Message # 441332

*दरबार मे बैठा हर प्रेमी भजनों से तुम्हे रिझाता है*

*तेरी देख रेख में वो अपना परिवार छोड़कर आता है*

*पीछे से सब तू संभाल रहा यही आस लगाई जाती है*

*बैठा के सामने बाबा को हर बात बताई जाती है ।।*

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