Amazing Info (463 | sorted randomly)

Beware an ant uprising! There are one million ants for every human in the world. These resilient creatures also never sleep and do not have lungs...🐜🐜🐜

 
82
 
601 days
 
Shubhiii

ये है दुनिया में तस्करी होने
वाली प्रमुख चीज़ें, अरबो-
खरबो का होता है खेल

1. जानवरों की तस्करी, 126000 करोड़ रुपए
सालाना का कारोबारजानवरों की तस्करी खासकर विकासशील देशों में
हो रही है। भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान जैसे देश में जानवर तस्कर
मौजूद हैं। तमाम शिकारी और व्यापारी इससे करोड़ों का
लेनदेन करते हैं। इसके अलावा कई आतंकी संगठन भी
इस गैर कानूनी तस्करी कारोबार में शामिल हैं। बहुत सारे
देशों में जानवरों की तस्करी को लेकर कोई सख्त कानून न
होने के वजह से इनकी तस्करी और
कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है। साल 2005 में ऑस्ट्रेलिया के
कस्टम विभाग ने एक महिला को दुर्लभ प्रजाति की 51 ट्रॉपिकल
फिश के साथ पकड़ा गया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार
में 819 करोड़ रुपए आंकी गई थी। वहीं
2013 में तस्करों से 480 गैंडे के सींग बरामद किए गए, जिसका
इस्तेमाल एशियाई देशों में दवाइयां बनाने में किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय
रिपोर्ट्स के मुताबिक जानवरों की तस्करी का कारोबार
लगभग 126000 करोड़ रुपए का सालाना कारोबार होता है।

2. खनिज पदार्थों की तस्करी, सोना सबसे ज्यादा
क्रोमाइट, कोयला, सोना, लोहा, और कीमती पत्थरों और
खनिज की तस्करी का नेटवर्क पूरी दुनिया में
फैला है। अकेले अफगानिस्तान में ही यह इसके विदेशी
व्यापार का कुल 20-25 फीसदी हिस्से के रूप में आंका
जाता है। वहीं कांगो जैसे देश में हर साल 3150 करोड़ रुपए तक के
सोने की तस्करी की जाती है। भारत
में भी सोने की तस्करी बड़े पैमाने पर
होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय इतिहास में
पहली बार सोने की तस्करी 1000 करोड़ रुपए
के पार पहुंच गई है। कस्टम, पुलिस और रेवेन्यू विभाग ने वित्त वर्ष
2014-15 के दौरान तस्करी के लिए लाया ले जाया गया 3500 किलो
सोना जब्त किया है। इसकी कीमत 1100 करोड़ रुपए है।
2012-13 के दौरान 100 करोड़ रुपए कीमत का 350 किलो सोना
जब्त किया गया था।

3. हथियारों की तस्करी, 60 अरब डॉलर का कारोबार
किसी भी देश की पुलिस और सेना को कानून
और व्यवस्था बनाए रखने के लिए हथियारों की जरूरत
पड़ती है। ये हथियार इन्हें सरकार द्वारा मुहैया कराए जाते हैं। अगर
यह हथियार गलत हाथों में चले जाएं तो इसके प्रयोग से काफी
काफी जान माल को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। दुनिया में
आतंकवाद की प्रमुख वजह हथियार और हथियारों की
तस्करी है। हर साल हजारों भरी मशीन गन,
ग्रेनेड, पोर्टेबल एंटी एयरक्राफ्ट गन, एंटी टैंक्स गन्स
और एंटी एयर क्राफ्ट मिसाइल की तस्करी
बड़े पैमाने पर एक देश से दूसरे देश मे होती है। गैर
कानूनी हथियारों की तस्करी का बाजार 60 अरब
डॉलर प्रति वर्ष का है।

4. ड्रग्स
ड्रग्स दुनिया में सबसे अधिक तस्कर होने वाली पांच चीजों
में शामिल है। ड्रग्स की तस्करी के लिए सबसे अधिक
खच्चरों का इस्तेमाल किया जाता है। खच्चरों के इस्तेमाल से ड्रग्स तस्करों के
खुद पकड़े जाने का रिस्क काफी कम हो जाता है, इन पशुओं को
बाकायदा इस काम के लिए किराए पर रखा जाता है। वहीं ड्रग्स
की तस्करी गाड़ियों से, कपड़ों में छिपाकर और
शरीर के विभिन्न अंगों के जरिए भी की
जाती है। दुनिया में सबसे ज्यादा अफगानिस्तान अफीम
की गैर कानूनी सप्लाई होती है।
इसी देश में अफीम का सबसे ज्यादा उत्पादन होता
भी है। वहीं नॉर्थ अमेरिका और कनाडा में सबसे अधिक
ड्रग्स का सेवन किया जाता है। यहां इन्हें गोलियों के रूप में खाया जाता है।

 
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494 days
 
B P S R

If someone gives you advice, respond with "you're right". It sounds more diplomatic than "I know."

 
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indyan

पाण्डव पाँच भाई थे जिनके नाम हैं
1. युधिष्ठिर 2. भीम 3. अर्जुन
4. नकुल। 5. सहदेव

( इन पांचों के अलावा , महाबली कर्ण भी कुंती के ही पुत्र थे , परन्तु उनकी गिनती पांडवों में नहीं की जाती है )

यहाँ ध्यान रखें कि. पाण्डु के उपरोक्त पाँचों पुत्रों में से युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन
की माता कुन्ती थीं ..तथा , नकुल और सहदेव की माता माद्री थी ।

वहीँ .. धृतराष्ट्र और गांधारी के सौ पुत्र...
कौरव कहलाए जिनके नाम हैं
1. दुर्योधन 2. दुःशासन 3. दुःसह
4. दुःशल 5. जलसंघ 6. सम
7. सह 8. विंद 9. अनुविंद
10. दुर्धर्ष 11. सुबाहु। 12. दुषप्रधर्षण
13. दुर्मर्षण। 14. दुर्मुख 15. दुष्कर्ण
16. विकर्ण 17. शल 18. सत्वान
19. सुलोचन 20. चित्र 21. उपचित्र
22. चित्राक्ष 23. चारुचित्र 24. शरासन
25. दुर्मद। 26. दुर्विगाह 27. विवित्सु
28. विकटानन्द 29. ऊर्णनाभ 30. सुनाभ
31. नन्द। 32. उपनन्द 33. चित्रबाण
34. चित्रवर्मा 35. सुवर्मा 36. दुर्विमोचन
37. अयोबाहु 38. महाबाहु 39. चित्रांग 40. चित्रकुण्डल41. भीमवेग 42. भीमबल
43. बालाकि 44. बलवर्धन 45. उग्रायुध
46. सुषेण 47. कुण्डधर 48. महोदर
49. चित्रायुध 50. निषंगी 51. पाशी
52. वृन्दारक 53. दृढ़वर्मा 54. दृढ़क्षत्र
55. सोमकीर्ति 56. अनूदर 57. दढ़संघ 58. जरासंघ 59. सत्यसंघ 60. सद्सुवाक
61. उग्रश्रवा 62. उग्रसेन 63. सेनानी
64. दुष्पराजय 65. अपराजित
66. कुण्डशायी 67. विशालाक्ष
68. दुराधर 69. दृढ़हस्त 70. सुहस्त
71. वातवेग 72. सुवर्च 73. आदित्यकेतु
74. बह्वाशी 75. नागदत्त 76. उग्रशायी
77. कवचि 78. क्रथन। 79. कुण्डी
80. भीमविक्र 81. धनुर्धर 82. वीरबाहु
83. अलोलुप 84. अभय 85. दृढ़कर्मा
86. दृढ़रथाश्रय 87. अनाधृष्य
88. कुण्डभेदी। 89. विरवि
90. चित्रकुण्डल 91. प्रधम
92. अमाप्रमाथि 93. दीर्घरोमा
94. सुवीर्यवान 95. दीर्घबाहु
96. सुजात। 97. कनकध्वज
98. कुण्डाशी 99. विरज
100. युयुत्सु

( इन 100 भाइयों के अलावा कौरवों की एक बहनभी थी. जिसका नाम""दुशाला""था,
जिसका विवाह"जयद्रथ"सेहुआ था )

 
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315 days
 
Shubhiii

💠 गर्म पानी के फायदे 💠

1⃣ अगर आप स्किन प्रॉब्लम्स से परेशान हैं या ग्लोइंग स्किन के लिए तरह-तरह के कॉस्मेटिक्स यूज करके थक चूके हैं तो रोजाना एक गिलास गर्म पानी पीना शुरू कर दें। आपकी स्किन प्रॉब्लम फ्री हो जाएगी व ग्लो करने लगेगी।

2⃣ लड़कियों को पीरियड्स के दौरान अगर पेट दर्द हो तो ऐसे में एक गिलास गुनगुना पानी पीने से राहत मिलती है। दरअसल इस दौरान होने वाले पैन में मसल्स में जो खिंचाव होता है उसे गर्म पानी रिलैक्स कर देता है।

3⃣ गर्म पानी पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर हो जाते हैं। सुबह खाली पेट व रात्रि को खाने के बाद पानी पीने से पाचन संबंधी दिक्कते खत्म हो जाती है व कब्ज और गैस जैसी समस्याएं परेशान नहीं करती हैं।

4⃣ भूख बढ़ाने में भी एक गिलास गर्म पानी बहुत उपयोगी है। एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू का रस और काली मिर्च व नमक डालकर पीएं। इससे पेट का भारीपन कुछ ही समय में दूर हो जाएगा।

5⃣ खाली पेट गर्म पानी पीने से मूत्र से संबंधित रोग दूर हो जाते हैं। दिल की जलन कम हो जाती है। वात से उत्पन्न रोगों में गर्म पानी अमृत समान फायदेमंद हैं।

6⃣ गर्म पानी के नियमित सेवन से ब्लड सर्कुलेशन भी तेज होता है। दरअसल गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान बढ़ता है। पसीने के माध्यम से शरीर की सारे जहरीले तत्व बाहर हो जाते हैं।

7⃣ बुखार में प्यास लगने पर मरीज को ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। गर्म पानी ही पीना चाहिए बुखार में गर्म पानी अधिक लाभदायक होता है।

8⃣ यदि शरीर के किसी हिस्से में गैस के कारण दर्द हो रहा हो तो एक गिलास गर्म पानी पीने से गैस बाहर हो जाती है!

9⃣ अधिकांश पेट की बीमारियां दूषित जल से होती हैं यदि पानी को गर्म कर फिर ठंडा कर पीया जाए तो जो पेट की कई अधिकांश बीमारियां पनपने ही नहीं पाएंगी।

🔟 गर्म पानी पीना बहुत उपयोगी रहता है इससे शक्ति का संचार होता है। इससे कफ और सर्दी संबंधी रोग बहुत जल्दी दूर हो जाते हैं।

1⃣1⃣ दमा ,हिचकी ,खराश आदि रोगों में और तले भुने पदार्थों के सेवन के बाद गर्म पानी पीना बहुत लाभदायक होता है।

1⃣2⃣ सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू मिलाकर पीने से शरीर को विटामिन सी मिलता है। गर्म पानी व नींबू का कॉम्बिनेशन शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करता है।साथ ही पी.एच. का स्तर भी सही बना रहता है।

1⃣3⃣ रोजाना एक गिलास गर्म पानी सिर के सेल्स के लिए एक गजब के टॉनिक का काम करता है। सिर के स्केल्प को हाइड्रेट करता है जिससे स्केल्प ड्राय होने की प्रॉब्लम खत्म हो जाती है!

1⃣4⃣ वजन घटाने में भी गर्म पानी बहुत मददगार होता है। खाने के एक घंटे बाद गर्म पानी पीने से मेटॉबालिम्म बढ़ता है। यदि गर्म पानी में थोड़ा नींबू व कुछ बूंदे शहद की मिला ली जाएं तो इससे बॉडी स्लिम हो जाती है।

1⃣5⃣ हमेशा जवान दिखते रहने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए गर्म पानी एक बेहतरीन औषधि का काम करता है।
अगर अपने दोस्तो से प्यार है तो सभी दोस्तो को सेन्ड करे वरना ये मेसेज आपके लिये फिजूल है
■■ हेल्थ टोनिक ■■🍅

 
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583 days
 
DDLJ143

#Know_Your_Medicine
#Support_Generic_Names

दवाईया सिर्फ दो प्रकार की होती है पेटेंट मेडिसिन और जेनेरिक मेडिसिन
मान लीजिये राम की कम्पनी ने एक नई दवा की खोज की जिसमे खोज करने में 20 करोड़ रूपये का खर्च आया तो सरकार कुछ निश्चित समय के लिए उस दवा पर उस कम्पनी को स्वामित्व प्रदान करती है ताकि वो खोज में खर्च हुई रकम वसूल कर सके।
और वह समय सीमा खत्म होने पर उस कम्पनी का स्वामित्व ख़त्म हो जाता है और वह जेनेरिक दवा कहलाने लगती है।
अब बात आती है नाम की तो दो तरह के नाम होते हैं दवाईयों के #जेनेरिक नाम और #ब्रांड नाम
कम्पनियाँ दवा की आसानी से पहचान के लिए अपने अपने नाम दे देती है जिसको ब्रांड नाम बोला जाता है एक ही दवा को अलग अलग कम्पनी अलग अलग ब्रांड नाम से बनाती हैं।
कम्पनियां ब्रांड नाम से ही अपनी दवा को प्रमोट करती है ताकि डॉक्टर उस ब्रांड को लिखे और उस कम्पनी की दवा बिके जिसके लिए कम्पनिय डॉक्टर को महंगे गिफ्ट और कमीसन देती है।
इसका सीधा असर मरीज की जेब पर पड़ता है।
तो अब जब भी डॉक्टर के पास जाये जेनेरिक नाम लिखने के लिए आग्रह करें।

 
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499 days
 
#RMP

​SOME IRONIES THAT EXIST IN INDIA :​--😊

1. Politicians ​Divide​ us, Terrorists ​Unite​ us.

2. Everyone is in hurry , but ​no one​ reaches in time.

3. Priyanka Chopra earned more money playing ​Mary Kom​, than the Mary Kom earned in her entire career.

4. Its dangerous to talk to a ​strangers,​ but it is perfectly ok to marry one.

5. Most people who fight over ​Gita and Quran​, have probably never read any of them.

6. We rather spend more on our daughter's ​wedding​ than on her ​education​

7. The ​shoes​ that we wear are sold in air conditioned show rooms, the ​vegetables​ that we eat are sold on the footpaths.

8. ​Most​ of the guys who have been ignored by Girls in young age, possesses actually the nicest and better husband material.

9. We live in a country where seeing a ​policeman​ makes us nervous rather than feeling safe.

10. In IAS exam, a person writes a brilliant 1500 words essay about how Dowry is a social evil and ​cracks the exam​ by impressing everyone.
One year later same person demands a dowry in crores, because he is an IAS officer.

11. Indians are very ​shy​ and still are 128 Crores.

12. Indians are obsessed with screen guards on their smartphones even though most come with scratch proof Gorilla Glass but never bother wearing a ​helmet​ while riding bikes.

13. It is shallow to ask for ​dowry​ but prospective bride grooms should make six or seven figured salaries and ​preferably​ ​settled​ in USA.

14. ​A porn-star​ is accepted in society as a celebrity, but ​a rape victim​ is not even accepted as a normal human being.

​Best ever lines :​
Try to understand people before trusting them ... ​Because​ we are living in such a world, where artificial lemon flavor is used for ​"WELCOME DRINK"​ and real lemon is used in ​"FINGER BOWL"​😊...!!

 
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91 days
 
mumbhai..

#fact cats urine glows under a black light.

 
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Kooky_33

रजनीश चन्द्र मोहन: एक साधारण टीचर बन गया दुनिया का सबसे विवादित गुरु \'ओशो\'

धर्म का बाज़ारीकरण करने में संत, गुरुओं और सन्यासियों का बड़ा हाथ है. आज के दौर में बाबाओं का कारोबार बेहद उन्नति के साथ फल-फूल रहा है. अगर आपको जल्दी से जल्दी अमीर बनना है, तो बाबा बनना बेहतर रहेगा! लोगों में धर्म के प्रति इतनी अंधी आस्था है कि उन्हें कोई भी भगवान के नाम पर लूट लेता है और उन्हें जब इसका पता चलता है तो काफी देर हो चुकी होती है. भारत में तो ऐसे बाबाओं की पूरी फेहरिस्त है, जिनसे जुड़े विवादों ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या सही में संत, सन्यासी और बाबा इस तरह के काम कर सकते हैं? बलात्कार जैसे जघन्य अपराध से लेकर धोखाधड़ी तक के आरोप इन पर लगते रहे हैं. भारत में ऐसे कई बाबा हैं और हुए हैं जो विवादों से घिरे रहे हैं. इन बाबाओं में आसाराम बापू, संत रामपाल, स्वामी नित्यानंद, बाबा रामदेव, स्वामी अग्निवेश, चंद्रस्वामी, जयेन्द्रा सरस्वती, गुरुमीत राम रहीम, सत्य साईं बाबा और रजनीश या ओशो शामिल हैं.

ओशो, जो 20वीं शताब्दी के सबसे विवादित सन्यासी थे. हालांकि, लोग आज भी ओशो या रजनीश (वास्तविक नाम) के जीवन के बारे में कुछ खास नहीं जानते. उनके लिए ओशो का नाम दुनियाभर के प्रसिद्ध बाबाओं और गुरुओं में से एक नाम ही है.

असली नाम था रजनीश, एक लेक्चरर थे.

रजनीश 11 दिसंबर 1931 को मध्य प्रदेश के गांव कुछवाड़ा में जन्मे थे. 11 भाइयों में सबसे बड़े ओशो का पारिवारिक नाम रजनीश चंद्र मोहन था. ओशो ने जबलपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (1953) और फिर सागर विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर (1957) पूरी करने के दौरान दावा किया कि उन्होंने ज्ञान पा लिया है. वर्ष 1957 में संस्कृत के लेक्चरर के तौर पर रजनीश ने रायपुर विश्वविद्यालय ज्वाइन किया. लेकिन उनके विचारों को छात्रों के लिए खराब समझते हुए विश्वविद्यालय ने उनका ट्रांसफर कर दिया. अगले ही वर्ष वो दर्शनशास्त्र के लेक्चरर के रूप में जबलपुर यूनिवर्सिटी में शामिल हो गए. इस दौरान भारत के कोने-कोने में जाकर उन्होंने गांधीवाद और समाजवाद पर भाषण दिया. अब तक वह आचार्य रजनीश के नाम से अपनी पहचान बना चुके थे.

1970 में की 'डाइनमिक मेडिटेशन' की शुरुआत.

वर्ष 1970 में रजनीश जबलपुर से मुंबई आ गए और सबसे पहली बार \'डाइनमिक मेडिटेशन\' की शुरुआत की. इसके बाद वे भारत से लेकर विदेश तक में प्रसिद्ध होने लगे और अपने विचारों को साझा करने लगे धीरे-धीरे उनके अनुयायियों की संख्या बढ़ने लगी. वर्ष 1971 में उनके अनुयायियों ने उन्हें \'भगवान श्री रजनीश\' की उपाधि दे दी. जब वह मुंबई से पुणे शिफ्ट हुए तो उनके अनुयायियों ने अपने \'भगवान\' के लिए आश्रम बनवाया, जहां आचार्य ने 1974 से लेकर 1981 तक दीक्षा दी. अमेरिका में विवादों से घिरने के बाद वो वापस पुणे में ही आकर बस गए, जहां रहते हुए उन्होंने अपने आश्रमों और सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार किया. 19 जनवरी 1990 में ओशो की मृत्यु हो गई.
रजनीश उर्फ़ ओशो पर कई विवाद खड़े हुए, जिनके कारण उनके अनुयायियों से लेकर खुद उन्हें भी जेल के दर्शन करने पड़े.


अपने भक्तों के बीच 'भगवान ओशो' कहलाने वाले ओशो को लेकर उनकी शिष्या और प्रेमिका मां आनंद शीला ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। ओशो के आश्रम से 55 मिलियन डॉलर का घपला करने के बाद शीला 39 महीनों तक जेल में रहीं। जेल से निकलने के करीब 20 साल बाद शीला ने हाल ही में रीलीज हुई अपनी किताब 'डोंट किल हिम! ए मेम्वर बाई मा आनंद शीला' में अपने गुरू से जुड़े कई अनछुहे पहलुओं को सामने रखा है।

एक माह में 90 लोगों के साथ सेक्स

शीला ने अपनी किताब में लिखा है कि ओशो के आश्रम में अध्यात्म के नाम पर सेक्स की मंडी सजती थी। आश्रम के शिविरों में सबसे ज्यादा चर्चा भी सैक्स पर ही होती थी। भगवान ओशो अपने भक्तों को बताते थे कि सेक्स की इच्छा को दबाना कई कष्टों का कारण है, इसलिए सेक्स की इच्छा को दबाना नहीं चाहिए। वे सेक्स को बिना किसी निर्णय के ‌स्वीकार करने के लिए कहते थे। भगवान के उपदेशों पर चलते हुए उनके सभी शिष्य बिना किसी हिचकिचाहट और नैतिक दबाव के चलते आश्रम में खुलेआम सेक्स करते थे। आश्रम का हर संन्यासी एक महीने में करीब 90 लोगों के साथ सेक्स करता था

पानी की तरह बरसता था आश्रम में पैसा

किताब के मुताबिक भगवान ओशो बिजनेस करना भी बखूबी जानते थे। उन्होंने ऐसा सिस्टम बनाया हुआ था कि आश्रम के हर हिस्से से आय होती थी। उनके प्रवचन सुनने के लिए आश्रम में प्रवेश शुल्क लगता था। आश्रम में चिकित्सकों का एक ग्रुप भी कार्यरत था, जो मरीजों को देखते थे। चिकित्सा सेवा के साथ-साथ आश्रम के अंदर बुफे में खान-पान की भी व्यवस्‍था थी। आश्रम में आने वाले लोग अपनी इच्छानुसार खाना लेकर भुगतान करते थे। इसके अलावा आश्रम में कई दूसरी शुल्क आधारित सेवाएं भी चलती थीं। इन सभी स्रोतों के जरिए आश्रम में पानी की तरह पैसा बरसता था। भगवान ओशो के आश्रम में हर दिन दान पाने के नए तरीके सोचे जाते थे।

बीमारी के बावजूद सेक्स का प्राथमिकता

आश्रम में संन्यासियों को शिफ्ट में काम करना पड़ता था। आश्रम के संन्यासी भगवान ओशो से इतने प्रभावित थे कि अपनी परवाह किए बिना काम करते थे। यहां तक कि उन्हें रात को सोने के लिए अच्छी जगह भी नहीं मिलती थी। लेकिन धीरे-धीरे कुछ संन्यासियों को बीमारियों ने जकड़ लिया। आश्रम के संन्यासी बुखार, सर्दी और इंफेक्‍शन से पीड़ित रहते थे। आश्रम में चारों तरफ गंदगी का माहौल था। इसके बावजूद भगवान लगातार अपने भक्तों को सेक्स की इच्छा दबाने के विरुद्ध उपदेश देते थे, इसलिए आश्रम के संन्यासी बेफिक्र होकर सेक्स करते थे। शीला ने किताब में लिखा, 'मुझे यह देखकर बड़ा आश्चर्य हुआ कि पूरे दिन काम में लगे रहने के बावजूद संन्यासी सेक्स के लिए समय और ऊर्जा निकालते ‌थे। एक दिन मैंने एक संन्यासी से इस बारे में पूछा तो उसने मुझे बताया कि वो हर दिन ‌तीन अलग-अलग महिलाओं के साथ सेक्स करता है। गंदगी में रहने के कारण संन्यासियों की हालत ज्यादा खराब होने लगी और धीरे-धीरे आश्रम के अस्पताल के सभी बेड भर गए।

30 रॉल्स रॉयस गाड़ियों की मांग

भगवान आश्रम में सबकुछ ओशो के मन-मुताबिक और काफी अच्छा होने के बावजूद वे खुश नहीं थे। भगवान अब बोर हो रहे थे। एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि उन्हें एक महीने में 30 नई रॉल्स रॉयस गाड़ियां चाहिएं, जबकि उस समय उनके पास 96 नई रॉल्स रॉयस कारें थीं। जाहिर था कि वो सिर्फ अपनी बोरियत मिटाने के लिए नई गाड़ियां चाहते थे। 30 नई रॉल्स रॉयस कारों का मतलब था करीब 3 से 4 मिलियन डॉलर। इतनी बड़ी रकम सिर्फ आश्रम के बजट में कटौती करके ही जुटाई जा सकती थी, ले‌किन भगवान ओशो ने मुझे इस रकम को पाने के लिए 50-60 लोगों के नाम की लिस्ट दी, जो काफी धनी थे।

5. धर्म के प्रति अलग नज़रिये के कारण उन्हें विद्रोही विचारक भी कहा गया.

ओशो का कहना था कि बुद्ध तो \'वेद\' को शास्त्र नहीं मानते क्योंकि 99 प्रतिशत तुम्हारे वेद में कचरा भरा हुआ है. इसको वे शास्त्र मानें भी कैसे? जैन भी तुम्हारे \'वेद\' को शास्त्र नहीं मानते, मुसलमान तो तुम्हारी \'गीता\' को शास्त्र नहीं मानते और न ही हिंदू \'कुरान\' को शास्त्र मानते हैं, न \'बाइबल\' को. इस दुनिया में 300 धर्म किसके शास्त्र को शास्त्र मानें? 1969 में आयोजित सेकेंड वर्ल्ड हिंदू कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि \'कोई भी धर्म जो जीवन को अर्थहीन और दुख से भरा मानता है और जीवन के प्रति नफ़रत सिखाता है, वह सच्चा धर्म नहीं है. धर्म एक कला है, जो बताता है कि कैसे जीवन का आनंद उठाया जाए\'.

6. अमेरिका में अपना कम्यून स्थापित करने और आरोपों के चलते उन्हें भारत भेजा गया.

अमेरिका के ओरोगॉन में अपने कम्यून की स्थापना कर उनके अनुयायियों ने पूरा एक शहर बसा दिया था, जिसका नाम ओशो के वास्तविक नाम से \'रजनीशपुरम\' रखा गया. स्थानीय लोगों को ये पसंद नहीं आया और उन्होंने कम्यून पर मुक़दमा कर दिया. बाद में जांच से पता चला कि रजनीश के शिष्यों ने ज़हरीले \'सालमोनेला बैक्टीरिया\' पर तरह-तरह के प्रयोग करने शुरू कर दिए. इसके बाद उन्होंने सलाद के पत्तों पर इस बैक्टीरिया का छिड़काव कर दिया. जल्द ही लोग बीमार पड़ने लगे. कुल मिला कर 751 लोग बीमार हो कर अस्पतालों में दाख़िल कराए गए.

सितंबर 1985 में सैकड़ों लोग कम्यून छोड़ कर यूरोप चले गए. कुछ दिनों के बाद रजनीश ने लोगों को संबोधित किया. उन्होंने अपने शिष्यों पर टेलीफ़ोन टैप करने, आगज़नी और सामूहिक तौर पर लोगों को ज़हर देने के आरोप लगाते हुए ख़ुद को निर्दोष बताया. उन्होंने कहा कि इन बातों की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी.
सरकार ने रजनीश के कम्यून की जांच के आदेश दे दिए. जांच में कम्यून के अंदर सालमोनेला बैक्टीरिया पैदा करने वाली प्रयोगशाला और टेलीफ़ोन टैप करने के उपकरण पाए गए. रजनीश के शिष्यों पर मुक़दमा चला. उनके शिष्यों ने \'प्ली बारगेन\' के तहत कुछ दोष स्वीकार कर लिए. उनके तीन शिष्यों को जेल की सज़ा हुई. इसके साथ ही अमेरिका ने ओशो को भी भारत भेज दिया.

 
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Sam's Son

*स्नान कब ओर केसे करे घर की समृद्धि बढाना हमारे हाथमे है*
सुबह के स्नान को धर्म शास्त्र में चार उपनाम दिए है।

*1* *मुनि स्नान।*
जो सुबह 4 से 5 के बिच किया जाता है।
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*2* *देव स्नान।*
जो सुबह 5 से 6 के बिच किया जाता है।
.
*3* *मानव स्नान।*
जो सुबह 6 से 8 के बिच किया जाता है।
.
*4* *राक्षसी स्नान।*
जो सुबह 8 के बाद किया जाता है।

▶मुनि स्नान सर्वोत्तम है।
▶देव स्नान उत्तम है।
▶मानव स्नान समान्य है।
▶राक्षसी स्नान धर्म में निषेध है।
.

किसी भी मानव को 8 बजे के बाद स्नान नही करना चाहिए।
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*मुनि स्नान .......*
👉🏻घर में सुख ,शांति ,समृद्धि, विध्या , बल , आरोग्य , चेतना , प्रदान करता है।
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*देव स्नान ......*
👉🏻 आप के जीवन में यश , किर्ती , धन वैभव,सुख ,शान्ति, संतोष , प्रदान करता है।
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*मानव स्नान.....*
👉🏻काम में सफलता ,भाग्य ,अच्छे कर्मो की सूझ ,परिवार में एकता , मंगल मय , प्रदान करता है।
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*राक्षसी स्नान.....*
👉🏻 दरिद्रता , हानि , कलेश ,धन हानि , परेशानी, प्रदान करता है ।
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किसी भी मनुष्य को 8 के बाद स्नान नही करना चाहिए।
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पुराने जमाने में इसी लिए सभी सूरज निकलने से पहले स्नान करते थे।

*खास कर जो घर की स्त्री होती थी।* चाहे वो स्त्री माँ के रूप में हो,पत्नी के रूप में हो,बेहन के रूप में हो।
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घर के बडे बुजुर्ग यही समझाते सूरज के निकलने से पहले ही स्नान हो जाना चाहिए।
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*ऐसा करने से धन ,वैभव लक्ष्मी, आप के घर में सदैव वास करती है।*
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उस समय...... एक मात्र व्यक्ति की कमाई से पूरा हरा भरा पारिवार पल जाता था , और आज मात्र पारिवार में चार सदस्य भी कमाते है तो भी पूरा नही होता।
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उस की वजह हम खुद ही है । पुराने नियमो को तोड़ कर अपनी सुख सुविधा के लिए नए नियम बनाए है।
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प्रकृति ......का नियम है, जो भी उस के नियमो का पालन नही करता ,उस का दुष्टपरिणाम सब को मिलता है।
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इसलिए अपने जीवन में कुछ नियमो को अपनाये । ओर उन का पालन भी करे।
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आप का भला हो ,आपके अपनों का भला हो।
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मनुष्य अवतार बार बार नही मिलता।
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अपने जीवन को सुखमय बनाये।

जीवन जीने के कुछ जरूरी नियम बनाये।
☝🏼 *याद रखियेगा !* 👇🏽
*संस्कार दिये बिना सुविधायें देना, पतन का कारण है।*
*सुविधाएं अगर आप ने बच्चों को नहीं दिए तो हो सकता है वह थोड़ी देर के लिए रोए।*
*पर संस्कार नहीं दिए तो वे जिंदगी भर रोएंगे।*
ऊपर जाने पर एक सवाल ये भी पूँछा जायेगा कि अपनी अँगुलियों के नाम बताओ ।
जवाब:-
अपने हाथ की छोटी उँगली से शुरू करें :-
(1)जल
(2) पथ्वी
(3)आकाश
(4)वायू
(5) अग्नि
ये वो बातें हैं जो बहुत कम लोगों को मालूम होंगी ।

5 जगह हँसना करोड़ो पाप के बराबर है
1. श्मशान में
2. अर्थी के पीछे
3. शौक में
4. मन्दिर में
5. कथा में

सिर्फ 1 बार भेजो बहुत लोग इन पापो से बचेंगे ।।

अकेले हो?
परमात्मा को याद करो ।

परेशान हो?
ग्रँथ पढ़ो ।

उदास हो?
कथाए पढो ।

टेन्शन मे हो?
भगवत गीता पढो ।

फ्री हो?
अच्छी चीजे फोरवार्ड करो
हे परमात्मा हम पर और समस्त प्राणियो पर कृपा करो......

सूचना
क्या आप जानते हैं ?
हिन्दू ग्रंथ रामायण, गीता, आदि को सुनने,पढ़ने से कैन्सर नहीं होता है बल्कि कैन्सर अगर हो तो वो भी खत्म हो जाता है।

व्रत,उपवास करने से तेज़ बढ़ता है,सर दर्द और बाल गिरने से बचाव होता है ।
आरती----के दौरान ताली बजाने से
दिल मजबूत होता है ।

ये मेसेज असुर भेजने से रोकेगा मगर आप ऐसा नही होने दे और मेसेज सब नम्बरो को भेजे ।

श्रीमद भगवत गीता पुराण और रामायण ।
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''कैन्सर"
एक खतरनाक बीमारी है...
बहुत से लोग इसको खुद दावत देते हैं ...
बहुत मामूली इलाज करके इस
बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है ...

अक्सर लोग खाना खाने के बाद "पानी" पी लेते है ...
खाना खाने के बाद "पानी" ख़ून में मौजूद "कैन्सर "का अणु बनाने वाले '''सैल्स'''को '''आक्सीजन''' पैदा करता है...

''हिन्दु ग्रंथो मे बताया गया है कि...

खाने से पहले'पानी 'पीना
अमृत"है...

खाने के बीच मे 'पानी ' पीना शरीर की
''पूजा'' है...

खाना खत्म होने से पहले 'पानी'
''पीना औषधि'' है...

खाने के बाद 'पानी' पीना"
बीमारीयो का घर है...

बेहतर है खाना खत्म होने के कुछ देर बाद 'पानी 'पीये...

ये बात उनको भी बतायें जो आपको "जान"से भी ज्यादा प्यारे है...

जय श्री राम

रोज एक सेब
नो डाक्टर ।

रोज पांच बदाम,
नो कैन्सर ।

रोज एक निबु,
नो पेट बढना ।

रोज एक गिलास दूध,
नो बौना (कद का छोटा)।

रोज 12 गिलास पानी,
नो चेहेरे की समस्या ।

रोज चार काजू,
नो भूख ।

रोज मन्दिर जाओ,
नो टेन्शन ।

रोज कथा सुनो
मन को शान्ति मिलेगी ।।


"चेहरे के लिए ताजा पानी"।

"मन के लिए गीता की बाते"।

"सेहत के लिए योग"।

और खुश रहने के लिए परमात्मा को याद किया करो ।

अच्छी बाते फैलाना पुण्य है.किस्मत मे करोड़ो खुशियाँ लिख दी जाती हैं ।
जीवन के अंतिम दिनो मे इन्सान इक इक पुण्य के लिए तरसेगा ।

जब तक ये मेसेज भेजते रहोगे मुझे और आपको इसका पुण्य मिलता रहेगा...

जय श्री राम

 
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25 days
 
akshay parekh
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