Message # 460163

*भिक्षा पात्र तो भरा जा सकता है*


*परंतु*


*इच्छा पात्र कभी नहीं भरा जा सकता.......**


*संतोष में ही परम सुख है*


🌹🙏🌹

 
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70 days
 
25thNOVEMBER
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