Message # 417451

भाव के भूखे हैं प्रभू,
भाव ही सबका सार है ...
भाव बिना अकबर का स्वर्ण छत्र भी मिट्टी,
और भाव से उसे झूठा बेर भी स्वीकार है॥

 
157
 
123 days
 
Heart catcher
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