Message # 417404

सुबह गुरुद्वारे शाम को दरगाह,
मैं अक्सर जाता हूँ,
मंदिर में भी माथा टेक के आता हूँ..
धर्म करम का ज्ञान मुझे है,
अक्सर बस अच्छा इन्सान कहलाता हूँ...
जात पात से क्या होता है,
कुछ भूखों के पेट तक अन्न मैं पहुँचता हूँ...
रब से बना हूँ मैं, रात तक उसमें ही मिल जाता हूँ...

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