Message # 445069

अरसा गुज़र गया है कोई गुफ़्तुगू नहीं
ख़त भी नहीं ख़बर नहीं है जुस्तजू नहीं .
यादें हैं ख्वाब भी है तस्सवुर भी है तेरा
अफ़सोस बस यही है कि तू रू ब रू नहीं .

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