Message # 435281

*सच्चाई का असली आईना होता है,*
*अच्छा दोस्त गुरू से कम नहीं होता है ...*
निज स्वार्थ से ऊपर उठ कर,
बिना बोले ही सारे दुख हर लेता है ...

*सच्चाई का सच्चा आईना होता है,*
*अच्छा दोस्त गुरू से कम नहीं होता है ...*

अमीरी-गरीबी, छोटा-बड़ा नहीं देखता,
सुदामा को कृष्ण का साथ नसीब होता है ...
आँधी में बिखरे तिनकों से मन को,
सारे दर्द चुन के इकट्ठे कर लेता है ...

*सच्चाई का सच्चा आईना होता है,*
*अच्छा दोस्त गुरू से कम नहीं होता है ...*

मन की टूटी मालाओं के सारे मोती,
फिर से एक धागे में पिरो देता है ...
खुशी में खुशियाँ बढ़ाता है,
मुसीबत में खुद भी रो देता है ...

*अच्छाई की सच्ची मूरत होता है,*
*अच्छा दोस्त गुरू से कम नहीं होता है ...*

बीच मँझधार में अगर फँसी हो नौका,
दूर होकर भी वो मार्गदर्शक होता है ...
प्रेम-वात्सल्य की पराकाष्ठा के पूर्ण,
सब रिश्तों से बढ़िया और नजदीक होता है ...

*थोड़ा समझदार थोड़ा कमीना होता है,*
*पर अच्छा दोस्त गुरू से कम नहीं होता है॥*

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