Message # 439800

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*गुनगुनी धुप हो* शीत की...
तपती घूप मैं *छांव सी* तुम हो,
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*समन्दर से भी गहरी...*
*आशिकों के ख्वाब सी* तुम हो।
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ताउम्र लिखता रहूं मैं...
*हर सवाल का जवाब सी* तुम हो॥
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*॥ हॅपी वेलनटाईन्स डे॥*
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