Message # 451400

*पैसों ने इंसान को खऱीद लिया।*

*औऱ...*
*इंसान को यहीं भ्रम रहा कि...*

*पैसों से "सबकुछ" ख़रीदता हूं॥*

*अपनी अंतरात्मा को मत बिकने दें॥*

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