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लोग अपने पार्टनर को अपना Better Half क्यों कहते हैं? Greek Mythology में है इसकी बहुत मज़ेदार कहानी

किसी की Wife या हस्बैंड को सम्बोधित करने के लिए हम हमेशा ही फ़लाने के Better Half या हिंदी में महिलाओं के लिए अर्धांगिनी शब्द का प्रयोग करते हैं. Subconsciously हम इसे 'पति/ पत्नी/ पार्टनर' के लिए इस्तेमाल होने वाला दूसरा शब्द मानते हैं. ऐसा लगभग दुनिया के सभी देशों में होता है. किसी की शादी भी होने वाली हो, तो भी वो कहता है कि ' I Am Searching For My Better Half', मैं अपने लिए अपना Better Half ढूंढ रहा हूं.
जानते हैं Better Half का इस्तेमाल कहां से चला आ रहा है? आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन ग्रीक माइथोलॉजी में Better Half शब्द का इस्तेमाल करने के पीछे बहुत Interesting कहानी है.

ग्रीक माइथोलॉजी के हिसाब से, पहले इंसान बहुत ज़्यादा शक्तिशाली और तेज़ दिमाग के हुआ करते थे. उनका एक सिर और दो चेहरे थे, जो अलग-अलग डायरेक्शन में थे, 4 हाथ, पैर और दो गुप्तांग भी थे. कुछ इंसाओं में आदमी-आदमी का सेट था, औरत-औरत का सेट था कर आदमी-औरत का सेट था.

लेकिन इतनी ज़्यादा शक्ति मिलने से इंसान ओवर-कॉन्फिडेंस का शिकार हो गया और उसने भगवान पर हमला करने की सोची. अपनी इतनी ख़ूबसूरत रचना को मारना Zeus (थंडर और आसमान के देवता) को सही नहीं लगा, लेकिन उन्हें ये पता था कि उन्हें इंसान की शक्ति कमी करनी होगी, वरना वो इसका ग़लत इस्तेमाल करेगा.
Zeus ने इन्सान को दो टुकड़ों में बांट दिया. आदमी-आदमी अलग हुए, औरत-औरत अलग हुए और आदमी-औरत वाले इंसान भी अलग हुए. Symposium में ये लिखा गया कि कैसे Zeus ने Apollo की मदद से इंसान को अलग-अलग बांट दिया. लेकिन क्योंकि ये सभी एक-दूसरे से इमोशनली जुड़े हुए थे, इसलिए अलग होने के बाद भी वो एक-दूसरे को ढूंढने लगे. जो इंसान पहले आदमी-औरत थे, वो आदमी औरत को और औरत आदमी को ढूंढने लगे. जो आदमी-आदमी थे, वो एक-दूसरे को ढूंढने लगे और जो औरत-औरत थे, वो एक-दूसरे को ढूंढने लगे.

ये सभी अपने पुराने हिस्सों की खोज में लग गए और उनके बिना कईयों की मौत हो गयी और कुछ डिप्रेशन में चले गये. अपने पुराने हिस्सों को ढूंढने का मकसद सिर्फ़ सेक्स नहीं, बल्कि इमोशनल भी था.
अपने पुराने अंग को इस तरह ढूंढने से वंश आगे बढ़ाने का एक नया तरीका मिल गया. इंसान के पुराने शरीर का वो हिस्सा अपने दूसरे हिस्से यानि दूसरे Half को ढूंढने लगा और यहीं से शुरू हुआ अपने पार्टनर को अपना Half या आधा हिस्सा कहने का चलन.

 
78
 
25 days
 
Sam's Son

इंडिया का वो बादशाह जिसके सामने मुगलों को छुपने की जगह नहीं मिली

शेरशाह का जन्म 1486 के आस-पास बिहार में हुआ था. हालांकि इसके जन्म वर्ष और जगह दोनों को लेकर मतभेद है. कई जगह ये कहा जाता है कि शेरशाह का जन्म हिसार, हरियाणा में हुआ था. साल भी बदल जाता है. शेरशाह का नाम फरीद खान हुआ करता था. इनके पिताजी का नाम हसन खान था. हसन खान बहलोल लोदी के यहां काम करते थे. शेरशाह के दादा इब्राहिम खान सूरी नारनौल के जागीरदार हुआ करते थे. नारनौल में इब्राहिम का स्मारक भी बना है. ये लोग पश्तून अफगानी माने जाते थे. सूरी टाइटल इनके अपने समुदाय सुर से लिया गया था. ऐसा भी कहा जाता है कि इनके गांव सुर से ये टाइटल आता है. इतिहास की बात है, जब तक तीन-चार वर्जन नहीं रहते एक ही स्टोरी के, मजा नहीं आता.

फरीद जब बड़ा हो रहा था, तभी उसने एक शेर मार डाला था. और इसी वजह से फरीद का नाम शेर खान पड़ गया. जहां शेर मारा था, उस जगह का नाम शेरघाटी पड़ गया. ये बातें भी कहानी हो सकती हैं. शेर खान के 8 भाई थे. सौतली मांएं भी थीं. शेर खान की घर में बनी नहीं, क्योंकि वो महत्वाकांक्षी था. वो घर छोड़कर जौनपुर के गवर्नर जमाल खान की सर्विस में चला गया. वहां से फिर वो बिहार के गवर्नर बहार खान लोहानी के यहां चला गया. यहां पर शेर खान की ताकत और बुद्धि को पहचाना गया. बहार खान से अनबन होने पर शेर खान ने बाबर की सेना में काम करना शुरू कर दिया. वहीं पर उसने नई तकनीक सीखी थी जिसके दम पर बाबर ने 1526 में बहलोल लोदी के बेटे इब्राहिम लोदी और बाद में राणा सांगा को हराया था. यहां से निकलकर फिर वो बिहार का गवर्नर बन गया.

एक वक्त था कि मगध साम्राज्य इतना विशाल था कि सिकंदर भी हमला करने से मुकर गया था. पर बाद में धीरे-धीरे पावर सेंटर दिल्ली की तरफ शिफ्ट होने लगा था. शेर खान ने जब बिहार की कमान संभाली तो कोई भी बिहार को पावर सेंटर मानने को तैयार नहीं था. शेर खान ने अपनी ताकत बढ़ानी शुरू कर दी. अपनी सेना तैयार करने लगा.

1538 में शेर खान धीरे-धीरे अपने कदम बढ़ाने लगा. बाबर की मौत के बाद हुमायूं बादशाह बना था. मुगल हिंदुस्तान छोड़कर वापस नहीं गए थे. जब हुमायूं बंगाल रवाना हुआ तो शेर खान ने उससे लड़ने का मन बना लिया. 1539 में बक्सर के पास चौसा में दोनों की भिड़ंत हुई. हुमायूं को जान बचा के भागना पड़ा. 1540 में फिर दोनों की भिड़ंत कन्नौज में हुई. वहां भी हुमायूं को हारना पड़ा. बंगाल, बिहार और पंजाब तीनों छोड़ के हुमायूं देश से ही भाग गया. शेर खान ने दिल्ली में सूर वंश की स्थापना कर दी. धीरे-धीरे उसने मालवा, मुल्तान, सिंध, मारवाड़ और मेवाड़ भी जीत लिया. अपना नाम शेरशाह रख लिया. हुमायूं 15 साल तक देश से बाहर रहा.

शेरशाह के बारे में कई बातें फेमस हैं:

1. शेरशाह ने अपना प्रशासन हाई लेवल का रखा था. उसके रेवेन्यू मिनिस्टर टोडरमल को बाद में अकबर ने भी नियुक्त किया था. वो अकबर को नवरत्नों में से एक थे.

2. शेरशाह का दिमाग इतना तेज था कि उसने खावस खान को अपना कमांडर बना लिया था. खान बेहद गरीब व्यक्ति था. वो जंगल में लोमड़ियों का शिकार करता था. पर शेरशाह ने उसकी प्रतिभा को पहचाना.

3. शेरशाह के राज को लेकर कोई भी कम्युनल बात नहीं होती है. राज करने के मामले में वो अकबर से भी आगे थे. अकबर के चलते मुस्लिम नाराज थे क्योंकि वो हिंदुओं को प्रश्रय देता था. वहीं औरंगजेब के चलते हिंदू-मुस्लिम दोनों परेशान थे. पर शेरशाह ने सबको साध के रखा था. उसकी महत्वाकांक्षा सबसे अलग थी.

4. शेरशाह दूरदर्शी व्यक्ति था. उसने फेमस जीटी रोड बनवाया था. जो पेशावर से लेकर कलकत्ता तक था. उस वक्त ये बहुत ही बड़ी बात थी. इससे ट्रांसपोर्ट और व्यापार काफी बढ़ गया था.

5. अकबर के एक अफसर ने लिखा था कि शेरशाह के राज में कोई सोने से भरा थैला लेकर रेगिस्तान में भी सो जाए तो चोरी-छिनैती नहीं होती थी.

6. अकबर के ही करीबी अतगा खान के बेटे मिर्जा अजीज कोका ने लिखा था कि शेरशाह ने मात्र 5 सालों में जो फाउंडेशन तैयाप किया था कि वो आगे भी चलता रहा.

7. अकबर को शेरशाह का बनाया राज्य मिला था. शेरशाह की असमय मौत नहीं हुई होती तो कुछ और ही इतिहास देखने को मिलता.

नवंबर 1544 में शेरशाह ने कालिंजर पर घेरा डाला था. वहां के शासक कीरत सिंह ने शेरशाह के आदेश के खिलाफ रीवा के महाराजा वीरभान सिंह बघेला को शरण दे रखी थी. महीनों तक घेराबंदी लगी रही. पर कालिंजर का किला बहुत मजबूत था. अंत में शेरशाह ने गोला-बारूद के प्रयोग का आदेश दिया. शेरशाह पीछे रहने वालों में से नहीं था. वो खुद भी तोप चलाता था. कहते हैं कि एक गोला किले की दीवार से टकराकर इसके खेमे में विस्फोट कर गया. जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई.

 
50
 
27 days
 
Sam's Son

उनकी तो फिल्म भी नहीं दिखाते, फिर हर बार ऐश्वर्या और सोनम Cannes क्यों जाती हैं?

हर साल कान फिल्म फेस्टिवल होता है. वहां होता है एक रेड कारपेट. जिसमें बड़े बड़े एक्टर पहुंचते हैं. और हमारे मीडिया को कुछ दिनों का रोजगार मिल जाता है. क्योंकि हर बार सोनम कपूर, दीपिका पादुकोण, ऐश्वर्या राय तरह-तरह के गाउन पहन के पहुंचती हैं. और हां, कोई जाए न जाए, ऐश्वर्या जरूर पहुंचती हैं. चाहे फ़िल्में कर रही हों या नहीं, साल के कुछ दिन ऐश्वर्या अपने तरह तरह के गाउन से खा जाती हैं. गाउन से नहीं तो बैंगनी होंठों से. खैर.

तो आपने कभी सोचा है कि हर बार ऐश्वर्या क्यों पहुंचती हैं. काजोल, करिश्मा कपूर, करीना, प्रीती जिंटा क्यों नहीं. और उनके पीछे पीछे पहुंचती हैं सोनम कपूर. क्या इन दोनों के पास किसी तरह की मेंबरशिप है?

इंटरनेशनल ब्रांड लोरियाल पेरिस पिछले कई सालों से कान फिल्म फेस्टिवल का \'ब्यूटी\' पार्टनर है. इंडिया से ऐश्वर्या और सोनम लोरियाल की ब्रांड एम्बेसडर हैं. कटरीना और दीपिका भी रह चुकी हैं. यामी गौतम नहीं रही हैं. वो फेयर एंड लवली के ऐड में आती हैं, लोरियाल के ऐड में नहीं. इसलिए वो कान फिल्म फेस्टिवल में भी नहीं जातीं. तो सोनम और ऐश्वर्या आपको लगातार कान फिल्म फेस्टिवल में इसलिए दिखाई पड़ती हैं कि लोरियाल उन्हें स्पॉन्सर करता है. जब पूरा मीडिया ऐश्वर्या, दीपिका और सोनम के गाउन कवर कर रहा होता है, असल में लोरियाल का प्रचार कर रहा होता है. सीधे तौर पर नहीं, पर लोरियाल की मॉडल्स के तौर पर.

लेकिन ये लोग कान फेस्टिवल में जाकर क्या करती हैं?

यानी कान फिल्म फेस्टिवल में होता क्या है? शुरू से शुरू करते हैं. कान, फ़्रांस देश का एक शहर है. जो अपने महंगी लाइफस्टाइल, लग्जरी होटलों से भरा हुआ है. खूब पैसा उड़ाने वाले लोगों की मेजबानी करता है. बड़े-बड़े अंतर्राष्ट्रीय इवेंट यहां होते रहते हैं. क्योंकि शहर भी सुंदर है. जनसंख्या भी काफी कम है.

फिल्म फेस्टिवल यहां 1946 में शुरू हुआ. कान फिल्म फेस्टिवल में भी वही होता है जो हर फिल्म फेस्टिवल में होता है. लोग अपनी फ़िल्में भेजते हैं. फ़िल्में सेलेक्ट होती हैं. अच्छी फिल्मों की स्क्रीनिंग होती है. फिल्म की दुनिया से बड़े बड़े स्टार आते हैं. हर देश से. हर देश से मीडिया आता है. कुल मिलाकर कान फिल्म फेस्टिवल में बड़े बड़े एक्टर आते हैं, महंगे होटलों में ठहरते हैं, फोटो खिंचाते हैं, खबर बनवाते हैं. इन्हीं सब के बीच फेस्टिवल का मूल मकसद भी कहीं पूरा हो रहा होता है. यानी नई नई फिल्मों, फिल्मकारों को बढ़ावा देने का.

हर स्क्रीनिंग के बाद एक प्रेस कॉन्फेरेंस होती है. जिसमें पत्रकार काफी सारे गैरज़रूरी सवाल पूछते हैं.

जो लोग फ़िल्में बना रहे हैं, वो भी जाते हैं. अपनी फ़िल्में दिखाने. लेकिन अपनी फिल्म दिखाना, या बिना दिखाए एंट्री पाना आसान नहीं है.

अगर आप एक अधिकृत फिल्म बनाने वाले या एक्टर हैं तो ये राह आसान हो जाती है.

अगर आप ये दिखा दें कि आप किसी फिल्म में पैसा लगा रहे हैं, या फिल्म बनाने जा रहे हैं, तो आपको एंट्री मिल जाएगी. अगर आपके पास अपनी बनी-बनाई फिल्म है, तो आपको 4 से 8 हजार रूपये तक खर्च कर एंट्री \'बैज\' मिल जाएगा. मगर अगर बिना कुछ किए ही अंदर घुसना चाहते हैं जिससे आप बड़े बड़े हीरो-हिरोइन को देख सकें, फेसबुक पर तस्वीर डाल सकें, तो आप खुद को प्रड्यूसर बता सकते हैं. आपको बस ये कहना होगा कि आप फिल्म में पैसा लगाना चाहते हैं. मगर इस तरीके से लगभग 25 हजार रूपये ठुकेंगे \'मार्केट बैज\' खरीदने में.

अगर आप केवल स्टार-भक्ति में नहीं, बल्कि सीरियसली फ़िल्में देखने जाना चाहते हैं, तो पूरे कान शहर में फेस्टिवल के दौरान फिल्मों की स्क्रीनिंग होती रहती है. कहीं टिकट लगता है, तो कहीं फ्री में होती है. ये टिकट आसानी से खरीदे भी जा सकते हैं. या फिर मुफ्त देख सकते हैं. और हां, अगर आप कान शहर के रहने वाले हैं, यानी परमानेंट एड्रेस अगर कान शहर का है, तो ये सारी स्क्रीनिंग आपके लिए मुफ्त होंगी.
तो असल में जितने स्टार कान फिल्म फेस्टिवल में जाते हैं, जरूरी नहीं वहां उनका कोई काम हो. या उनकी फिल्म दिखाई ही जा रही हो. ये स्टाइल और स्टेटस सिंबल है. और अगर आपकी कोई फिल्म न भी आ रही हो तो बहुत सुंदर या बहुत घटिया कपड़े पहनकर न्यूज़ में छाने का मौका है.

 
49
 
31 days
 
Sam's Son

DID YOU KNOW?

Our belly button (NABHI ) is an amazing gift given to us by our creator. A 62 year old man had poor vision in his left eye. He could hardly see especially at night and was told by eye specialists that his eyes were in a good condition but the only problem was that the veins supplying blood to his eyes were dried up and he would never be able to see again.

According to Science, the first part created after conception takes place is the belly button. After it\'s created, it joins to the mother\'s placenta through the umbilical chord.

Our belly button is surely an amazing thing! According to science, after a person has passed away, the belly button is still warm for 3 hours the reason being that when a woman conceives a child, her belly button supplies nourishment to the child through the child\'s belly button. And a fully grown child is formed in 270 days = 9 months.

This is the reason all our veins are connected to our belly button which makes it the focal point of our body. Belly button is life itself!

The "PECHOTI" is situated behind the belly button which has 72,000 plus veins over it. The total amount of blood vessels we have in our body are equal to twice the circumference of the earth.

Applying oil to belly button CURES dryness of eyes, poor eyesight, pancreas over or under working, cracked heels and lips, keeps face glowing, shiny hair, knee pain, shivering, lethargy, joint pains, dry skin.

*REMEDY For dryness of eyes, poor eyesight, fungus in nails, glowing skin, shiny hair*

At night before bed time, put 3 drops of pure ghee or coconut oil in your belly button and spread it 1 and half inches around your belly button.

*For knee pain*

At night before bed time, put 3 drops of castor oil in your belly button and spread it 1 and half inches around your belly button.

*For shivering and lethargy, relief from joint pain, dry skin*

At night before bed time, put 3 drops of mustard oil in your belly button and spread it 1 and half inches around your belly button.

*WHY PUT OIL IN YOUR BELLY BUTTON?*

You belly button can detect which veins have dried up and pass this oil to it hence open them up.

When a baby has a stomach ache, we normally mix asafoetida (hing) and water or oil and apply around the naval. Within minutes the ache is cured. Oil works the same way.

Try it. There's no harm in trying.

You can keep a small dropper bottle with the required oil next to your bed and drop few drops onto navel and massage it before going to sleep. This will make it convenient to pour and avoid accidental spillage.

I am forwarding this valuable and very useful information received from a very good friend.Its really amazing.A million thanks to the friend.Happy to share it with friends.
Regards

 
120
 
39 days
 
anil Manawat

एक गोत्र में शादी क्यूँ नहीं..
================
वैज्ञानिक कारण..!
===========

एक दिन डिस्कवरी पर
जेनेटिक बीमारियों से
सम्बन्धित एक ज्ञानवर्धक कार्यक्रम था

उस प्रोग्राम में

एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने कहा की
जेनेटिक बीमारी न हो
=============
इसका एक ही इलाज है
==============
और वो है
"सेपरेशन ऑफ़ जींस"
=============
मतलब अपने नजदीकी रिश्तेदारो में
विवाह नही करना चाहिए
क्योकि
नजदीकी रिश्तेदारों में
जींस सेपरेट (विभाजन) नही हो पाता
और
जींस लिंकेज्ड बीमारियाँ जैसे
हिमोफिलिया, कलर ब्लाईंडनेस, और
एल्बोनिज्म होने की
100% चांस होती है ..

फिर बहुत ख़ुशी हुई
जब उसी कार्यक्रम में
ये दिखाया गया की
आखिर
"हिन्दूधर्म" में
********
हजारों-हजारों सालों पहले
***************
जींस और डीएनए के बारे में
****************
कैसे लिखा गया है ?
************
हिंदुत्व में गोत्र होते है
*************
और
एक गोत्र के लोग
आपस में शादी नही कर सकते
ताकि
जींस सेपरेट (विभाजित) रहे.. ******************
उस वैज्ञानिक ने कहा की
===============
आज पूरे विश्व को मानना पड़ेगा की
********************
"हिन्दूधर्म ही"
*********
विश्व का एकमात्र ऐसा धर्म है जो
*******************
"विज्ञान पर आधारित" है !
****************

हिंदू परम्पराओं से जुड़े
%%%%%%%%%
ये वैज्ञानिक तर्क:
%%%%%%%
1-
कान छिदवाने की परम्परा:
***************
भारत में लगभग सभी धर्मों में
कान छिदवाने की
परम्परा है।
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
दर्शनशास्त्री मानते हैं कि
इससे सोचने की शक्त‍‍ि बढ़ती है।
जबकि
डॉक्टरों का मानना है कि इससे बोली
अच्छी होती है और
कानों से होकर दिमाग तक जाने वाली नस का
रक्त संचार नियंत्रित रहता है।

2-
माथे पर कुमकुम/तिलक
%%%%%%%%%%
महिलाएं एवं पुरुष माथे पर
कुमकुम या तिलक लगाते हैं
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
आंखों के बीच में
माथे तक एक नस जाती है।
कुमकुम या तिलक लगाने से
उस जगह की ऊर्जा बनी रहती है।
माथे पर तिलक लगाते वक्त जब अंगूठे या उंगली से प्रेशर पड़ता है,
तब चेहरे की त्वचा को रक्त सप्लाई करने वाली मांसपेशी सक्रिय हो जाती है।
इससे चेहरे की कोश‍‍िकाओं तक अच्छी तरह रक्त पहुंचता

3-
जमीन पर बैठकर भोजन
%%%%%%%%%%
भारतीय संस्कृति के अनुसार
जमीन पर बैठकर भोजन करना अच्छी बात होती है
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
पलती मारकर बैठना
************
एक प्रकार का योग आसन है।
******************
इस पोजीशन में बैठने से
**************
मस्त‍‍िष्क शांत रहता है और
भोजन करते वक्त
अगर दिमाग शांत हो तो
पाचन क्रिया अच्छी रहती है। इस पोजीशन में बैठते ही
खुद-ब-खुद दिमाग से 1 सिगनल
पेट तक जाता है, कि
वह भोजन के लिये तैयार हो जाये

4-
हाथ जोड़कर नमस्ते करना
%%%%%%%%%%%

जब किसी से मिलते हैं तो
हाथ जोड़कर नमस्ते अथवा नमस्कार करते हैं।
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
जब सभी उंगलियों के शीर्ष
एक दूसरे के संपर्क में आते हैं
और उन पर दबाव पड़ता है।
एक्यूप्रेशर के कारण उसका
सीधा असर
हमारी आंखों, कानों और दिमाग पर होता है,
ताकि सामने वाले व्यक्त‍‍ि को हम लंबे समय तक याद रख सकें।
दूसरा तर्क यह कि हाथ मिलाने (पश्च‍‍िमी सभ्यता) के बजाये अगर आप नमस्ते करते हैं
तो सामने वाले के शरीर के कीटाणु आप तक नहीं पहुंच सकते।
अगर सामने वाले को स्वाइन फ्लू भी है तो भी वह वायरस आप तक नहीं पहुंचेगा।

5-
भोजन की शुरुआत तीखे से और
%%%%%%%%%%%%
अंत मीठे से
%%%%%
जब भी कोई धार्मिक या
पारिवारिक अनुष्ठान होता है तो
भोजन की शुरुआत तीखे से और
अंत मीठे से होता है।
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
तीखा खाने से
हमारे पेट के अंदर
पाचन तत्व एवं अम्ल सक्रिय हो जाते हैं
इससे
पाचन तंत्र ठीक से संचालित होता है
अंत में
मीठा खाने से
अम्ल की तीव्रता कम हो जाती है
इससे पेट में जलन नहीं होती है

6-
पीपल की पूजा
%%%%%%
तमाम लोग सोचते हैं कि
पीपल की पूजा करने से
भूत-प्रेत दूर भागते हैं।
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
इसकी पूजा इसलिये की जाती है,
ताकि
इस पेड़ के प्रति लोगों का सम्मान बढ़े
और
उसे काटें नहीं
पीपल एक मात्र ऐसा पेड़ है, जो
रात में भी ऑक्सीजन प्रवाहित करता है

7-
दक्ष‍‍िण की तरफ सिर करके सोना
%%%%%%%%%%%%%
दक्ष‍‍िण की तरफ कोई पैर करके सोता है
तो लोग कहते हैं कि
बुरे सपने आयेंगे
भूत प्रेत का साया आयेगा,poorvajon ka esthaan,आदि
इसलिये
उत्तर की ओर पैर करके सोयें
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
जब हम
उत्तर की ओर सिर करके सोते हैं,
तब
हमारा शरीर पृथ्वी की चुंबकीय तरंगों की सीध में आ जाता है।
शरीर में मौजूद आयरन यानी लोहा
दिमाग की ओर संचारित होने लगता है
इससे अलजाइमर,
परकिंसन, या दिमाग संबंधी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है
यही नहीं रक्तचाप भी बढ़ जाता है

8-
सूर्य नमस्कार
%%%%%%
हिंदुओं में
सुबह उठकर सूर्य को जल चढ़ाते
नमस्कार करने की परम्परा है।
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
पानी के बीच से आने वाली
सूर्य की किरणें जब
आंखों में पहुंचती हैं तब
हमारी आंखों की रौशनी अच्छी होती है

9-
सिर पर चोटी
%%%%%%
हिंदू धर्म में
ऋषि मुनी सिर पर चुटिया रखते थे
आज भी लोग रखते हैं
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
जिस जगह पर चुटिया रखी जाती है
उस जगह पर
दिमाग की सारी नसें आकर मिलती हैं
इससे दिमाग स्थ‍‍िर रहता है
और
इंसान को क्रोध नहीं आता
सोचने की क्षमता बढ़ती है।

10-
व्रत रखना
%%%%
कोई भी पूजा-पाठ, त्योहार होता है तो
लोग व्रत रखते हैं।
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
आयुर्वेद के अनुसार
व्रत करने से
पाचन क्रिया अच्छी होती है और
फलाहार लेने से
शरीर का डीटॉक्सीफिकेशन होता है
यानी
उसमें से खराब तत्व बाहर निकलते हैं
शोधकर्ताओं के अनुसार व्रत करने से
कैंसर का खतरा कम होता है
हृदय संबंधी रोगों,मधुमेह,आदि रोग भी
जल्दी नहीं लगते

11-
चरण स्पर्श करना
%%%%%%%
हिंदू मान्यता के अनुसार
जब भी आप किसी बड़े से मिलें तो
उसके चरण स्पर्श करें
यह हम बच्चों को भी सिखाते हैं
ताकि वे बड़ों का आदर करें
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
मस्त‍‍िष्क से निकलने वाली ऊर्जा
हाथों और सामने वाले पैरों से होते हुए
एक चक्र पूरा करती है
इसे
कॉसमिक एनर्जी का प्रवाह कहते हैं
इसमें दो प्रकार से ऊर्जा का प्रवाह होता है
या तो
बड़े के पैरों से होते हुए छोटे के हाथों तक
या फिर
छोटे के हाथों से बड़ों के पैरों तक

12-
क्यों लगाया जाता है सिंदूर
%%%%%%%%%%%
शादीशुदा हिंदू महिलाएं सिंदूर लगाती हैं
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
सिंदूर में
हल्दी,चूना और मरकरी होता है
यह मिश्रण
शरीर के रक्तचाप को नियंत्रित करता है
चूंकि
इससे यौन उत्तेजनाएं भी बढ़ती हैं
इसीलिये
विधवा औरतों के लिये
सिंदूर लगाना वर्जित है
इससे स्ट्रेस कम होता है।

13-
तुलसी के पेड़ की पूजा
%%%%%%%%%
तुलसी की पूजा करने से घर में समृद्ध‍‍ि आती है
सुख शांति बनी रहती है।
वैज्ञानिक तर्क-
%%%%%%
तुलसी इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है
लिहाजा अगर घर में पेड़ होगा तो
इसकी पत्त‍‍ियों का इस्तेमाल भी होगा और
उससे बीमारियां दूर होती हैं।

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🌹💐

 
284
 
41 days
 
ROHIT.BANSAL

¶मोबाइल से जुडी कई ऐसी बातें जिनके बारे में हमें जानकारी नहीं होती लेकिन मुसीबत के वक्त यह मददगार साबित होती है ।


इमरजेंसी नंबर ---

दुनिया भर में मोबाइल का इमरजेंसी नंबर 112 है । अगर आप मोबाइल की कवरेज एरिया से बाहर हैं
तो 112 नंबर द्वारा आप उस क्षेत्र के नेटवर्क को सर्च कर लें। ख़ास बात यह है कि यह नंबर तब भी काम करता है जब आपका की पैड लौक हो।


जान अभी बाकी है---

मोबाइल जब बैटरी लो दिखाए और उस दौरान जरूरी कॉल करनी हो, ऐसे में आप *3370# डायल करें । आपका मोबाइल फिर से चालू हो जायेगा और आपका सेलफोन बैटरी में 50 प्रतिशत का इजाफा दिखायेगा। मोबाइल का यह रिजर्व दोबारा चार्ज हो जायेगा जब आप अगली बार मोबाइल को हमेशा की तरह चार्ज करेंगे।


मोबाइल चोरी होने पर---

मोबाइल फोन चोरी होने की स्थिति में सबसे पहले जरूरत होती है, फोन को निष्क्रिय करने की ताकि चोर उसका दुरुपयोग न कर सके । अपने फोन के सीरियल नंबर को चेक करने के लिए *#06# दबाएँ । इसे दबाते ही आपकी स्क्रीन पर 15 डिजिट का कोड नंबर आयेगा। इसे नोट कर लें और किसी सुरक्षित स्थान पर रखें। जब आपका फोन खो जाए उस दौरान अपने सर्विस प्रोवाइडर को ये कोड देंगे तो वह आपके हैण्ड सेट को ब्लोक कर देगा।


कार की चाभी खोने पर ---

अगर आपकी कार की रिमोट की लेस इंट्री है। और गलती से आपकी चाभी कार में बंद रह गयी है। और दूसरी चाभी घर पर है। तो आपका मोबाइल काम आ सकता है। घर में किसी व्यक्ति के मोबाइल फोन पर कॉल करें। घर में बैठे व्यक्ति से कहें कि वह अपने मोबाइल को होल्ड रखकर कार की चाभी के पास ले जाएँ और चाभी के अनलॉक बटन को दबाये। साथ ही आप अपने मोबाइल फोन को कार के दरवाजे के पास रखें....। दरवाजा खुल जायेगा।

है न विचित्र किन्तु सत्य......!!!

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एंड्राइड मोबाइल यूजर के काम के कोड
1. Phone Information, Usage and Battery - *#*#4636#*#*

2. IMEI Number - *#06#

3. Enter Service Menu On Newer Phones - *#0*#

4. Detailed Camera Information -*#*#34971539#*#*

5. Backup All Media Files -*#*#273282*255*663282*#*#*

6. Wireless LAN Test -*#*#232339#*#*

7. Enable Test Mode for Service -*#*#197328640#*#*

8. Back-light Test - *#*#0842#*#*

9. Test the Touchscreen -*#*#2664#*#*

10. Vibration Test -*#*#0842#*#*

11. FTA Software Version -*#*#1111#*#*


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46 days
 
DDLJ143

Amazing Facts about Bal Thackeray in Hindi - बाल ठाकरे से जुड़े रोचक तथ्य

Bal Thakre Facts : हम बात करेगे एक ऐसे आदमी की जो खुलेआम धमकी देता था, एक ऐसे आदमी की जो मुंबई को देश की राजधानी बनाना चाहता था, एक ऐसे आदमी की जिसके दरबार में विरोधी भी हाजिरी लगाने आते थे.. इनका नाम था बाला साहेब ठाकरे.

1. बाल ठाकरे का बचपन का नाम था " बाल केशव ठाकरे " जो वक्त के साथ-साथ " बाला साहेब ठाकरे " बन गया।
2. बाल ठाकरे एक कार्टूनिस्ट थे, राजनितिज्ञ तो बाद में बने. सिर्फ यही नहीं बल्कि ठाकरे मशहूर क्रांतिकारी कार्टूनिस्ट थे. 1950 के आस-पास Times Of India के सन्डे एडिशन में इन्हीं के कार्टून छपते थे. इन्होनें 1960 में ये नौकरी छोड़ थी।
3. बाल ठाकरे को हिंदू हृदय सम्राट कहा जाता था. उनका बिना देखे भाषण देना लोगो के मन को भा गया, उन्हें सुनने के लिए लाखों की भीड़ एकजुट होती थी।
4. चाँदी के सिहांसन पर बैठने के शौकीन बाल ठाकरे के दरबार में विरोधी भी हाजरी लगाते थे. ठाकरे खुलेआम धमकी देते थे।
5. बाल ठाकरे जब किसी का विरोध करते थे तो दुश्मनों की तरह, और जब तारीफ करते थे तो ऐसे कि जैसे उनसे बड़ा कोई मित्र नही।
6. 19 जून 1966 को बाल ठाकरे ने शिवाजी पार्क में नारियल फोड़कर अपने दोस्तों के साथ पार्टी बनाई थी " शिवसेना". जो आज भी चल रही है।
7. 1960 और 1970 के दशक में महाराष्ट्र में " लुंगी हटाओ, पुंगी बचाओ " अभियान चलाया गया. ये स्पेशली बिहारियों के लिए था क्योकिं बाल ठाकरे ने अपने समाचार पत्र के मुख्य पेज पर भी लिख दिया था कि " एक बिहारी, सौ बीमारी"।
8. 1980 के दशक में बाल ठाकरे ने मुसलमानों के बारे में कहा, कि ये कैंसर की तरह फैल रहे है और देश को इनसे बचाया जाना चाहिए।
9. बाल ठाकरे की एक खास बात थी कि वह कभी किसी से मिलने नही गए. जिसे मिलना है खुद घर आओ. भारत की हर बड़ी हस्ती उनसे मिलने के लिए उनके मुंबई के घर मातोश्री में जाती थी. बड़े-बड़े बाॅलीवुड एक्टर बीयर पीने और उनसे मिलने उनके घर आते थे। जैसे: नरेन्द्र मोदी , माइकल जैक्सन.
10. अपने भाषणों में बाल ठाकरे अक्सर 2 ही चीजों की खुलकर तारीफ करते थे, एक था " हिटलर " और दूसरा श्रीलंका का आतंकी संगठन " लिट्टे ".
11. बात है सन् 1990 के आसपास की, कश्मीर में इस्लामी आतंकवाद चरम पर था कश्मीरी पंडितो को भगाया जा रहा था. अमरनाथ यात्रा चल रही थी. आतंकवादियो ने यात्रा बंद करने की धमकी दे दी और कहा जो अमरनाथ यात्री आएगा वह वापिस नही जाएगा. तब बाल ठाकरे ने एक बयान दिया कि, हज के लिए जाने वाली 99% फ्लाइट मुंबई एयरपोर्ट से जाती है देखते है यहाँ से कोई यात्री मक्का-मदीना कैसे जाता है. अगले ही दिन से अमरनाथ यात्रा शुरू हो गई।
12. सन् 1992 में बाबरी मस्जिद ढहा दी गई, तो बाल ठाकरे " आप की अदालत " शो में आए हुए थे जब उनसे कहा जया कि सुना है ये काम शिवसैनिको ने किया है ? तो वो बोले यदि ये काम शिवसैनिकों ने किया है तो यह गर्व की बात है।
13. बाल ठाकरे के कुछ स्पेशल शौक थे. सिगार, वाइट वाइन etc. ज्यादातर फोटो या इंटरव्यू में उनके हाथ में पाइप या सिगार होती है. पाइप तो 1995 में दिल के दौरे के बाद छोड़ दी लेकिन सिगार तो मौत के साथ ही छूटी।
14. 1999 में बाल ठाकरे पर 6 साल तक वोट डालने और चुनाव लड़ने पर बैन लगा था। लेकिन बाल ठाकरे ने अपने जीवन में कभी चुनाव नही लड़ा।
15. अपनी मौत से दो महीने पहले ठाकरे का एक बयान आया था कि आर्मी मेरे हवाले कर दो, मै देश को एक महीने में ठीक कर दूंगा।
16. ठाकरे के जीवन में दुख भी बहुत थे. पहले पत्नी का निधन, फिर बड़े बेटे बिंदुमाधव की कार हादसे में मौत, फिर दूसरे बेटे जयदेव के साथ मनमुटाव और लाडले भतीजे राज ठाकरे का अलग पार्टी बनाना. आपको बता दे की राज ठाकरे वो आदमी थे जिनको बाल ठाकरे का उत्तराधिकारी माना जाता था।
17. 17 नवंबर 2012, बाल ठाकरे का निधन हो गया. इस दिन मुंबई बंद था.. अंतिम यात्रा में लगभग 5 लाख लोग शामिल हुए. थोड़ी-थोड़ी देर बाद एक आवाज उठती है: बाला साहेब . लाखो लोग चिल्लाते है: अमर रहे ।
18. बाल ठाकरे ना तो मुख्यमंत्री थे और ना सांसद. फिर भी उन्हें मरने के बाद \'21 तोपों की सलामी \' दी गई. जो राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को मिलती है। ये रूतबा था बाला साहेब ठाकरे का

 
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*कुछ चीजों को एक साथ खाना अमृत का काम करता है जैसे:*

⚫-खरबूजे के साथ चीनी

⚫-इमली के साथ गुड

⚫-गाजर और मेथी का साग

⚫-बथुआ और दही का रायता

⚫-मकई के साथ मट्ठा

⚫-अमरुद के साथ सौंफ

⚫-तरबूज के साथ गुड

⚫-मूली और मूली के पत्ते

⚫-अनाज या दाल के साथ दूध या दही

⚫-आम के साथ गाय का दूध

⚫-चावल के साथ दही

⚫-खजूर के साथ दूध

⚫-चावल के साथ नारियल की गिरी

⚫-केले के साथ इलायची

 
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DDLJ143

25 अजब गजब तथ्य =
1. 1903 में जब व्यापार का पहला साल था, तो Gillette कंपनी के सिर्फ 168 ब्लेड बिके थे. जबकि आज ये सबसे बड़ी ब्लेड कंपनी है.
2. हर 594 लोगों में से 1 आदमी ऐसा है जिसके पास $10 लाख है. दुनिया में केवल 1826 अरबपति है (रिपोर्ट: डाॅलर में)
3. आज तक के सभी फोटो के 10%, पिछले 12 महीने में खींचे गए है.
4. दुनिया की सभी बैटरियों में करीब इतनी बिजली है कि 10 मिनट तक दुनिया चल जाए.
5. दुनिया में अकेले कोकिन (एक ड्रग्स) की इतनी बिक्री है कि जितनी माइक्रोसाॅफ्ट, मैक्डोनाल्ड और कैल्लोग्ग (अमेरिकी फूड कंपनी) तीनों की मिलाकर भी नही है.
5. यदि तुम साल के $21,000 (14 लाख रूपए) कमाते हो तो इसका मतलब धरती के 4% अमीर लोगो में से हो.
6. एक मोबाइल फोन बनाने की तकनीक 2,50,000 अलग-अलग पेंटेंट पर निर्भर करती है.
7. ब्लू व्हेल अपने मुँह में इतना पानी ले सकती है जितना उसके पूरे शरीर में वजन है.
8. 2520 ऐसा सबसे छोटा नंबर है जो 1 से 10 तक सभी नंबरों से भाग होता है.
9. दुनिया का 95% डाटा कागज पर लिखा हुआ है और उसमें ज्यादातर दोबारा कभी नही देखा गया.
10. कुल जनसंख्या का हिसाब देखा जाए, तो लेखक और कलाकार के आत्महत्या करने के चांस 18 गुना ज्यादा है.
11. CIA (अमेरिका खुफ़िया एजेंसी) हर रोज लगभग 50 लाख ट्वीट बढ़ती है.
12. बाकियों की तुलना में हमारी पहली ऊंगली सबसे ज्यादा संसिटिव होती है.
13. यदि आपको किसी का ड्राइविंग लाइसेंस मिल जाता है तो उसे मेल बाॅक्स में डाल दें. डाकखाने वाले अपने आप उसे सही पते पर पहुंचा देंगे.
14. हमारी एक आइब्रो (सेली) में लगभग 550 बाल होते है.
15. 56% टाइपिंग उल्टे हाथ से पूरी की जाती है.
16. दुनिया के 80% millionare (65 लाख रूपए से ऊपर वाले) second-hand गाड़ी चलाते है.
17. शरीर के किसी ओर हिस्से की बजाय जीभ पर लगी चोट सबसे जल्दी ठीक होती है.
18. आपकी आंखे हर समय आपकी नाक को देखती रहती है लेकिन दिमाग उसे इग्नोर कर देता है.
19. Doorbell (बाहर दरवाजें पर लगी घंटी) का अविष्कार सन् 1831 में किया गया था.
20. जो पानी हम पी रहे है वह 3 अरब साल पुराना है.
21. जिसने रूबिक क्यूब बनाया था उसने शुरू का एक महीना उसे हल करने में लगाया था. उसके बाद दुनिया को बताया.
22. दुनिया के दूसरे देशों के मुकाबले इंगलैंड, कनाडा और इटली के छोटे बच्चे सबसे ज्यादा रोते है.
23. अमेरिका में करीब हर आदमी के पास 2 credit cards है.
24. अब दुनिया में इतना भोजन तो पैदा होने लगा है कि एक भी आदमी भूखा न रहें. लेकिन ऐसा संभव नही हो रहा.
25. दुनिया में केवल 8 आदमी ऐसे बचे हुए है जो 1800s (मतलब 1800 से 1899 के बीच) में पैदा हुए थे. जब ये मर जाएगे तो सभी 1900s (1900 के बाद) वाले रह जाएगे.

 
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दही खाने के 15 फायदे | Dahi (Curd) Khane Ke Fayde in Hindi

1. दही का सेवन करने से हमारी पाचन शक्ति बढ़ती हैं, हर-रोज दही खाने से भूख न लगने की बीमारी खत्म हो जाती हैं।

2. जो लोग हर-रोज दही का सेवन करते हैं ना तो मुँह से दुर्गंध आती हैं और ना ही उनके दांतों में कीडा लगता हैं।

3. हर-रोज दही खाने से हमारा इम्यून सिस्टम स्ट्रोंग होता हैं, और हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती हैं।

4. यह माना गया हैं कि जो लोग नियमित रूप से दही का सेवन करते हैं उनका शुगर लेवल कंट्रोल रहता हैं।

5. दही का नियमित सेवन करने से आंतों के रोग और पेट संबंधित बीमारियां नहीं होती हैं।

6. दही में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाई जाती हैं जिससे हमारी हड्डियां को विकास होता हैं।

7. हींग का छौंक लगाकर दही खाने से जोड़ों के दर्द में लाभ मिलता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी हैं।

8. दुबले-पतले व्यक्तियों को अगर दही में किशमिश, बादाम या छुहारा मिलाकर दिया जाए तो वजन बढ़ने लगता हैं।

9. दही के साथ शहद मिलाकर जिन बच्चों के दांत निकल रहे हों, उन्हें चटाना चाहिए। इससे दांत आसानी से निकल जाते हैं।

10. रात को नींद न आने वाली बीमारी में दही का सेवन बहुत फायदेमंद हैं।

11. हमारे दिमाग के लिए दही का सेवन बहुत फायदेमंद हैं क्योंकि दही में विटामिन B12 अच्छी मात्रा में होता हैं।

12. हर-रोज दही का सेवन करने से आंतो, पेट सबंधिंत बीमारी नहीं होती हैं।

13. एंटीबायोटिक दवाइयों के सेवन के दुष्प्रभाव से बचने के लिए दही सेवन की सलाह डाक्टर भी देते हैं।

14. दही खाने का सीधा संबंध मस्त‍‍िष्क से हैं, आपको ये जानकर हैरानी होगी कि दही का सेवन करने वालों को तनाव की शिकायत बहुत कम होती हैं।

15. अगर आप खुद को बहुत थका हुआ महसूस कर रहे हैं तो हर रोज दही का सेवन करना आपके लिए अच्छा रहेगा।

 
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