Message # 422746

*दोस्त आपकी दोस्ती का क्या खिताब दे,*
*करते है इतना प्यार की क्या हिसाब दे*
*अगर आपसे भी अच्छा फूल होता तो ला देते,*
*लेकिन जो खुद गुलदस्ता हो उसे क्या गुलाब दे*

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