Message # 437229

सुनसान गली से देर रात घर लौटते समय यही प्राथर्ना याद आती है...

पंछी नदियां पवन के झोंके,
पंछी नदियां पवन के झोंके,

कोई कुत्ता मुझ पर न भौंके !!!
🐕🐕😂😂😂

 
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194 days
 
dre@m_factory

Comments

@dre@m_factory ↑: 😂😂
 
ItsRDil
 
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