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रामेश्वरम धाम की 10 अनदेखी और अनकही बातें! श्री राम ने यहाँ क्यों की थी शिवलिंग की स्थापना !!<br>
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1. रामेश्वरम धाम तमिलनाडु प्रांत के रामनाथपुरम जिले में स्थित है।यहाँ विराजित शिवलिंग को 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बताया जाता है।इसी बात से साबित हो जाता है कि रामेश्वरम धाम की महिमा कितनी महान है।<br>
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2. कहा जाता है कि जब श्रीराम रावण से युद्ध करने जा रहे थे तो राम को एहसास हुआ कि अगर भगवान शिव को प्रसन्न नहीं किया गया तो रावण से युद्ध जीतना मुश्किल होगा।तब राम ने समुद्र किनारे शिवलिंग की स्थापना कर शिव की आराधना की थी. रामेश्वरम धाम वही स्थान है।<br>
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3. मंदिर के अंदर मीठे जल के 24कुंए हैं। इन जल कुंडों का निर्माण भगवान राम ने अपने बाण से किया ।आज 2 जल कुंड तो सुख गये हैं किन्तु बाकी भी सुरक्षित हैं। इनके जल से व्यक्ति के जन्मों-जन्मों के पाप खत्म हो जाते हैं।<br>
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5. एक कहानी यह भी है कि जब युद्ध खत्म हुआ तो भगवान राम ने इस स्थान पर शिव पूजा करने का मन बनाया।तो हनुमान जी को शिवलिंग लाने का काम सौपा गया था. हनुमान जी शिवलिंग लेने कैलाश पर्वत गये थे और यहाँ पूजा का मुहूर्त का समय निकला जा रहा था। तो माता सीता ने रेत का शिवलिंग बनाकर, राम जी की पूजा समय पर करवाई थी। इस बात से हनुमान को दुःख हुआ क्योकि वह काफी दूर से शिवलिंग लेकर आये थे। तब राम ने हनुमान की भावनाओं को समझते हुए, आदेश दिया था कि आप रेत के शिवलिंग को खत्मकर अपना शिवलिंग यहाँ लगा दें। किन्तु बोला जाता है कि हनुमान जी रेत के शिवलिंग को यहाँ से हटा नहीं पाए थे।तभी हनुमान अपनी गलती समझ गये थे।<br>
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6. यदि आप शिवपुराण पढ़ते हैं तो वहां भी रामेश्वरम धाम की महिमा का गुणगान किया गया है। शिवपुराण में बताया गया है कि यह धाम कितना महत्वपूर्ण है।<br>
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7. रामेश्वरम धाम को जिस तरह से बनाया गया है वह भी देखने लायक चीज है। यहाँ की कलाकारी को देखने दूर-दूर से लोग आते हैं।भारत के लोगों की तुलना में विदेशी लोगों की संख्या कई बार ज्यादा ही होती है।<br>
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8. यदि कोई व्यक्ति रामेश्वरम धाम में जाकर शिव का अभिषेक करता है तो उसके साथ-साथ उसकी सात अन्य पीढ़ियों का भी भगवान पार करते हैं। यहाँ जाने से जिव को आवागमन से भी मुक्ति मिलती है।<br>
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9. रामेश्वरम मंदिर के पास ही कई अन्य हिन्दू तीर्थ स्थल हैं, जैसे हनुमानकुंड, अमृतवाटिका और बरामतीर्थ आदि, भक्तों का यहाँ जाना भी जरुरी बताया गया है।<br>
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10. मंदिर के पास ही एक जगह ऐसी है जिसके बारें में बताया जाता है यहाँ राम और विभीषण की पहली मुलाकात हुई थी. आज इस स्थान पर मंदिर बना हुआ है।<br>
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