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*🌷ऊँ की ध्वनि का महत्व जानिये*
एक घडी,आधी घडी,आधी में पुनि आध,,,,,,,
तुलसी चरचा राम की, हरै कोटि अपराध,,,,,,।।
1 घड़ी= 24मिनट
1/2घडी़=12मिनट
1/4घडी़=6 मिनट

*🌷क्या ऐसा हो सकता है कि 6 मि. में किसी साधन से करोडों विकार दूर हो सकते हैं।*

उत्तर है *हाँ हो सकते हैं*
वैज्ञानिक शोध करके पता चला है कि......

🌷सिर्फ 6 मिनट *ऊँ* का उच्चारण करने से सैकडौं रोग ठीक हो जाते हैं जो दवा से भी इतनी जल्दी ठीक नहीं होते.........

🌷👉 छः मिनट ऊँ का उच्चारण करने से मस्तिष्क मै विषेश वाइब्रेशन (कम्पन) होता है.... और औक्सीजन का प्रवाह पर्याप्त होने लगता है।

🌷कई मस्तिष्क रोग दूर होते हैं.. स्ट्रेस और टेन्शन दूर होती है,,,, मैमोरी पावर बढती है..।

🌷👉लगातार सुबह शाम 6 मिनट ॐ के तीन माह तक उच्चारण से रक्त संचार संतुलित होता है और रक्त में औक्सीजन लेबल बढता है।
🌷रक्त चाप , हृदय रोग, कोलस्ट्रोल जैसे रोग ठीक हो जाते हैं....।
🌷👉विशेष ऊर्जा का संचार होता है ......... मात्र 2 सप्ताह दोनों समय ॐ के उच्चारण से
🌷घबराहट, बेचैनी, भय, एंग्जाइटी जैसे रोग दूर होते हैं।

🌷👉कंठ में विशेष कंपन होता है मांसपेशियों को शक्ति मिलती है..।
🌷थाइराइड, गले की सूजन दूर होती है और स्वर दोष दूर होने लगते हैं..।
🌷👉पेट में भी विशेष वाइब्रेशन और दबाव होता है....। एक माह तक दिन में तीन बार 6 मिनट तक ॐ के उच्चारण से
🌷पाचन तन्त्र , लीवर, आँतों को शक्ति प्राप्त होती है, और डाइजेशन सही होता है, सैकडौं उदर रोग दूर होते हैं..।

🌷👉उच्च स्तर का प्राणायाम होता है, और फेफड़ों में विशेष कंपन होता है..।

🌷फेफड़े मजबूत होते हैं, स्वसनतंत्र की शक्ति बढती है, 6 माह में अस्थमा, राजयक्ष्मा (T.B.) जैसे रोगों में लाभ होता है।
🌷👉आयु बढती है।
ये सारे रिसर्च (शोध) विश्व स्तर के वैज्ञानिक स्वीकार कर चुके हैं।
*🌷जरूरत है छः मिनट रोज करने की....।*

*🙏�नोट:- ॐ का उच्चारण लम्बे स्वर में करें ।।*

*🙏🏻आप सदा स्वस्थ और प्रसन्न रहे यही मंगल कामना🙏🏻*

 
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284 days
 
akshay parekh

आयुर्वेद दोहे

पानी में गुड डालिए, बीत जाए जब रात!
सुबह छानकर पीजिए, अच्छे हों हालात!!
*धनिया की पत्ती मसल, बूंद नैन में डार!*
दुखती अँखियां ठीक हों, पल लागे दो-चार!!
*ऊर्जा मिलती है बहुत, पिएं गुनगुना नीर!*
कब्ज खतम हो पेट की, मिट जाए हर पीर!!
*प्रातः काल पानी पिएं, घूंट-घूंट कर आप!*
बस दो-तीन गिलास है, हर औषधि का बाप!!
*ठंडा पानी पियो मत, करता क्रूर प्रहार!*
करे हाजमे का सदा, ये तो बंटाढार!!
*भोजन करें धरती पर, अल्थी पल्थी मार!*
चबा-चबा कर खाइए, वैद्य न झांकें द्वार!!
*प्रातः काल फल रस लो, दुपहर लस्सी-छांस!*
सदा रात में दूध पी, सभी रोग का नाश!!
*प्रातः- दोपहर लीजिये, जब नियमित आहार!*
तीस मिनट की नींद लो, रोग न आवें द्वार!!
*भोजन करके रात में, घूमें कदम हजार!*
डाक्टर, ओझा, वैद्य का , लुट जाए व्यापार !!
*घूट-घूट पानी पियो, रह तनाव से दूर!*
एसिडिटी, या मोटापा, होवें चकनाचूर!!
*अर्थराइज या हार्निया, अपेंडिक्स का त्रास!*
पानी पीजै बैठकर, कभी न आवें पास!!
*रक्तचाप बढने लगे, तब मत सोचो भाय!*
सौगंध राम की खाइ के, तुरत छोड दो चाय!!
*सुबह खाइये कुवंर-सा, दुपहर यथा नरेश!*
भोजन लीजै रात में, जैसे रंक सुजीत!!
*देर रात तक जागना, रोगों का जंजाल!*
अपच,आंख के रोग सँग, तन भी रहे निढाल^^
*दर्द, घाव, फोडा, चुभन, सूजन, चोट पिराइ!*
बीस मिनट चुंबक धरौ, पिरवा जाइ हेराइ!!
*सत्तर रोगों कोे करे, चूना हमसे दूर!*
दूर करे ये बाझपन, सुस्ती अपच हुजूर!!
*भोजन करके जोहिए, केवल घंटा डेढ!*
पानी इसके बाद पी, ये औषधि का पेड!!
*अलसी, तिल, नारियल, घी सरसों का तेल!*
यही खाइए नहीं तो, हार्ट समझिए फेल!
*पहला स्थान सेंधा नमक, पहाड़ी नमक सु जान!*
श्वेत नमक है सागरी, ये है जहर समान!!
*अल्यूमिन के पात्र का, करता है जो उपयोग!*
आमंत्रित करता सदा, वह अडतालीस रोग!!
*फल या मीठा खाइके, तुरत न पीजै नीर!*
ये सब छोटी आंत में, बनते विषधर तीर!!
*चोकर खाने से सदा, बढती तन की शक्ति!*
गेहूँ मोटा पीसिए, दिल में बढे विरक्ति!!
*रोज मुलहठी चूसिए, कफ बाहर आ जाय!*
बने सुरीला कंठ भी, सबको लगत सुहाय!!
*भोजन करके खाइए, सौंफ, गुड, अजवान!*
पत्थर भी पच जायगा, जानै सकल जहान!!
*लौकी का रस पीजिए, चोकर युक्त पिसान!*
तुलसी, गुड, सेंधा नमक, हृदय रोग निदान!
*चैत्र माह में नीम की, पत्ती हर दिन खावे !*
ज्वर, डेंगू या मलेरिया, बारह मील भगावे !!
*सौ वर्षों तक वह जिए, लेते नाक से सांस!*
अल्पकाल जीवें, करें, मुंह से श्वासोच्छ्वास!!
*सितम, गर्म जल से कभी, करिये मत स्नान!*
घट जाता है आत्मबल, नैनन को नुकसान!!
*हृदय रोग से आपको, बचना है श्रीमान!*
सुरा, चाय या कोल्ड्रिंक, का मत करिए पान!!
*अगर नहावें गरम जल, तन-मन हो कमजोर!*
नयन ज्योति कमजोर हो, शक्ति घटे चहुंओर!!
*तुलसी का पत्ता करें, यदि हरदम उपयोग!*
मिट जाते हर उम्र में,तन में सारे रोग।
*कृपया इस जानकारी को जरूर आगे बढ़ाएं*

 
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271 days
 
akshay parekh

🙏😎 महाराणा प्रताप के बारे में कुछ रोचक जानकारी:-

😎1... महाराणा प्रताप एक ही झटके में घोड़े समेत दुश्मन सैनिक को काट डालते थे।

😎2.... जब इब्राहिम लिंकन भारत दौरे पर आ रहे थे । तब उन्होने अपनी माँ से पूछा कि- हिंदुस्तान से आपके लिए क्या लेकर आए ? तब माँ का जवाब मिला- "उस महान देश की वीर भूमि हल्दी घाटी से एक मुट्ठी धूल लेकर आना, जहाँ का राजा अपनी प्रजा के प्रति इतना वफ़ादार था कि उसने आधे हिंदुस्तान के बदले अपनी मातृभूमि को चुना ।"
लेकिन बदकिस्मती से उनका वो दौरा रद्द हो गया था |
"बुक ऑफ़ प्रेसिडेंट यु एस ए \' किताब में आप यह बात पढ़ सकते हैं |

😎3.... महाराणा प्रताप के भाले का वजन 80 किलोग्राम था और कवच का वजन भी 80 किलोग्राम ही था|
कवच, भाला, ढाल, और हाथ में तलवार का वजन मिलाएं तो कुल वजन 207 किलो था।

😎4.... आज भी महाराणा प्रताप की तलवार कवच आदि सामान उदयपुर राज घराने के संग्रहालय में सुरक्षित हैं |

😎5.... अकबर ने कहा था कि अगर राणा प्रताप मेरे सामने झुकते है, तो आधा हिंदुस्तान के वारिस वो होंगे, पर बादशाहत अकबर की ही रहेगी|
लेकिन महाराणा प्रताप ने किसी की भी अधीनता स्वीकार करने से मना कर दिया |

😎6.... हल्दी घाटी की लड़ाई में मेवाड़ से 20000 सैनिक थे और अकबर की ओर से 85000 सैनिक युद्ध में सम्मिलित हुए |

😎7.... महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक का मंदिर भी बना हुआ है, जो आज भी हल्दी घाटी में सुरक्षित है |

😎8.... महाराणा प्रताप ने जब महलों का त्याग किया तब उनके साथ लुहार जाति के हजारो लोगों ने भी घर छोड़ा और दिन रात राणा कि फौज के लिए तलवारें बनाईं | इसी
समाज को आज गुजरात मध्यप्रदेश और राजस्थान में गाढ़िया लोहार कहा जाता है|
मैं नमन करता हूँ ऐसे लोगो को |

😎9.... हल्दी घाटी के युद्ध के 300 साल बाद भी वहाँ जमीनों में तलवारें पाई गई।
आखिरी बार तलवारों का जखीरा 1985 में हल्दी घाटी में मिला था |

😎10..... महाराणा प्रताप को शस्त्रास्त्र की शिक्षा "श्री जैमल मेड़तिया जी" ने दी थी, जो 8000 राजपूत वीरों को लेकर 60000 मुसलमानों से लड़े थे। उस युद्ध में 48000 मारे गए थे । जिनमे 8000 राजपूत और 40000 मुग़ल थे |

😎11.... महाराणा के देहांत पर अकबर भी रो पड़ा था |

😎12.... मेवाड़ के आदिवासी भील समाज ने हल्दी घाटी में
अकबर की फौज को अपने तीरो से रौंद डाला था । वो महाराणा प्रताप को अपना बेटा मानते थे और राणा बिना भेदभाव के उन के साथ रहते थे ।
आज भी मेवाड़ के राजचिन्ह पर एक तरफ राजपूत हैं, तो दूसरी तरफ भील |

😎13..... महाराणा प्रताप का घोड़ा चेतक महाराणा को 26 फीट का दरिया पार करने के बाद वीर गति को प्राप्त हुआ | उसकी एक टांग टूटने के बाद भी वह दरिया पार कर गया। जहाँ वो घायल हुआ वहां आज खोड़ी इमली नाम का पेड़ है, जहाँ पर चेतक की मृत्यु हुई वहाँ चेतक मंदिर है |

😎14..... राणा का घोड़ा चेतक भी बहुत ताकतवर था उसके
मुँह के आगे दुश्मन के हाथियों को भ्रमित करने के लिए हाथी की सूंड लगाई जाती थी । यह हेतक और चेतक नाम के दो घोड़े थे|

😎15..... मरने से पहले महाराणा प्रताप ने अपना खोया हुआ 85 % मेवाड फिर से जीत लिया था । सोने चांदी और महलो को छोड़कर वो 20 साल मेवाड़ के जंगलो में
घूमे ।

😎16.... महाराणा प्रताप का वजन 110 किलो और लम्बाई 7\'5" थी, दो म्यान वाली तलवार और 80 किलो का भाला रखते थे हाथ में।

महाराणा प्रताप के हाथी
की कहानी:

मित्रो, आप सब ने महाराणा
प्रताप के घोड़े चेतक के बारे
में तो सुना ही होगा,
लेकिन उनका एक हाथी
भी था। जिसका नाम था रामप्रसाद। उसके बारे में आपको कुछ बाते बताता हुँ।

रामप्रसाद हाथी का उल्लेख
अल- बदायुनी, जो मुगलों
की ओर से हल्दीघाटी के
युद्ध में लड़ा था ने अपने एक ग्रन्थ में किया है।

वो लिखता है की- जब महाराणा प्रताप पर अकबर ने चढाई की थी, तब उसने दो चीजो को ही बंदी बनाने की मांग की थी ।
एक तो खुद महाराणा
और दूसरा उनका हाथी
रामप्रसाद।

आगे अल बदायुनी लिखता है
की- वो हाथी इतना समझदार व ताकतवर था की उसने हल्दीघाटी के युद्ध में अकेले ही अकबर के 13 हाथियों को मार गिराया था ।

वो आगे लिखता है कि-
उस हाथी को पकड़ने के लिए
हमने 7 बड़े हाथियों का एक
चक्रव्यूह बनाया और उन पर
14 महावतो को बिठाया, तब कहीं जाकर उसे बंदी बना पाये।

अब सुनिए एक भारतीय
जानवर की स्वामी भक्ति।

उस हाथी को अकबर के समक्ष पेश किया गया ।
जहा अकबर ने उसका नाम पीरप्रसाद रखा।

रामप्रसाद को मुगलों ने गन्ने
और पानी दिया।

पर उस स्वामिभक्त हाथी ने
18 दिन तक मुगलों का न
तो दाना खाया और न ही
पानी पिया और वो शहीद
हो गया।

तब अकबर ने कहा था कि-
जिसके हाथी को मैं अपने सामने नहीं झुका पाया,
उस महाराणा प्रताप को क्या झुका पाउँगा.?

इसलिए मित्रो हमेशा अपने
भारतीय होने पे गर्व करो।

पढ़कर सीना चौड़ा हुआ हो
तो शेयर कर देना।👌

 
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321 days
 
DDLJ143

*स्विट्जरलैंड*

नाम तो आपने सुना ही होगा 'स्विट्जरलैंड'। ऐसा देश जहाँ दुनियां का हर शादीशुदा जोड़ा अपना हनीमून मनाने के ख्वाब देखता हैं। बर्फीली वादियों से ढका ये देश सुंदरता की अद्भुत कृति है। हरियाली हो या बर्फ, आंखे जिधर भी जाये पलक झपकना भूल जाये। दुनिया का सबसे सम्पन्न देश हैं स्विट्जरलैंड! हर प्रकार से सम्पन्न इस देश की एक रोचक कहानी बताता हूँ।

आज से लगभग 50 साल पहले स्विट्जरलैंड में एक प्राइवेट बैंक की स्थापना हुई जिसका नाम था 'स्विसबैंक'। इस बैंक के नियम दुनिया की अन्य बैंको से भिन्न थे। ये स्विसबैंक अपने ग्राहकों से उसके पैसे के रखरखाव और गोपनीयता के बदले उल्टा ग्राहक से पैसे वसूलती थी। साथ ही गोपनीयता की गारंटी।
न ग्राहक से पूछना की पैसा कहां से आया ?
न कोई सवाल न बाध्यता।

सालभर में इस बैंक की ख्याति विश्वभर में फैल चुकी थी।चोर, बेईमान नेता, माफिया, तस्कर और बड़े बिजनेसमेन इन सबकी पहली पसंद बन चुकी थी स्विस बैंक। बैंक का एक ही नियम था। रिचार्ज कार्ड की तरह एक नम्बर खाता धारक को दिया जाता, साथ ही एक पासवर्ड दिया जाता बस। जिसके पास वह नम्बर होगा बैंक उसी को जानता था। न डिटेल, न आगे पीछे की पूछताछ होती।

लेकिन बैंक का एक नियम था कि अगर सात साल तक कोई ट्रांजेक्शन नही हुआ या खाते को सात साल तक नही छेड़ा गया तो बैंक खाता सीज करके रकम पर अधिकार जमा कर लेगा। सात वर्ष तक ट्रांजेक्शन न होने की सूरत में रकम बैंक की।

अब रोज दुनियाभर में न जाने कितने माफिया मारे जाते हैं। नेता पकड़े जाते हैं। कितने तस्कर पकड़े या मारे जाते है, कितनो को उम्रकैद होती है। ऐसी स्थिति में न जाने कितने ऐसे खाते थे जो बैंक में सीज हो चुके थे। सन् 2000 की नई सदी के अवसर पर बैंक ने ऐसे खातों को खोला तो उनमें मिला कालाधन पूरी दुनिया के 40% काले धन के बराबर था।

पूरी दुनियां का लगभग आधा कालाधन।
ये रकम हमारी कल्पना से बाहर हैं। शायद बैंक भी नही समझ पा रहा था कि क्या किया जाए इस रकम का।
क्या करें, क्या करे।

ये सोचते सोचते बैंक ने एक घोषणा की और पूरे स्विट्जरलैंड के नागरिकों से राय मांगी की इस रकम का क्या करे। साथ ही बैंक ने कहा कि देश के नागरिक चाहे तो ये रकम बैंक उन्हें बांट सकता हैं और प्रत्येक नागरिक को एक करोड़ की रकम मिल जाएगी। सरकार की तरफ से 15 दिन चले सर्वे में 99.2% लोगों की राय थी कि इस रकम को देश की सुंदरता बढ़ाने में और विदेशी पर्यटकों की सुख सुविधाओं और विकास में खर्च किया जाए।

सर्वे के नतीजे हम भारतीयों के लिये चौंकाने वाले है लेकिन राष्ट्रभक्त स्विटरजरलैंड की जनता के लिये ये साधारण बात थी। उन्होंने हराम के पैसों को नकार दिया। मुफ्त नही चाहिये ये स्पष्ट सर्वे हुआ।

चौंकाने वाला काम दूसरे दिन हुआ। 25 जनवरी 2000 को स्विट्जरलैंड की जनता बैनर लेकर सरकारी सर्वे चैनल के बाहर खड़ी थी। उनका कहना था जो 0.8% लोग हैं मुफ्त की खाने वाले, उनके नाम सार्वजनिक करो।
ये समाज पर और स्विट्जरलैंड पर कलंक है। काफी मशक्कत के बाद सरकार ने मुफ्त की मांग करने वालो को दंडित करने का आश्वासन दिया, तब जनता शांत हुई।

और यहां भारत मे, 15 लाख मोदी से चाहिये।🤔🤔🤔🤔

 
202
 
163 days
 
B P S R

*सेंधा नमक के फायदा*

1. सेंधा नमक हड्डियों को मजबूत रखता है।
2. मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या सेंधा नमक के सेवन से ही ठीक हो सकती है।
3. नियमित सेंधा नमक का सेवन करने से प्राकृतिक नींद आती है। यह अनिंद्रा की तकलीफ को दूर करता है।
4. यह साइनस के दर्द को कम करता है।
5. शरीर में शर्करा को शरीर के अनुसार ही संतुलित रखता है।
6. पाचन तंत्र को ठीक रखता है।
7. यह शरीर में जल के स्तर की जांच करता है जिसकी वजह से शरीर की क्रियाओं को मदद मिलती है।
8. पित्त की पत्थरी व मूत्रपिंड को रोकने में सेंधा नमक और दूसरे नमकों से बेहद उपयोगी है।
9. पानी के साथ सेंधा नमक लेने से रक्तचाप नियंत्रित रहता है।
10. यह नमक वजन को नियंत्रित करता है क्योंकि यह शरीर में पाचक रसों का निर्माण करता है। जिससे खाना जल्दी पच जाता है और कब्ज भी दूर हो जाती है।

 
188
 
340 days
 
akshay parekh

सैमसंग के बारें में रोचक तथ्य

1. Samsung Company 1938 में साउथ कोरिया में शुरू की गई थी। उस समय इसका सबसे अहम काम था मछ्ली बेचना।

2. सैमसंग शब्द कोरियन भाषा से लिया गया है. अंग्रेजी भाषा में इसका मतलब थ्री स्टार्स होता है।

3. सैमसंग कंपनी महज 40 लोगो के साथ स्टाफ के साथ शुरू हुई थी लेकिन अब इसमें 3,75,000 लोग काम करते है। वही एप्पल के पास केवल 80,300 कर्मचारी हैं।

4. Samsung company 1938 से लेकर अब तक 80 अलग-अलग तरह के बिजनेस में अपना हाथ आजमा चुकी है।

5. सैमसंग ने इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री की शुरूआत 1960 में की थी। और आपको बता दें कि सैमसंग के 90 प्रतिशत प्रोडक्ट्स खुद सैमसंग की ही फैक्ट्री में बनते हैं।

6. सैमसंग द्वारा सबसे पहला मोबाइल डिवाइज 1986 में लॉन्च किया गया था। यह एक कार फोन था। यह गैजेट बुरी तरह से पिट गया था।

7. 1993 से सैमसंग कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी चिप (मेमोरी चिप या रैम) मेकिंग कंपनियों में से एक है। खबरों की मानें तो Apple Iphone 7 के लिए चिप भी सैमसंग कंपनी ने बनाई है।

8. तरक्की की सीढ़ी चढ़ना सैमसंग ने 1995 से ही शुरू कर दिया था। इसी साल कंपनी के चेयरमैन \'ली कुन ही\' ने सैमसंग के कर्मचारियों के सामने 1,50,000 फोन और फैक्स मशीन इकट्ठा किए और अपने कर्मचारियों के सामने उन्हें नष्ट करवाया था। सैमसंग के 2000 कर्मचारियों ने यह नजारा देखा था।

9. सैमसंग कंपनी ने सबसे पहले CDMA (1996 में), डिजिटल टीवी (1998 में), वॉट फोन (1999 में) और MP3 फोन (1999 में) लॉन्च किया था।

10. सैमसंग ने इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट के पॉपुलर ब्रांड सोनी को 2004-2005 में ओवरटेक किया और पूरी दुनिया में छा गई।

11. आज के समय में दुनिया में बिकने वाला हर तीसरा फोन सैमसंग का होता हैं।

12. दुनिया के 70 प्रतिशत स्मार्टफोन सैमसंग के द्वारा बनाई गई RAM का इस्तेमाल करते हैं।

13. सैमसंग ने दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग बुर्ज खलीफा भी बनाई है।

14. सैमसंग साउथ कोरिया में सबसे ज्यादा रेवेन्यू जनरेट करने वाली कंपनी है।

15. हर मिनट दुनिया भर में 100 सैमसंग टीवी बेचे जाते हैं।

16. सैमसंग ग्रुप हर साल अपने नॉन प्रॉफिटेबल ऑर्गनाइजेशन सैमसंग मेडिकल सेंटर के लिए 100 मिलियन डॉलर डोनेट करता है।

17. Apple iPad\'s retina डिस्प्ले वास्तव में सैमसंग द्वारा बनाई गई है।

18. आपको शायद मजाक लगे लेकिन सच ये है कि सैमसंग कभी सब्जी, नूडल्स और मछली भी बेचा करती थी।

 
187
 
332 days
 
B P S R

 1. Nike का मशहूर logo, 1971 में सिर्फ 35$ के लिए डिजाईन किया गया था.

2. White House में रहना मुफ्त नही हैं, राष्ट्रपति को हर महीने खाने व पानी का बिल देना पड़ता हैं.

3. जापान में जन्म दर इतनी कम हैं कि यहाँ बच्चों के डायपर से ज्यादा तो आदमियों के डायपर बिकते हैं.

4. Brazil में कैदी अपनी पढ़ी हुई किताब पर रिपोर्ट बनाकर अपनी सजा को 4 दिन कम करा सकता हैं.

5. McDonald\'s के menu में पहला आइटम hot dogs हैं ना कि hamburgers.

6. TIME मैगज़ीन का पूरा नाम The International Magzine of Events.

7. पनामा नहर को बनाने में, Accident और Health problems की वजह से 5,000 से ज्यादा लोग मारे गए.

8. इतिहास में Titanic अकेला ऐसा जहाज हैं जो Icebarg (हिमखंड) के टकराने से डूबा.

9. Romans अपने दांतो को चमकाने के लिए पेशाब का इस्तेमाल करते थे.

10. लंबी दूरी की रेस में मानव सभी जानवरों को हरा देगा.

11. हर 8 में से 1 अमेरिकी McDonald\'s में काम करता हैं.

12. दुनिया में 10 करोड़ लोगो के लाल बाल हैं.

13. Internet पर 37% वेबसाइट PORN हैं.

14. हर समय दुनिया के 5 करोड़ लोग नशे में रहते हैं.

15. 2 करोड़ अमेरिकी दावा करते हैं कि वो जिंदगी में कभी नही नहाए.

16. यदि आपकी जेब में 10$ हैं और आप पर कोई कर्ज नही हैं तो आप 8 करोड़ अमेरिकियों से अमीर हैं.

17. Rio de Janeiro\'s की 63 लाख population में से 13 लाख Gay (गे) हैं.

18. उल्टे हाथ से लिखने वाले लोग 3 साल जल्दी मरते हैं.

19. Egypt के पिरामिड में काम करने वाले मज़दूरों को तनख्वाह में beer दी जाती थी ( 4 ली० प्रतिदिन).

20. Norway के लोग नवंबर में आधा टैक्स भरते हैं, ताकि उनके पास Christmas के लिए ज़्यादा पैसे हों.

21. 20 से कम चालों में Rubik\'s Cube हल करने के आपके पास 43,252,003,274,489,856,000 तरीके हैं.

22. Abraham Lincoln, ने जिस दिन The Secret Service की स्थापना की उसी दिन उन्हें गोली लगी.

23. किसी भी फुटबाॅल के मैच में 149-0 अब तक का सबसे ज्यादा स्कोर हैं.

24. दुनिया का सबसे बड़ा Mall चीन में हैं लेकिन वह 99% खाली हैं.

25. इतिहास की 80% marriage चचेरे भाई या इससे करीबी के बीच हुई हैं.

 
182
 
303 days
 
B P S R

*यदि 05 सेकंड के लिए धरती से ऑक्सीजन गायब हो जाए तो क्या होगा???*

05 सेकंड के लिए धरती बहुत, बहुत ठंडी हो जाएगी.

जितने भी लोग समुद्र किनारे लेटे हैं...उन्हें तुरंत सनबर्न होने लगेगा.

दिन में भी अँधेरा छा जाएगा.

हर वह इंजन रूक जाएगा जिनमें आंतरिक दहन होता है.

रनवे पर टेक ऑफ कर चुका प्लेन वहीं क्रैश हो जाएगा.

धातुओ के टुकड़े बिना वैल्डिंग के ही आपस में जुड़ जाएगे.
.
ऑक्सीजन न होने का यह बहुत भयानक साइड इफेक्ट होगा......

पूरी दुनिया में सबके कानों के पर्दे फट जाएगे....क्योंकि 21% ऑक्सीज़न के अचानक लुप्त होने से हवा का दबाव घट जाएगा.

सभी का बहरा होना पक्का है.

कंक्रीट से बनी हर बिल्डिंग ढेर हो जाएगी.

हर जीवित कोशिका फूलकर फूट जाएगी.
.
पानी में 88.8% ऑक्सीज़न होती है.
ऑक्सीजन ना होने पर हाइड्रोजन गैसीय अवस्था में आ जाएगी और इसका वाॅल्यूम बढ़ जाएगा.
हमारी साँसे बाद में रूकेगी, हम फूलकर पहले ही फट जाएँगे.

समुद्रो का सारा पानी भाप बनकर उड़ जाएगा.....क्योंकि बिना ऑक्सीजन पानी हाइड्रोजन गैस में बदल जाएगा और यह सबसे हल्की गैस होती है तो इसका अंतरिक्ष में उड़ना लाज़िमी है.

ऑक्सीजन के अचानक गुम होने से हमारे पैरों तले की जमीन खिसककर 10-15 किलोमीटर नीचे चली जाएगी.

 
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130 days
 
B P S R

Royal Enfield से जुड़े :-

1. Royal Enfield ने हथियार बनाने वाली कंपनी के रूप में बिजनेस शुरू किया था। जो Enfield rifle के लिए प्रसिद्ध था। राॅयल एनफील्ड ने मोटरसाइकिल बनाने की शुरूआत सन् 1901 से की थी।

2. राॅयल एनफील्ड का logo एक तोप था, और इसकी टैग लाइन थी "तोप की तरह दिखने वाली, गोली की तरह चलने वाली"।

3. Royal Enfield कंपनी की हर मोटर साइकिल की तेल की टंकी चेन्नई के दो कलाकारों द्वारा हाथ से पेंट की जाती है।

4. ब्रिटेन के लिए बाइक बनाने से पहले यह कंपनी रूसीसरकार को युद्ध के लिए बाइक बनाकर देती थी।

5. यदि ब्रिटेन से लेकर भारत तक के पूरे उत्पादन को जोड़ा जाए तो royal enfield दुनिया की सबसे पुरानी मोटरसाइकिल कंपनी है जो अभी भी उत्पादन कर रही है। Bullet 350 सबसे लंबे समय तक चलने वाला मोटरसाइकिल माॅडल है (1955 से लेकर अब तक)।

6. आपने सबसे पहले \'शोले\' फिल्म में side car के साथ royal enfield बाईक देखी होगी। साइड कार के साथ राॅयल एनफील्ड का प्रयोग पहले विश्व युद्ध में मशीन गन व आर्मी के लिए किया जाता था।

7. Royal Enfield भारत में पहली ऐसी कंपनी थी जिसने मोटरसाइकिल में 4 इंजन स्ट्रोक का इस्तेमाल किया।

8. 1990 में, Enfield India ने एक डीजल से चलने वाली मोटरसाइकिल निकाली थी जिसका नाम था "Taurus". दुर्भाग्य से, यह मोटरसाइकिल कंपनी को ज्यादा सफलता नही दिला पाई। इसलिए 2002 में इसका उत्पादन बंद करना पड़ा।

9. भारत में टू-व्हीलर में रियर डिस्क ब्रेक का प्रयोग करने वाली पहली कंपनी royal enfield है।

10. 1965 में भारत सरकार ने अपनी पुलिस और सेना के लिए एक अच्छी मोटरसाइकिल के लिए सोचना शुरू किया देश की सीमा में गश्त तथा अन्य कार्यों के लिए। इसके लिए बुलेट सबसे अच्छी बाइक के रूप में चुना गया था। रॉयल एनफील्ड ही एक ऐसी कंपनी है जिसकी बाइक भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल की जाती है।

11. रॉयल एनफील्ड भारत के साथ-साथ अमेरिका, जापान, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और 45 अन्य देशों के लिए भी मोटरसाइकिलों का निर्यात करता है।

12. जितनी Harley Davidson बाइक पूरी दुनिया में बेची गई है उससे कही ज्यादा बाइक Royal enfield ने भारत में बेच दी है।

 
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🌹हवन का महत्व 👉

🌹 फ़्रांस के ट्रेले नामक वैज्ञानिक ने हवन पर रिसर्च की। जिसमे उन्हें पता चला की हवन मुख्यतः 👉👇
🌹आम की लकड़ी पर किया जाता है। जब आम की लकड़ी जलती है तो फ़ॉर्मिक एल्डिहाइड नामक गैस उत्पन्न होती है जो की खतरनाक बैक्टीरिया और जीवाणुओ को मारती है ।तथा वातावरण को शुद्द करती है।
🌹 इस रिसर्च के बाद ही वैज्ञानिकों को इस गैस और इसे बनाने का तरीका पता चला।
🌹 गुड़ को जलाने पर भी ये गैस उत्पन्न होती है।

(२) टौटीक नामक वैज्ञानिक ने हवन पर की गयी अपनी रिसर्च में ये पाया की यदि आधे घंटे हवन में बैठा जाये अथवा हवन के धुएं से शरीर का सम्पर्क हो तो टाइफाइड जैसे खतरनाक रोग फ़ैलाने वाले जीवाणु भी मर जाते हैं और शरीर शुद्ध हो जाता है।

(३) हवन की महत्ता देखते हुए राष्ट्रीय वनस्पति अनुसन्धान संस्थान लखनऊ के वैज्ञानिकों ने भी इस पर एक रिसर्च की क्या वाकई हवन से वातावरण शुद्द होता है और जीवाणु नाश होता है अथवा नही. उन्होंने ग्रंथो. में वर्णित हवन सामग्री जुटाई और जलाने पर पाया की ये विषाणु नाश करती है। फिर उन्होंने विभिन्न प्रकार के धुएं पर भी काम किया और देखा की सिर्फ आम की लकड़ी १ किलो जलाने से हवा में मौजूद विषाणु बहुत कम नहीं हुए पर जैसे ही उसके ऊपर आधा किलो हवन सामग्री डाल कर जलायी गयी एक घंटे के भीतर ही कक्ष में मौजूद बॅक्टेरिया का स्तर ९४ % कम हो गया। यही नही. उन्होंने आगे भी कक्ष की हवा में मौजुद जीवाणुओ का परीक्षण किया और पाया की कक्ष के दरवाज़े खोले जाने और सारा धुआं निकल जाने के २४ घंटे बाद भी जीवाणुओ का स्तर सामान्य से ९६ प्रतिशत कम था। बार बार परीक्षण करने पर ज्ञात हुआ की इस एक बार के धुएं का असर एक माह तक रहा और उस कक्ष की वायु में विषाणु स्तर 30 दिन बाद भी सामान्य से बहुत कम था।

यह रिपोर्ट एथ्नोफार्माकोलोजी के शोध पत्र (resarch journal of Ethnopharmacology 2007) में भी दिसंबर २००७ में छप चुकी है। रिपोर्ट में लिखा गया की हवन के द्वारा न सिर्फ मनुष्य बल्कि वनस्पतियों फसलों को नुकसान पहुचाने वाले बैक्टीरिया का नाश होता है। जिससे फसलों में रासायनिक खाद का प्रयोग कम हो सकता है।

🌹 क्या हो हवन की समिधा (जलने वाली लकड़ी):-👇
🌹 समिधा के रूप में आम की लकड़ी सर्वमान्य है परन्तु अन्य समिधाएँ भी विभिन्न कार्यों हेतु प्रयुक्त होती हैं। सूर्य की समिधा मदार की, चन्द्रमा की पलाश की, मङ्गल की खैर की, बुध की चिड़चिडा की, बृहस्पति की पीपल की, शुक्र की गूलर की, शनि की शमी की, राहु दूर्वा की और केतु की कुशा की समिधा कही गई है। मदार की समिधा रोग को नाश करती है, पलाश की सब कार्य सिद्ध करने वाली, पीपल की प्रजा (सन्तति) काम कराने वाली, गूलर की स्वर्ग देने वाली, शमी की पाप नाश करने वाली, दूर्वा की दीर्घायु देने वाली और कुशा की समिधा सभी मनोरथ को सिद्ध करने वाली होती है।

🌹 हव्य (आहुति देने योग्य द्रव्यों) के प्रकार
प्रत्येक ऋतु में आकाश में भिन्न-भिन्न प्रकार के वायुमण्डल रहते हैं। सर्दी, गर्मी, नमी, वायु का भारीपन, हलकापन, धूल, धुँआ, बर्फ आदि का भरा होना। विभिन्न प्रकार के कीटणुओं की उत्पत्ति, वृद्धि एवं समाप्ति का क्रम चलता रहता है। इसलिए कई बार वायुमण्डल स्वास्थ्यकर होता है। कई बार अस्वास्थ्यकर हो जाता है। इस प्रकार की विकृतियों को दूर करने और अनुकूल वातावरण उत्पन्न करने के लिए हवन में ऐसी औषधियाँ प्रयुक्त की जाती हैं, जो इस उद्देश्य को भली प्रकार पूरा कर सकती हैं।

🌹 होम द्रव्य -

होम-द्रव्य अथवा हवन सामग्री वह जल सकने वाला पदार्थ है जिसे यज्ञ (हवन/होम) की अग्नि में मन्त्रों के साथ डाला जाता है।

(१) सुगन्धित : केशर, अगर, तगर, चन्दन, इलायची, जायफल, जावित्री छड़ीला कपूर कचरी बालछड़ पानड़ी आदि

(२) पुष्टिकारक : घृत, गुग्गुल ,सूखे फल, जौ, तिल, चावल शहद नारियल आदि

(३) मिष्ट - शक्कर, छूहारा, दाख आदि

(४) रोग नाशक -गिलोय, जायफल, सोमवल्ली ब्राह्मी तुलसी अगर तगर तिल इंद्रा जव आमला मालकांगनी हरताल तेजपत्र प्रियंगु केसर सफ़ेद चन्दन जटामांसी आदि

🌹 उपरोक्त चारों प्रकार की वस्तुएँ हवन में प्रयोग होनी चाहिए। अन्नों के हवन से मेघ-मालाएँ अधिक अन्न उपजाने वाली वर्षा करती हैं। सुगन्धित द्रव्यों से विचारों शुद्ध होते हैं, मिष्ट पदार्थ स्वास्थ्य को पुष्ट एवं शरीर को आरोग्य प्रदान करते हैं, इसलिए चारों प्रकार के पदार्थों को समान महत्व दिया जाना चाहिए। यदि अन्य वस्तुएँ उपलब्ध न हों, तो जो मिले उसी से अथवा केवल तिल, जौ, चावल से भी काम चल सकता है।

🌹 सामान्य हवन सामग्री -👉

तिल, जौं, सफेद चन्दन का चूरा , अगर , तगर , गुग्गुल, जायफल, दालचीनी, तालीसपत्र , पानड़ी , लौंग , बड़ी इलायची , गोला , छुहारे नागर मौथा , इन्द्र जौ , कपूर कचरी , आँवला ,गिलोय, जायफल, ब्राह्मी.
🌹 जय गायत्री ।
🌹 जय गुरुदेव ।

 
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akshay parekh
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