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*🌷ऊँ की ध्वनि का महत्व जानिये*
एक घडी,आधी घडी,आधी में पुनि आध,,,,,,,
तुलसी चरचा राम की, हरै कोटि अपराध,,,,,,।।
1 घड़ी= 24मिनट
1/2घडी़=12मिनट
1/4घडी़=6 मिनट

*🌷क्या ऐसा हो सकता है कि 6 मि. में किसी साधन से करोडों विकार दूर हो सकते हैं।*

उत्तर है *हाँ हो सकते हैं*
वैज्ञानिक शोध करके पता चला है कि......

🌷सिर्फ 6 मिनट *ऊँ* का उच्चारण करने से सैकडौं रोग ठीक हो जाते हैं जो दवा से भी इतनी जल्दी ठीक नहीं होते.........

🌷👉 छः मिनट ऊँ का उच्चारण करने से मस्तिष्क मै विषेश वाइब्रेशन (कम्पन) होता है.... और औक्सीजन का प्रवाह पर्याप्त होने लगता है।

🌷कई मस्तिष्क रोग दूर होते हैं.. स्ट्रेस और टेन्शन दूर होती है,,,, मैमोरी पावर बढती है..।

🌷👉लगातार सुबह शाम 6 मिनट ॐ के तीन माह तक उच्चारण से रक्त संचार संतुलित होता है और रक्त में औक्सीजन लेबल बढता है।
🌷रक्त चाप , हृदय रोग, कोलस्ट्रोल जैसे रोग ठीक हो जाते हैं....।
🌷👉विशेष ऊर्जा का संचार होता है ......... मात्र 2 सप्ताह दोनों समय ॐ के उच्चारण से
🌷घबराहट, बेचैनी, भय, एंग्जाइटी जैसे रोग दूर होते हैं।

🌷👉कंठ में विशेष कंपन होता है मांसपेशियों को शक्ति मिलती है..।
🌷थाइराइड, गले की सूजन दूर होती है और स्वर दोष दूर होने लगते हैं..।
🌷👉पेट में भी विशेष वाइब्रेशन और दबाव होता है....। एक माह तक दिन में तीन बार 6 मिनट तक ॐ के उच्चारण से
🌷पाचन तन्त्र , लीवर, आँतों को शक्ति प्राप्त होती है, और डाइजेशन सही होता है, सैकडौं उदर रोग दूर होते हैं..।

🌷👉उच्च स्तर का प्राणायाम होता है, और फेफड़ों में विशेष कंपन होता है..।

🌷फेफड़े मजबूत होते हैं, स्वसनतंत्र की शक्ति बढती है, 6 माह में अस्थमा, राजयक्ष्मा (T.B.) जैसे रोगों में लाभ होता है।
🌷👉आयु बढती है।
ये सारे रिसर्च (शोध) विश्व स्तर के वैज्ञानिक स्वीकार कर चुके हैं।
*🌷जरूरत है छः मिनट रोज करने की....।*

*🙏�नोट:- ॐ का उच्चारण लम्बे स्वर में करें ।।*

*🙏🏻आप सदा स्वस्थ और प्रसन्न रहे यही मंगल कामना🙏🏻*

 
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348 days
 
akshay parekh

आयुर्वेद दोहे

पानी में गुड डालिए, बीत जाए जब रात!
सुबह छानकर पीजिए, अच्छे हों हालात!!
*धनिया की पत्ती मसल, बूंद नैन में डार!*
दुखती अँखियां ठीक हों, पल लागे दो-चार!!
*ऊर्जा मिलती है बहुत, पिएं गुनगुना नीर!*
कब्ज खतम हो पेट की, मिट जाए हर पीर!!
*प्रातः काल पानी पिएं, घूंट-घूंट कर आप!*
बस दो-तीन गिलास है, हर औषधि का बाप!!
*ठंडा पानी पियो मत, करता क्रूर प्रहार!*
करे हाजमे का सदा, ये तो बंटाढार!!
*भोजन करें धरती पर, अल्थी पल्थी मार!*
चबा-चबा कर खाइए, वैद्य न झांकें द्वार!!
*प्रातः काल फल रस लो, दुपहर लस्सी-छांस!*
सदा रात में दूध पी, सभी रोग का नाश!!
*प्रातः- दोपहर लीजिये, जब नियमित आहार!*
तीस मिनट की नींद लो, रोग न आवें द्वार!!
*भोजन करके रात में, घूमें कदम हजार!*
डाक्टर, ओझा, वैद्य का , लुट जाए व्यापार !!
*घूट-घूट पानी पियो, रह तनाव से दूर!*
एसिडिटी, या मोटापा, होवें चकनाचूर!!
*अर्थराइज या हार्निया, अपेंडिक्स का त्रास!*
पानी पीजै बैठकर, कभी न आवें पास!!
*रक्तचाप बढने लगे, तब मत सोचो भाय!*
सौगंध राम की खाइ के, तुरत छोड दो चाय!!
*सुबह खाइये कुवंर-सा, दुपहर यथा नरेश!*
भोजन लीजै रात में, जैसे रंक सुजीत!!
*देर रात तक जागना, रोगों का जंजाल!*
अपच,आंख के रोग सँग, तन भी रहे निढाल^^
*दर्द, घाव, फोडा, चुभन, सूजन, चोट पिराइ!*
बीस मिनट चुंबक धरौ, पिरवा जाइ हेराइ!!
*सत्तर रोगों कोे करे, चूना हमसे दूर!*
दूर करे ये बाझपन, सुस्ती अपच हुजूर!!
*भोजन करके जोहिए, केवल घंटा डेढ!*
पानी इसके बाद पी, ये औषधि का पेड!!
*अलसी, तिल, नारियल, घी सरसों का तेल!*
यही खाइए नहीं तो, हार्ट समझिए फेल!
*पहला स्थान सेंधा नमक, पहाड़ी नमक सु जान!*
श्वेत नमक है सागरी, ये है जहर समान!!
*अल्यूमिन के पात्र का, करता है जो उपयोग!*
आमंत्रित करता सदा, वह अडतालीस रोग!!
*फल या मीठा खाइके, तुरत न पीजै नीर!*
ये सब छोटी आंत में, बनते विषधर तीर!!
*चोकर खाने से सदा, बढती तन की शक्ति!*
गेहूँ मोटा पीसिए, दिल में बढे विरक्ति!!
*रोज मुलहठी चूसिए, कफ बाहर आ जाय!*
बने सुरीला कंठ भी, सबको लगत सुहाय!!
*भोजन करके खाइए, सौंफ, गुड, अजवान!*
पत्थर भी पच जायगा, जानै सकल जहान!!
*लौकी का रस पीजिए, चोकर युक्त पिसान!*
तुलसी, गुड, सेंधा नमक, हृदय रोग निदान!
*चैत्र माह में नीम की, पत्ती हर दिन खावे !*
ज्वर, डेंगू या मलेरिया, बारह मील भगावे !!
*सौ वर्षों तक वह जिए, लेते नाक से सांस!*
अल्पकाल जीवें, करें, मुंह से श्वासोच्छ्वास!!
*सितम, गर्म जल से कभी, करिये मत स्नान!*
घट जाता है आत्मबल, नैनन को नुकसान!!
*हृदय रोग से आपको, बचना है श्रीमान!*
सुरा, चाय या कोल्ड्रिंक, का मत करिए पान!!
*अगर नहावें गरम जल, तन-मन हो कमजोर!*
नयन ज्योति कमजोर हो, शक्ति घटे चहुंओर!!
*तुलसी का पत्ता करें, यदि हरदम उपयोग!*
मिट जाते हर उम्र में,तन में सारे रोग।
*कृपया इस जानकारी को जरूर आगे बढ़ाएं*

 
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335 days
 
akshay parekh

*स्विट्जरलैंड*

नाम तो आपने सुना ही होगा 'स्विट्जरलैंड'। ऐसा देश जहाँ दुनियां का हर शादीशुदा जोड़ा अपना हनीमून मनाने के ख्वाब देखता हैं। बर्फीली वादियों से ढका ये देश सुंदरता की अद्भुत कृति है। हरियाली हो या बर्फ, आंखे जिधर भी जाये पलक झपकना भूल जाये। दुनिया का सबसे सम्पन्न देश हैं स्विट्जरलैंड! हर प्रकार से सम्पन्न इस देश की एक रोचक कहानी बताता हूँ।

आज से लगभग 50 साल पहले स्विट्जरलैंड में एक प्राइवेट बैंक की स्थापना हुई जिसका नाम था 'स्विसबैंक'। इस बैंक के नियम दुनिया की अन्य बैंको से भिन्न थे। ये स्विसबैंक अपने ग्राहकों से उसके पैसे के रखरखाव और गोपनीयता के बदले उल्टा ग्राहक से पैसे वसूलती थी। साथ ही गोपनीयता की गारंटी।
न ग्राहक से पूछना की पैसा कहां से आया ?
न कोई सवाल न बाध्यता।

सालभर में इस बैंक की ख्याति विश्वभर में फैल चुकी थी।चोर, बेईमान नेता, माफिया, तस्कर और बड़े बिजनेसमेन इन सबकी पहली पसंद बन चुकी थी स्विस बैंक। बैंक का एक ही नियम था। रिचार्ज कार्ड की तरह एक नम्बर खाता धारक को दिया जाता, साथ ही एक पासवर्ड दिया जाता बस। जिसके पास वह नम्बर होगा बैंक उसी को जानता था। न डिटेल, न आगे पीछे की पूछताछ होती।

लेकिन बैंक का एक नियम था कि अगर सात साल तक कोई ट्रांजेक्शन नही हुआ या खाते को सात साल तक नही छेड़ा गया तो बैंक खाता सीज करके रकम पर अधिकार जमा कर लेगा। सात वर्ष तक ट्रांजेक्शन न होने की सूरत में रकम बैंक की।

अब रोज दुनियाभर में न जाने कितने माफिया मारे जाते हैं। नेता पकड़े जाते हैं। कितने तस्कर पकड़े या मारे जाते है, कितनो को उम्रकैद होती है। ऐसी स्थिति में न जाने कितने ऐसे खाते थे जो बैंक में सीज हो चुके थे। सन् 2000 की नई सदी के अवसर पर बैंक ने ऐसे खातों को खोला तो उनमें मिला कालाधन पूरी दुनिया के 40% काले धन के बराबर था।

पूरी दुनियां का लगभग आधा कालाधन।
ये रकम हमारी कल्पना से बाहर हैं। शायद बैंक भी नही समझ पा रहा था कि क्या किया जाए इस रकम का।
क्या करें, क्या करे।

ये सोचते सोचते बैंक ने एक घोषणा की और पूरे स्विट्जरलैंड के नागरिकों से राय मांगी की इस रकम का क्या करे। साथ ही बैंक ने कहा कि देश के नागरिक चाहे तो ये रकम बैंक उन्हें बांट सकता हैं और प्रत्येक नागरिक को एक करोड़ की रकम मिल जाएगी। सरकार की तरफ से 15 दिन चले सर्वे में 99.2% लोगों की राय थी कि इस रकम को देश की सुंदरता बढ़ाने में और विदेशी पर्यटकों की सुख सुविधाओं और विकास में खर्च किया जाए।

सर्वे के नतीजे हम भारतीयों के लिये चौंकाने वाले है लेकिन राष्ट्रभक्त स्विटरजरलैंड की जनता के लिये ये साधारण बात थी। उन्होंने हराम के पैसों को नकार दिया। मुफ्त नही चाहिये ये स्पष्ट सर्वे हुआ।

चौंकाने वाला काम दूसरे दिन हुआ। 25 जनवरी 2000 को स्विट्जरलैंड की जनता बैनर लेकर सरकारी सर्वे चैनल के बाहर खड़ी थी। उनका कहना था जो 0.8% लोग हैं मुफ्त की खाने वाले, उनके नाम सार्वजनिक करो।
ये समाज पर और स्विट्जरलैंड पर कलंक है। काफी मशक्कत के बाद सरकार ने मुफ्त की मांग करने वालो को दंडित करने का आश्वासन दिया, तब जनता शांत हुई।

और यहां भारत मे, 15 लाख मोदी से चाहिये।🤔🤔🤔🤔

 
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227 days
 
B P S R

*यदि 05 सेकंड के लिए धरती से ऑक्सीजन गायब हो जाए तो क्या होगा???*

05 सेकंड के लिए धरती बहुत, बहुत ठंडी हो जाएगी.

जितने भी लोग समुद्र किनारे लेटे हैं...उन्हें तुरंत सनबर्न होने लगेगा.

दिन में भी अँधेरा छा जाएगा.

हर वह इंजन रूक जाएगा जिनमें आंतरिक दहन होता है.

रनवे पर टेक ऑफ कर चुका प्लेन वहीं क्रैश हो जाएगा.

धातुओ के टुकड़े बिना वैल्डिंग के ही आपस में जुड़ जाएगे.
.
ऑक्सीजन न होने का यह बहुत भयानक साइड इफेक्ट होगा......

पूरी दुनिया में सबके कानों के पर्दे फट जाएगे....क्योंकि 21% ऑक्सीज़न के अचानक लुप्त होने से हवा का दबाव घट जाएगा.

सभी का बहरा होना पक्का है.

कंक्रीट से बनी हर बिल्डिंग ढेर हो जाएगी.

हर जीवित कोशिका फूलकर फूट जाएगी.
.
पानी में 88.8% ऑक्सीज़न होती है.
ऑक्सीजन ना होने पर हाइड्रोजन गैसीय अवस्था में आ जाएगी और इसका वाॅल्यूम बढ़ जाएगा.
हमारी साँसे बाद में रूकेगी, हम फूलकर पहले ही फट जाएँगे.

समुद्रो का सारा पानी भाप बनकर उड़ जाएगा.....क्योंकि बिना ऑक्सीजन पानी हाइड्रोजन गैस में बदल जाएगा और यह सबसे हल्की गैस होती है तो इसका अंतरिक्ष में उड़ना लाज़िमी है.

ऑक्सीजन के अचानक गुम होने से हमारे पैरों तले की जमीन खिसककर 10-15 किलोमीटर नीचे चली जाएगी.

 
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193 days
 
B P S R

💐🌹🙏 नमस्कार। 🙏🌹💐

*⌛दो पक्ष⌛*
१-कृष्ण पक्ष , २-शुक्ल पक्ष❗
*🙏तीन ऋण🙏*
१-देवऋण , २-पितृऋण, ३-ऋषिऋण❗
*🏉चार युग🏉*
१-सतयुग , २-त्रेतायुग ,
३-द्वापरयुग , ४-कलियुग❗
*🌷चार धाम🌷*
१-द्वारिका , २-बद्रीनाथ ,
३-जगन्नाथपुरी , ४-रामेश्वरमधाम❗
*🕹चार पीठ🕹*
१-शारदा पीठ *(द्वारिका)*
२-ज्योतिष पीठ *(जोशीमठ बद्रिधाम*)
३-गोवर्धन पीठ *(जगन्नाथपुरी),*
४-शृंगेरीपीठ❗
*⌛चार वेद⌛*
१-ऋग्वेद , २-अथर्वेद ,३-यजुर्वेद , ४-सामवेद!
*🍁चार आश्रम🍁*
१-ब्रह्मचर्य , २-गृहस्थ , ३-वानप्रस्थ , ४-संन्यास❗
*🏉चार अंतःकरण🏉*
१-मन , २-बुद्धि , ३-चित्त , ४-अहंकार❗
*🍁पञ्च गव्य🍁*
१-गाय का घी , २-दूध ,
दही ,३-गोमूत्र , ४-गोबर❗
*🙏पञ्च देव🙏*
१-गणेश , २-विष्णु , ३-शिव , ४-देवी ,५-सूर्य!
*🕹पंच तत्त्व🕹*
१-पृथ्वी ,२-जल , ३-अग्नि , ४-वायु , ५-आकाश❗
*⌛छह दर्शन⌛*
१-वैशेषिक , २-न्याय ,३-ऋषांख्य , ४-योग , ५-पूर्व मिसांसा , ६-दक्षिण मिसांसा❗
*🌷 सप्त ऋषि🌷*
१-विश्वामित्र ,२-जमदाग्नि ,३-भरद्वाज , ४-गौतम , ५-अत्री , ६-वशिष्ठ और कश्यप❗
*🍁सप्त पुरी🍁*
१-अयोध्यापुरी ,२-मथुरापुरी ,
३-मायापुरी *(हरिद्वार)*, ४-काशीपुरी ,
५-कांचीपुरी *(शिन कांची-विष्णु कांची),*
६-अवंतिकापुरी और
७-द्वारिकापुरी❗
*⌛आठ योग⌛*
१-यम , २-नियम , ३-आसन ,४-प्राणायाम , ५-प्रत्याहार , ६-धारणा , ७-ध्यान, एवं ८-समािध❗
*🙏आठ लक्ष्मी🙏*
१-आग्घ , २-विद्या , ३-सौभाग्य ,४-अमृत , ५-काम , ६-सत्य , ७-भोग ,एवं ८-योग लक्ष्मी❗
*🌹नव दुर्गा 🌹*
१-शैल पुत्री , २-ब्रह्मचारिणी ,३-चंद्रघंटा , ४-कुष्मांडा , ५-स्कंदमाता , ६-कात्यायिनी ,७-कालरात्रि, ८-महागौरी एवं ९-सिद्धिदात्री❗
*🍫 दस दिशाएं🍫*
१,पूर्व , २-पश्चिम , ३-उत्तर , ४-दक्षिण ,५-ईशान , ६-नैऋत्य , ७-वायव्य , ८-अग्नि
९-आकाश, एवं १०-पाताल,❗
*🏉मुख्य ११ अवतार🏉*
१-मत्स्य , २-कश्यप , ३-वराह , ४-नरसिंह , ५-वामन , ६-परशुराम ,७-श्री राम , ८-कृष्ण , -बलराम , १०-बुद्ध , एवं ११-कल्कि❗
*🍁बारह मास🍁*
१-चैत्र , २-वैशाख , ३-ज्येष्ठ ,४-अषाढ , ५-श्रावण , ६-भाद्रपद , ७-अश्विन , ८-कार्तिक ,९-मार्गशीर्ष , १०-पौष , ११-माघ , १२-फागुन❗
*⌛ बारह राशी ⌛*
१-मेष , २-वृषभ , ३-मिथुन , ४-कर्क , ५-सिंह , ६-कन्या , ७-तुला , ८-वृश्चिक , ८-धनु , १०-मकर , ११-कुंभ , १२-कन्या❗
*🙏बारह ज्योतिर्लिंग🙏*
१-सोमनाथ ,२-मल्लिकार्जुन ,३-महाकाल , ४-ओमकारेश्वर , ५-बैजनाथ , ६-रामेश्वरम ,७-विश्वनाथ , ८-त्र्यंबकेश्वर , ९-केदारनाथ , १०-घुष्नेश्वर, ११-भीमाशंकर ,१२-नागेश्वर!
*💥पंद्रह तिथियाँ💥*
१-प्रतिपदा ,२-द्वितीय ,३-तृतीय ,४-चतुर्थी , ५-पंचमी , ६-षष्ठी , ७-सप्तमी , ८-अष्टमी , ९-नवमी ,१०-दशमी , ११-एकादशी , १२-द्वादशी , १३-त्रयोदशी , १४-चतुर्दशी , १५-पूर्णिमा, अमावास्या❗
*🕹स्मृतियां🕹*
१-मनु , २-विष्णु , ३-अत्री , ४-हारीत ,५-याज्ञवल्क्य ,७-उशना , ७-अंगीरा , ८-यम , ९-आपस्तम्ब , १०-सर्वत ,१०-कात्यायन , १२-ब्रहस्पति , १३-पराशर , १४-व्यास , १५-शांख्य , १६-लिखित , १७-दक्ष ,
१८-शातातप , १९-वशिष्ठ❗

 
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185 days
 
akshay parekh

*अगर OK का मतलब All Correct है, तो इसे AC क्यों नहीं बोलते?*

हुत बड़ी पहेली थी. कि अंग्रेजी में जब All Correct होता है, तो उसका शॉर्ट कट (एब्रिविएशन) OK कैसे हो गया?
AC क्यों नहीं हुआ? इतनी बड़ी गलती अमेरिकियों ने कैसे कर दी? गलती की तो की, इसे सुधारा क्यों नहीं गया?


ग्रेजी का All Correct ओके कैसे बन गया, ये बड़ी पहेली थी. समझ नहीं आता था कि अंग्रेजी बोलने-लिखने वालों ने ये गलती कैसे कर दी. फिर पता चला कि ये असल में फैशन के मारे हुआ.

अंग्रेजी में तीन ऐसे शब्द हैं, जिन्हें करीब-करीब पूरी दुनिया जानती है. सॉरी, थैंक यू और ओके. 
23 मार्च एक तरह से OK का बर्थडे है.

23 मार्च, 1839 को इसी दिन बॉस्टन मॉर्निंग पोस्ट ने अपनी एक खबर में इसका इस्तेमाल किया था. लोगों के मुंह पर तो ये पहले से था. लेकिन ये पहला मौका था जब किसी पब्लिकेशन ने इसे यूज किया. ओके मतलब \'All Correct\'. हिंदी में कहिए, तो सब ठीक है. सब बढ़िया है. ऑल करेक्ट. अमेरिका ने दुनिया को कई चीजें दी हैं. लेकिन कोई और चीज शायद इतनी लोकप्रिय नहीं हुई. आप किसी दूर-दराज के छोटे से गांव में भी ओके बोलेंगे, तो सामने वाले को मतलब समझ आ जाएगा.


पहेली थी ये: OK क्यों कहते हैं, AC क्यों नहीं कहते?

ऑल करेक्ट के लिए तो AC इस्तेमाल होना चाहिए. क्योंकि स्पेलिंग तो All Correct है. फिर OK क्यों? ये सवाल बहुत लंबे समय तक पहेली बना रहा. समझ ही नहीं आता था. कि अंग्रेजी बोलने वालों ने इतनी बड़ी गलती कैसे की. स्पेलिंग जानते थे, फिर भी गलत शॉर्टकट क्यों बना दिया.

असल में जिस दौर की ये बात है, तब अमेरिका में ये फैशन होता था. लोग, खासतौर पर जवान-जहान लोग जान-बूझकर शब्दों का गलत उच्चारण करते थे. वो भी एक तरह से हमारी SMS और चैट करने वाली पीढ़ी जैसे थे. जैसे हम लोग फटाफट टाइप करते समय कितने सारे शब्दों का शॉर्टकट लिखते हैं. बॉयफ्रेंड BF हो जाता है. गर्लफ्रेंड GF हो जाती है. बेस्ट फ्रेंड्स फॉरेवर BFF हो जाता है. गुड नाइट GN हो जाता है. गुड मॉर्निंग GM हो जाता है.

ये हमारे टाइम का फैशन है. उस समय का फैशन था जानते-बूझते शब्दों को गलत बोलना. फिर उसी हिसाब से उसका शॉर्टकट (एब्रिविएशन) बनाकर स्लैंग की तरह इस्तेमाल करना. तो उनके लिए कूल (cool) हो जाता था क्यूल (kewl). These बिगड़कर हो जाता था DZ. तब ऐसे कुछ टर्म्स बड़े प्रचलित थे. जैसे एक था- KY. नो यूज का छोटा रूप.

इन सब एब्रिवेएशन्स (यानी शॉर्ट कट) में सबसे ज्यादा प्रचलित था OK. इसे कुछ इस तरह बोला जाता था - Oll Korrect. युवाओं के बीच इसके इस्तेमाल को देखते हुए बाकी लोगों ने भी ये बोलना शुरू कर दिया था. फिर इसका यूज बढ़ता चला गया. सब बोलने लगे. सब समझने लगे. और देखते ही देखते अमेरिका से बाहर निकलकर ये ओके दुनियाभर में फैल गया. आज भी आप पूछेंगे कि चैटिंह करते समय लोग सबसे ज्यादा क्या लिखते हैं, तो जवाब शायद OK ही होगा. बल्कि अब तो कई लोग इसका भी शॉर्टकट लिखने लगे हैं. *K*.

ये लिखो, तो लोग समझ जाते हैं कि OK लिखा जा रहा है.

 
130
 
300 days
 
Sam's Son

चाय के बारे में रोचक तथ्य

1. चाय का आविष्कार 2730 B.C में चाइना में किया गया था । तभी से यह पूरे विश्व में फेल गया ।

2. सबसे पहली चाय चाइना के सम्राट Shen Nung के लिए तैयार किया था ।( " जब सम्राट जी बैठे थे और उनके सामने एक कप का प्याला था और उनमे चाय की पत्ती आकर गिरती है और पानी का रंग बदल जाता है )

3. ठंडी चाय का आविष्कार 1904 सेंट लुईस विश्व मेले में एक अंग्रेज नामित रिचर्ड ब्लेचिंदें दूआरा किया गया था ।

4. चाय बैग / Tea Bag सयुक्त राज्य अमेरिका में 1908 में थॉमस सुलिवन दूआरा किया गया था ।

5. चाय बैग / Tea Bag छोटे-छोटे रेशम से मिलकर बनाया गया था ।

6. चाय चाइना में शुरु होने के बाद सबसे पहले 1716 में कनाडा पंहुचा |

7. सबसे ज्यादा चाय Turkey में रहने वाले पीते है ।

8. चीन में केवल एक चाय बनी थी लेकिन लोगो ने इसे अपने अनुसार ही बना लिया ।

9. ये माना जाता है कि चाय की 1500 से भी ज्यादा किस्में हैं। लेकिन सबसे ज्यादा चाय प्रयोग की जाने वाली चाय :-Type Of Tea / चाय के प्रकार
White Tea
Green Tea
Oolong Tea
Dark Tea
Puer Tea
Mate Tea

10. भारत में चाय की खेती की शुरूआत 1835 में हई थी। भारत में चाय की सबसे ज्यादा खेती आसाम और दारजलिंग में की जाती है।

11. अफ़गानिस्तान और ईरान देश का राष्ट्रीय पेय / National Drink  चाय है।

12.  16 करोड़ लोग रोज़ इंग्लैंड में चाय पीते हैं। और देखा जाये तो  एक साल में इंग्लैंड के लोग लगभग  60 अरब चाय पी जाते हैं।

13. विश्व  में प्रतेक साल 30 लाख टन चाय का उगाया जाता है।

14. पीने के मामले में पानी के बाद चाय का ही नंबर आता है |

15. चाय न पीने से 30% लोगो के सर में दर्द होने लगता है |

16. पूरी दुनिया में चाय को फेलाने वाले डच थे

 
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191 days
 
B P S R

धरती की वह रहस्यमयी जगहें जहां काम नहीं करता गुरुत्वाकर्षण



गुरुत्वाकर्षण एक ऐसी चीज है जिसके बगैर धरती पर चल पाना मुमकिन नहीं है गुरुत्वाकर्षण धरती पर हर जगह मौजूद है गुरुत्वाकर्षण से सिर्फ तभी बचा जा सकता है जब आप पृथ्वी से दूर अंतरिक्ष में पहुंच जाएं। गुरुत्वाकर्षण के कारण ही हम पृथ्वी पर टिके रह पाते हैं परंतु क्या आप जानते हैं कि धरती पर ऐसी भी कुछ रहस्यमयी जगह है जहां गुरुत्वाकर्षण काम नहीं करता।

1. Mystery Spot, California - इस जगह को 1939 में खोजा गया था यह 150 वर्ग मीटर का एक छोटा सा भू भाग है जहां पर चुंबकीय क्षेत्र और गुरुत्वाकर्षण अलग तरीके से काम करता है।



2. Magnetic Hill, Leh - लेह में मोजूद यह एक छोटी सी सड़क है जो कारगिल से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है इस सड़क पर गाड़ियां अपने आप ऊपर की तरफ बढ़ने लगती हैं यदि आप इंजन बंद कर देते हैं तो भी गाड़ी ऊपर की तरफ बढ़ती रहती है धीमे धीमे यह 20 किलोमीटर की स्पीड पकड़ लेती

3. Spook Hill, Florida - यह जगह भी बिल्कुल भारत के लेह जैसी है यहां पर यदि आप अपनी गाड़ी का इंजन बंद कर देते हैं तो आपकी गाड़ी ऊपर की ओर चलने लगती हैं।


4. Cosmos Mystery Area, south Dakota - जब आप इस जगह पर पहुंचेंगे तो यहां पर आपको पेड़ पौधे एक तरफ झुके हुए दिखाई देंगे। यहां आप एक खास कोण बिना गिरे खड़े रह सकते हैं इस जगह की खोज 1950 में की गई थी।


5.Mystery Spot, Michigan - लगभग 300 वर्ग मीटर का यह एरिया रहस्यमयी माना जाता है क्योंकि यहां पर ग्रेविटी काम नहीं करती। यहां पर जानवर भी आने से डरते हैं यहां पर आप खड़ी दीवार पर भी चल सकते हैं

 
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User27605

कब तक हम इस लानत को अपने सिर पर ढोएँगे? दुनिया के भ्रष्टाचार मुक्त देशों में शीर्ष पर गिने जाने वाले न्यूजीलैंण्ड के एक लेखक ब्रायन ने भारत में व्यापक रूप से फैंलें भष्टाचार पर एक लेख लिखा है। ये लेख सोशल मीडि़या पर काफी वायरल हो रहा है। लेख की लोकप्रियता और प्रभाव को देखते हुए विनोद कुमार जी ने इसे हिन्दी भाषीय पाठ़कों के लिए अनुवादित किया है। -

*न्यूजीलैंड से एक बेहद तल्ख आर्टिकिल।*

*भारतीय लोग होब्स विचारधारा वाले है (सिर्फ अनियंत्रित असभ्य स्वार्थ की संस्कृति वाले)*

भारत मे भ्रष्टाचार का एक कल्चरल पहलू है। भारतीय भ्रष्टाचार मे बिलकुल असहज नही होते, भ्रष्टाचार यहाँ बेहद व्यापक है। भारतीय भ्रष्ट व्यक्ति का विरोध करने के बजाय उसे सहन करते है। कोई भी नस्ल इतनी जन्मजात भ्रष्ट नही होती

*ये जानने के लिये कि भारतीय इतने भ्रष्ट क्यो होते हैं उनके जीवनपद्धति और परम्पराये देखिये।*

भारत मे धर्म लेनेदेन वाले व्यवसाय जैसा है। भारतीय लोग भगवान को भी पैसा देते हैं इस उम्मीद मे कि वो बदले मे दूसरे के तुलना मे इन्हे वरीयता देकर फल देंगे। ये तर्क इस बात को दिमाग मे बिठाते हैं कि अयोग्य लोग को इच्छित चीज पाने के लिये कुछ देना पडता है। मंदिर चहारदीवारी के बाहर हम इसी लेनदेन को भ्रष्टाचार कहते हैं। धनी भारतीय कैश के बजाय स्वर्ण और अन्य आभूषण आदि देता है। वो अपने गिफ्ट गरीब को नही देता, भगवान को देता है। वो सोचता है कि किसी जरूरतमंद को देने से धन बरबाद होता है।

*जून 2009 मे द हिंदू ने कर्नाटक मंत्री जी जनार्दन रेड्डी द्वारा स्वर्ण और हीरो के 45 करोड मूल्य के आभूषण तिरुपति को चढाने की खबर छापी थी। भारत के मंदिर इतना ज्यादा धन प्राप्त कर लेते हैं कि वो ये भी नही जानते कि इसका करे क्या। अरबो की सम्पत्ति मंदिरो मे व्यर्थ पडी है।*

*जब यूरोपियन इंडिया आये तो उन्होने यहाँ स्कूल बनवाये। जब भारतीय यूरोप और अमेरिका जाते हैं तो वो वहाँ मंदिर बनाते हैं।*

*भारतीयो को लगता है कि अगर भगवान कुछ देने के लिये धन चाहते हैं तो फिर वही काम करने मे कुछ कुछ गलत नही है। इसीलिये भारतीय इतनी आसानी से भ्रष्ट बन जाते हैं।*

*भारतीय कल्चर इसीलिये इस तरह के व्यवहार को आसानी से आत्मसात कर लेती है, क्योंकि*

1 नैतिक तौर पर इसमे कोई नैतिक दाग नही आता। एक अति भ्रष्ट नेता जयललिता दुबारा सत्ता मे आ जाती है, जो आप पश्चिमी देशो मे सोच भी नही सकते ।

2 भारतीयो की भ्रष्टाचार के प्रति संशयात्मक स्थिति इतिहास मे स्पष्ट है। भारतीय इतिहास बताता है कि कई शहर और राजधानियो को रक्षको को गेट खोलने के लिये और कमांडरो को सरेंडर करने के लिये घूस देकर जीता गया। ये सिर्फ भारत मे है

भारतीयो के भ्रष्ट चरित्र का परिणाम है कि भारतीय उपमहाद्वीप मे बेहद सीमित युद्ध हुये। ये चकित करने वाला है कि भारतीयो ने प्राचीन यूनान और माडर्न यूरोप की तुलना मे कितने कम युद्ध लडे। नादिरशाह का तुर्को से युद्ध तो बेहद तीव्र और अंतिम सांस तक लडा गया था। भारत मे तो युद्ध की जरूरत ही नही थी, घूस देना ही ही सेना को रास्ते से हटाने के लिये काफी था। कोई भी आक्रमणकारी जो पैसे खर्च करना चाहे भारतीय राजा को, चाहे उसके सेना मे लाखो सैनिक हो, हटा सकता था।

प्लासी के युद्ध मे भी भारतीय सैनिको ने मुश्किल से कोई मुकाबला किया। क्लाइव ने मीर जाफर को पैसे दिये और पूरी बंगाल सेना 3000 मे सिमट गई। भारतीय किलो को जीतने मे हमेशा पैसो के लेनदेन का प्रयोग हुआ। गोलकुंडा का किला 1687 मे पीछे का गुप्त द्वार खुलवाकर जीता गया। मुगलो ने मराठो और राजपूतो को मूलतः रिश्वत से जीता श्रीनगर के राजा ने दारा के पुत्र सुलेमान को औरंगजेब को पैसे के बदले सौंप दिया। ऐसे कई केसेज हैं जहाँ भारतीयो ने सिर्फ रिश्वत के लिये बडे पैमाने पर गद्दारी की।

सवाल है कि भारतीयो मे सौदेबाजी का ऐसा कल्चर क्यो है जबकि जहाँ तमाम सभ्य देशो मे ये सौदेबाजी का कल्चर नही है

3- *भारतीय इस सिद्धांत मे विश्वास नही करते कि यदि वो सब नैतिक रूप से व्यवहार करेंगे तो सभी तरक्की करेंगे क्योंकि उनका "विश्वास/धर्म" ये शिक्षा नही देता। उनका कास्ट सिस्टम उन्हे बांटता है। वो ये हरगिज नही मानते कि हर इंसान समान है। इसकी वजह से वो आपस मे बंटे और दूसरे धर्मो मे भी गये। कई हिंदुओ ने अपना अलग धर्म चलाया जैसे सिख, जैन बुद्ध, और कई लोग इसाई और इस्लाम अपनाये। परिणामतः भारतीय एक दूसरे पर विश्वास नही करते। भारत मे कोई भारतीय नही है, वो हिंदू ईसाई मुस्लिम आदि हैं। भारतीय भूल चुके हैं कि 1400 साल पहले वो एक ही धर्म के थे। इस बंटवारे ने एक बीमार कल्चर को जन्म दिया। ये असमानता एक भ्रष्ट समाज मे परिणित हुई, जिसमे हर भारतीय दूसरे भारतीय के विरुद्ध है, सिवाय भगवान के जो उनके विश्वास मे खुद रिश्वतखोर है।*

लेखक-ब्रायन,
गाडजोन न्यूजीलैंड

( समाज की बंद आँखों को खोलने के लिए इस मैसेज को जितने लोगो तक भेज सकते हैं भेजने का कष्ट करें ।)
धन्यवाद 🙏🏻🙏🏻

 
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DelhiDude

""जितना सत्य जीवन है उतनी ही सत्य मृत्यु है"

माइकल जैक्सन डेड सौ साल जीना चाहता था! किसी के साथ हाथ मिलाने से पहले दस्ताने पहनता था! लोगों के बीच में जाने से पहले मुंह पर मास्क लगाता था !उसकी देखरेख करने के लिए उसने अपने घर पर 12 डॉक्टर्स नियुक्त किए हुए थे !

जो उसके सर के बाल से लेकर पांव के नाखून तक की जांच प्रतिदिन किया करते थे! उसका खाना लैबोरेट्री में चेक होने के बाद उसे खिलाया जाता था! उसको व्यायाम करवाने के लिए 15 लोगों को रखा हुआ था! माइकल जैकसन अश्वेत था उसने 1987 में प्लास्टिक सर्जरी करवा कर अपनी त्वचा को गोरा बनवा लिया था!

अपने काले मां-बाप और काले दोस्तों को भी छोड़ दिया गोरा होने के बाद उसने गोरे मां-बाप को किराए पर लिया! और अपने दोस्त भी गोरे बनाए शादी भी गोरी औरतों के साथ की!

नवम्बर 15 को माइकल ने अपनी नर्स डेबी रो से विवाह किया, जिसने प्रिंस माइकल जैक्सन जूनियर (1997) तथा पेरिस माइकल केथरीन (3 अपैल 1998) को जन्म दिया।

18 मई 1995 में किंग ऑफ पॉप ने रॉक के शहजादे एल्विस प्रेस्ली की बेटी लिसा प्रेस्ली से शादी कर ली। एमटीवी वीडियो म्यूजिक अवॉर्ड्स में इस जोड़ी के ऑनस्टेज किस ने बहुत सुर्खियाँ बटोरी! हालाँकि यह जोडी सिर्फ दो साल तक ही साथ रह पाई और 18 जून 1996 में माइकल और लिसा ने तलाक ले लिया।

वो डेढ़ सौ साल तक जीने के लक्ष्य को लेकर चल रहा था! हमेशा ऑक्सीजन वाले बेड पर सोता था,उसने अपने लिए अंगदान करने वाले डोनर भी तैयार कर रखे थे! जिन्हें वह खर्चा देता था,ताकि समय आने पर उसे किडनी, फेफड़े, आंखें या किसी भी शरीर के अन्य अंग की जरूरत पड़ने पर वह आकर दे दे।

उसको लगता था वह पैसे और अपने रसूख की बदौलत मौत को भी चकमा दे सकता है लेकिन वह गलत साबित हुआ 25 जून 2009 को उसके दिल की धड़कन रुकने लगी उसके घर पर 12 डॉक्टर की मौजूदगी मैं हालत काबू में नहीं आए, सारे शहर के डाक्टर उसके घर पर जमा हो गए वह भी उसे नहीं बचा पाए।

उसने 25 साल तक बिना डॉक्टर से पूछे कुछ नहीं खाया! अंत समय में उसकी हालत बहुत खराब हो गई थी 50 साल तक आते-आते वह पतन के करीब ही पहुंच गया था! लगभग उसने बच्चों का यौन शोषण किया वह घटिया हरकतों पर उतर आया था! और 25 जून 2009 को वह इस दुनिया से चला गया जिसने जिसने अपने लिए डेढ़ सौ साल जीने इंतजाम कर रखा था!उसका इंतजाम धरा का धरा रह गया!

जब उसकी बॉडी का पोस्टमार्टम हुआ तो डॉक्टर ने बताया! कि उसका शरीर हड्डियों का ढांचा बन चुका था! उसका सिर गंजा था उसकी पसलियां कंधे हड्डियां टूट चुके थे! उसके शरीर पर अनगिनत सुई के निशान थे प्लास्टिक सर्जरी के कारण होने वाले दर्द से छुटकारा पाने के लिए एंटीबायोटिक वाले दर्जनों इंजेक्शन उसे दिन में लेने पड़ते थे!

माइकल जैक्सन की अंतिम यात्रा को 2.5 अरब लोगो ने लाइव देखा था। यह अब तक की सबसे ज़्यादा देखे जाने वाली लाइव ब्रॉडकास्ट हैं।

माइकल जैक्सन की मृत्यु के दिन यानी 25 जून 2009 को 3:15 PM पर, Wikipedia,Twitter और AOL\'s instant messenger यह सभी क्रैश हो गए थे।

उसकी मौत की खबर का पता चलता है गूगल पर 8 लाख लोगों ने माइकल जैकसन को सर्च किया! ज्यादा सर्च होने के कारण गूगल पर सबसे बड़ा ट्रैफिक जाम हुआ था! और गूगल क्रैश हो गया ढाई घंटे तक गूगल काम नहीं कर पाया!

मौत को चकमा देने की सोचने वाले हमेशा मौत से चकमा खा ही जाते हैं! सार यही है,बनावटी दुनिया के बनावटी लोग कुदरती मौत की बजाय बनावटी मौत ही मरते हैं!

क्यूँ करते हो गुरुर अपने चार दिन के ठाठ पर,
मुठ्ठी भी खाली रहेगी जब पहुँचोगे घाट पर॥

 
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Heart catcher
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