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गुणों से भरपूर है गन्ने का रस, जानिए इसके फायदे

भारत में सबसे ज्यादा गन्ना उगाया जाता है। गन्ने के रस से ज्यादा पोषक और स्वस्थ रखने वाला कोई और रस नहीं हो सकता। अगर अाप दिर-भर की थकान को दूर करने के लिए एक गिलास गन्ने का रस पीएगें तो आपको स्वाद भरी ताजगी मिल जाएगी।
गन्ने का रस में सेहत के लिए बहुत गुणकारी है। यह रस विटामिन A, C, B1, कैल्शियम, फास्फोरस, पोटेशियम, और कॉपर से भरपूर होता है। इसे पीने से हड्डियां मजंबूत बनती हैं और दांतों की समस्या भी कम होती है। अाज हम अापको बताएगें कि कैसे गन्ने का रस दूर करता है इन बिमारीयों से।
गन्ने का रस पीने से होंगे ये सब फायदे :
-*कैंसर से बचाव करता है*
गन्ने के रस में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन और मैंगनीज जैसे तत्व अच्छी मात्रा में हैं जो शरीर को कैंसर जैसी बिमारी से लड़ने के लिए सहायक होता हैं।
-*मुहांसों से छुटकारा*
गन्ने का रस पीने से त्वचा को अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड मिलता है जो मुहांसे दूर करने और सेहतमंद त्वचा के लिहाज से फायदेमंद है।
-किडनी के लिए फायदेमंद
गन्ने के रस में प्रोटीन अच्छी मात्रा में है। इसमें नींबू और नारियल पानी मिलाकर पीने से किडनी की युरीन इन्फेक्शन, एसटीडी और पत्थर जैसी समस्यामए दूर होती है।
-पाचनतंत्र के लिए फायदेमंद
गन्ने का रस पाचन तंत्र के साथ-साथ पेट की बीमारियों के लिए भी बहुत फायदेमंद है क्योकि इसमें पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है। इसे पीने से कब्ज की समस्या भी दूर होती है।
-नाखूनों में अाती है चमक
यह रस पीने से नाखूनों पर से सफेद धब्बे हटाते है अौर नाखून चमकदार होते हैं क्योकि इसमें पोषक तत्व हैं जिससे आपके नाखूनों की सेहत की भरपाई हो जाती है।
-दिल के रोगों से कहता है बचाव
गन्ने का रस शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राईग्लिसराइड के लेवल को गिरता है जिससे धमनियों में फैट नहीं जमता अौर दिल के रोगों जैसी बिमारीयों से बचाव रखता है।
-मोटापा होता है कम
यह रस आपके शरीर में खराब कॉलेस्ट्रोल को कम करके आपको मोटापे से बचाता है।
-शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंगद
गन्ने का रस पीने से मधुमेह रोगियों को बहुत फायदा होता है क्योकि यह मीठा और प्राकृतिक शुगर से भरपूर होता है।
-त्वचा में ग्लो अाती है
यह रस त्वचा संबंधित परेशानियों को दूर करता है और स्किन में कसाव लेकर आता है। इस रस को त्वचा पर लगा कर धोने के बाद त्वचा खिली-खिली और साफ नजर आती है

 
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DDLJ143

*हाथ की पांच उंगलिया*

हमारे हाथ की पांचो उंगलिया शरीर के अलग अलग अंगों से जुडी होती है | इसका मतलब आप को दर्द नाशक दवाइयां खाने की बजाए इस आसान और प्रभावशाली  तरीके का इस्तेमाल करना करना चाहिए | आज इस लेख के माध्यम  से हम आपको बतायेगे के शरीर के किसी हिस्से का दर्द सिर्फ हाथ की उंगली को रगड़ने से कैसे दूर होता है |

हमारे हाथ की अलग अलग उंगलिया अलग अलग बिमारिओ और भावनाओं से जुडी होती है | शायद आप को पता न हो, हमारे हाथ की उंगलिया चिंता, डर और चिड़चिड़ापन दूर करने की क्षमता रखती है | उंगलियों पर धीरे से दबाव डालने से शरीर के कई अंगो पर प्रभाव पड़ेगा |

*1. अंगूठा*
*- The Thumb*
हाथ का अंगूठा हमारे फेफड़ो से जुड़ा होता है | अगर आप की दिल की धड़कन तेज है तो हलके हाथो से अंगूठे पर मसाज करे और हल्का सा खिचे | इससे आप को आराम मिलेगा |

*2. तर्जनी*
*- The Index Finger*
ये उंगली आंतों  gastro intestinal tract से जुडी होती है | अगर आप के पेट में दर्द है तो इस उंगली को हल्का सा रगड़े , दर्द गयब हो जायेगा।

*3. बीच की उंगली*
*- The Middle Finger*
ये उंगली परिसंचरण तंत्र तथा circulation system से जुडी होती है | अगर आप को चक्कर या  आपका जी घबरा रहा है तो इस उंगली पर मालिश करने से तुरंत रहत मिलेगी |

*4. तीसरी उंगली*
*- The Ring Finger*
ये उंगली आपकी मनोदशा से जुडी होती है | अगर किसी कर्ण आपका मनोदशा अच्छा नहीं है या शांति चाहते हो तो इस उंगली को हल्का सा मसाज करे और खिचे, आपको जल्द ही इस के अच्छे नतीजे प्राप्त हो जयेगे, आप का मूड खिल उठे गा।

*5. छोटी उंगली*
*- The Little Finger*
छोटी उंगली का किडनी और सिर के साथ सम्बन्ध होता है | अगर आप को सिर में दर्द है तो इस उंगली को हल्का सा दबाये और मसाज करे, आप का सिर दर्द गायब हो जायेगा | इसे मसाज करने से किडनी भी तंदरुस्त रहती  है |


पोस्ट अच्छी लगे तो कम से कम अपने मित्रो और परिचित तक भेजे और स्वस्थ भारत के निर्माण मैं अपना पूर्ण योगदान दे।

🌸 धन्यवाद 🌸

 
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DDLJ143

Worth Reading!!!!!
Apparently,the American Computer Giant IBM decided to have some parts manufactured in Japan as a trial. In the specifications, they set standard that they will accept only three defective pieces per 10,000 pieces.
When the delivery came to IBM there was a letter accompanying it.
"We, Japanese people, had a hard time understanding North American business practices. But the three defective parts per 10,000 pieces have been separately manufactured and have been included in the consignment in a separate package mentioned -- 'Defective pieces as required; not for use.'
Hope this meets your requirement.

In some workplaces Perfection is a Habit, not an Attitude!!😀

 
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नरेंद्रस मोदुस को पीएम बनाने वाला नास्त्रेदमस सबसे बड़ा फ्रॉड था

कौन सी ऐसी किताब है, जो दुनिया में हमेशा बिकती है और हर जगह बिकती है?
इस किताब का लेखक दुनिया के सबसे फेमस लोगों में से एक है.
इस आदमी का नाम सुन के इतना ज्यादा आश्चर्य होता है कि हमें इंसानी जीवन अच्छा लगने लगता है.

नास्त्रेदमस नाम है इस आदमी का. इनकी लिखी किताब द प्रॉफेसीज हर साल हर महीने तहलका मचाए रहती है. लोग ऐसा मानते हैं कि इनकी लिखी हुई चार-चार लाइनों की कविताओं में दुनिया की सारी बड़ी घटनाओं की भविष्यवाणी छुपी हुई है. मानने वालों के लिए नेपोलियन और फ्रांस की क्रांति से लेकर, कैनेडी की हत्या और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला सबकी भविष्यवाणी की गई है इनकी किताब में. इंडिया में भी इंदिरा गांधी और नरेंद्र मोदी के राइज को लेकर लोग भविष्यवाणियां निकाल लेते हैं इनकी किताब से.

पर क्या ये सच है? क्या किसी इंसान के लिए ये संभव है कि वो अपने जीवन में ही भविष्य की सारी बातें लिख के चला जाए? वो सारी बड़ी बातें जो दुनिया के कई देशों में होंगी. वो देश जो उसके वक्त पर थे ही नहीं!

नास्त्रेदमस को प्रॉफेट माना जाता है. भगवान का भेजा हुआ दूत. क्या ये सच है या फिर वो फ्रॉड थे?

माइकेल डी नाटरडम या फिर नास्ट्रेडम का जन्म 1503 में फ्रांस में हुआ था. इनका परिवार यहूदी था. बाद में कैथलिक धर्म अपना लिया. ये वो वक्त था, जब यूरोप में पुनर्जागरण हो रहा था. साइंस सामने आ रहा था. गैलीलियो, कोपरनिकस, कोलंबस, लियानार्डो दा विंची सारे लोग उसी सदी में काम कर रहे थे. ये बड़ी ही बेचैनी का समय था. परंपराएं टूट रही थीं और नई चीजों की व्याख्या हो रही थी. लोगों में नई चीजों को लेकर गुस्सा था और गैलीलियो कोपरनिकस जैसे लोग जिंदा जला दिए गए थे.

नास्त्रेदमस के परिवार में पढ़े-लिखे लोग थे. व्यापारी थे. धनी थे ये लोग. नास्त्रेदमस ने भी खूब पढ़ा. 14 की उम्र में वो घर छोड़कर मेडिसिन की पढ़ाई करने चले गए. और फिर फिजिशियन बन गए. फ्रांस में ब्यूबोनिक प्लेग फैला था. इसमें उन्होंने बहुत ही सफाई से, साधारण तरीके से बेहतर इलाज किया. बुरी तरह बीमार लोग इनके इलाज से ठीक हो जाते. और उसी वक्त ये प्रसिद्ध हो गए. इनको बाबा कहा जाने लगा. फ्रेंच भाषा में.

इसके बाद नास्त्रेदमस की शादी एक धनी परिवार में हो गई और ये एक बड़े डॉक्टर की तरह रहने लगे. पर प्लेग वापस लौटा. इनकी बीवी और बच्चों को ले के गया. और इनकी बाबागिरी पर प्रश्नचिह्न उठे. ये कैसा प्रॉफेट, जो अपने बीवी-बच्चों को नहीं बचा सका! इसी दौरान नास्त्रेदमस ने धर्म के खिलाफ कुछ बोल दिया, जिसकी वजह से लोग और खिलाफ हो गए. नास्त्रेदमस को वहां से भागना पड़ा. यूरोप घूमते रहे. लंबे वक्त के बाद 1544 में ये फ्रांस वापस लौटे. फिर से डॉक्टरी शुरू कर दी. शादी की और बच्चे भी पैदा किए.

इस बार नास्त्रेदमस ने एक नया काम भी शुरू किया. ज्योतिष और काला जादू टाइप की चीजें भी करने लगे. घंटों बैठे रहते रात में. कटोरे में पानी लेकर. खूब साधना करते. और एक किताब लिखनी शुरू कर दी. द प्रॉफेसिज. उनकी सबसे फेमस किताब. इससे पहले भी रेसिपी और डॉक्टरी पर लिख चुके थे. वो किताबें भी फेमस हुई थीं. पर उनका विषय वो नहीं था कि सैकड़ों साल बाद भी किसी को याद दिला सके.

द प्रॉफेसिज में लिखा हुआ है:
रात को अकेले बैठे रहते थे. पीतल के ट्रायपॉड पर कटोरे में पानी रखा रहता था. खालीपन से एक रोशनी की किरण निकलती. पानी को वो अपने कपड़े पर छिड़कते और खुद से बोलते रहते. उनके शरीर से आवाज निकलती. वो हिलते रहते. भगवान उनके पास बैठा रहता.
ये चीज तो हम अपने गांव-गिरांव के बाबा-बूबी लोगों के साथ भी देख चुके हैं. वो तो इनसे ज्यादा तांडव करते हैं. मेरे गांव के रमेसर तो गर्म दूध अपनी देह पर डाल लेते. इतना चिल्लाते थे कि सुनने वालों को कई दिनों तक किसी से बात करने का मन नहीं करता था. बस, ये है कि रमेसर ने किताब नहीं लिखी थी. शायद लिख भी देते, अगर लिखना आता.

खैर, नास्त्रेदमस के मुताबिक उनको रात में कई चीजें पता चलती थीं. जब वो होश में आते, तो सारी चीजें नोट कर लेते. 1550 में उन्होंने सालाना भविष्यवाणी देनी शुरू की. ये तो वो अपनी मौत तक देते रहे. यहां से वो फेमस होने लगे. धनी लोग उनको बुलाने लगे अपने बारे में पूछने के लिए. 1555 में नास्त्रेदमस ने 4-4 लाइनों की कविताएं लिखनी शुरू कर दीं. ये कविताएं कम, पहेली ज्यादा थीं. यही पहेलियां आज भी सुलझाई जाती हैं. इन्हीं में सारे रहस्य छुपे हैं, मानने वालों के मुताबिक. ये पहेलियां लैटिन, फ्रेंच, ग्रीक, इटैलियन और कई और भाषाओं के शब्दों को मिलाकर लिखी गई थीं. ये जल्दी समझ नहीं आतीं.

इनकी खासियत ये है कि घटना हो जाती है, उसके बाद पता चलता है कि किस पहेली में क्या कहा गया था.

और इसके बाद नास्त्रेदमस को फ्रांस की रानी कैथरीन ने बुला लिया. नास्त्रेदमस उनके और उनके बच्चों की कुंडलियां तैयार करने लगे. वहीं रहने लगे वो. नास्त्रेदमस की मौत 1566 में हो गई. कहा जाता है कि मरने के एक दिन पहले उन्होंने बता दिया था कि कल मैं मर जाऊंगा.

असली खेल शुरू हुआ नास्त्रेदमस के मरने के बाद

फ्रांस के राजा हेनरी सप्तम मरे और लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि नास्त्रेदमस ने पहले ही बता दिया था. ये ऐसी बात थी जो सबका ध्यान खींचती है. साइंस पढ़ें या जादू, कौन नहीं जानना चाहता भविष्य के बारे में. साइंस पढ़ के भी तो सारे लोग टाइम मशीन ही बनाना चाहते हैं.

नास्त्रेदमस की खूबी ये थी कि उनकी बात किसी को समझ नहीं आती थी. पर लगता था कि कुछ खतरनाक कहा गया है. सारे लोग इनको प्रॉफेट नहीं मानते थे. कुछ लोगों ने तो उसी वक्त इनको फ्रॉड कहना शुरू कर दिया था. पर इनकी बातें तूफान, भूकंप, प्लेग, लड़ाइयां, बाढ़, आक्रमण, कत्ल, सूखा इन्हीं चीजों से जुड़ी रहती थीं. उस वक्त इन चीजों को जानने और समझने का उपाय नहीं था. लड़ाइयां आए दिन होते रहती थीं. तो इनकी बातें लगातार चर्चा में बनी रहीं. ये दौर प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध तक जारी रहा. इसके बाद साइंस आ गया. लोग चांद पर पहुंच गए. पर तुरंत नास्त्रेदमस की किताब से निकाल लिया गया कि इसके बारे में भी लिखा गया है उसमें.
पर इक्कीसवीं शताब्दी में नास्त्रेदमस पर खूब चर्चा हुई है. इतने रिसोर्स आ गए लोगों के पास कि खोजना और बातें करना आसान हो गया. हर भाषा का ट्रांसलेशन सेकंडों में हो जाता है. हर बात को तर्क की कसौटी पर कसना आसान हो गया है. तो इसमें पाया गया कि नास्त्रेदमस के काम में किसी जगह या किसी तारीख का जिक्र नहीं है. बस हर जगह के बारे में नदी, पहाड़ और बिजली गिरने जैसी बातों का उल्लेख है. एक आदमी का आविर्भाव होता है, जो हर बाधा को पार कर देता है. ये सारी चीजें कहानियों में भी होती हैं. अगर आप पुराने जमाने की कहानियों को नाम पता हटाकर पढ़ें तो लगेगा कि आज की कहानी है. अगर महाभारत की कहानियों को ही नाम पता हटाकर पढ़ें तो लगेगा कि आज के नेताओं के बारे में कहा गया है. कहानियों की खूबसूरती यही होती है कि समय जगह के परे वो अपनी मौजूदगी का एहसास करा देती हैं. यही चीज नास्त्रेदमस के साथ हुई.

नास्त्रेदमस के मरने के बाद उनकी किताब पड़ी रही. 1594 में फ्रॉड कहे जाने वाले सैविग्नी ने नास्त्रेदमस की कुछ भविष्यवाणियों के शब्द बदल दिए और अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने लगा. वो उनके साथ पहले भी काम कर चुका था. उसके बाद कई और लोग आ गए जिन्होंने यही काम किया. धीरे-धीरे नास्त्रेदमस की बातें बदल दी गईं. सारी बातें उसी हिसाब से बदली गईं ताकि इसको भविष्यवाणी कहा जा सके. नास्त्रेदमस की किताब किसी धार्मिक किताब की ही तरह है. जैसे आप कुरान, गीता या बाइबिल की कहानियां पढ़ते हैं, उसी तरह नास्त्रेदमस की भी पढ़ सकते हैं. पर नास्त्रेदमस में चालाकी ये है कि इसमें किसी भगवान का जिक्र नहीं है. इसलिए ये भविष्यवाणी लगती है.

प्रोफेसर रैंडी ने नास्त्रेदमस के मानने वालों को बहुत दुख दिया है

लोग भविष्यवाणी का आधार तो रामचरितमानस को भी बना लेते हैं. तुलसीदास के कई दोहे भविष्यवाणी की तरह इस्तेमाल किए जाते हैं. नास्त्रेदमस की किताब पर जेम्स रैंडी नाम के राइटर ने बहुत रिसर्च की. उन्होंने \'द मास्क ऑफ नास्त्रेदमस\' नाम की किताब भी लिखी. इसमें जितना संभव हो सकता है, उतनी रिसर्च की गई है. जेम्स ने बहुत सावधानी से राजनीति, इकॉनमी और इतिहास को ध्यान में रखते हुए नास्त्रेदमस के राइज की कहानी लिखी है. साथ ही नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियों की भी चीर-फाड़ की है. इसमें वो उदाहरणों का भी इस्तेमाल करते हैं. नास्त्रेदमस की सबसे बड़ी भविष्यवाणियों में से एक हिटलर की भविष्यवाणी का जिक्र किया है उन्होंने. नास्त्रेदमस ने लिखा है-

Bestes farouches de faim fleuues tranner,
Plus part du champ encontre Hister sera.
En caige de fer le grand fera treisner,
Quand rien enfant de Germain obseruera.

भूख से पागल जानवर नदियां पार करेंगे. ज्यादातर सैनिक लोवर डैन्यूब के खिलाफ रहेंगे. सबसे बड़ा आदमी एक लोहे के पिंजड़े में कैद किया जाएगा और छोटा भाई कुछ नहीं देखेगा.

नास्त्रेदमस के लिखे में हिस्टर आता है. लोगों ने इसको हिटलर बना लिया. जबकि उनके टाइम में रोमन मैप बने थे. इन मैप में डैन्यूब नदी के निचले हिस्से को हिस्टर कहा जाता था. अगर इसको हिटलर मान भी लिया जाए तो लोहे के पिंजड़े में कैद बड़ा आदमी कौन था? ये नहीं पता.
हालांकि चौपाई पढ़ के ये जरूर लग रहा है कि कुछ बुरा होने वाला है. लेकिन ऐसे डायलॉग तो हिंदी भुतहा फिल्मों के फकीर भी बोलते हैं. रानी का जन्म होगा, वो फिर आएगी, वो बदला लेगी. आसमान काला होगा, जमीन फट जाएगी टाइप का.

En Van bien proche non esloigné de Venus,
Les deux plus grans de VAsie &
d \'Afjrique De Ryn & Hister qu\'on dirá sont venus,
Crys, pleurs á Malte & costé ligustique.

बहुत नजदीक ही वो समय है वीनस से बहुत दूर नहीं है. एशिया और अफ्रीका के दो बड़े लोग, राइन और डैन्यूब नदी के किनारे के, आएंगे. माल्टा और लिगुआरिया में लोग रोएंगे, आंसू गिरेंगे.
अब इसका अर्थ ये लिया गया कि ये द्वितीय विश्व युद्ध के बारे में लिखा गया है. मुसोलिनी और जापान के बारे में लिखा गया है. तभी अफ्रीका और एशिया का जिक्र किया गया है. फिर जर्मनी और इटली को भी इससे जोड़ दिया गया. क्योंकि वीनस लिखा है और वेनिस इटली का मशहूर शहर है.

इसी किताब में सैविग्नी की दी हुई नास्त्रेदमस की उन भविष्यवाणियों का जिक्र है जो कभी सही साबित नहीं हुईं. क्योंकि ये बड़े ही डायरेक्ट तरीके से कही गई हैं. नाम और जगह लेकर. कहा गया है -

# लड़ाई के बाद पेरिस हेनरी चौथे के हाथ में आ जाएगा. (ये शहर उसी समय इसके हाथ में आ गया था जब सैविग्नी ने नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी को लोगों के सामने रखा.)
# पेरिस का लगभग हर आदमी मर जाएगा. (ऐसा नहीं हुआ.)
# हेनरी का शत्रु वनवास को जाएगा. ( ऐसा नहीं हुआ, वो बहुत शानो-शौकत में रहा.)
# हेनरी टर्की और इटली को जीतेंगे. (ये पढ़ के हेनरी शर्मिंदा हो जाएंगे.)
# टर्की देश खुद को क्रिश्चियनटी में कन्वर्ट कर लेगा. (आज भी टर्की में इस्लाम है.)
# हेनरी दुनिया के शहंशाह बनेंगे. (अच्छा?)

1682 में फ्रांस के एक इतिहासकार ने नास्त्रेदमस की मौत के साल 1566 के बारे में कुछ यूं लिखा था:

इस साल वो झूठा मरा है जो पूरी दुनिया में फेमस है. माइकल नास्त्रेदमस. जिसने डींग मारी थी कि वो सब जानता है और भविष्य की सारी बातें बता देगा. जिसके नाम पर बहुत सारे लोगों ने अपनी कल्पनाएं जोड़ दी हैं उसकी बातों में.
पर इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि नास्त्रेदमस अभी तक तो अमर हैं. इतिहास में ऐसे लोगों का रहना जरूरी होता है, जिंदगी में रोचकता बनाए रखने के लिए. सही या गलत, सबका ध्यान तो इनकी तरफ रहता ही है. ऐसे लोग हमारी फैंटेसी में आग लगाते हैं. हमें ये अच्छा लगता है.

 
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बरमूडा ट्रायएंगल से जुड़ी ऐसी 13 बातें, जो कई मिथकों को तोड़ती हैं

बरमुडा ट्रायएंगल - एक ऐसा क्षेत्र जिसकी कहानियां पिछले कई दशकों से लोगों के लिए कौतूहल का विषय रही हैं, जिसके किस्से आज भी बराबर सुनाए जाते हैं. एक त्रिभुज की तरह दिखने वाला ये भौगोलिक क्षेत्र पिछले कई दशकों से कई विमानों और पानी के जहाजों के अस्तित्व के राज़ अपने अंदर समेटे हुए है. अटलांटिक महासागर में स्थित इस क्षेत्र में मियामी, सैन जुआन और बरमूडा के उत्तरी अटलांटिक द्वीप को शामिल किया जाता है.
ऐसा माना जाता है कि बरमूडा ट्रायएंगल के बारे में अजीबोगरीब घटनाओं को सबसे पहले क्रिस्टोफ़र कोलंबस ने नोटिस किया था. अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने पाया कि उनका Compass ठीक से काम नहीं कर रहा है और कुछ दूरी पर उन्हें अजीबोगरीब लाइट्स दिखाई पड़ी थी.
20वीं शताब्दी में इस क्षेत्र के आसपास रहस्यमयी तरीके से गायब होने वाले किसी भी विमान या शिप को अलौकिक ताकतों से जोड़कर देखा गया. ज़ाहिर है, सच्चाई और अफ़वाहों के महीन धागे पर डोलते इस क्षेत्र के किस्से किसी रोमांचक फ़िल्म से कम नहीं हैं.

1. 1964 में सबसे पहले हुआ था बरमूडा ट्रायएंगल शब्द का इस्तेमाल
1964 में पहली बार इस जगह को बरमुडा ट्रायएंगल नाम दिया गया था. इस शब्द के पीछे एक लेखक विंसेंट एच. गैड्डीस का दिमाग था. विसेंट ने मैगजीन Argosy के लिए एक आर्टिकल लिखा था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि इस क्षेत्र में कई जहाज़ और विमान बिना किसी नामोनिशान के गायब हो गए हैं. इसके अगले साल विंसेंट ने इस आर्टिकल को अपनी किताब Invisible Horizons: True Mysteries of the Sea में भी शामिल किया. इस किताब में 9 ऐसी रहस्यमयी घटनाओं के बारे में भी लिखा गया था, जो बरमूडा ट्रायएंगल से जुड़ी हुई थी. ये किताब काफ़ी चर्चित रही और कई अखबारों और मैगजींस ने भी इसके बाद ही बरमू़डा ट्रायएंगल के ऊपर लिखना शुरू किया था. हालांकि इस शब्द को दुनिया में लोकप्रियता 1974 में आई किताब बरमूडा ट्रायएंगल के बाद ही मिली थी.

2. साल-1945, फ्लाइट 19 और बरमूडा ट्रायएंगल
ये सभी जानते हैं कि बरमूडा ट्रायएंगल कई रहस्यमयी घटनाओं की वजह रहा है. यहां कई विमान और जहाज़ लापता हुए हैं, जिनके बारे में आज तक पता नहीं चल सका है. हालांकि इनमें सबसे मशहूर घटना 1945 की है. अमेरिका की फ्लाइट 19 में मौजूद 14 क्रूमैन कुछ मेसेज भेजने के बाद एकाएक लापता हो गए. उसी दिन फ्लाइट 19 को ढूंढने 13 एयरमैन और मरीन का जत्था गया था, लेकिन अमेरिकी प्रशासन उस समय हैरत में पड़ गया, जब ये लोग भी लौट कर वापस नहीं आ पाए. ये दो घटनाएं इतनी रहस्यमयी थी कि दशकों बाद भी इनकी प्रासंगिकता बनी हुई है.

3. दशकों बाद भी यहां रहस्यमयी तरीके से गायब हो रहे हैं विमान
जब भी हम बरमूडा ट्रायएंगल के बारे में बात करते हैं, तो फ्लाइट 19 जैसी दशकों पुरानी घटनाओं का ही ज़िक्र होता है. लेकिन ये क्षेत्र आज भी विमानों और पानी के जहाज़ो के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है.
उदाहरण के तौर पर 2003 में एक कपल अपनी 16 फुट बोट में फ़िशिंग के लिए Beach से निकला, लेकिन फ़िर कभी वापस नहीं आ पाया. हफ़्तों जांच के बाद भी इनके बारे में कुछ पता न चल सका.
2008 में एक विमान Santiago से होते हुए न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुआ. इस विमान में 12 लोग सवार थे. फ्लाइट को रवाना हुए 35 मिनट ही बीते थे कि ये रडार से ओझल हो गया. विमान को ढूंढने के लिए एक बड़ा ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन न तो विमान और न ही यात्रियों का कुछ पता लग पाया.
2015 में भी एक कार्गो शिप फ्लोरिडा से पोर्टो रिको के लिए रवाना हुआ था. इस शिप में 33 यात्री सवार थे. यात्रा के दौरान इस शिप को एक तूफ़ान का सामना करना पड़ा और प्रशासन का इस शिप से संपर्क टूट गया. कई हफ़्तों की गहन जांच के बाद हालांकि अटलांटिक में शिप तो मिला लेकिन किसी भी यात्री का नामो-निशान नहीं मिला.

4. इस जगह को लेकर कई Theories आई हैं सामने
बरमूडा ट्राएंगल को लेकर कई लोगों से लेकर विशेषज्ञों तक अलग-अलग राय है. कुछ लोगों का मानना है कि जो जहाज़ और विमान इस क्षेत्र में गायब हो जाते हैं, वो एक एंटी मैटर दुनिया में चले जाते हैं. ज़ाहिर है, इसका मतलब है कि कई लोग इस दुनिया के पार भी एक Parallel World में भरोसा करते हैं.
कई लोगों का ये भी मानना है कि बरमूडा ट्राएंगल दरअसल एक ऐसी जगह है, जिसे दूसरे Dimension में जाने के लिए एलियंस इस्तेमाल करते हैं. वहीं कुछ का मानना है कि बरमूडा ट्राएंगल में गायब हुए जहाज़ और विमान दरअसल भविष्यकाल या भूतकाल के गर्त में समा जाते हैं.

5. कुछ लोगों का नहीं है Conspiracies Theories में भरोसा
कई लोग ऐसे भी हैं, जो बरमूडा ट्रायएंगल से जुड़ी Conspiracy थ्योरीज़ में विश्वास नहीं करते हैं. इन लोगों का मानना है कि इस क्षेत्र में होने वाली हर घटना कहीं न कहीं प्रकृति से ही जुड़ी हुई है. गौरतलब है कि बरमूडा ट्रायएंगल में होने वाली हज़ारों दुर्घटनाओं और असमय मौत के लिए तूफ़ान को ज़िम्मेदार माना जाता है. इसके अलावा गल्फ़ स्ट्रीम्स को भी यहां होने वाली मौतों के लिए ज़िम्मेदार माना जाता रहा है.
ऐसे विमान जो यहां पानी में लैंड करने की कोशिश करते हैं, या फिर ऐसी बोट्स जिनमें इंजन की समस्या होती है, वे कई दफ़ा बहाव के कारण अपनी निश्चित दिशा से भटक जाते हैं. इसके अलावा Freak Waves को भी रहस्यमयी तरीके से गायब हुए विमानों और जहाज़ो के लिए ज़िम्मेदार माना जाता है. गौरतलब है कि Freak Waves भी वो लहरें हैं, जो एक शांत समुद्र में एकाएक अपनी मौजूदगी दर्ज कराती हैं. कई बार ये लहरें बहाव पर भी निर्भर करती हैं.

6. नई थ्योरी : Hexagonal Clouds
बरमूडा ट्राएंगल को लेकर हालिया थ्योरी Hexagonal Clouds को लेकर जुड़ी हुई है. इस अजीबोगरीब थ्योरी के मुताबिक, Meteorologists ने उत्तरी अटलांटिक समुद्र के ऊपर नोटिस किया था.
इस थ्योरी के मुताबिक, हेक्सागॉनल बादल एयर बॉम्ब का निर्माण करते हैं. ये वो ब्लास्ट्स होते हैं जो आकाश से होते हुए समुद्र की तरफ़ बढ़ते हैं. इसके चलते वे विशालकाय लहरों का निर्माण भी करते हैं. कुछ लोगों का मानना है कि इन एयर बॉम्बस की वजह से कई बार हवाएं 170 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ने लगती हैं. हालांकि ये नई थ्योरी अब भी हेक्सागॉनल बादलों के निर्माण को लेकर एक स्पष्ट राय नहीं बना पाई है. वहीं नासा का मानना है कि हेक्सागॉनल बादल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही आकार ले पाते हैं

7. ब्रुस जर्नोन का बरमूडा ट्रायएंगल अनुभव बेहद दिलचस्प रहा है
ब्रुस जर्नोन नाम के एक शख़्स का बरमूडा ट्रायएंगल को लेकर अनुभव दुनिया भर में काफ़ी चर्चित रहा है. ब्रुस अपने पिता के साथ बिमिनी के लिए उड़ान भर रहे थे. सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन तभी एक इलेक्ट्रॉनिक धुंध ने उनका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया.
जर्नोन ने इस धुंध को बयां करते हुए कहा था कि ये एक अजीबोगरीब बादल था जो मियामी shore पर मंडरा रहा था. हमने उसे इ्ग्नोर करने की कोशिश की और हमें लगा कि हम ऐसा कर चुके हैं. लेकिन हमें थोड़ी ही देर बाद एहसास हुआ कि हम इस धुंध के खिलाफ़ नहीं बल्कि इस धुंध की तरफ़ ही उड़ रहे थे. सबसे अजीब ये था कि ये धुंध अब एक अजीबोगरीब सुरंग की तरह दिखाई पड़ रही थी. हमारा नेविगेशन सिस्टम बंद हो चुका था और हमें कुछ दिखाई नहीं दे रहा था और ऐसा लग रहा था कि हम मुसीबत में फंस चुके हैं.
लेकिन हैरानी की बात ये थी कि ये इलेक्ट्रॉनिक धुंध जर्नोन और उसके पिता को नुकसान पहुंचाने की जगह उनके रुट के लिए शॉर्टकर्ट में तब्दील हो गई. इस रहस्यमयी धुंध ने भले ही उनकी यात्रा को प्रभावित किया हो लेकिन वे 75 मिनट में पहुंचने की जगह अपने गंतव्य तक केवल 45 मिनट में पहुंच चुके थे

8. दुनिया के सबसे खतनाक समुद्र की लिस्ट में बरमूडा ट्रायएंगल को शुमार नहीं किया गया है
2013 में दुनिया के सबसे खतरनाक समंदरों की एक लिस्ट तैयार की गई थी. हैरानी की बात ये थी कि इस लिस्ट में बरमूडा ट्राएंगल जगह नहीं बना पाया था. इस लिस्ट में दक्षिण चीनी समुद्र, Black Sea, पूर्वी Mediterranean जैसे समुद्र शामिल थे. इस रिपोर्ट से ये भी सामने आया था कि समुद्र के ट्रैफिक में खासी बढ़ोतरी हुई है खासकर दक्षिण पूर्वी एशिया में ये समस्या काफ़ी ज्यादा है. गौरतलब है कि पिछले एक दशक में दक्षिण चीन समुद्र में शिपिंग के सबसे ज़्यादा दुर्घटनाएं देखी गई हैं

9. अमेरिका का कोस्ट गार्ड नहीं मानता बरमूडा ट्राएंगल को कोई खतरा
अमेरिका का कोस्ट गार्ड भी बरमू़डा ट्रायएंगल को पानी के जहाजों के लिए कोई खतरा नहीं मानता है. कोस्ट गार्ड के मुताबिक, ये क्षेत्र केवल एक ऐसी जगह है जिससे कई सारे मिथक जुड़े हुए हैं और इससे जुड़ी ज़्यादातर घटनाएं केवल अफ़वाहें और प्रोपेगेंडे
कोस्टगार्ड का मानना है कि इसे कई लोग एक प्रोपगेंडा के तौर पर इस्तेमाल करते हैं. उदाहरण के तौर पर, 1972 में SS VA Fogg में धमाका होने और डूबने के बाद तलाशी के दौरान कई लाशों की बरामदगी हुई थी लेकिन बरमुडा ट्रायएंगल के समर्थन में प्रोपेगेंडा करने वाली एक रिपोर्ट का कहना था कि सिवाए इस शिप के कप्तान के, सभी लाशें गायब हो चुकी थी

10. बरमूडा ट्राएंगल को किसी प्रोपगेंडा से कम नहीं समझते कुछ संदेहवादी लोग
कुछ शंकाशील, संशयात्मक और संदेहवादी लोगों का मानना है कि बरमुडा ट्राएंगल कुछ नहीं बल्कि अफ़वाहों का पुलिंदा भर है और जब जब इससे जुड़ी घटनाओं की तह तक पहुंचने की कोशिश हुई है, तब तब ये किस्से सच्चाई से कोसो दूर नज़र आए. लेकिन चूंकि बरमूडा ट्राएंगल Urban legend बन चुका है और इससे जुड़े प्रोपगेंडा से लोग पैसे कूटने में कामयाब रहे हैं, ऐसे में साल दर साल इससे जुड़े तथ्यों को मेनस्ट्रीम मीडिया सनसनीखेज़ बनाकर परोसता रहा है और इससे जुड़ी रिसर्च की गई सामग्री को अक्सर दरकिनार कर दिया जाता है.

11. ये थ्योरी तो कमाल है
कुछ Conspiracy Theorists ये भी मानते हैं कि बरमूडा ट्राएंगल के बीचोंबीच सरकार ने एक टेस्टिंग बेस का निर्माण किया है. इस टेस्टिंग सेंटर को अंडरवॉटर एरिया 51 भी कहा जाता है. माना जाता है कि ये टॉप सीक्रेट सुविधा है औऱ सामान्य लोगों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. कई लोगों का ये भी मानना है कि इस जगह पर सरकार एलियंस या दूसरी दुनिया के लोगों के साथ काम करती है.

12. बरमुडा ट्राएंगल मिस्ट्री: सॉल्वड.
Lawrence Kusche एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी में लाइब्रेरियन थे और वे बरमूडा ट्राएंगल की रहस्यमयी कहानियों से काफी प्रभावित थे. अपनी जिज्ञासा को शांत करने के लिए उन्होंने इस मामले की खुद तहकीकात करने की ठानी थी.
उन्होंने अपनी रिसर्च के लिए बरमुडा ट्राएंगल से जुड़ी कई रिपोर्ट्स को तलाश किया था और बरमुडा़ ट्राएंगल से जुड़ी उस किताब का भी गहन अध्ययन किया था जिसकी वजह से इसे जबरदस्त अटेंशन मिली थी. इस बुक का नाम था बरमुडा ट्राएंगल जिसे चार्ल्स बर्लिट्ज ने लिखा था.
लॉरेंस ने गहन जांच के बाद अपनी रिसर्च को 1975 में आई किताब में छापा था. इस किताब का नाम था - बरमुडा ट्राएंगल मिस्ट्री: सॉल्वड. उनका कहना था कि चार्ल्स की किताब और चश्मदीदों के बयानों में फर्क था. इसके अलावा कई रहस्यमयी घटनाएं जिनका ज़िक्र चार्ल्स की किताब में है, वह दरअसल बरमुडा ट्राएंगल में हुई ही नहीं थी बल्कि ये घटनाएं इस क्षेत्र के काफ़ी बाहर बताई जाती है.

13. अमेरिका की मेरिन इंश्योरेंस उठा चुकी है इस क्षेत्र के अस्तित्व पर ही सवाल
1992 में लंदन में स्थित मैरिन इंश्योरेंस मार्केट ने एक इंटरव्यू में बताया था कि बरमूडा़ ट्राएंगल में गायब हो जाने वाले विमानों और जहाजों की संख्या बाकी क्षेत्रों की तुलना में अलग नहीं है. गौरतलब है कि ऐसा माना जाता रहा है कि बरमूडा ट्राएंगल में गायब हुए विमान और डूबे हुए जहाजों की संख्या बाकी क्षेत्रों से कहीं ज्यादा है और इंश्योरेंस कंपनियां यहां जाने वाले विमानों और जहाजों के लिए ज़्यादा चार्ज करती थी.

 
73
 
20 days
 
Sam's Son

Some funny but heart touching facts.

👉Airports have seen more affectionate hugs than Wedding Halls..

👉The walls of Hospitals have heard more sincere prayers than the walls of Temples, Masjids & Churches.

👉Good Days or Bad Days depend on your thinking. What you call " Suffocation" in local train becomes an "Atmosphere" in Disco.

👉Pizza always confuses us. It comes in a square box. When you open it, its round. When you start eating it, its triangle. Life & People are like Pizza. Looks different. Appear different & Behave absolutely different.

👉Position matters..!!!!
7 Apple: Rs.170/-
Apple 7: Rs.70,000/-

 
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24 days
 
mumbai..

Some Fullforms of important words : -

1.) *GOOGLE* - Global Organization Of Oriented Group Language Of Earth.
2.) *YAHOO* - Yet Another Hierarchical Officious Oracle.
3.) *WINDOW* - Wide Interactive Network Development for Office work Solution.
4.) *COMPUTER* - Common Oriented Machine Particularly United and used under Technical and Educational Research.
5.) *VIRUS* - Vital Information Resources Under Siege.
6.) *UMTS* - Universal Mobile Telecommunicati ons System.
7.) *AMOLED* - Active-matrix organic light-emitting diode.
8.) *OLED* - Organic light-emitting diode.
9.) *IMEI* - International Mobile Equipment Identity.
10.) *ESN* - Electronic Serial Number.
11.) *UPS* - Uninterruptible power supply.
12. *HDMI* - High-Definition Multimedia Interface.
13.) *VPN* - Virtual private network.
14.) *APN* - Access Point Name.
15.) *SIM* - Subscriber Identity Module.
16.) *LED* - Light emitting diode.
17.) *DLNA* - Digital Living Network Alliance.
18.) *RAM* - Random access memory.
19.) *ROM* - Read only memory.
20.) *VGA* - Video Graphics Array.
21.) *QVGA* - Quarter Video Graphics Array.
22.) *WVGA* - Wide video graphics array.
23.) *WXGA* - Widescreen Extended Graphics Array.
24.) *USB* - Universal serial Bus.
25.) *WLAN* - Wireless Local Area Network.
26.) *PPI* - Pixels Per Inch.
27.) *LCD* - Liquid Crystal Display.
28.) *HSDPA* - High speed down-link packet access.
29.) *HSUPA* - High-Speed Uplink Packet Access.
30.) *HSPA* - High Speed Packet Access.
31.) *GPRS* - General Packet Radio Service.
32.) *EDGE* - Enhanced Data Rates for Globa Evolution.
33.) *NFC* - Near field communication.
34.) *OTG* - On-the-go.
35.) *S-LCD* - Super Liquid Crystal Display.
36.) *O.S* - Operating system.
37.) *SNS* - Social network service.
38.) *H.S* - HOTSPOT.
39.) *P.O.I* - Point of interest.
40.) *GPS* - Global Positioning System.
41.) *DVD* - Digital Video Disk.
42.) *DTP* - Desk top publishing.
43.) *DNSE* - Digital natural sound engine.
44.) *OVI* - Ohio Video Intranet.
45.) *CDMA* - Code Division Multiple Access.
46.) *WCDMA* - Wide-band Code Division Multiple Access.
47.) *GSM* - Global System for Mobile Communications.
48.) *WI-FI* - Wireless Fidelity.
49.) *DIVX* - Digital internet video access.
50.) *APK* - Authenticated public key.
51.) *J2ME* - Java 2 micro edition.
52.) *SIS* - Installation source.
53.) *DELL* - Digital electronic link library.
54.) *ACER* - Acquisition Collaboration Experimentation Reflection.
55.) *RSS* - Really simple syndication.
56.) *TFT* - Thin film transistor.
57.) *AMR*- Adaptive Multi-Rate.
58.) *MPEG* - moving pictures experts group.
59.) *IVRS* - Interactive Voice Response System.
60.) *HP* - Hewlett Packard.

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🙏🙏

 
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25 days
 
mumbai..

जब भी रानी एलिजाबेथ की मृत्यु होगी तो दुनिया को इस बारे में बेहद अनोखे ढंग से पता चलेगा

इस साल अप्रैल में 91 साल की होने जा रही इंग्लैंड की रानी एलिजाबेथ, फिलहाल ठीक है. लेकिन उनकी खराब सेहत लंबे समय से राजभवन के लिए चिंता का सबब बनी हुई है. शायद यही कारण है कि इंग्लैंड के प्रशासन ने उनकी गिरती सेहत देखते हुए एक भावभीनी श्रद्धांजलि देने का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है.
महारानी एलिजाबेथ की मृत्यु हो जाने की खबर को बकिंगम पैलेस से इस अनोखे और सिलेसिलेवार तरीके से दुनिया में जारी किया जाएगा और जनता के सामने इसे कैसे सार्वजनिक किया जाएगा, इस बारे में बकिंघम पैलेस ने एक गुप्त कोड जारी किया है.

सबसे पहले इस खबर का आधिकारिक ऐलान सर क्रिस्टोफ़र गेइड्ट करेंगे. क्रिस्टोफ़र महारानी एलिजाबेथ के प्राइवेट सेक्रेटी हैं. क्रिस्टोफर प्रधानमंत्री को इसकी सूचना देंगे. रानी एलिजाबेथ की मौत का सीक्रेट कोड 'लंदन ब्रिज इस डाउन' है. इन चार शब्दों को बोलने के बाद ऑपरेशन लंदन ब्रिज शुरु हो जाएगा, जिसका काम होगा पूरी दुनिया को महारानी एलिजाबेथ की मौत के बारे में सिलेसिलेवार तरीके से जानकारी देना.
प्रधानमंत्री को सूचना मिलने के बाद, फॉरेन ऑफिस ग्लोबल रिस्पॉन्स सेंटर उन 15 सरकारों को सूचना देंगे, जहां क्वीन अब भी हेड ऑफ स्टेट बनी हुई हैं. इन देशों में कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, बहामास और बेलिज़ जैसे देश शामिल है. राष्ट्रमंडल के 36 देशों को इसके बाद इस बारे में सूचित किया जाएगा.
महारानी एलिजाबेथ की मौत पर राजभवन की वेबसाइट पर काले बैकग्राउंड में उनकी मौत की ख़बर होगी, जबकि बहुत ही कम शब्दों में इसकी जानकारी अख़बारों के ज़रिये दी जायेगी. इसके बाद एक प्रेस एसोसिएशन दुनिया भर की मीडिया को न्यूज़ अलर्ट भेजेगा. हालांकि, सोशल मीडिया के जमाने में इसकी काफ़ी संभावनाएं हैं कि लोग फेसबुक या ट्विटर के माध्यम से इस ख़बर के बारे में पहले ही जानकारी जुटा लेंगे.
इस दौरान बीबीसी का रेडियो एलर्ट ट्रांसमिशन सिस्टम एक्टिवेट हो जाएगा. ये एक कॉल्ड वार अलार्म होगा, जिसे बीबीसी के स्टाफ ने भी केवल टेस्टिंग के दौरान ही सुना होगा. शाही घराने के विशेषज्ञों को पहले ही स्काई न्यूज़ और आईटीएन जैसी मीडिया संस्था बुक कर चुकी हैं, वहीं एंकर इस दौरान काले कपड़ों में नज़र आएंगे.

प्रिंस चार्ल्स महारानी की मौत के बाद किंग चार्ल्स हो जाएंगे. वहीं प्रिंस विलियम अब वेल्स के प्रिंस होंगे और उनकी पत्नी कैथरीन वेल्स की प्रिसेंस कहलाएंगी. ग्रेट ब्रिेटेन 12 दिनों के लिए आधिकारिक विलाप में चला जाएगा, वहीं मरने के दो हफ्तों बाद महारानी का क्रियाकर्म किया जाएगा.
गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में ही महारानी ने घोषणा की थी कि वे 600 में से 25 संस्थाओं को छोड़ देगीं जहां वे सरपरस्त की तरह काबिज थी. 21 अप्रैल को महारानी एलिजाबेथ 91 साल की होने जा रही हैं. दुनिया भर के दिग्गज राजनेताओं को इस दौरान आमंत्रित किया जाएगा. कई रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें St. George\'s Chapel में अपने पिता के बगल में ही दफनाया जाएगा.

दफनाने से पहले महारानी के शरीर को जनता के सामने भी लाया जाएगा. Westminster हॉल इस दौरान 23 घंटे खुला होगा और लोग चाहें तो यहां आकर महारानी के पार्थिव शरीर के दर्शन कर सकते हैं. महारानी के ताबूत के आगमन होने पर एक छोटी सी सेरेमनी का इंतजाम किया जाएगा. महारानी के मरने के 12 दिन बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

 
83
 
33 days
 
Sam's Son

*अतिउपयोगी 29 घरेलू नुस्‍खे...!!*​

👉🏽 1. तेज सिरर्दर्द से छुटकारा पाने के लिए सेब को छिल कर बारीक काटें। उसमें थोड़ा सा नमक मिलाकर सुबह खाली पेट खाएं।

👉🏽 2. (Periods) में दर्द से छुटकारा पाना के लिए ठंडे पानी में दो-तीन नींबू निचोड़ कर पिये।

👉🏽 3. शरीर पर कहीं जल गया हो, तेज धूप से त्वचा झुलस गई हो, त्वचा पर झुर्रियां हों या कोई त्वचा रोग हो तो कच्चे आलू का रस निकालकर लगाने से फायदा होता हैं।

👉🏽 4. मक्खन में थोड़ा सा केसर मिलाकर रोजाना लगाने से काले होंठ भी गुलाबी होने लगते हैं।

👉🏽 5. मुंह की बदबू से परेशान हों तो दालचीनी का टुकड़ा मुंह में रखें।
मुंह की बदबू तुरंत दूर हो जाती हैं।

👉🏽 6. बहती नाक से परेशान हों तो युकेलिप्टस(सफेदा) का तेल रूमाल में डालकर सूंघे। आराम मिलेगा।

👉🏽 7. कुछ दिनों तक नहाने से पहले रोजाना सिर में प्याज का पेस्ट लगाएं।
बाल सफेद से काले होने लगेंगे।

👉🏽 8. चाय पत्ती के उबले पानी से बाल धोएं, इससे बाल कम गिरेंगे।

👉🏽 9. बैंगन के भरते में शहद मिलाकर खाने से अनिद्रा रोग का नाश होता है।
ऐसा शाम को भोजन में भरता बनाते समय करें।

👉🏽 10. संतरे के रस में थोड़ा सा शहद मिलाकर दिन में तीन बार एक-एक कप पीने से गर्भवती की दस्त की शिकायत दूर हो जाती हैं।

👉🏽 11. गले में खराश होने पर सुबह-सुबह सौंफ चबाने से बंद गला खुल जाता हैं।

👉🏽 12. सवेरे भूखे पेट तीन चार अखरोट की गिरियां निकालकर कुछ दिन खाने मात्र से ही घुटनों का दर्द समाप्त हो जाता हैं।

👉🏽 13. ताजा हरा धनिया मसलकर सूंघने से छींके आना बंद हो जाती हैं।

👉🏽 14. प्याज का रस लगाने से मस्सो के छोटे-छोटे टुकड़े होकर जड़ से गिर जाते हैं।

👉🏽 15. प्याज के रस में नींबू का रस मिलाकर पीने से उल्टियां आना तत्काल बंद हो जाती हैं।

👉🏽 16. गैस की तकलीफ से तुरंत राहत पाने के लिए लहसुन की 2 कली छीलकर 2 चम्मच शुद्ध घी के साथ चबाकर खाएं फौरन आराम होगा।

👉🏽 17. मसालेदार खाना खाएं मसालेदार खाना आपकी बंद नाक को तुरंत ही खोल देगा।

👉🏽 18. आलू का छिलका आपकी त्वचा पर ब्लीच की तरह काम करता है। इसे लगाने से आपकी काली पड़ी त्वचा का रंग सुधरता है।
इसलिए आज के बाद आलू के छिलके को फेके नहीं बल्कि उनका इस्तेमाल करें।

👉🏽 19. यदि आपको अकसर मुंह में छाले होने की शिकायत रहती है तो रोज़ाना खाना खाने के बाद गुड को चूसना ना भूलें। ऐसा करने छाले आपसे बहुत दूर रहेंगे।

👉🏽 20. पतली छाछ में चुटकी भर सोडा डालकर पीने से पेशाब की जलन दूर होती ह

👉🏽 21. प्याज और गुड रोज खाने से बालक की ऊंचाई बढती हैं।

👉🏽 22. रोज गाजर का रस पीने से दमें की बीमारी जड़ से दूर होती हैं।

👉🏽 23. खजूर गर्म पानी के साथ लेने से कफ दूर होता हैं।

👉🏽 24. एक चम्‍मच समुद्री नमक लें और अपनी खोपड़ी पर लगा लें। इसे अच्‍छी तरह से मसाज करें और ऐसा करते समय उंगलियों को गीला कर लें। बाद में शैम्‍पू लगाकर सिर धो लें। महीने में एक बार ऐसा करने से रूसी नहीं होगी।

👉🏽 25. अगर आपके नाखून बहुत कड़े हैं तो उन्‍हे काटने से पहले हल्‍के गुनगुने पानी में नमक डालकर, हाथों को भिगोकर रखें। और 10 मिनट बाद उन नाखूनों को काट दें। इससे सारे नाखून आसानी से कट जाएंगे।

👉🏽 26. शरीर में कहीं गुम चोट लग जाए या नकसीर आए तो बर्फ की सिकाई बहुत फायदेमंद होती हैं।

👉🏽 27. अगर कोई कीड़ा-मकोड़ा काट ले, तो तुरंत कच्चे आलू का एक पतला टुकड़ा काटकर उस पर नमक लगाकर कीड़े के काटे हुए स्थान पर 5-7 मिनट तक रगड़ें।जलन और दर्द गायब हो जाएगा।

👉🏽 28. बवासीर से छुटकारा पाने के लिए सुबह खाली पेट 2 आलू-बुखारे खाए

👉🏽 29. दांत के दर्द से छुटकारा पाने के लिए अदरक का छोटा सा टुकड़ा चबाएं। दर्द तुरंत दूर हो जाएगा....!!

 
389
 
38 days
 
DDLJ143

*1 महीने पीएं मेथी का पानी, शरीर के हर पार्ट में आएगा ये चमत्कारिक बदलाव*



🌼घर पर आसानी से मिल जाने वाली मेथी में इतने सारे गुण है कि आप सोच भी नहीं सकते है। यह सिर्फ एक मसाला नहीं है बल्कि एक ऐसी दवा है जिसमें हर बीमारी को खत्म करने का दम है। आइए आज हम आपको मेथी के पानी के कुछ चमत्कारिक तरीके बताते हैं।

*करें ये काम*

🌼एक पानी से भरा गिलास ले कर उसमें दो चम्‍मच मेथी दाना डाल कर रातभर के लिये भिगो दें। सुबह इस पानी को छानें और खाली पेट पी जाएं। रातभर मेथी भिगोने से पानी में एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी ऑक्‍सीडेंट गुण बढ जाते हैं। इससे शरीर की तमाम बीमारियां चुटकियों में खत्म हो जाती है। आइए आपको बताते है कि कौन सी है वो खतरनाक 7 बीमारियां जो भाग जाएंगी इस पानी को पीने से।

*वजन होगा कम*

🌼यदि आप भिगोई हुई मेथी के साथ उसका पानी भी पियें तो आपको जबरदस्‍ती की भूख नहीं लगेगी। रोज एक महीने तक मेथी का पानी पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है।

*गठिया रोग से बचाए*

🌼इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होने के नातेए मेथी का पानी गठिया से होने वाले दर्द में भी राहत दिलाती है।

*कोलेस्‍ट्रॉल लेवल घटाए*

🌼बहुत सारी स्‍टडीज़ में प्रूव हुआ है कि मेथी खाने से या उसका पानी पीने से शरीर से खराब कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल कम होकर अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल बढ़ता है।

*ब्लड प्रेशर होगा कंट्रोल*

🌼मेथी में एक galactomannan नामक कम्‍पाउंड और पोटैशियम होता है। ये दो सामग्रियां आपके ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करने में बड़ी ही सहायक होती हैं।

*कैंसर से बचाए*

🌼मेथी में ढेर सारा फाइबर होता है जो कि शरीर से विषैले तत्‍वों को निकाल फेंकती है और पेट के कैंसर से बचाती है।

*किडनी स्‍टोन*

🌼अगर आप भिगोई हुई मेथी का पानी 1 महीने तक हर सुबह खाली पेट पियेंगे आपकी किडनी से स्‍टोन जल्‍द ही निकल जाएंगे।

*मधुमेह*

🌼मेथी में galactomannan होता है जो कि एक बहुत जरुरी फाइबर कम्‍पाउंड है। इससे रक्‍त में शक्‍कर बड़ी ही धीमी गति से घुलती है। इस कारण से मधुमेह नहीं होता।

🌳इस जानकारी को अपने मित्रो और शुभचिंतको तक पहुचाने के लिए कृपया शेयर जरुर करें

 
300
 
38 days
 
Jain Rajendra
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