Message # 417665

कल सबज़ी खरीद रहा था अचानक पहली मुहब्बत पर मेरी नज़र पङी वो मुस्कुराई और सलाम किया
फिर अपनें बच्चे से बोली बेटा मांमू को आदाब करों
बच्चा मेरी तरह मासुम था
बोला ममा
इतने तो आपने आलु नही खरीदे जितने मांमु गिनवा दिए है मेरे


बच्चे मन के सच्चे 😊

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