Message # 443420

*_कभी तू मिला...बादशाह बनके,_*
*_कभी तू मिला...फ़क़ीर बनके,_*
*_कभी मिला...रकीब बनके,_*
*_तेरी लीला तू ही जाने...मेरे सतगुरु,_*
*_मैं क्या जानू...मुझे तो तू मिला,_*
*_मेरे दाता... मेरी तक़दीर बनके...!!_*

*_शुकराना मेरे रहबर लख लख शुकराना_*

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