता है।*

*8- नाक से खून आने पर बर्फ को कपड़े में लेकर नाक के ऊपर चारों और रखें, थोड़ी देर में खून निकलना बंद हो जाएगा।*

*9- धीरे-धीरे बर्फ का टुकड़ा चूसने से उल्टी बंद हो जाती है।*

*10- पैरों की एड़ियों में बहुत ज्यादा तीखा दर्द हो तो बर्फ की क्यूब मलने से आराम मिलेगा।*

*अच्छी बातें, अच्छे लोगों, अपने मित्र, रिश्तेदार और ग्रुप मे अवश्य शेयर करे.*

 
162
 
3 days
 
DDLJ143

*Happiness can be divided into 3categories:*
*1. Physical happiness;*
*2. Mental happiness;*
*3. Spiritual happiness.*

These are brief summary of steps to take for achieving these in our lives:

*For Physical Happiness:*
a. Regular and proper *DIET*.
b. Regular and proper *REST*.
c. Regular and proper *EXERCISE*.

*For Mental Happiness:*
a. Minimize *Expectations*.
b. Minimize *Ego & Pride*.
c. Minimize *Negative Thoughts*.

*For Spiritual Happiness:*
a. Recognize your *SOUL* as a separate entity from the body.
b. Do not live in the *PAST*.
Free yourself of past memories
and experiences.
Do not worry about the *FUTURE*.

*BE HAPPY ALWAYS*

 
148
 
20 days
 
Jasmine

​SOME IRONIES THAT EXIST IN INDIA :​--😊

1. Politicians ​Divide​ us, Terrorists ​Unite​ us.

2. Everyone is in hurry , but ​no one​ reaches in time.

3. Priyanka Chopra earned more money playing ​Mary Kom​, than the Mary Kom earned in her entire career.

4. Its dangerous to talk to a ​strangers,​ but it is perfectly ok to marry one.

5. Most people who fight over ​Gita and Quran​, have probably never read any of them.

6. We rather spend more on our daughter's ​wedding​ than on her ​education​

7. The ​shoes​ that we wear are sold in air conditioned show rooms, the ​vegetables​ that we eat are sold on the footpaths.

8. ​Most​ of the guys who have been ignored by Girls in young age, possesses actually the nicest and better husband material.

9. We live in a country where seeing a ​policeman​ makes us nervous rather than feeling safe.

10. In IAS exam, a person writes a brilliant 1500 words essay about how Dowry is a social evil and ​cracks the exam​ by impressing everyone.
One year later same person demands a dowry in crores, because he is an IAS officer.

11. Indians are very ​shy​ and still are 128 Crores.

12. Indians are obsessed with screen guards on their smartphones even though most come with scratch proof Gorilla Glass but never bother wearing a ​helmet​ while riding bikes.

13. It is shallow to ask for ​dowry​ but prospective bride grooms should make six or seven figured salaries and ​preferably​ ​settled​ in USA.

14. ​A porn-star​ is accepted in society as a celebrity, but ​a rape victim​ is not even accepted as a normal human being.

​Best ever lines :​
Try to understand people before trusting them ... ​Because​ we are living in such a world, where artificial lemon flavor is used for ​"WELCOME DRINK"​ and real lemon is used in ​"FINGER BOWL"​😊...!!

 
147
 
28 days
 
mumbai..

*गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वर:।*
*गुरु: साक्षात्परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नम:।।*
*अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्।*
*तत्पदं दर्शितं येनं तस्मै श्रीगुरवे नम:।।*

महादेवजी ने बताई पार्वतीजी को गुरु की महिमा

एक बार पार्वतीजी ने महादेवजी से गुरु की महिमा बताने के लिए कहा।
तब महादेवजी ने कहा।

गुरु ही ब्रह्मा, गुरु ही विष्णु, गुरु ही शिव और गुरु ही परमब्रह्म है; ऐसे गुरुदेव को नमस्कार है। अखण्ड मण्डलरूप इस चराचर जगत में व्याप्त परमात्मा के चरणकमलों का दर्शन जो कराते हैं; ऐसे गुरुदेव को नमस्कार है।

*ध्यानमूलं गुरोर्मूर्ति: पूजामूलं गुरो: पदम्।*
*मंत्रमूलं गुरोर्वाक्यं मोक्षमूलं गुरो: कृपा।।*

अर्थात्-गुरुमूर्ति का ध्यान ही सब ध्यानों का मूल है, गुरु के चरणकमल की पूजा ही सब पूजाओं का मूल है, गुरुवाक्य ही सब मन्त्रों का मूल है और गुरु की कृपा ही मुक्ति प्राप्त करने का प्रधान साधन है।

*गुरु\' शब्द का अभिप्राय*

जो अज्ञान के अंधकार से बंद मनुष्य के नेत्रों को ज्ञानरूपी सलाई से खोल देता है, वह गुरु है।जो शिष्य के कानों में ज्ञानरूपी अमृत का सिंचन करता है, वह गुरु है।जो शिष्य को धर्म, नीति आदि का ज्ञान कराए, वह गुरु है।जो शिष्य को वेद आदि शास्त्रों के रहस्य को समझाए, वह गुरु है।

*गुरुपूजा का अर्थ*

गुरुपूजा का अर्थ किसी व्यक्ति का पूजन या आदर नहीं है वरन् उस गुरु की देह में स्थित ज्ञान का आदर है, ब्रह्मज्ञान का पूजन है।

*गुरुपूर्णिमा मनाने का कारण*

आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा के दिन सभी अपने-अपने गुरु की पूजा विशेष रूप से करते हैं। यह सद्गुरु के पूजन का पर्व है, इसलिए इसे गुरुपूर्णिमा कहते हैं। जिन ऋषियों-गुरुओं ने इस संसार को इतना ज्ञान दिया, उनके प्रति कृतज्ञता दिखाने का, ऋषिऋण चुकाने का और उनका आशीर्वाद पाने का पर्व है गुरुपूर्णिमा। यह श्रद्धा और समर्पण का पर्व है। गुरुपूर्णिमा का पर्व पूरे वर्षभर की पूर्णिमा मनाने के पुण्य का फल तो देता ही है, साथ ही मनुष्य में कृतज्ञता का सद्गुण भी भरता है।

*गुरु गोविन्द दोउ खड़े काके लागूं पांय।*
*बलिहारी गुरु आपने गोविन्द दियो बताय।।*

माता-पिता जन्म देने के कारण पूजनीय हैं किन्तु गुरु धर्म और अधर्म का ज्ञान कराने से अधिक पूजनीय हैं। परमेश्वर के रुष्ट हो जाने पर तो गुरु बचाने वाले हैं परन्तु गुरु के अप्रसन्न होने पर कोई भी बचाने वाला नहीं हैं। गुरुदेव की सेवा-पूजा से जीवन जीने की कला के साथ परमात्मा की प्राप्ति का मार्ग भी दिखाई पड़ जाता है।

*कवच अभेद विप्र गुरु पूजा।*
*एहि सम विजय उपाय न दूजा।।*

अर्थात्-वेदज्ञ ब्राह्मण ही गुरु है, उन गुरुदेव की सेवा करके, उनके आशीर्वाद के अभेद्य कवच से सुरक्षित हुए बिना संसार रूपी युद्ध में विजय प्राप्त करना मुश्किल है।

*गुरुपूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा क्यों कहते हैं?*

आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को भगवान वेदव्यास का अवतरण पृथ्वी पर हुआ था इसलिए यह व्यासपूर्णिमा कहलाती है। व्यासजी ऋषि वशिष्ठ के पौत्र व पराशर ऋषि के पुत्र हैं।

व्यासदेवजी गुरुओं के भी गुरु माने जाते हैं। वेदव्यासजी ज्ञान, भक्ति, विद्वत्ता और अथाह कवित्व शक्ति से सम्पन्न थे। इनसे बड़ा कवि मिलना मुश्किल है। उन्होंने \'ब्रह्मसूत्र\' बनाया, संसार में वेदों का विस्तार करके ज्ञान, उपासना और कर्म की त्रिवेणी बहा दी, इसलिए उनका नाम \'वेदव्यास\' पड़ा। पांचवा वेद \'महाभारत\' और श्रीमद्भागवतपुराण की रचना व्यासजी ने की। अठारह पुराणों की रचना करके छोटी-छोटी कहानियों द्वारा वेदों को समझाने की चेष्टा की। संसार में जितने भी धर्मग्रन्थ हैं, चाहे वे किसी भी धर्म या पन्थ के हों, उनमें अगर कोई कल्याणकारी बात लिखी है तो वह भगवान वेदव्यास के शास्त्रों से ली गयी है। इसलिए कहा जाता है-*व्यासोच्छिष्टं जगत्सर्वम्* अर्थात् जगत में सबकुछ व्यासजी का ही उच्छिष्ट है।

विलक्षण गुरु समर्थ रामदास के अदम्य साहसी शिष्य छत्रपति शिवाजी

छत्रपति शिवाजी महाराज समर्थ गुरु रामदासस्वामी के शिष्य थे। एक बार सभी शिष्यों के मन में यह बात आयी कि शिवाजी के राजा होने से समर्थ गुरु उन्हें ज्यादा प्यार करते हैं। स्वामी रामदास शिष्यों का भ्रम दूर करने के लिए सबको लेकर जंगल में गए और एक गुफा में जाकर पेटदर्द का बहाना बनाकर लेट गए। शिवाजी ने जब पीड़ा से विकल गुरुदेव को देखा तो पूछा-\'महाराज! इसकी क्या दवा है?\'

गुरु समर्थ ने कहा *शिवा! रोग असाध्य है। परन्तु एक दवा काम कर सकती है, पर जाने दो।\'

शिवा ने कहा *गुरुदेव दवा बताएं, मैं आपको स्वस्थ किए बिना चैन से नहीं रह सकता।\'

गुरुदेव ने कहा *\'इसकी दवा है-सिंहनी का दूध और वह भी ताजा निकला हुआ; परन्तु यह मिलना असंभव सा है।\'

शिवा ने पास में पड़ा गुरुजी का तुंबा उठाया और गुरुदेव को प्रणाम कर सिंहनी की खोज में चल दिए। कुछ दूर जाने पर उन्हें एक सिंहनी अपने दो शावकों (बच्चों) के साथ दिखायी पड़ी। अपने बच्चों के पास अनजान मनुष्य को देखकर वह शिवा पर टूट पड़ी और उनका गला पकड़ लिया। शूरवीर शिवा ने हाथ जोड़कर सिंहनी से विनती की-\'गुरुदेव की दवा के लिए तुम्हारा दूध चाहिए, उसे निकाल लेने दो। गुरुदेव को दूध दे आऊँ, फिर तुम मुझे खा लेना।\' ऐसा कहकर उन्होंने ममता भरे हाथों से सिंहनी की पीठ सहलाई।

मूक प्राणी भी ममता की भाषा समझते हैं। सिंहनी ने शिवा का गला छोड़ा और बिल्ली की तरह शिवा को चाटने लगी। मौका देखकर शिवा ने उसका दूध निचोड़कर तुंबा में भर लिया और सिंहनी पर हाथ फेरते हुए गुरुजी के पास चल दिए।

उधर गुरुजी सभी शिष्यों को आश्चर्य दिखाने के लिए शिवा का पीछा कर रहे थे। शिवा जब सिंहनी का दूध लेकर लौट रहे थे तो रास्ते में गुरुजी को शिष्यों के साथ देखकर शिवा ने पूछा-\'गुरुजी, पेटदर्द कैसा है?\'

गुरु समर्थ ने शिवा के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा-\'आखिर तुम सिंहनी का दूध ले आए। तुम्हारे जैसे शिष्य के होते गुरु की पीड़ा कैसे रह सकती है?\'

भारतीय परम्परा में गुरुसेवा से ही भक्ति की सिद्धि हो जाती है। गुरु की सेवा तथा प्रणाम करने से देवताओं की कृपा भी मिलने लगती है।

*गुरु को राखौ शीश पर सब विधि करै सहाय।*

कलिकाल में सद्गुरु न मिलने पर भगवान ही सभी के गुरु हैं क्योंकि \'गुरु\' शब्द से जगद्गुरु परमात्मा ईश्वर का ही बोध होता है; इसलिए कहा भी गया है*
आदेश


 
101
 
40 days
 
ROHIT.BANSAL

LAWS OF NATURE

* The food we eat, has to be digested and then thrown out of body in 24 hours, else we will fall ill.

* The water we drink, gets in our body and is thrown out in 4 hours, else we will fall ill.

* The air we breathe, has to be thrown out in 1 minute, else we will die.

What about negative emotions like hatred, anger, jealousy, insecurity ... we hold in our body for days, months and years.

If these negative emotions are not thrown out regularly it props up into psycho-somatic diseases.

And meditation and prayers are safest way to dissolve these emotions.

Have a healthy life ahead ...

 
160
 
50 days
 
Jasmine

Read this very Slowly & Steadily...
Very important things for our lives !!

11 FORMULAS FOR GROWING OLD WITH GRACE :

1. Live in your own place to enjoy independence & privacy.

2. Hold on to your bank deposits and assets with yourself.

3. Don't depend only on your children's promise to care for you when you grow old as their prioroties change with time.

4. Expand your circle of friends to include those who will outlive you.

5. Do not compare and expect nothing from others.

6. Do not meddle in the life of your children. Let them live THEIR life not yours.

7. Do not use old age as your shield and justification to demand care, respect and attention.

8. Listen to what others say but think and act independently.

9. Pray, but do not beg, even from God. If at all, ask for his forgiveness.

Last 2 IMPORTANT ONES ..

*m10. TAKE GOOD CARE OF OWN HEALTH. Apart from Medical Attention, eat Best Food in the Best Way (you can afford) & always Try to Do your own Work ...

And finally,

11. DO NOT RETIRE FROM LIFE.

Remember,
You are not ALIVE, unless and until you start LIVING !!!

HAPPY LIVING 👍

 
142
 
53 days
 
Jasmine

इन 11 बड़े Differences की वजह से अलग-अलग और जुदा-जुदा हैं हॉलीवुड-बॉलीवुड

बॉलीवुड और हॉलीवुड फ़िल्मों में यूं तो कई समानताएं हैं, बॉलीवुड का नाम तक, हॉलीवुड की तर्ज पर रखा गया है. लेकिन, दोनों फ़िल्म हॉलीवुड और बॉलीवुड में कई सारे अन्तर भी हैं, जो इनकी पहचान और ट्रेडमार्क बन गए हैं. अगर आप हॉलीवुड और बॉलीवुड, दोनों के शौक़ीन हैं, तो यकीनन ये अंतर आपने भी महसूस किये होंगे.
ये हैं वो 11 अन्तर, जो एक हॉलीवुड फ़िल्म को, बॉलीवुड फ़िल्मों से अलग करते हैं.
1. आमतौर पर हॉलीवुड में हल्के रंग का प्रयोग किया जाता है. वहीं, बॉलीवुड में Costume से लेकर सेट्स तक, सबकुछ एकदम रंगीन और भड़कीला होता है.
2. हॉलीवुड में पारंपरिक चीज़ें नहीं दिखाई जातीं, सबकुछ आधुनिक अंदाज़ में दिखाया जाता है. इसके उलट, बॉलीवुड में शादी से लेकर गोदभराई तक, दीपावली से लेकर होली तक, सबकुछ पारंपरिक अंदाज़ में ही दिखाया जाता है.
3. जहां हॉलीवुड, अपनी फ़िल्म को भव्य बनाने के लिए तकनीक पर ज़ोर देता है, वहीं बॉलीवुड में भव्यता के नाम पर महंगे कपड़े और हसीं वादियां दिखाई जाती हैं.
4. बॉलीवुड में इमोशनल सीन में, कलाकार खुल कर अपनी भावनाएं दिखाते हैं. जबकि हॉलीवुड में कलाकार अपने चेहरे पर बहुत ज़्यादा भाव नहीं लाते.
5. हॉलीवुड में गानें बैकग्राउंड में बजते हैं, लेकिन बॉलीवुड में ये कहानी का हिस्सा होते हैं, जिन पर फ़िल्म में सब नाचना शुरू कर देते हैं.
6. हॉलीवुड की कॉमेडी फ़िल्म में, मुख्य किरदार की लाइफ़ में होने वाली अजीबोगरीब घटनाएं दिखा कर हंसाया जाता है, तो दूसरी तरफ़ बॉलीवुड फ़िल्मों की कॉमेडी Loud होती है. यहां पर चुटकुलों और कलाकारों के आपसी संवाद के माध्यम से दर्शकों को हंसाने की कोशिश की जाती है.
7. हॉलीवुड और बॉलीवुड दोनों इन्डस्ट्री में बनने वाली साइन्स फ़िक्शन फ़िल्मों में काफ़ी अन्तर होता है. हॉलीवुड की सुपरहीरो वाली फ़िल्म, तकनीकी तौर पर काफ़ी बेहतर होती हैं. वहीं बॉलीवुड की साइन्स फ़िक्शन फ़िल्में, बचकाने कॉस्ट्यूम और बेकार विज़ुअल इफ़ेक्ट्स के कारण कॉमेडी फ़िल्म ज़्यादा लगती हैं.
8. हॉलीवुड फ़िल्म में Couple का एक-दूसरे को छोड़ देना आम बात होती है. बॉलीवुड फ़िल्मों में ऐसा नहीं होता है, बॉलीवुड में हीरो और हीरोइन को सिर्फ़ मौत ही जुदा कर सकती है.
9. हॉलीवुड फ़िल्मों की अभिनेत्रियां पतली, लम्बी और फ़िट होती हैं. उनका शरीर बिल्कुल परफ़ेक्ट होता है. लेकिन बॉलीवुड की अभिनेत्रियां ज़ीरो साइज़ में विश्वास नहीं करती हैं. इनका ज़्यादा फ़ोकस चेहरे की सुन्दरता पर होता है.
10. हॉलीवुड में फ़िल्म मशहूर होती हैं. बॉलीवुड में फ़िल्म स्टार मशहूर होते हैं. हॉलीवुड में अगर फ़िल्म अच्छी है, तो उस फ़िल्म के अभिनेता भी मशहूर होते हैं और स्टार बन जाते हैं. जबकि बॉलीवुड में दर्शक तभी फ़िल्म देखने जाते हैं, जब फ़िल्म में कोई स्टार हो.
11. हॉलीवुड फ़िल्में आमतौर पर जो Message देना चाहती हैं, उसका संकेत भर देती हैं. उसके बाद दर्शक अपने आपको Message से जोड़ लेते हैं. जबकि बॉलीवुड फ़िल्में में मेसेज काफ़ी क्लियर होता है.

 
78
 
55 days
 
Sam's Son

लोग अपने पार्टनर को अपना Better Half क्यों कहते हैं? Greek Mythology में है इसकी बहुत मज़ेदार कहानी

किसी की Wife या हस्बैंड को सम्बोधित करने के लिए हम हमेशा ही फ़लाने के Better Half या हिंदी में महिलाओं के लिए अर्धांगिनी शब्द का प्रयोग करते हैं. Subconsciously हम इसे 'पति/ पत्नी/ पार्टनर' के लिए इस्तेमाल होने वाला दूसरा शब्द मानते हैं. ऐसा लगभग दुनिया के सभी देशों में होता है. किसी की शादी भी होने वाली हो, तो भी वो कहता है कि ' I Am Searching For My Better Half', मैं अपने लिए अपना Better Half ढूंढ रहा हूं.
जानते हैं Better Half का इस्तेमाल कहां से चला आ रहा है? आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन ग्रीक माइथोलॉजी में Better Half शब्द का इस्तेमाल करने के पीछे बहुत Interesting कहानी है.

ग्रीक माइथोलॉजी के हिसाब से, पहले इंसान बहुत ज़्यादा शक्तिशाली और तेज़ दिमाग के हुआ करते थे. उनका एक सिर और दो चेहरे थे, जो अलग-अलग डायरेक्शन में थे, 4 हाथ, पैर और दो गुप्तांग भी थे. कुछ इंसाओं में आदमी-आदमी का सेट था, औरत-औरत का सेट था कर आदमी-औरत का सेट था.

लेकिन इतनी ज़्यादा शक्ति मिलने से इंसान ओवर-कॉन्फिडेंस का शिकार हो गया और उसने भगवान पर हमला करने की सोची. अपनी इतनी ख़ूबसूरत रचना को मारना Zeus (थंडर और आसमान के देवता) को सही नहीं लगा, लेकिन उन्हें ये पता था कि उन्हें इंसान की शक्ति कमी करनी होगी, वरना वो इसका ग़लत इस्तेमाल करेगा.
Zeus ने इन्सान को दो टुकड़ों में बांट दिया. आदमी-आदमी अलग हुए, औरत-औरत अलग हुए और आदमी-औरत वाले इंसान भी अलग हुए. Symposium में ये लिखा गया कि कैसे Zeus ने Apollo की मदद से इंसान को अलग-अलग बांट दिया. लेकिन क्योंकि ये सभी एक-दूसरे से इमोशनली जुड़े हुए थे, इसलिए अलग होने के बाद भी वो एक-दूसरे को ढूंढने लगे. जो इंसान पहले आदमी-औरत थे, वो आदमी औरत को और औरत आदमी को ढूंढने लगे. जो आदमी-आदमी थे, वो एक-दूसरे को ढूंढने लगे और जो औरत-औरत थे, वो एक-दूसरे को ढूंढने लगे.

ये सभी अपने पुराने हिस्सों की खोज में लग गए और उनके बिना कईयों की मौत हो गयी और कुछ डिप्रेशन में चले गये. अपने पुराने हिस्सों को ढूंढने का मकसद सिर्फ़ सेक्स नहीं, बल्कि इमोशनल भी था.
अपने पुराने अंग को इस तरह ढूंढने से वंश आगे बढ़ाने का एक नया तरीका मिल गया. इंसान के पुराने शरीर का वो हिस्सा अपने दूसरे हिस्से यानि दूसरे Half को ढूंढने लगा और यहीं से शुरू हुआ अपने पार्टनर को अपना Half या आधा हिस्सा कहने का चलन.

 
119
 
81 days
 
Sam's Son

इंडिया का वो बादशाह जिसके सामने मुगलों को छुपने की जगह नहीं मिली

शेरशाह का जन्म 1486 के आस-पास बिहार में हुआ था. हालांकि इसके जन्म वर्ष और जगह दोनों को लेकर मतभेद है. कई जगह ये कहा जाता है कि शेरशाह का जन्म हिसार, हरियाणा में हुआ था. साल भी बदल जाता है. शेरशाह का नाम फरीद खान हुआ करता था. इनके पिताजी का नाम हसन खान था. हसन खान बहलोल लोदी के यहां काम करते थे. शेरशाह के दादा इब्राहिम खान सूरी नारनौल के जागीरदार हुआ करते थे. नारनौल में इब्राहिम का स्मारक भी बना है. ये लोग पश्तून अफगानी माने जाते थे. सूरी टाइटल इनके अपने समुदाय सुर से लिया गया था. ऐसा भी कहा जाता है कि इनके गांव सुर से ये टाइटल आता है. इतिहास की बात है, जब तक तीन-चार वर्जन नहीं रहते एक ही स्टोरी के, मजा नहीं आता.

फरीद जब बड़ा हो रहा था, तभी उसने एक शेर मार डाला था. और इसी वजह से फरीद का नाम शेर खान पड़ गया. जहां शेर मारा था, उस जगह का नाम शेरघाटी पड़ गया. ये बातें भी कहानी हो सकती हैं. शेर खान के 8 भाई थे. सौतली मांएं भी थीं. शेर खान की घर में बनी नहीं, क्योंकि वो महत्वाकांक्षी था. वो घर छोड़कर जौनपुर के गवर्नर जमाल खान की सर्विस में चला गया. वहां से फिर वो बिहार के गवर्नर बहार खान लोहानी के यहां चला गया. यहां पर शेर खान की ताकत और बुद्धि को पहचाना गया. बहार खान से अनबन होने पर शेर खान ने बाबर की सेना में काम करना शुरू कर दिया. वहीं पर उसने नई तकनीक सीखी थी जिसके दम पर बाबर ने 1526 में बहलोल लोदी के बेटे इब्राहिम लोदी और बाद में राणा सांगा को हराया था. यहां से निकलकर फिर वो बिहार का गवर्नर बन गया.

एक वक्त था कि मगध साम्राज्य इतना विशाल था कि सिकंदर भी हमला करने से मुकर गया था. पर बाद में धीरे-धीरे पावर सेंटर दिल्ली की तरफ शिफ्ट होने लगा था. शेर खान ने जब बिहार की कमान संभाली तो कोई भी बिहार को पावर सेंटर मानने को तैयार नहीं था. शेर खान ने अपनी ताकत बढ़ानी शुरू कर दी. अपनी सेना तैयार करने लगा.

1538 में शेर खान धीरे-धीरे अपने कदम बढ़ाने लगा. बाबर की मौत के बाद हुमायूं बादशाह बना था. मुगल हिंदुस्तान छोड़कर वापस नहीं गए थे. जब हुमायूं बंगाल रवाना हुआ तो शेर खान ने उससे लड़ने का मन बना लिया. 1539 में बक्सर के पास चौसा में दोनों की भिड़ंत हुई. हुमायूं को जान बचा के भागना पड़ा. 1540 में फिर दोनों की भिड़ंत कन्नौज में हुई. वहां भी हुमायूं को हारना पड़ा. बंगाल, बिहार और पंजाब तीनों छोड़ के हुमायूं देश से ही भाग गया. शेर खान ने दिल्ली में सूर वंश की स्थापना कर दी. धीरे-धीरे उसने मालवा, मुल्तान, सिंध, मारवाड़ और मेवाड़ भी जीत लिया. अपना नाम शेरशाह रख लिया. हुमायूं 15 साल तक देश से बाहर रहा.

शेरशाह के बारे में कई बातें फेमस हैं:

1. शेरशाह ने अपना प्रशासन हाई लेवल का रखा था. उसके रेवेन्यू मिनिस्टर टोडरमल को बाद में अकबर ने भी नियुक्त किया था. वो अकबर को नवरत्नों में से एक थे.

2. शेरशाह का दिमाग इतना तेज था कि उसने खावस खान को अपना कमांडर बना लिया था. खान बेहद गरीब व्यक्ति था. वो जंगल में लोमड़ियों का शिकार करता था. पर शेरशाह ने उसकी प्रतिभा को पहचाना.

3. शेरशाह के राज को लेकर कोई भी कम्युनल बात नहीं होती है. राज करने के मामले में वो अकबर से भी आगे थे. अकबर के चलते मुस्लिम नाराज थे क्योंकि वो हिंदुओं को प्रश्रय देता था. वहीं औरंगजेब के चलते हिंदू-मुस्लिम दोनों परेशान थे. पर शेरशाह ने सबको साध के रखा था. उसकी महत्वाकांक्षा सबसे अलग थी.

4. शेरशाह दूरदर्शी व्यक्ति था. उसने फेमस जीटी रोड बनवाया था. जो पेशावर से लेकर कलकत्ता तक था. उस वक्त ये बहुत ही बड़ी बात थी. इससे ट्रांसपोर्ट और व्यापार काफी बढ़ गया था.

5. अकबर के एक अफसर ने लिखा था कि शेरशाह के राज में कोई सोने से भरा थैला लेकर रेगिस्तान में भी सो जाए तो चोरी-छिनैती नहीं होती थी.

6. अकबर के ही करीबी अतगा खान के बेटे मिर्जा अजीज कोका ने लिखा था कि शेरशाह ने मात्र 5 सालों में जो फाउंडेशन तैयाप किया था कि वो आगे भी चलता रहा.

7. अकबर को शेरशाह का बनाया राज्य मिला था. शेरशाह की असमय मौत नहीं हुई होती तो कुछ और ही इतिहास देखने को मिलता.

नवंबर 1544 में शेरशाह ने कालिंजर पर घेरा डाला था. वहां के शासक कीरत सिंह ने शेरशाह के आदेश के खिलाफ रीवा के महाराजा वीरभान सिंह बघेला को शरण दे रखी थी. महीनों तक घेराबंदी लगी रही. पर कालिंजर का किला बहुत मजबूत था. अंत में शेरशाह ने गोला-बारूद के प्रयोग का आदेश दिया. शेरशाह पीछे रहने वालों में से नहीं था. वो खुद भी तोप चलाता था. कहते हैं कि एक गोला किले की दीवार से टकराकर इसके खेमे में विस्फोट कर गया. जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई.

 
83
 
83 days
 
Sam's Son
LOADING MORE...
BACK TO TOP