Message # 451409

*संसार का सारा सुख और सारा दुःख ईश्वर को धन्यवाद करने, सेवा करने और उसे याद करने के निमित्त ही है ।*

*यह बात जिसको जितनी जल्दी समझ आ गई, वह उतना जल्दी सुखी हो गया, आनन्दित हो गया ।*

*अन्यथा वो सुख ढूंढते-ढूंढते खुद सूख जाता है ।* 🙏🙏

 
121
 
68 days
 
anil Manawat
BACK TO TOP