Message # 444934

☝️आज की वाणी:

दोस्तों चलो आज से ग़मों में भी "मुस्कराते" हैं..!



ज़िंदगी को थोड़ा "चिढ़ाते" हैं..!🙏

 
190
 
156 days
 
anil Manawat
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