Message # 437830

हंमेशा...
आपकी *बुराई रुपी...*
छोटी पतंग *कटती* रहे
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और हर-हंमेश आपकी...
*सच्चाई और अच्छाई रुपी*
बडी पतंग *उंचे उठती रहे* और
*आसमां के बुलंदियों को छुयें॥*
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*happy makar-sankranti*
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