Message # 426337

जिंदगी की मुसीबतों का स्वागत है
अगर डर गया मैं तो मुझ पर लानत है ...
तकलीफें देती हैं मुझे बुलंदी का पता
औरों के लिए चाहे वह बड़ी आफत है ...

मंजूर है सैकड़ों बार आग से गुजरना
सोने सा खरा होने की दिल में चाहत है ...
जिन्दगी हाथी सी क्यूँ ना चलेगी मस्ती में,
ऊपर वाला राम ही जब मेरा महावत है॥

 
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356 days
 
Heart catcher
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