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ये हैं भारत के वो ऐतिहासिक युद्ध, जो महिलाओं के सम्मान या उनके प्रेमवश लड़े गए थे

अमर वीर गाथाओं का देश है भारत. यहां आन-बान की रक्षा के लिए लोगों ने जान तक कुर्बान कर दी है. इस देश की महिलाएं भी धरती के सम्मान औेर अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने से कभी नहीं चूकीं. यहां जब-जब महिलाओं का अपमान हुआ, खून की नदियां बही हैं. क्योंकि हमारे लिए स्त्री सदैव आदरणीय और पूजनीय रही है. आज मैं आपको देश में हुए उन युद्धों बताने जा रहा हूँ , जो औरतों के सम्मान, प्रेम और अस्मिता की रक्षा के लिए लड़े गए.

1. रामायण
रामायण की प्रमुख महिला पात्र देवी सीता का रावण द्वारा अपहरण किए जाने के बाद श्रीराम ने लंका पर चढ़ाई कर दी. रावण ने सीता का अपहरण करके अपनों बहन शूर्पणखा का बदला लेना चाहा था. शूर्पणखा श्रीराम से विवाह करना चाहती थी, लेकिन वो शादीशुदा होने के कारण ऐसा नहीं कर सकते थे. शूर्पणखा द्वारा लगातार विवाह का दबाव बनाए जाने और सीता को नुकसान पहुंचाने की धमकियों के बीच परेशान लक्ष्मण ने उसकी नाक काट दी थी. इससे चिढ़ा हुआ रावण सीता से जबरन विवाह करना चाहता था. शांति प्रयासों के असफल होने के बाद श्रीराम ने वानर सेना की मदद से लंका पर आक्रमण करके सीता को छुड़ाया. इस दौरान रावण के पूरे साम्राज्य और परिवार का विनाश हो गया और उसके भगवतप्रेमी भाई विभीषण को लंका का नया राजा बनाया गया.

2. महाभारत
महाभारत की पटकथा भी जाने-अनजाने एक औरत के कारण ही लिखी गई थी. पांचाल नरेश की बेटी द्रौपदी ने दुर्योधन के गलती से पानी में पैर रख देने पर उसका मज़ाक उड़ाया था. बदला लेने को दुर्योधन ने अपने भाई और द्रौपदी के पति युधिष्ठिर को पासा खेलने में हरा दिया और छल से द्रौपदी को भी जीत लिया. इसके बाद उसने अपने भाई दुशासन से कहा कि भरी सभा में उसे जबरन लाए और उसका चीर हरण करे. इसके बाद जो हुआ सभी जानते हैं. द्रौपदी का सम्मान तो श्रीकृष्ण ने बचा लिया, लेकिन द्रौपदी ने कसम खाई कि जब तक दुर्योधन के रक्त से अपने बाल नहीं धोएगी, अपने बालों को नहीं बांधेगी. परिणाम जो हुआ, वो महाभारत था.

3. श्रीकृष्ण का रुक्म से युद्ध
भगवान श्रीकृष्ण की पत्नी रुक्मिणी से उनका विवाह एक युद्ध के बाद हुआ था. विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी भगवान कृष्ण से प्रेम करती थीं और उनसे विवाह करना चाहती थीं. रुक्मिणी के पांच भाई थे- रुक्म, रुक्मरथ, रुक्मबाहु, रुक्मकेस तथा रुक्ममाली. रुक्मिणी सर्वगुण संपन्न तथा अति सुन्दरी थीं. उनके माता-पिता उनका विवाह कृष्ण के साथ करना चाहते थे, किंतु रुक्म चाहता था कि उसकी बहन का विवाह चेदिराज शिशुपाल के साथ हो. यह कारण था कि कृष्ण को रुक्मिणी का हरण कर उनसे विवाह करना पड़ा था. इस दौरान शिशुपाल और रुक्म दोनों से श्रीकृष्ण की सेना को युद्ध करना पड़ा था.

4. पृथ्वीराज चौहान और मुहम्मद गोरी के बीच तराइन का युद्ध
कन्नौज के राजा जयचंद और दिल्ली के राजपूत राजा पृथ्वीराज चौहान के बीच नहीं बनती थी. चौहान के शौर्य और साहस से जयचंद को ईर्ष्या होती थी. इस बीच जयचंद की बेटी संयोगिता और पृथ्वीराज के बीच प्रेम पनप गया, जो जयचंद को कतई मंज़ूर नहीं था. उसने संयोगिता का स्वयंवर रचाया और देश के सभी राजकुमारों को इसमें आमंत्रित किया, लेकिन पृथ्वीराज को नहीं. साथ ही उन्हें अपमानित करने के लिए उसने उनकी एक मूर्ति को अपने दरवाज़े पर द्वारपाल के रूप में लगवाया. लेकिन संयोगिता ने सबको दरकिनार करके पृथ्वीराज की मूर्ति के गले में जयमाला पहना दी.तभी पृथ्वीराज चौहान, जो मूर्ति के पीछे छुपे थे, सामने आ गए और संयोगिता को सबके विरोध के बावजूद भगा ले गए. इसका बदला लेने के लिए जयचंद ने पृथ्वीराज से हारे हुए मोहम्मद गोरी को दुबारा हमला करने को उकसाया और साथ देने का वादा किया. इस कारण तराइन का एक और युद्ध हुआ.

5. चित्तौड़ पर अलाउद्दीन खिलजी का हमला
चित्तौड़ की रानी पद्मिनी की खूबसूरती से आकर्षित होकर अलाउद्दीन खिलजी किसी भी तरह उन्हें पाना चाहता था. उन्हें पाने के पागलपन में अलाउद्दीन ने चित्तौड़गढ़ पर हमला कर दिया. पद्मिनी के पति महाराजा रतन सिंह और उनके आदमियों ने बहादुरी से युद्ध किया, लेकिन वो खिलजी के हाथों हारे और मारे गए. हालांकि अलाउद्दीन का यह प्रयास विफल रहा क्योंकि चित्तौड़गढ़ किले की अन्य महिलाओं सहित रानी पद्मिनी ने 'जौहर' यानि आत्मदाह कर लिया था.

6.औरंगजेब का राजद्रोह
कहा जाता है कि शाहजहां द्वारा पत्नी मुमताज महल की याद में ताजमहल बनवाने में किए गए बेलगाम खर्च से औरंगजेब परेशान था. इसके अलावा शाहजहां काले ताजमहल को भी बनवाने का ख्वाब रखता था. इससे और भी खर्च होता. भाइयों से सत्ता संघर्ष और पिता का भाई दारा शिकोह के प्रति ज़्यादा स्नेह होने के अलावा औरंगजेब द्वारा पिता शाहजहां को कैद करने और मारने के प्रयासों के पीछे ये भी एक कारण था.

7. सलीम का विद्रोह
माना जाता है अनारकली से अकबर का बेटा सलीम यानि जहांगीर बेहद प्रेम करता था. उससे शादी करना चाहता था. लेकिन मुग़ल सम्राट इस रिश्ते के लिए किसी हाल में राज़ी नहीं हो रहे थे, क्योंकि अनारकली राजदरबार में नृत्य करती थी. इसलिए सलीम ने अपने पिता यानि सम्राट अकबर के खिलाफ विद्रोह कर दिया गया था, जिसे अकबर ने दबा दिया.

 
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728 days
 
Sam's Son

Bitcoin के बारे में 8 रोचक तथ्य जो आपको नहीं पता होगा

1. सातोशी नकामोतो  की मौजूदगी अभी भी रहस्यमय है -

सातोशी  नकामोतो वह नाम है जिसका इस्तेमाल उस इंसान ने किया जिसने bitcoin का निर्माण किया लेकिन इसकी असली पहचान अभी भी संदेहास्पद है , कई सालों तक इससे बहुत से लोगों का नाम जुड़ा जैसे Nick Szabo, Dorian Nakamoto ,Hal Finney , Craig Steven Wright and others.कुछ लोगों का यह कहना है की नाकमोतो एक टीम है जिसने bitcoin का निर्माण किया , मई 2017 तक नाकामोतो के पास 1 मिलियन bitcoin था जिसकी कीमत लगभग $2 बिलियन था.

2.Bitcoin की संख्या स्थायी है -

आपने bitcoin माइनिंग के बारे में तो सुना ही होगा जिसके ज़रिये bitcoin को digitally generate किया जाता है , इसका मतलब यह नहीं है की आप अनगिनत bitcoin generate कर सकते है , bitcoin की संख्या को स्थायी कर दिया गया है अभी तक लगभग 21 मिलियन bitcoin generate किया जा चूका है लेकिन आगे इसकी माइनिंग का तरीका बहुत ही कठिन होने वाला हैं .

3.Senders/Receiver की जानकारी जानना नामुनकिन है -

जैसा की आप जानते है की बित्कोइन का address 34 अल्फानुमेरिक अक्षरों से मिलकर बना होता है जिससे senders या reciever की दूसरी जानकारी जानना नामुनकिन है जिसके कारण जो अवैध लेन देन होता है वो ज्यादातर बित्कोइन के ज़रिये ज्यादा होने लगा है इससे बचने के लिए कुछ वॉलेट कंपनी यूजर को id प्रदान करती है जिससे लेने या भेजने वाले की जानकारी हो .

4.बित्कोइन का इस्तेमाल सबसे पहले पिज़्ज़ा आर्डर के लिए किया गया -

बित्कोइन का सबसे पहला लेनदेन सातोशी और Hal Finney के बिच 2009 में हुआ सबसे पहला खरीदी एक पिज़्ज़ा का हुआ जिसकी कीमत $25 थी जिसको खरीदने के लिए 10,000 बित्कोइन्स का खर्च हुआ .

5.बित्कोइन का नेटवर्क सुपर कंप्यूटर के नेटवर्क से ज्यादा ताकतवर है -

यह तथ्य मेरा पर्सनल सबसे पसंदीदा तथ्य है , अगर हम एक्सपर्ट्स की माने तो बित्कोइन के नेटवर्क की कंप्यूटिंग क्षमता 2,046,364 pflop/s है और अगर हम दुनिया के 500 सुपर कंप्यूटर की ताकत को मिलाये तो उनकी कंप्यूटिंग क्षमता सिर्फ 274 pflop/s है जो बित्कोइन के नेटवर्क से काफी ज्यादा कम है .

6.बित्कोइन को अंतरिक्ष में भी भेजा गया है -

साल 2016 में जेनेसिस माइनिंग जो की एक बित्कोइन क्लाउड माइनिंग कंपनी है उसने बित्कोइन को अंतरिक्ष में भेजा था, इसको भेजने के लिए एक 3D बित्कोइन मॉडल और एक बित्कोइन पेपर वालेट का इस्तेमाल किया गया in दोनों चीजों को एक गुब्बारे से बांध दिया गया था इस पुरे प्रक्रिया को रिकॉर्ड किया गया gopro द्वारा , एक बार जब गुब्बारा 20km की ऊँचाई पर पहुच गया तब पेपर वॉलेट में लेनदेन किया गया उसके बाद दूसरा लेनदेन किया गया जब गुब्बारा 34km की अधिकतम ऊँचाई पर पहुँच गयी .

7.FBI के पास दुनिया की सबसे बड़ी बित्कोइन वॉलेट है -

जब FBI ने सिल्क रोड ऑपरेशन को बंद किया तो उसने उसके मालिक की सारी संपत्ति को भी जब्त कर लिया जिसके कारण यह हुआ की FBI दुनिया की सबसे ज्यादा अमीर बित्कोइन मालिक बन गयी एक magzine की रिपोर्ट के मुताबिक़ FBI के पास लगभग $120 मिलियन के बित्कोइन का नियंत्रण है .

8.बित्कोइन वॉलेट का खोना मतलब सारे बित्कोइन का खो देना -

जिस  तरह आप अपना पैसा अपने बैंक अकाउंट में जमा करते है ठीक उसी प्रकार आप अपने बित्कोइन को बित्कोइन वॉलेट में जमा रखते है यह एक बहुत ही ज्यादा सिक्योर वॉलेट होता है लेकिन अगर किसी कारण आप अपना वॉलेट खो देते है तो आपने जितना भी बित्कोइन जमा किया है उस वॉलेट में वो सारे गुम हो जायेंगे .

 
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B P S R

जानिए कैसे लड़कियां करती हैं फ्लर्ट

अक्सर आपकी कोई लड़की दोस्त ने आपसे शिकायत करती होगी कि कोई लड़का उनसे फ्लर्ट कर रहा था जिसका वो अच्छे से जवाब देकर आई है या उन्होंने ध्यान ही नहीं दिया। हमेशा फ्लर्ट को लड़कों के साथ ही जोड़कर देखा जाता है। परंतु क्या यह सही है। क्या सिर्फ लड़के ही लड़कियों को रिझाने के लिए फ्लर्ट करते हैं या लड़कियां भी इसमें शामिल हैं। तो आपको बता दूं कि फ्लर्ट करने के मामले में लड़कियां कहीं से पीछे नहीं हैं बल्कि पुरूषों से कहीं आगे ही हैं। परंतु सवाल है कि आखिर कैसे पहचाने कि लड़की आपसे फ्टर्ल कर रही है। कई ऐसे साइन हैं जिन्हें देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि लड़की आपसे फ्लर्ट कर रही है।

1. सेक्सी आई कॉन्टैक्ट

लड़की आपसे फ्लर्ट कर रही है इसका पहला सिग्नल यह है कि वह बेहद ही सेक्सी अंदाज में आपसे आई कॉन्टैक्ट करेगी। अर्थात जब वो आपको देखेगी तो उसके देखने का अंदाज बेहद ही अलग होगा। उसे देखकर ही आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वह आपसे कुछ पाना चाहती है या फिर कुछ कहने की सोच रही है। फ्लर्ट के दौरान महिला आपसे ज्यादा देर तक आई कांन्टेक्ट रखेंगी और फिर नजरों को खास अंदाज में झुका लेगी। [

2. कातिल मुस्कान

फ्लर्ट करने के लिए जरूरी नहीं है​ कि लड़की आपको पहले से जानती हो। बल्कि पहली मुलाकात या पहली बार नजर मिलने पर भी यह सि​लसिला आपके साथ हो सकता है। जैसे— आपने किसी लड़की की ओर देखा और बस एक सेक्सी सी आईकॉन्टैक्ट के साथ आपको एक प्यारी सी मुस्कान दे तो समझें कि वह आपसे क्या चाहती है। मुस्कान किसी के प्रति प्यार, लगाव और झुकाव का यूनिवर्सल साइन है और कितना भी रोकने की कोशिश करें उसके सामने यह चेहरे पर आ ही जाता है जिसे आप पसंद करते हैं। फ्लर्ट के दौरान का मुस्कान एक अलग तरह का होगा जो आपको अपनी ओर खींचने की कोशिश करेगा।

3. ज्यादा नजदीकी

साधारणत: आप किसी से बात करते हैं तो लगभग 18 इंच की फासला रखते हैं। परंतु जब कोई लड़की आपसे फ्लर्ट करेगी तो बातचीत के दौरान आपके ज्यादा नजदीक आने की कोशिश करती है। अक्सर आपका उसका टच हो जाएगा। हो सकता है कि कुछ ही देर में यह टच दो से तीन बार भी हो। इस तरह से टच के लिए वह माफी भी मांग सकती है या कोई दूसरा एक्सक्यूज दे सकती है लेकिन आप समझें कि वह आपसे फ्लर्ट कर रही है और कुछ ही दिनों में आपसे प्यार का ​इजहार भी हो सकता है।

4. सेक्सी जोक

जैसा कि हमने पहले भी कहा कि फ्लर्ट करने में म​हिलाएं पुरूषों से ज्यादा माहिर होती हैं। ऐसे में यदि लड़की आपसे बातों—बातों में फ्लर्ट कर रही है और उसे समझ नहीं रहे तो हो सकता है कि आपको इसका अहसास कराने के लिए वो कोई सेक्सी जोक जिसे आप अल्डट जो भी कह सकते हैं करे। यह एक मजबूत इंटीकेशन है कि वह आपसे फ्लर्ट कर रही है।

5. थोड़ी टची

यह सुनने में आपको भले ही थोड़ा अटपटा लगे लेकिन सच है। वैसे तो लड़कियां लड़कें से बराबर दूरी बनाए रखती हैं लेकिन फ्लर्ट करने के दौरान वो ज्यादा टची होने की कोशिश करेंगी। हालांकि इस दौरान वो आपको अहसास कराएंगी कि जान बुझकर नहीं किया गया है अनजानें में हो गया ​लेकिन जिस तरह से टच होगा उससे आप समझ सकते हैं कि यह फ्लर्ट है। कई बार तो ऐसा टच हो सकता है कि आप भी थोड़े नर्वस हो जाएंगे। जैसे- बैठने के दौरान वो आपके कंधे या पैरे से अपना हाथ रख दे या पास होने से गलती से बॉडी टच करने का आभास दे तो समझ जाएं कि यह फ्लर्ट है।

6. दोहरे मतलब की हों बातें

लड़किंया जब फ्लर्ट करती हैं तो लड़कों से कहीं ज्यादा खुलकर बातें करती हैं। ऐसे में अक्सर वो आपसे कुछ दोहरे मिनिंग वाली बातें करेंगी। जिसे आप समझ कर मुस्कुरा सकते हैं और यह जान सकते हैं कि वह आपसे फ्लर्ट कर रही है। वहीं आपको आपके अंदाज में जवाब देंगी। जैसे— यह सिर्फ देखने के लिए है टच करने के लिए नहीं।

7. बातो बातों में

वैसे तो आपने भी गौर किया होगा कि लड़कियां अक्सर किसी लड़के से बात करने की पहल नहीं करती लेकिन जब अचानक से कोई लड़की आपसे अपनेपन का अहसास दिखाए और जयादा बातें करने की कोशिश करे तो समझें कि वह आपसे फ्लर्ट कर रही है। किसी बहाने से वह बात को लंबा खींचने को कोशिश करेगी ताकी आप ज्यादा से ज्यादा समय तक उसके साथ रहें और उसके भाव को समझें। यदि आप भी उस लड़की को पसंद करते हैं तो समझें कि यह आपके लिए एक अच्छा सिग्नल है प्यार का पहल हो गया है बस आपके हामी की इंतजार है।

8. खुला आमंत्रण

लड़की जब आपसे फ्लर्ट करती है तो हो सकता है​ कि अपनी ओर आपका ध्यान आकर्षि​त करने के लिए कुछ अलग तरह की बातें करे या हरकतें करे। अपने हाथों को रब करे या अपने शरीर को टच करे। जैसे— गर्दन पर बांहों पर हाथ फेरे इत्यादि। इतना ही नहीं संकेत यह भी है कि आप शाम उसे कॉफी के लिए आमंत्रित करेंगे तो आपको निराश नहीं होना पड़ेगा। अगर वो बार-बार अपने बालों को ठीक करे या अपनी लटों में उंगलियां धुमाने लगे तो सीधा संकेत है कि आप उसे आकर्षक लग रहे हैं और आपसे वो कुछ कहना चाहती है।

9. कुछ ओपन

अगर लड़की फ्लर्टिंग की कला में माहिर है और आपको किसी भी हाल में पाना चाहती है तो बहुत ही स्मार्टली सिर्फ उतनी ही स्किन रिवील करेगी। इससे आप उसकी ओर ध्यान देंगे और उसे मौका मिल जाएगा अपनी बातों को आपसे कहने का। वो चाहेगी कि उसे देखकर आप उसके ही ख्यालों में खो जाएं।

10. मदद

फलर्ट करने के लिए जरूरी नहीं कि लड़की आपको पहले से जानती हो। बल्कि छोटे से मुलकात में भी यदि आप पसंद आ जाते हैं तो उसकी हर कोशिश ऐसी होगी जिससे कि आप उसके थोड़े नजदीक आएं। इस काम में उनका सबसे बड़ा हथियार मदद की मांग होती है। क्या आम मेरी थोड़ी मदद कर सकते हैं। इस समान को घर तक ले जाने में आप मेरी सहायता कर सकते हैं। ये फ्लर्ट के आप सिग्नल हैं। क्योंकि इसी से बात की शुरुआत होगी जो आगे बढ़ सकती है।

11. थोड़ा घबराना

फ्लर्ट का एक साइन यह भी है कि अगर वो आपको पसंद करती है तो आप जैसे ही उसे देखेंगे, वो अपने कपड़े ठीक करने लगेगी। टॉप को या कुर्ते के बटन को ठीक करने लगेगी या बालों को संवारने लगेगी।

12. हॉले हॉले

जो महिला फ्लर्ट करने में माहिर होती है उसे पता है​ कि कैसे पुरूषों को जल्द से बस में किया जा सकता है। ऐसे में वे अपनी आवाज का भी बखूबी इस्तेमाल करती है। आपके कानों के पास आकर सेक्सी अंदाज में धीरे से बात करेगी जिससे आप समझ जाएं कि क्या चाहती है वो।

13. हां में हां ना में ना

जब लड़की आपसे फ्लर्ट कर रही है तो आपको इंप्रेस करने की कर कोशिश करती है। आपके आपके काम में उसे मजा आने लगता है और वह आपके हां और ना में ना मिलाती है। रह-रह कर आपको सराहा भी करेगी जिससे कि आप नेाटिस करें। इतना ही नहीं फ्लर्ट का एक साइन यह भी है कि वह आपके फ्यूचर के बारे में भी जानने के लिए उत्सुक होगी।

 
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732 days
 
Sam's Son

दोस्तों हान्ग कान्ग की कम्पनी Mazuma अपने भारत में एफिलिएट का वर्क लान्च करने जा रही है , जिसमें कुछ बेवसाइट और विडियो देखना तथा कुछ एप्स डाइन लोड करना होगा । ये सारा काम हमारे मोबाइल पर ही होगा । ( मतलब अब हम अपने मोबाइल से बातों के साथ पैसे भी कमा सकते हैं। )
इतना ही वर्क करने पर हमें इन्कम मिलेगी जो डिपेन्ड करेगी हमारे पैकेज 📦 खरीदने पर ।
MAZUMA की शुरुआत Starter पैकेज से होती है जो हमारा रजिस्टरेशन होता है। जो मात्र $20 का होता है इसपर भी हम कम से कम $ 1 प्रति सप्ताह, अधिक से अधिक जितना हम काम करेगे । 52 सप्ताह तक....
Starter पैक के ऊपर हम $ 100 से $10000 तक टापअप कर सकते हैं । जैसा टापअप वैसा वर्क इन्कम । जो इसप्रकार है :-

➡$100 :- $6 प्रति सप्ताह 52 सप्ताह
➡$250 :- $15 प्रति सप्ताह 52 सप्ताह
➡$500 :- $25 प्रति सप्ताह 52 सप्ताह
➡$1000 :- $ 45 प्रति सप्ताह 52 सप्ताह
➡$2000 :-$ 85 प्रति सप्ताह 52 सप्ताह
➡$5000 :-$ 210 प्रति सप्ताह 52 सप्ताह
➡ 10000 $ 400 $ per week 52 week.

ए इन्कम कम से कम वर्क इन्कम है और अधिक भी हम काम करके कमा सकते हे ।

इसमे स्पोन्सरिन्ग , वर्किन्ग इन्कम भी बहुत ही खूबसूरत है:-
🎈1.:-Introduction Income $ 20 के Starter pack से $ 15 हमको आएगा। हम अनलिमिटेड Sponsor कर सकते है ।
🎈2:- टापअप इन्कम :
Har direct to up per 10 % Har bar.
🎈3:- लेवल इन्कम :
हमारे टीम के सदस्य जो भी एफिलिएट वर्क से इन्कम करेंगे उस इन्कम पर -
1 लेवल से 10 %
2 लेवल से 5 %
3 लेवल से 2 %
4 से 13 लेवल तक 1%
14 se 21 tak 0.50 %
नोट :- लेवल इन्कम हमारे टापअप पर निर्भर करती है।
❤APPRAISAL BONUS❤
If u direct top up 2 ids by 100 $ u get position
(1) Cordinater 3 %
(2) Executive 5%
(3) Sr. Executive 6%
(4) Manager 7%
(5) Sr Manager 8 %
(6) Director 9%
(7) president 10 %
(8) Ambassador 11 %
🎈4 :- (A) लेवरेज इन्कम: रिवार्ड :-
यदि हम 5 -3-2 का मैट्रिक पूरा करते हैं ओर वे सब -
$100 से टापअप करते हैं , तो हमें - $500 और बेन्गकाक का टूर मिलेगा।
$250 से टापअप करते हैं , तो हमें - $750 और दुबइ का टूर मिलेगा।
$500 से टापअप करते हैं , तो हमें - $1250 और सिन्गापुर +मलेशिया का टूर मिलेगा।
$1000 से टापअप करते हैं , तो हमें - $2500 और दुबइ कपल टूर मिलेगा।
$2000 से टापअप करते हैं , तो हमें - $5000 और सिन्गापुर +मलेशिया कपल का टूर मिलेगा।
$5000 से टापअप करते हैं , तो हमें - $15000 और मोरिशस कपल टूर मिलेगा।
10000 $ per 25000 $ plus car

🎈5 :- (B) लेवरेज इन्कम: रिवार्ड :-
यदि हम 10 -6-3 का मैट्रिक पूरा करते हैं ओर वे सब -
$100 से टापअप करते हैं , तो हमें - $2500 और Apple Mcbook Air मिलेगा।
$250 से टापअप करते हैं , तो हमें - $3750 और Switzerland का टूर मिलेगा।

💯 % है न जबरदस्त वर्किन्ग प्लान .......
Withdrawl in Bank,Perfect money and bidcoin.
Bidcoin perfect money deduction 5 %
Bank waya no deduction only bank charge.

 
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654 days
 
Shubhiii

Do you Know why IRCTC does not allow you to choose seats? Would you believe that the technical reason behind this is PHYSICS.

Booking a seat in a train is far more different than booking a seat in a theatre.

Theatre is a hall, whereas train is a moving object. So safety concern is very high in trains.

Indian railways ticket booking software is designed in such a way that it will book tickets in a manner that will distribute the load evenly in a train.

Let me take an example to make things more clear : Imagine there are sleeper class coaches in a train numbered S1, S2 S3... S10, and in every coach there are 72 seats.

So when some one first books a ticket, software will assign a seat in the middle coach like S5, middle seat numbered between 30-40, and preferably lower berths (Railways first fills the lower berths than upper one so as to achieve low centre of gravity.)

And the software books seats in such a way that all coaches have uniform passenger distribution and seats are filled starting from the middle seats (36) to seats near the gates i.e 1-2 or 71-72 in order from lower berth to upper.

Railways just want to ensure a proper balance that each coach should have for equal load distribution.

That is why when you book a ticket at the last, you are always allotted an upper berth and a seat numbered around 2-3 or 70, except when you are not taking a seat of someone who has cancelled his/her seat.

What if the railways book tickets randomly ? A train is a moving object which moves around at a speed of around 100km/hr on rails.
So there are a lot of forces and mechanics acting on the train.

Just imagine if S1, S2, S3 are completely full and S5, S6 are completely empty and others are partially full. When the train takes a turn, some coaches face maximum centrifugal force and some minimum, and this creates a high chance of derailment of the train.

This is a very technical aspect, and when brakes are applied there will be different braking forces acting at each of the coaches because of the huge differences in weight of coach, so stability of train becomes an issue again.

I felt that this is a good information worth sharing, as often passengers blame the Railways citing inconvenient seats/ berths allotted to them.

 
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788 days
 
Hemang 25/7

🙏😊 Very important 🙏

For those who get up at night from sleep to urinate or early morning.

Pls note this as very important for all as shared by a doctor.

Each individual must take note of the three ½ minutes. Why is it important?

Three ½ minutes will greatly reduce the number of sudden deaths. Often this occurs when a person who still look healthy, has died in the night. We hear stories of people suddenly die? The reason is that when you wake up at night to go to the bathroom, it is often done in a rush. Immediately when stand up, the brain lacks blood flow.

Why "three ½ minutes" is very important?

In the middle of the night when you are awakened by the urge to urinate for example, ECG pattern can change. Because getting up suddenly, the brain which is anaemic can lead to heart failure due to lack of blood.

Hence, always practice " three ½ minutes", which are:

1. When waking from sleep, lie in bed for the first ½ minute;

2. Sit in bed for the next ½ minute;

3. Lower your legs, sitting on the edge of the bed for the last ½ minute.

After three ½ minutes, you will not have an anaemic brain and heart will not fail, reducing the possibility of a fall or sudden death.

 
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883 days
 
Jasmine

ये महिला जासूस मर्दों को रिझाने में माहिर थी

जासूसी का जब भी नाम आता है तब सबके ज़हन में शेरलॉक हॉम्स, ब्योमकेश बख्शी, करम चंद जैसे जासूसों की तस्वीर आ जाती है l लेकिन ऐसा नहीं है, महिलाओं ने भी जासूसी से पूरी दुनिया को अपना लोहा मानने पर मजबूर किया है। महिला जासूसों की रोमांचक और हैरान कर देने वाली सच्ची कहानियों में इस बार बात कर रहे हैं उस महिला जासूस की जिसको जर्मनी के लिए जासूसी करने के आरोप में मौत की सजा दी गई थी।

पूरी दुनिया में महिला जासूसों की चर्चा होते ही \'माता हारी\' का नाम सबसे पहले आता है। 1876 में नीदरलैंड में जन्मी माता हारी का असली नाम Margaretha Geertruida Zelle McLeod। हिटलर के लिए जासूसी करने के आरोप में जान गंवाने वाली यह महिला सिर्फ़ एक जासूस ही नहीं थी बल्कि एक बेहतरीन डांसर भी थी, जो इसका पेशा था।

जेले को अपने जिस्म की नुमाइश के लिए मजबूर होना पड़ा था। वह अपने पति को छोड़ चुकी थी, जो नीदरलैंड की शाही सेना में अधिकारी था और इंडोनेशिया में तैनात था l
जेले ने भारतीय कामकला के रहस्यपूर्ण अर्थों को समझा (तभी उसे माता हारी का नाम मिला) और उसके इस नए अवतार का जादू लोगों के दिलो-दिमाग पर छा गया।
अपने जलवों के लिए मशहूर माता हारी 1905 में जर्मनी के लिए फ्रांस की जासूसी करने पेरिस पहुंची थी। नृत्य में खास अंदाज़ की वजह से उन्हें बहुत जल्दी लोकप्रियता मिली। शायद उनका डांस ही था जिसकी वजह से वह लोगों के बीच फेमस होती चली गईं।
ऐसा माना जाता है कि माता हारी हिटलर और फ्रांस दोनों के लिए जासूसी किया करती थीं। हालांकि उनकी मौत के बहुत बाद सत्तर के दशक में जब जर्मनी के गोपनीय दस्तावेज बाहर आए तो इस बात से पर्दा उठ गया कि वह जर्मनी के लिए ही जासूसी करती थी। जासूसी के आरोप में उन्हें वर्ष 1917 में फ्रांस में गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि जब तक उन पर मुकदमा चला तब तक उन्होंने कभी नहीं माना कि वे एक जासूस हैं।

मुकदमे में उन पर गुप्त जानकारी दुश्मन पक्ष को देने का आरोप सिद्ध हुआ। सज़ा के तौर पर आंखों पर पट्टी बांध कर उन्हें गोली मार दी गई।
वे लगातार इस बात का विरोध करती रहीं। उन्होंने कोर्ट में कहा था कि मैं सिर्फ़ एक डांसर हूं, इसके अलावा और कुछ भी नहीं।

 
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717 days
 
Sam's Son

क्या आप जानते हैं -?
विश्व की सबसे बड़ी लंगर सेवा - हरमंदर साहिब ( गोल्डन टेम्पल ) अम्रतसर में होती है

अनुमान के मुताबिक़ 1 लाख श्रद्धालु रोजाना देश विदेश से यहां दर्शनार्थ आते हैं - और लंगर प्रसादी ग्रहण
( छकते ) करते हैं

साल दर साल जब से हरमंदर साहिब ( गोल्डन टेम्पल ) गुरुद्वारे का निर्माण हुवा है - ( लगभग 450 साल ) तब
से ही ये सेवा अनवरत जारी है

ये अपने आप में विश्व रिकार्ड है और गिनीज बुक में दर्ज है

यह सिखों के पवित्र स्थल का वह निशुल्क - रसोई घर है जहाँ एक
लाख (1,00,000) लोग प्रति दिन लंगर छकते है

भारत का पहला ऐसा मुफ्त रसोई घर जहाँ 2 लाख रोटियाँ और 1.5 टन दाल रोज़ाना बनती है

यह आंकड़ा विशेष मौकों एवं छुट्टियों के दिनों में दोगुना भी हो जाता है
परन्तु लंगर में कभी - कमी नहीं आती

सामान्य तौर पर लंगर में 7000 किलो आटा ,1200 किलो चावल ,1300 किलो दाल , 500 किलो शुद्ध
देसी घी रोज़ाना इस्तेमाल होता है

इस रसोई घर में लंगर बनाने के लिए तरह - तरह की तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है
जैसे लकड़ी का ,LPG गैस का और इलेक्ट्रॉनिक रोटी बनाने की मशीन का

अनुमानतः 100 सिलिंडर एवं 500 किलो लकड़ी प्रति दिन इस्तेमाल
होती है एवं तकरीबन 450 सेवादार इस निशुल्क रसोई घर में सेवा करते है

जिसमे बाहर से आयी संगत भी सेवा में लग जाती है ,जिसकी संख्या सैंकड़ों में होती है
इस सेवा के अंतर्गत सब्जियें साफ़ करना ,उन्हें छिलना - काटना व धोना

इसके साथ ही हजारो श्रद्धालुओं द्वारा जुठे बर्तनों के सफाई की सेवा - बड़े चाव व श्रद्धा से की जाती है

इस रसोई घर का सालाना बजट हजारों करोड़ो में है

सिक्ख गुरुओं का ये पहला सन्देश है कि प्रथ्वी पर कोई भी जीव आत्मा भूखी ना रहे
पहले भूखे जीव को भोजन,तत्पश्चात भजन
इस महान प्रेरणादायी लंगर सेवा और सन्देश को - देश
भर में सब को बताये - जो वास्तव में तारीफ़ के काबिल है

🌷🔔🌷🔔🌷🔔🌷🔔🌷
🎀वाहेगुरु जी का खालसा🎀 -
🎀🙏वाहेगुरु जी की फ़तेह 🙏🎀

 
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660 days
 
25th NOVEMBER

कभी सोचा है लोग क्यों पहनते हैं उल्टे हाथ में घड़ी, इसके पीछे इतिहास भी है और विज्ञान भी

दुनिया में हर सवाल का जवाब होता है और कई बार उनका भी जवाब होता है जो आपके लिए कभी सवाल नहीं थे. ऐसा ही एक जवाब के साथ हम हाज़िर हैं आपके पास कि क्यों अधिक्तर लोग उल्टे यानि बाएं हाथ में ही घड़ी पहनते हैं. हो सकता है आपने इस बारे में कभी नहीं सोचा हो लेकिन इसके पीछ विज्ञान भी है और इतिहास भी.

पहले करते हैं इतिहास की बात
दरअसल पहले वक्त में घड़ी में पट्टा नहीं हुआ करता था. पहले चेन वाली घड़ी होती थीं जिसे लोग जेब में रखा करते थे. ये घड़ी Boer War यानि दक्षिण अफ्रीका के किसानों की लड़ाई के वक्त ज़्यादा लोकप्रिय हुई थी. अधिकारी अपनी कलाई में चेन लगा लेदर का पट्टा बांध कर घड़ी जेब में रखते ​थे. कुछ समय बाद घड़ी का बड़ा आकार और जल्दी टूटने वाला नाज़ुक कांच अधिकारियों के लिए सिरदर्द बन गया. इसे सुरक्षित रखने के लिए लोग इसे अपने बाएं हाथ में पहनने लगे क्योंकि उससे वो कम काम करते थे, जिससे घड़ी को टूटने से बचाया जा सकता था.

अब आती है विज्ञान की बात
दुनिया में ज़्यादातर लोग सीधे हा​थ से काम करते हैं. जब पट्टे वाली घड़ी लोग पहनने लगे, तो उन्हें उल्टे हाथ में पहन कर काम करना ज़्यादा आसान लगने लगा. इससे वो काम करते वक्त उल्टे हाथ से समय देख सकते हैं और सीधे हाथ से काम भी कर सकते हैं. कुछ लोग डिजिटल घड़ी भी पहनते हैं, ऐसे में घड़ी में कुछ सेटिंग उल्टे हाथ के मुकाबले सीधे हाथ से ज़्यादा आसान है.
लोग घड़ी उस हाथ में पहनते हैं जिससे वो कम काम करते हैं, Right Handed लोग उल्टे हाथ में और Left Handed लोग सीधे हाथ में पहनना पसंद करते हैं.

 
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706 days
 
Sam's Son

Lawrence Anthony, a legend in South Africa and author of 3 books
Including the bestseller, The Elephant Whisperer.

He bravely rescued wildlife and rehabilitated elephants all over the globe from human atrocities, including the courageous rescue of Baghdad Zoo animals during the US invasion in 2003.

On 7th March, 2012 Lawrence Anthony died. He is remembered and missed by his wife, 2 sons, 2 grandsons, and numerous elephants.

Two days after his passing, the wild elephants showed up at his home led by two large matriarchs. Separate wild herds arrived in droves to say goodbye to their beloved 'man-friend'.

A total of 31 elephants had patiently walked over 112 miles to get to his South African House.

Witnessing this spectacle, humans were obviously in awe not only because of the supreme intelligence and precise timing that these elephants sensed about Lawrence's passing, but also because of the profound memory and emotion the beloved animals evoked in such an organized way:

Walking slowly for days, making their way in a solemn one-by-one queue from their habitat to his house. Lawrence's wife, Francoise, was especially touched, knowing that the elephants had not been to his house prior to that day for well over 3 years! But yet they knew where they were going.

The elephants obviously wanted to pay their deep respects, honoring their friend who'd saved their lives - so much respect that they stayed for 2 days and 2 nights without eating anything. Then one morning they left........, making their long journey back home.

SOMETHING IN THE UNIVERSE IS GREATER
AND DEEPER THAN HUMAN INTELLIGENCE.

 
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875 days
 
Jasmine
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