Message # 457427

एक दूजे के साथ बिताए पच्चीस वर्ष
आपको बधाई देते मन में हो रहा है हर्ष
शुरू की जिंदगी बन कर अनजाने
धीरे-धीरे हो गए जाने पहचाने
अक्षय और अंकित का मिला साथ
थामे रखना हमेशा एक दूजे का हाथ
अनूठा है आपका जीने का अंदाज
खुशियों के दामन में छलकता रहे सांझ
खुशी और गम का होता रहा सामना
पर साकार करते रहे हर एक सपना
मेहमानों का स्वागत करने में रखते नहीं कमी
ना आए कभी आपके जिंदगी में कोई नमी
खूबसूरती से बनाया अपना आशियां
फूलों की खुशबू की तरह महकी है बगिया
यूं ही जिंदगी आपकी रहे जगमगाती
मानो संग हो जैसे दीया और बाती....।

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