Message # 446262

*जिम्मेदार आप स्वयं है*

*1) आपका सरदर्द, फालतू विचार का परिणाम*

*2) पेट दर्द, गलत खाने का परिणाम*

*3) आपका कर्ज, जरूरत से ज्यादा खर्चे का परिणाम*

*4) आपका दुर्बल /मोटा /बीमार शरीर, गलत जीवन शैली का परिणाम*

*5) आपके कोर्ट केस, आप के अहंकार का परिणाम*

*6) आपके फालतू विवाद, ज्यादा व् व्यर्थ बोलने का परिणाम*

*उपरोक्त कारणों के अलावा सैकड़ों कारण है और बेवजह दोषारोपण दूसरों पर करते रहते
*इसमें ईश्वर दोषी नहीं है*

*अगर हम इन कष्टों के कारणों पर बारिकी से विचार करें तो पाएंगे की कहीं न कहीं हमारी मूर्खताएं ही इनके पीछे है*

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