Message # 419457

*शासन* मिले ना *ऋषभनाथ* के बिना ।
*विनय* मिले ना *अजितनाथ* के बिना ।

*संभव हो* ना *संभवनाथ* के बिना ।
*वन्दन* मिले ना *अभिनन्दन* के बिना ।

*समृद्धि* मिले ना *सुमतिनाथ* के बिना ।
*पदवी* मिले ना *पद्मनाथ* के बिना ।

*दया* मिले ना *सुपार्श्वनाथ* के बिना ।
*उजाला* मिले ना *चन्द्रप्रभ* के बिना ।

*सुविधि* मिले ना *सुविधिनाथ* के बिना ।
*ठंडक* मिले ना *शीतलनाथ* के बिना ।

*यश* मिले ना *श्रेयांसनाथ* के बिना ।
*पूजनीय* बने ना *वासुपूज्य* के बिना ।

*निर्मल* बने ना *विमलनाथ* के बिना ।
*शक्ति* मिले ना *अनंतनाथ* के बिना ।

*धर्म* होवे ना *धर्मनाथ* के बिना ।
*शांति* मिले ना *शान्तिनाथ* के बिना ।

*करुणा* मिले ना *कुंथुनाथ* के बिना ।
*आश्रय* मिले ना *अरनाथ* के बिना ।

*ममता* मिले ना *मल्लिनाथ* के बिना ।
*मुक्ति* मिले ना *मुनिसुव्रत* के बिना ।

*नरक* मिटे ना *नमिनाथ* के बिना।
*आनंद* मिले ना *अरिष्टनेमि* के बिना ।

*कमठ* हारे ना*पारसनाथ* के बिना ।
*चन्दना* तिरे ना *महावीर* के बिना ।

🙏🙏 जय जिनेन्द्र 🙏🙏

अकेले हो.. आदिनाथ को याद करो,
परेशान हो.. पार्श्वनाथ का स्मरण करो,
निराश हो.. नेमिनाथ का ध्यान धरो,
मायूस हो.. मुनिसुवृत की आराधना करो,
आज अमल है, हिसाब नहि..
कल हिसाब होगा, अमल नहि...
जय जिनेंद्र

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