Message # 419498

तारक वचन :
भय लागे ऐटले ऐ स्थळथी भागवानु मन थाय ज.
जो दुःखमय अने पापमय संसारनो खरेखर भय लागी जाय,
तो संयमना मार्गे जवानु मन थया विना न रहे.

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