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औरतों, बच्चों की गर्दन पर तलवार रखकर मुसलमान बनवाता था टीपू सुल्तान?

योद्धा जो धर्म से ऊपर नहीं उठ पाता था

टीपू को एक बड़ा योद्धा माना जाता है. ये सच है कि अंग्रेजों से लड़ने में टीपू ने बहुत बहादुरी दिखाई थी. पर इसके साथ ही वो मराठा, निज़ाम, ट्रावनकोर के राजा, कुर्ग सबको दबाना चाहता था. इसके लिए उसने क्रूरता करने में कोई कोताही नहीं की. उसके डैडी हैदर अली ने वाड्यार वंश से सत्ता छीन ली थी. हैदर के मरने के बाद 1782 में टीपू मैसूर का शासक बना था. शासक बनने के तुरंत बाद इसने अपने राज्य में सारे विरोधियों को ठिकाने लगा दिया.
1788 में टीपू सुल्तान ने अपना ध्यान केरल की तरफ घुमाया. एक बड़ी सेना भेज दी. मशहूर कालीकट शहर को चकनाचूर कर दिया गया. सैकड़ों मंदिरों और चर्चों को चुन-चुन के गिराया गया. हजारों हिन्दुओं और क्रिश्चियनों को मुसलमान बना दिया गया. जो लोग नहीं माने, उनको क़त्ल कर दिया गया.

ये सारी बातें टीपू के किसी दुश्मन ने नहीं कहीं, बल्कि उसके दरबारी इतिहासकार मीर हुसैन किरमानी ने लिखी हैं.

ट्रावनकोर का घेरा, इस मौके को अंग्रेजों ने नहीं छोड़ा

इसके बाद हजारों लोग वहां से भाग-भागकर ट्रावनकोर चले गए. जाना ही था. ये शहर सत्रहवीं शताब्दी के प्रतापी राजा मार्तंड वर्मा ने बसाया था. मार्तंड ने अपनी सेना को एक फ्रांसीसी अफसर की मदद से बड़ी सही ट्रेनिंग दी थी. वो परंपरा चली आ रही थी. पर टीपू की सेना बहुत बड़ी थी. जमीनी लड़ाई में सेना की संख्या मायने रखती है.

तब ट्रावनकोर के राजा ने ईस्ट इंडिया कंपनी से मदद मांगी. वो लोग एक हाथ आगे निकले. 1791 में अंग्रेजों ने निज़ाम, मराठा सबको मिलाकर मैसूर पर चढ़ाई कर दी. टीपू हार गया. उसका आधा राज्य ले लिया गया. उसके दो बेटों को अंग्रेजों ने अपने पास रख लिया. क्योंकि टीपू पर उनको भरोसा नहीं था.

इंडिया के दोस्त दगा दे गए, टीपू ने विदेश में दोस्ती शुरू की

इंडिया में अब टीपू का कोई नहीं रहा था. उसने विदेश में अपने दोस्त खोजने शुरू कर दिए. नेपोलियन को लिखी उसकी चिट्ठियां जगजाहिर हैं. पर नेपोलियन ने कोई मदद नहीं की. टीपू ने ओटोमन साम्राज्य के सुल्तान को भी चिठ्ठी लिखी थी कि सारे मुसलमान मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ जिहाद करें. समस्या ये थी कि नेपोलियन ने इजिप्ट को कब्जिया लिया था. और ओटोमन सुल्तान की नज़र में नेपोलियन के खिलाफ लड़ना ही जिहाद था. ब्रिटिश उसके लिए दोस्त थे. उसने अंग्रेजों को टीपू वाली बात बता दी.
अब अंग्रेजों ने फिर से सबको जुटाया और 1799 में मैसूर पर चढ़ाई कर दी. इसमें भी नेपोलियन ने टीपू की मदद नहीं की. तीन हफ्ते की बमबारी के बाद किले की दीवारें टूट गईं. टीपू लड़ता रहा. हाथ में तलवार लिए वो श्रीरंगपटनम किले के दरवाजे पर मारा गया. अंग्रेजों ने सत्ता पुराने वाड्यार वंश के राजकुमार को दे दी. इसी लड़ाई के बाद अंग्रेजों का सेनापति 30 साल का कर्नल आर्थर वेलेजली फेमस हो गया. 16 साल बाद इसी वेलेजली ने नेपोलियन को भी वाटरलू में निपटा दिया.

टीपू एक बहादुर की मौत मरा. पर केरल और कुर्ग में उसने हिन्दुओं और क्रिश्चियनों पर जुल्म तो किया ही था. हालांकि 1791 में अपनी हार के बाद टीपू ने कई मंदिरों में बहुत सारा दान-दक्षिणा भी दिया था. पर ये कहना मुश्किल है कि उसका दिल बदल गया था या हार के बाद लोगों को मिलाने के लिए कर रहा हो. ये नहीं साफ़ हो पाता कि वो देश की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहा था. थोड़े शेड्स ऑफ़ ग्रे हैं उसके चरित्र में.

 
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467 days
 
Sam's Son

आपको विश्वास नहीं होगा, लेकिन भारत में ये 10 छोटी चीज़ें करना है गैरकानूनी

भारत देश का विवादों से चोली-दामन का नाता है. यहां जो चीज़ें सरकार के खिलाफ लगती हैं उसे या तो बैन कर दिया जाता है या फिर गैरकानूनी घोषित कर दिया जाता है. हालांकि वो चीज़ें जो अवैध हों, वो सरकार के खिलाफ भी हों ऐसा ज़रूरी नहीं. जैसे पोर्नोग्राफी और किताबें बैन कर पता नहीं देश किस तरक्की की राह पर जाना चाहता है? बहुत-सी चीज़ें ऐसी भी हैं अपने देश में, जिनको गैरकानूनी या अवैध घोषित करने के पीछे का लॉजिक समझ पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है.

1. टिड्डों के हमले के वक्त ड्रम बजा कर सूचित ना करना होता है अवैध

ईस्ट पंजाब एग्रीकल्चर पेस्ट्स एक्ट 1949 के अनुसार, अगर खेतों में कीड़ों का हमला होता है, तो आपको ड्रम बजा करा दूसरों को सूचित करना पड़ेगा. अगर आप ऐसा नहीं करते, तो इसे कानून के खिलाफ मान कर आप पर 50 रूपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

2. 10 रूपये से ज़्यादा रूपये गिरे दिखते हैं, तो सूचित नहीं करना भी गैरकानूनी है

1878 के Treasure Trove Act के अनुसार, किसी भी प्रकार का खजाना आप अगर पाते हैं, और उसका मूल्य अगर 10 रूपये तक का है तो आप उसे रख सकते हैं. पर यदि वो उससे ज्यादा मूल्यवान है, तो आपको आधिकारिक सूत्रों को सूचित करना पड़ेगा. आपने किसी कारणवश सूचित नहीं किया या पैसे देख कर आपकी नियत बदल गयी, तो ये कानून के खिलाफ है.

3. बिना अनुमति के पतंग उड़ाना अवैध है

1934 के Indian Aircraft Act के अनुसार, प्लेन या हवा में किसी भी प्रकार की चीज़ उड़ाने के लिए संबंधित विभाग से अनुमति लेना आवश्यक है. बचपन में हमने भी बहुत पतंग उड़ाई है, लगता है अब कोर्ट में सरेंडर करना ही पड़ेगा.

4. 10 कपल्स का एक स्टेज पर एक साथ नाचना मना है

Licensing and Controlling Places of Amusement, 1960 के अनुसार, ऐसा प्रावधान है कि अगर किसी कार्यक्रम में 10 जोड़े एक साथ एक ही स्टेज पर नाच रहे हैं, तो इनके पास ये अधिकार है कि या तो वो जोड़ों की संख्या कम करवा दें या पूरा कार्यक्रम बंद करवा दें.

5. रोड के किनारे बैठने वालों से दांत या कान की सफाई करवाना अवैध है

डेंटिस्ट एक्ट 1948 के Chapter V, Section 49 के अनुसार Street Dentistry भारत में गैरकानूनी है. भले ही वो 10 हज़ार के इलाज के बदले 150 रूपये ही क्यों ना लेते हों. ठीक इसी तरह सड़क के किनारे कान साफ़ करवाने को भी गैरकानूनी मानता है.
पर उन गरीबों का क्या जो महंगे अस्पतालों में जाकर इलाज नहीं करवा सकते? वैसे दांत और कान जैसे अंगों का ऐसे इलाज करवाना भारी पड़ सकता है. इसलिए ये लॉजिक तो सही समझ आता है.

6. आत्महत्या करना गैरकानूनी है, सफल हो गए तो देना पड़ेगा जुर्माना

जी आत्महत्या करना यहां बिलकुल अवैध है. अगर आप अपनी जान देने में सफल रहे, तो आप को इसके लिए जुर्माना भी भरना पड़ेगा. IPC के सेक्शन 309 के तहत, इसे अवैध मान कर सज़ा का प्रावधान है. इसलिए AFSPA का विरोध करने वाली शर्मीला को हाउस अरेस्ट कर जबरदस्ती खाना खिलाया गया.

7. जिन फैक्ट्रीज में पीकदान ना हो, वो गैरकानूनी होगी

ये नियम सच में अजीब है. The Factories Act of 1948 के द्वारा ये नियम भी बताया गया है कि जिन फैक्ट्रीज़ में मजदूरों के थूकने की व्यवस्था ना हो, वो फैक्ट्री गैरकानूनी मानी जायेगी. इसके पीछे की वजह ये है कि यहां-वहां थूकने से बीमारी फैलने का खतरा रहता है.

8. वेश्यावृति अवैध नहीं, पर दलाली है

यही कारण है कि आप देश के हर शहर में रेड लाइट एरियाज़ देख सकते हैं. आप आसानी से भुगतान कर सेक्स कर सकते हैं. पर आप किसी को इसके लिए मजबूर नहीं कर सकते. आप इसके लिए किसी दलाल की मदद लेते हैं, तो आप मुश्किल में फंस सकते हैं.

9. औरतों से रात में काम कराने वाली फैक्ट्रियां यहां गैरकानूनी हैं

क्या आप जानते हैं कि Factories Act of 1948 में ऐसा प्रावधान है कि महिलाओं से नाईट शिफ्ट में काम करवाना गैरकानूनी है. पर इस नियम को ताख पर रख कर BPO इंडस्ट्रीज चल रही हैं.

10. ओरल सेक्स भी है अवैध

चलो ये मानते हैं कि समलैंगिकता को यहां गलत माना जाता है और भारत जैसे देश में ऐसा माना जाना गलत है. पर अप्राकृतिक सेक्स को भी यहां गलत माना जाता है. ओरल सेक्स को अप्राकृतिक माना जाता है. अगली बार से सावधान रहें.

 
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544 days
 
Sam's Son

🌷🍯🌷 😇 🌷🍯🌷

*रसोई में स्वास्थ्य !*

🍌 नमक केवल सेन्धा प्रयोग करें। थायराइड, बी पी, पेट ठीक होगा।

🍎 कुकर स्टील का ही काम में लें। एल्युमिनियम में मिले lead से होने वाले नुकसानों से बचेंगे।
🌽 तेल कोई भी रिफाइंड न खाकर, तिल्ली, सरसों, मूंगफली, नारियल प्रयोग करें। रिफाइंड में बहुत केमिकल होते हैं।
🍒 सोयाबीन बड़ी को 2 घण्टे भिगो कर, मसल कर ज़हरीली झाग निकल कर ही प्रयोग करें।
🥑 रसोई में एग्जास्ट फैन जरूरी है, प्रदूषित हवा बाहर करें।
🍎 काम करते समय स्वयं को अच्छा लगने वाला संगीत चलाएं। खाने में अच्छा प्रभाव आएगा और थकान कम होगी।

🍂 ज्यादा से ज्यादा मीठा नीम/कढ़ी पत्ता खाने की चीजों में डालें, सभी का स्वास्थ्य ठीक करेगा।

🌶 ज्यादा चीजें लोहे की कढ़ाई में ही बनाएं। आयरन की कमी किसी को नहीं होगी।

🍌 भोजन का समय ( Timing ) निश्चित करें, पेट ठीक रहेगा। भोजन के बीच बात न करें, भोजन ज्यादा पोषण देगा।
🧀 नाश्ते में अंकुरित अन्न शामिल करें। पोषक विटामिन, फाइबर मिलेंगें।
🥝 चीनी की जगह गुड़ लें।

🍳 छौंक में राई के साथ कलौंजी का भी प्रयोग करें, फायदे इतने कि लिख ही नहीं सकते।
☕ चाय के समय, आयुर्वेदिक पेय की आदत बनाएं व निरोग रहेंगे।
🛢 डस्ट बिन एक रसोई में एक बाहर रखें, सोने से पहले रसोई का कचरा बाहर के डस्ट बिन में डालें।
🥗 रसोई में घुसते ही नाक में घी या सरसों तेल लगाएं, सर और फेफड़े स्वस्थ रहेंगें।

🥕 करेले, मैथी, मूली याने कड़वी सब्जियां भी खाएँ, रक्त शुद्ध रहेगा।

🍋 पानी ज्यादा ठंडा न पिएं, पाचन व दांत ठीक रहेंगे।

🍊 रसोई में घुसते ही थोड़े ड्राई फ्रूट (काजू की जगह तरबूज के बीज) खायें, एनर्जी बनी रहेगी।
🍐 प्लास्टिक, एल्युमिनियम रसोई से हटाये, केन्सर कारक हैं।

🍉 खाने की ठंडी चीजें कम से कम खाएँ, पेट और दांत को खराब करती हैं।

🍑 तली चीजें छोड़ें, वजन, पेट, एसिडिटी ठीक रहेंगी।

🥕 मैदा, बेसन, छौले, राजमां, उड़द कम खाएँ, गैस की समस्या से बचेंगे।
🥒 अदरक, अजवायन का प्रयोग बढ़ाएं, गैस और शरीर के दर्द कम होंगे।

🍹 पानी का correct TDS प्रयोग करें I
🍫 रात को आधा चम्मच त्रिफला एक कप पानी में डाल कर रखें, सुबह कपड़े से छान कर eye wash cup में डाल कर आंखें धोएं, चश्मा उतर जाएगा। छान कर जो पाउडर बचे उसे फिर एक गिलास पानी में डाल कर रख दें। रात को पी जाएं। पेट साफ होगा, कोई रोग एक साल में नहीं रहेगा।
🍆.सुबह रसोई में चप्पल न पहनें I
🍌 रात का भिगोया आधा चम्मच कच्चा जीरा सुबह खाली पेट चबा कर वही पानी पिएं, एसिडिटी खतम।
🍆 एक्यू प्रेशर वाले पिरामिड प्लेटफार्म पर खड़े होकर खाना बनाने की आदत बना लें तो भी सब बीमारी शरीर से निकल जायेगी।
🍈 चौथाई चम्मच दालचीनी का कुल उपयोग दिन भर में किसी भी रूप में करने पर निरोगता अवश्य होगी।
🍑 सर्दियों में नाखून बराबर जावित्री कभी चूसने से सर्दी के असर से बचाव होगा।
🌶 सर्दी में बाहर जाते समय, 2 चुटकी अजवायन मुहं में रखकर निकलिए, सर्दी से नुकसान नहीं होगा।
🍩 रस निकले नीबू के चौथाई टुकड़े में जरा सी हल्दी, नमक, फिटकरी रखकर दांत मलने से दांतों का कोई भी रोग नहीं रहेगा।
🌯 कभी कभी नमक में, हल्दी में 2 बून्द सरसों का तेल डाल कर दांतों को उंगली से साफ करें, दांतों का कोई रोग टिक ( exist ) नहीं सकता।
🍑 बुखार में 1 लीटर पानी उबाल कर 250 ml कर लें, साधारण ताप पर आ जाने पर रोगी को थोड़ा थोड़ा दें, दवा का काम करेगा।
🍐 सुबह के खाने के साथ घर का जमाया ताजा दही जरूर शामिल करें I
🥝 सूरज डूबने के बाद दही या दही से बनी कोई चीज and cucumber न खाएं ज्यादा उम्र में दमा ( Asthma ) हो सकता है।

🍛 दहीबड़े सिर्फ मूंग की दाल के बनने चहिये, उड़द के नुकसान करते हैं।

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DDLJ143

WWE Money in the Bank winners :- { Started in 2005 } 1) 2005 - EDGE. 2) 2006 - RVD ( Rob Van Dam ) 3) 2007 - Mr.Kennedy 4) 2008 - CM PUNK. 5) 2009 - CM PUNK 6) 2010 - JACK SWAGGER ( world heavyweight championship ) THE MIZ ( WWE Championship ) 7) 2011 - ALBERTO DEL RIO ( WC) ,DANIEL BRYAN (WHC) 8) 2012 - JOHN CENA (WC) , DOLPH ZIGGLER (WHC ) 9) 2013 - RANDY ORTON (WC) , DAMIAN SANDOW ( WHC) 10) 2014 - SETH ROLLINS. 11) 2015 - SHEAMUS. 12) 2016 - to be held.....

 
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PHENOMENAL

🏹रामचरित मानस के कुछ रोचक तथ्य🏹

1:~मानस में राम शब्द = 1443 बार आया है।
2:~मानस में सीता शब्द = 147 बार आया है।
3:~मानस में जानकी शब्द = 69 बार आया है।
4:~मानस में बैदेही शब्द = 51 बार आया है।
5:~मानस में बड़भागी शब्द = 58 बार आया है।
6:~मानस में कोटि शब्द = 125 बार आया है।
7:~मानस में एक बार शब्द = 18 बार आया है।
8:~मानस में मन्दिर शब्द = 35 बार आया है।
9:~मानस में मरम शब्द = 40 बार आया है।

10:~लंका में राम जी = 111 दिन रहे।
11:~लंका में सीताजी = 435 दिन रहीं।
12:~मानस में श्लोक संख्या = 27 है।
13:~मानस में चोपाई संख्या = 4608 है।
14:~मानस में दोहा संख्या = 1074 है।
15:~मानस में सोरठा संख्या = 207 है।
16:~मानस में छन्द संख्या = 86 है।

17:~सुग्रीव में बल था = 10000 हाथियों का।
18:~सीता रानी बनीं = 33वर्ष की उम्र में।
19:~मानस रचना के समय तुलसीदास की उम्र = 77 वर्ष थी।
20:~पुष्पक विमान की चाल = 400 मील/घण्टा थी।
21:~रामादल व रावण दल का युद्ध = 87 दिन चला।
22:~राम रावण युद्ध = 32 दिन चला।
23:~सेतु निर्माण = 5 दिन में हुआ।

24:~नलनील के पिता = विश्वकर्मा जी हैं।
25:~त्रिजटा के पिता = विभीषण हैं।

26:~विश्वामित्र राम को ले गए =10 दिन के लिए।
27:~राम ने रावण को सबसे पहले मारा था = 6 वर्ष की उम्र में।
28:~रावण को जिन्दा किया = सुखेन बेद ने नाभि में अमृत रखकर।
यह जानकारी महीनों के परिश्रम केबाद आपके सम्मुख प्रस्तुत है ।

 
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383 days
 
Shubhiii

दुनिया का सबसे ख़तरनाक देश है इज़राइल, दुश्मन को पाताल से भी ढ़ूंढ़ निकालता है

पूरी दुनिया में इज़राइल ही एक ऐसा देश है, जहां सुख, शांति और सुरक्षा है. हालांकि, इज़राइल चारों तरफ़ से अपने दुश्मनों से घिरा हुआ है, मगर किसी भी देश की इतनी हिम्मत नहीं कि वो इज़राइल की तरफ़ आंख उठा कर भी देख ले. अगर किसी ने इस तरह की हिमाकत की भी, तो इज़राइल पलटवार करना जानता है. तकनीक, सुरक्षा, कृषि और देशभक्ति के मामले में इज़राइल का कोई सानी नहीं है. यह एक ऐसा देश है, जिससे विश्व के अन्य देश कुछ सीख सकते हैं. आइए, आपको इज़राइल के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों से रू-ब-रू करवाता हूँ

इज़रायल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी

इज़रायल दुनिया का अकेला यहूदी राष्ट्र है. जनसंख्या के लिहाज़ से इज़राइल, दिल्ली के बराबर भी नहीं है और क्षेत्रफल के मामले में तीन इज़राइल मिल कर भी राजस्थान जितना नहीं है.

संस्कृति का रक्षक है इज़राइल

धर्म, संस्कृति और भाषा के लिए इज़राइल कुछ भी करने को तैयार रहता है. इज़राइल की भाषा हिब्रू दुनिया में इकलौती ऐसी भाषा है, जिसको पुनर्जन्म मिला है.

सैन्य ताकत के मामले में इज़राइल का कोई सानी नहीं है. अब तक 7 लड़ाइयां लड़ चुका है, जिसमें सभी में जीत मिली है. 7 देशों को अकेले इज़राइल ने हराया था, देखा जाए तो यह विश्व युद्ध से कम ना था. इस युद्ध में भी इज़रायल की जीत हुई.
इज़राइल ही दुनिया का एकमात्र देश है, जो जीडीपी के मामले में सर्वाधिक खर्च 'रक्षा क्षेत्र' पर करता है.
इज़राइल दुनिया का इकलौता ऐसा देश है, जो एंटी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम से लैस है. इज़राइल के किसी भी हिस्से में रॉकेट दागने का मतलब है मौत.
इज़राइल की वायुसेना दुनिया में चौथे नंबर की वायुसेना है. यह किसी भी हमले की सूरत में न सिर्फ़ जवाब देने में सक्षम है. सिर्फ़ अमेरिका, रूस और चीन ही उससे आगे हैं.

इन वजहों के कारण इज़राइल है सबसे ताक़तवर देश
इज़राइल में सभी नागरिकों के लिए सैन्य प्रशिक्षण अनिवार्य है. यहां महिलाओं को भी सेना की ट्रेनिंग लेनी पड़ती है.
इज़राइल के पास अपना सैटेलाइट सिस्टम है जिसके इस्तेमाल से वो ड्रोन चलाता है. इज़राइल अपना सैटेलाइट सिस्टम किसी के साथ साझा नहीं करता.

तकनीक

ये देश घरेलू कंप्यूटर उपयोग के मामले में दुनिया में पहले नंबर पर है.
दुनिया में पहला फोन मोटोरोला कंपनी का इज़राइल में ही बनाया था.
माइक्रोसॉफ्ट के लिए पहला पेंटियम चिप यहीं ही बना था.
पहली वॉइस मेल तकनीक इज़राइल में ही विकसित की गई थी.
दुनिया में पहला एंटीवायरस सबसे पहले सन 1979 में इज़राइल में बना.

ऊर्जा और कृषि के मामले में ये देश आत्मनिर्भर है.
इज़राइल की 90 प्रतिशत आबादी सोलर एनर्जी का इस्तेमाल करती है.

 
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478 days
 
Sam's Son

बिस्मिल और अशफाक उल्ला खां की दोस्ती का किस्सा, जो मौत के बाद ही खत्म हुआ

कई क्रांतिकारियों के नाम जोड़े में लिए जाते हैं जैसे भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और राजगुरू. ऐसा ही एक और बहुत मशहूर जोड़ा है रामप्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्ला खां. इसका रीजन बस ये नहीं कि काकोरी कांड में यही दोनों मेन आरोपी थे. बल्कि इसका रीजन था कि दोनों एक-दूसरे को जान से भी ज्यादा चाहते थे. दोनों ने जान दे दी पर एक-दूसरे को धोखा नहीं दिया. रामप्रसाद बिस्मिल के नाम के आगे पंडित जुड़ा था. वहीं अशफाक थे मुस्लिम, वो भी पंजवक्ता नमाजी. पर इस बात का कोई फर्क दोनों पर नहीं पड़ता था. क्योंकि दोनों का मकसद एक ही था. आजाद मुल्क. वो भी मजहब या किसी और आधार पर हिस्सों में बंटा हुआ नहीं, पूरा का पूरा. इनकी दोस्ती की मिसालें आज भी इनको जानने वाले देते हैं.

यूं शुरू हुई थी अशफाक और बिस्मिल की दोस्ती

अशफाक 22 अक्टूबर 1900 को यूनाइटेड प्रोविंस यानी आज के उत्तर प्रदेश के जिले शाहजहांपुर में पैदा हुए थे. अश्फाक अपने चार भाइयों में सबसे छोटे थे. वो अपने टीनएज के दिनों में उभरते हुए शायर के तौर पर पहचाने जाते थे. और \'हसरत\' के तखल्लुस यानी उपनाम से शायरियां किया करते थे. पर घर में जब भी शायरियों की बात चलती, उनके एक बड़े भाईजान अपने साथ पढ़ने वाले रामप्रसाद बिस्मिल का जिक्र करना नहीं भूलते. इस तरह से किस्से सुन-सुनकर अशफाक रामप्रसाद के फैन हो गए थे.

तभी राम प्रसाद बिस्मिल का नाम अंग्रेज सरकार के खिलाफ की गई एक साजिश में आया. इस केस का नाम पड़ा मैनपुरी कांस्पिरेसी. अशफाक भी अंग्रेजों से भारत को मुक्त कराने का सपना पाले बैठे थे. इसके बाद तो रामप्रसाद बिस्मिल से मिलने की अशफाक की इच्छा और भी ज्यादा बढ़ गई. अशफाक ने मन बना लिया कि रामप्रसाद से मिलना है तो मिलना है. कहते हैं कि सच्चे मन से चाहकर कोशिश करने से कुछ भी पाया जा सकता है. यही हुआ. आखिर रामप्रसाद से अशफाक मिल ही गए.

दरअसल उस वक्त हिंदुस्तान में गांधी जी का शुरू किया हुआ असहयोग आंदोलन अपने जोरों पर था. शाहजहांपुर में एक मीटिंग में भाषण देने रामप्रसाद बिस्मिल आए हुए थे. अशफाक को ये बात पता चली तो वो भी वहां पहु्ंचे. जैसे ही प्रोग्राम ओवर हुआ अशफाक लपक कर बिस्मिल से मिले और उनको अपना परिचय उनके एक दोस्त के छोटे भाई के रूप में दिया. फिर बताया कि मैं \'वारसी\' और \'हसरत\' के नाम से शायरी भी करता हूं. इसके बाद से बिस्मिल का इंट्रेस्ट थोड़ा सा अशफाक में बढ़ा. बिस्मिल उनको अपने साथ लेकर आए और उनकी कुछ एक शायरियां सुनीं जो कि उनको पसंद आईं. इसके बाद से दोनों अधिकतर साथ ही दिखते. आस-पास के इलाके में बिस्मिल और अशफाक का जोड़ा फेमस हो गया. वो कहीं भी मुशायरों में जाते तो मुशायरे लूट कर ही आते.

अशफाक उल्ला खां की एक नज्म देखिए जो तबकी है जब गांधी के रास्ते में उनका पूरा भरोसा था.

दोनों ही गांधी से निराश हुए और उठा ली बंदूकें

1922 में जब चौरीचौरा कांड के बाद गांधी जी ने असहयोग आंदोलन वापस लेने का फैसला किया तो कई युवाओं को उनके इस कदम से निराशा हुई. उन युवाओं में रामप्रसाद बिस्मिल और अशफाक भी थे. गांधी से मोहभंग होने के बाद ये युवा क्रांतिकारी पार्टी में शामिल हो गए. क्योंकि इनका मानना था कि मांगने से स्वतंत्रता मिलने वाली नहीं है. इसके लिए हमें लड़ना होगा.

पर लड़ने के लिए बम, बंदूकों और हथियारों की जरूरत थी. जिनके सहारे अंग्रेजों से आजादी छीनी जाती. इनका मानना था कि अंग्रेज इसीलिए इतने कम होने के बावजूद करोड़ों भारतीयों पर शासन कर पा रहे हैं क्योंकि उनके पास अच्छे हथियार और डेवलप्ड टेक्नोलॉजी है. ऐसी सिचुएशन में हमें उनसे भिड़ने के लिए ऐसे ही हथियारों की जरूरत होगी.

काकोरी लूट का आइडिया रामप्रसाद बिस्मिल का था

ये बात क्रांतिकारियों के दिमाग में चल ही रही थी कि एक रोज रामप्रसाद बिस्मिल ने शाहजहांपुर से लखनऊ की ओर सफर के दौरान ध्यान दिया कि स्टेशन मास्टर पैसों का थैला गार्ड को देता है जिसे वो ले जाकर लखनऊ के स्टेशन सुपरिटेंडेंट को दे देता है. बिस्मिल ने तय कर लिया कि इस पैसे को लूटना है. यहीं से काकोरी लूट की नींव पड़ी. ये क्रांतिकारी इन लूट के पैसों से बंदूकें, बम और हथियार खरीदना चाहते थे जिसे वो अंग्रेजों के खिलाफ यूज करते.

8 अगस्त को सारी प्लानिंग हुई शाहजहांपुर में. बहुत देर तक प्लानिंग के बाद अगले दिन यानी 9 अगस्त को ही ट्रेन लूटने की बात तय की गई. 9 अगस्त को बिस्मिल और अशफाक के साथ 8 और लोगों ने मिलकर ट्रेन लूट ली. सारे क्रांतिकारियों को हेड कर रहे थे रामप्रसाद बिस्मिल. बिस्मिल और अशफाक के अलावा इस लूट में शामिल और लोग थे -
बनारस से राजेंद्र लाहिड़ी
बंगाल से सचींद्र नाथ बख्शी
उन्नाव से चंद्रशेखर आजाद
कलकत्ता से केशव चक्रवर्ती
रायबरेली से बनवारी लाल
इटावा से मुकुंद लाल
बनारस से मन्मथ नाथ गुप्त
और शाहजहांपुर से ही मुरारी लाल

एक पठान की गद्दारी के चलते गिरफ्तार हुए

ब्रिटिश सरकार क्रांतिकारियों के इस बहादुरी भरे कदम से भौंचक्की रह गई थी. इसलिए इस बात को बहुत ही सीरियसली लेते हुए सरकार ने कुख्यात स्कॉटलैंड यार्ड को इसकी तफ्तीश में लगा दिया. एक महीने तक CID ने भी पूरी मेहनत से एक-एक सुबूत जुटाए और बहुत सारे क्रांतिकारियों को एक ही रात में गिरफ्तार करने में कामयाब रही. 26 सितंबर 1925 को पंडित रामप्रसाद बिस्मिल को भी गिरफ्तार कर लिया गया. और सारे लोग भी शाहजहांपुर में ही पकड़े गए.

पर अशफाक बनारस भाग निकले. जहां से वो बिहार चले गए. वहां वो एक इंजीनियरिंग कंपनी में दस महीनों तक काम करते रहे. वो गदर क्रांति के लाला हरदयाल से मिलने विदेश भी जाना चाहते थे. अपने क्रांतिकारी संघर्ष के लिए अशफाक उनकी मदद चाहते थे. इसके लिए वो दिल्ली गए जहां से उनका विदेश जाने का प्लान था. पर उनके एक अफगान दोस्त ने, जिस पर अशफाक को बहुत भरोसा था, उन्हें धोखा दे दिया. और अशफाक को गिरफ्तार कर लिया गया.

दिल्ली के SP को दिया यादगार जवाब

अशफाक को जानने वाले उनका ये किस्सा अक्सर सुनाते हैं. तस्द्दुक हुसैन उस वक्त दिल्ली के SP हुआ करते थे. उन्होंने अशफाक और बिस्मिल की दोस्ती को हिंदू-मुस्लिम कार्ड खेलकर तोड़ने की भरसक कोशिश की. अशफाक को बिस्मिल के खिलाफ भड़का कर वो उनसे सच उगलवाना चाहते थे. पर अशफाक मुंह नहीं खोल रहे थे. ऐसे में उन्होंने एक रोज अशफाक का बिस्मिल पर विश्वास तोड़ने के लिए कहा: बिस्मिल ने सच बोल दिया है और सरकारी गवाह बन रहा है. तब अशफाक ने SP को जवाब दिया, खान साहब! पहली बात, मैं पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को आपसे अच्छी तरह जानता हूं. और जैसा आप कह रहे हैं, वो वैसे आदमी नहीं हैं. दूसरी बात, अगर आप सही भी हों तो भी एक हिंदू होने के नाते वो ब्रिटिशों, जिनके आप नौकर हैं, उनसे बहुत अच्छे होंगे.

केस चला और मिली फांसी की सजा

अशफाक को फैजाबाद जेल भेज दिया गया. उन पर काकोरी का मेन कांस्पिरेटर होने का केस था. उनके भाई एक बहुत बड़े वकील को केस लड़ने के लिए लगाया. पर केस का फैसला अशफाक के खिलाफ ही रहा. और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. काकोरी षड्यंत्र में चार लोगों अशफाक उल्ला खां, राम प्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र लाहिड़ी और ठाकुर रौशन सिंह को फांसी की सजा हुई. और दूसरे 16 लोगों को चार साल कैद से लेकर उम्रकैद तक की सजा हुई.

फांसी के वक्त वहीं मौजूद एक इंसान ने लिखा है कि उनकी फांसी से चार दिन पहले ही अशफाक को फांसी दे दी गई. अशफाक रोज जेल में भी पांचों वक्त की नमाज पढ़ा करते थे. और खाली वक्त में डायरी लिखा करते थे. एक रोज दो अंग्रेज अफसर उनकी बैरक में उस वक्त आए जब अशफाक नमाज अता कर रहे थे. बोले, देखते हैं इस चूहे को कितना विश्वास इसे अपने खुदा पर उस वक्त रहेगा जब इसे टांगा जाएगा?

अंग्रेज अफसरों को फांसी के वक्त दिया जवाब

19 दिसम्बर, 1927 को जिस दिन अशफाक को फांसी होनी थी. अश्फाक ने अपनी जंजीरें खुलते ही बढ़कर फांसी का फंदा चूम लिया और बोले, मेरे हाथ लोगों की हत्याओं से जमे हुए नहीं हैं. मेरे खिलाफ जो भी आरोप लगाए गए हैं, झूठे हैं. अल्लाह ही अब मेरा फैसला करेगा. फिर उन्होंने वो फांसी का फंदा अपने गले में डाल लिया.

अशफाक की डायरी में से उनकी लिखी जो नज्में और शायरियां मिली हैं, उनमें से एक है -

किये थे काम हमने भी जो कुछ भी हमसे बन पाये,ये बातें तब की हैं आज़ाद थे और था शबाब अपना
मगर अब तो जो कुछ भी हैं उम्मीदें बस वो तुमसे हैं,जबां तुम हो लबे-बाम आ चुका है आफताब अपना
जिंदगी भर दोस्ती निभाने वाले अशफाक और बिस्मिल दोनों को अलग-अलग जगह पर फांसी दी गई. अशफाक को फैजाबाद में और बिस्मिल को गोरखपुर में. पर दोनों साथ ही इस जहान से गए और अपनी दोस्ती भी लेते गए. तारीख थी 19 दिसम्बर, 1927. कई फिल्मों में भी अशफाक का कैरेक्टर दिखाया गया है. रंग दे बसंती फिल्म में कुनाल कपूर ने उनका रोल प्ले किया था.

 
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Sam's Son

भारत में sunday की छुट्टी
किस व्यक्ति ने हमें दिलाई?
और इसके पीछे उस महान व्यक्ति का क्या मकसद था?
क्या है इसका इतिहास?
साथियों, जिस व्यक्ति की वजह से हमें ये छुट्टी हासिल हुयी है, उस महापुरुष का नाम है "नारायण मेघाजी लोखंडे". नारायण मेघाजी लोखंडे ये जोतीराव फुलेजी के सत्यशोधक आन्दोलन के कार्यकर्ता थे। और कामगार नेता भी थे। अंग्रेजो के समय में हफ्ते के सातो दिन मजदूरो को काम करना पड़ता था। लेकिन नारायण मेघाजी लोखंडे जी का ये मानना था की, हफ्ते में सात दिन हम अपने परिवार के लिए काम करते है। लेकिन जिस समाज की बदौलत हमें नौकरिया मिली है, उस समाज की समस्या छुड़ाने के लिए हमें एक दिन छुट्टी मिलनी चाहिए। उसके लिए उन्होंने अंग्रेजो के सामने 1881 में प्रस्ताव रखा। लेकिन अंग्रेज ये प्रस्ताव मानने के लिए तयार नहीं थे। इसलिए आख़िरकार नारायण मेघाजी लोखंडे जी को इस sunday की छुट्टी के लिए 1881 में आन्दोलन करना पड़ा। ये आन्दोलन दिन-ब-दिन बढ़ते गया। लगभग 8 साल ये आन्दोलन चला। आखिरकार 1889 में अंग्रेजो को sunday की छुट्टी का ऐलान करना पड़ा। ये है इतिहास।
क्या हम इसके बारे में जानते है?
अनपढ़ लोग छोड़ो लेकिन क्या पढ़े लिखे लोग भी इस बात को जानते है?
जहा तक हमारी जानकारी है, पढ़े लिखे लोग भी इस बात को नहीं जानते। अगर जानकारी होती तो sunday के दिन enjoy नहीं करते....समाज का काम करते....और अगर समाज का काम ईमानदारी से करते तो समाज में भुखमरी, बेरोजगारी, बलात्कार, गरीबी, लाचारी ये समस्या नहीं होती।
साथियों, इस sunday की छुट्टीपर हमारा हक़ नहीं है, इसपर "समाज" का हक़ है। कोई बात नहीं, आज तक हमें ये मालूम नहीं था लेकिन अगर आज हमें मालूम हुआ है तो आज से ही sunday का ये दिन सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित करें.!!

 
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Niki2512

मिनट-मिनट में Facebook पर स्टेटस अपडेट करने वाले भी नहीं जानते उससे जुड़े ये मज़ेदार फैक्ट्स

आभासी दुनिया के युग को शुरू हुए एक दशक से भी ज़्यादा का समय हो चुका है. आज लोग इस कदर इस दुनिया के निवासी बन चुके हैं कि उन्हें वास्तविक दुनिया में रहने का आनंद नहीं आता. खैर, अगर आप आभासी दुनिया का मतलब नहीं समझे तो मैं आपको बता देता हूं कि मैं यहां फेसबुक की बात कर रहा हूं, जहां लाइक, शेयर, फीलिंग, हैप्पी, एक्साइटेड और तरह-तरह की फीलिंग्स को सिर्फ़ शब्दों में कैद कर दिया है. इतना ही नहीं, जहां जा रहे हैं वहां के लिए उड़ान भरने तक का चिह्न आता है. लेकिन ट्रेन और बस से सफ़र करने वालों के लिए बस नहीं बनी आती. असमानता तो यहां भी है. खैर यहां बात कर रहे हैं फेसबुक से जुड़े तथ्यों की, जिन्हें आप आज तक नहीं जान पाए हैं. शायद जान गए भी हों, लेकिन अधिकतर लोग वो हैं जो रोज फेसबुक चलाने के बावजूद भी उससे जुड़ी ये आम बातें नहीं जानते.

1. कितने लोगों ने कहा आपकी फ्रेंड रिक्वेस्ट को \'न\'

कहने का मतलब है कि आपने अब तक कितने लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और उनमें से कितनों ने आपकी फ्रेंड रिक्वेस्ट को एक्सेपट किया. इस बारे में शायद आप नहीं जानते होंगे. इसलिए ये पता लगाने का सबसे आसान तरीका ये है कि आप किसी भी ब्राउज़र में फेसबुक खोलें और फ्रेंड रिक्यूवेस्ट टैब पर जाएं. यहां से व्यू ऑल ऑप्शन पर जाएं और व्यू सेंट रिक्वेस्ट पर क्लिक करें. आप यहां आसानी से देख सकेंगे कि कितने लोग आपकी फ्रेंड रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर चुके हैं और कितने नहीं.

2. अजनबियों से भी कर सकते हैं लाइव बात

ऐसा नहीं है कि आप केवल अपने परिचितों से ही फेसबुक लाइव के ज़रिये जुड़ सकते हैं. बल्कि आप अपरिचितों से भी फेसबुक लाइव के ज़रिये बात कर सकते हैं. इसके लिए लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था है. इसके लिए आप अपने एप के लाइव वीडियो कॉर्नर में जाएं और लेफ्ट हैंड से नैविगेट कर आप लोगों के रिकॉर्डिंग क्लिप्स पा सकते हैं. साथ ही यहीं से आपका वीडियो अन्य लोग भी देख सकेंगे.

3. एक्सेस योर \'अदर\' इनबॉक्स

इस बात को बेहद कम लोग ही जानते हैं कि उनके पास दो इनबॉक्स होते हैं. एक तो वो, जिसमें आपके दोस्तों के संदेश आते हैं और दूसरा वो जिसमें अजनबियों के संदेश आते हैं. आप \'अदर\' इनबॉक्स को देखने के लिए नॉर्मल इनबॉक्स पर क्लिक करें. वहीं आपको Message Request Inbox लिखा दिखाई देगा. इस पर क्लिक करने के बाद आप अपने \'अदर\' इनबॉक्स में पहुंच जाएंगे.

4. फेसबुक में सीक्रेट फुटबॉल गेम भी होता है

इसकी तो मैं शर्त लगा सकता हूं कि आप इस गेम से अब तक अंजान ही थे. ये सुविधा इसी वर्ष जून में शुरू की गई है, जिसके तहत आपको अपने मैसेंजर को अपडेट करना होगा. वहां से किसी भी दोस्त को फुटबॉल की इमोजी भेजें और फुटबॉल गेम का लुत्फ़ उठाएं.

5. अब तक फेसबुक पर किन तस्वीरों को किया है लाइक

अब तक आपने जिन भी तस्वीरों को फेसबुक पर लाइक किया है, उनके बारे में जानने के लिए आपको फेसबुक प्रोफाइल पर जाना होगा, और सर्च करना होगा Photos Liked by Me.

 
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Sam's Son

👌👍
Every brand has a story: Here are how these 30 famous brands were christened:

1. Nike: Name for the Greek Goddess of Victory. The swoosh signifies her flight.

2. Coca-Cola: The two main ingredients were Coca leaves and Cola berries.

3. Pepsi: From the digestive enzyme 'pepsin'. Although pepsin is not an ingredient in the drink.

4. Google: Derived from 'googul' which means 1 followed by 100 zeros. Signifies owners Larry Page and Sergey Brin's mission to provide innumerable info to all users.

5. Adidas: Named after owner Adolf Dassler whose nickname was Adi. Adi Dassler became Adidas.

6. Intel: Short for integrated electronics

7. Canon: Adapted from Kwanon (Japanese name of Buddhist Bodhisattva of Mercy). It was changed to Canon for easier acceptance worldwide.

8. Lego: Derived from Danish words 'Leg Godt', which means to 'play well'. Lego also means 'put together' in Latin, which they claim is actually a coincidence.

9. Nintendo: Transliterated from Nintendou. Nin in Japanese means 'entrusted' and Ten-dou means 'heaven'.

10. Amazon: CEO Jeff Bazos wanted a name starting with 'A'. He chose Amazon because it is the biggest river in the world, just what he wanted his company to be.

11. Skype: Originally the idea was 'Sky peer to peer', which later became Skyper and finally Skype.

12. Adobe: Named after a creek that ran behind the co-founder, John Warnock's house, called Adobe Creek.

13. Nokia: Started as wood-pulp mill, it expanded its business to producing rubber products in a city in Finland called Nokia.

14. Sony: Derived from the Latin word, 'Sonus' (meaning sound) and an American slang word, 'Sonny' (meaning bright youngster).

15. Vodafone: Voice, Data and Telefone.
Source: blogzamana

16. Volkswagen: Means 'People's car' in German. There was a time when only very expensive cars used to ply on German roads. Volkswagen was a revolution.

17. ebay: Originally called Echo Bay. The domain echobay.com was already taken. So it was shortened to ebay.

18. IBM: Founder TJ Watson Sr wanted to be a step ahead of his former employers 'National Cash Register', so he decided to call his company 'International Business Machines'.

19. Nikon: Short for Nippon Kogaku, which means 'Japanese Optical'.

20. Reebok: Derived from the Afrikaans spelling of an African Antelope, 'Rhebok'.

21. Starbucks: Named after a character in Moby Dick, Starbuck. Originally the name 'Peqoud' was suggested, the name of the ship from the novel. When it got rejected, they settled for 'Starbuck', the chief mate of that very ship.

22. Virgin: Because the business was new and the team members were virgins at business. This was suggested by a girl in Richard Branson's team.

23. Durex: Durable, Reliable and Excellence.

24. Fanta: The head of the German Coca-Cola team asked them to use their 'Fantasie' to come up with the name. That did not take long though.

25. Nivea: Derived from the Latin word 'Niveus', which means snow white.

26. HP (Hewlett Packard): William Hewlett and David Packard flipped a coin to decide whose name would come first.

27. Toyota: Named after founder Kiichiro Toyoda. The name was changed to Toyota because Toyoda literally means, 'fertile rice paddies'.

28. Microsoft: A combination of the words Microcomputer and Software.

29. Cisco: Not actually an acronym. They just removed San Fran from San Francisco.

30. Budweiser: Beer has been brewed in Budweis, Bohemia, since 1245. Budweiser means 'of Budweis' and was developed as a 'Bohemian-style' beer. Founder Adolphus Busch was inspired to create the beverage after a trip to the region.

Every brand has a story. And the name has of course been significant in these brands' success. Their name is now their fame!

 
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