Message # 451886

थोड़ा सा हम जो हंस हंसा लिए,
लोगों ने अपने हाथ में पत्थर उठा लिए.
फेंके जो हम पर पत्थर लोगों ने बेशुमार,
उन पत्थरों को जोड़कर कुछ घर बना लिए..😓😓😓😌😌

BACK TO TOP