Message # 446611

बेइज्जती की हद्द हो गयी...

सुबह मैं गा रहा था:
रंग भी गुलाबी,
ये नाव भी गुलाबी,
दरिया में जो मैं बहूँ गुलाबी,
कहूँ भी गुलाबी मैं सहूँ भी गुलाबी,
लगता है मैं रहूँ गुलाबी रे😍😍😍

Girlfriend (गुस्से में बोली): साले हवसी दिन भर चूत के छोड़ कुछ और सूझता भी है तुझे😡

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