Message # 439682

*☘पहाड़ियों की तरह खामोश है,आज के संबंध और रिश्ते..!*
*जब तक हम न पुकारे ,उधर से आवाज ही नहीं आती.!!*

*|| सुप्रभात ||*🙏

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Lovely
 
User27997
 
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