Message # 437615

तारीफ़ और ख़ुशामद में एक बड़ा फ़र्क़ है,
तारीफ़ आदमी के काम की होती है।।
और ख़ुशामद तो,
काम के आदमी की।।
*ओम साई राम*
🙏 सादर प्रणाम🙏🙏

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