Message # 418240

जब भी गर्मी का मौसम आता है तो अचानक मेरे जेहन में चाचा चौधरी और राका का बदला, नागराज, सुपर कमांडो ध्रुव, बांकेलाल, राजन इक़बाल, राज कॉमिक्स, मनोज कॉमिक्स, इंद्रजाल कॉमिक्स...का ख्याल आने लगता है।

याद आती है वो देसी लाइब्रेरी जो गर्मी आते ही हर चौक पर खुल जाती थी।

50 पैसे किराया। इस बात का डर की 24 घंटे से ज़्यादा हो गए तो 1 रुपये लग जाएंगे।

दोस्तों का शानापन... 4 दोस्त मिलकर 4 अलग अलग कॉमिक्स लाएंगे और पढ़ने के बाद एक्सचेंज कर लेंगे।

लाइब्रेरी वाले का शानापन... नई हिट कॉमिक्स आएगी तो सिर्फ 4 घंटे के लिए किराये पर देगा।

वो तपती धूप में कॉमिक्स के लिए सूरज से लड़ना.....

🌞सूरज से तो अब भी लड़ रहे हैं। गर्मी फिर लौट आई है।
यारो.. बस वो बचपन नहीं लौट रहा.....
😊

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